NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
पश्चिम बंगाल: माकपा ने खेला नए चेहरों पर दांव, नंदीग्राम से युवा नेता मीनाक्षी मुखर्जी को दिया टिकट
एसएफआई के राज्य सचिव स्रीजन भट्टाचार्य को सिंगूर से, एसएफआई के अखिल भारतीय संयुक्त सचिव दीपशिता धर को बाली से, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ अध्यक्षा आइशी घोष को जमूरिया को चुनावी मैदान में उतारा गया है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
11 Mar 2021
पश्चिम बंगाल: माकपा ने खेला नए चेहरों पर दांव, नंदीग्राम से युवा नेता मीनाक्षी मुखर्जी को दिया टिकट

पश्चिम बंगाल में वाम मोर्चा के नेत्रत्व में विपक्ष के महागठबंधन ने नंदीग्राम सीट से बुधवार को माकपा की मीनाक्षी मुखर्जी को टिकट देने की घोषणा की है। इस सीट पर माकपा की युवा इकाई की प्रदेश प्रमुख मुखर्जी का मुकाबला मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी तथा भाजपा के सुवेंदु अधिकारी से होगा।

नंदीग्राम सीट पर सब की नजरें हैं क्योंकि बनर्जी अपने पूर्व सहयोगी अधिकारी की चुनौती को स्वीकार कर वहां से चुनाव लड़ रही हैं।

वाम मोर्चे के अध्यक्ष बिमान बोस ने डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाईएफआई) की पश्चिम बंगाल प्रमुख मीनाक्षी मुखर्जी की नंदीग्राम सीट से उम्मीदवारी की घोषणा की। इस हाई-प्रोफाइल सीट पर एक अप्रैल को वोट डाले जाएंगे।

पश्चिम बंगाल में आठ चरणों में होने वाले चुनावों में से छह चरणों के लिए उम्मीदवारों के नामों का ऐलान करते हुए बोस ने कहा कि कई प्रत्याशियों की उम्र 40 साल से कम है जबकि कुछ तो 26-27 साल के ही हैं।

माकपा मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए बोस ने कहा, “नंदीग्राम सीट हॉटस्पॉट बन गई है।”

इससे पहले अटकलें थी कि इंडियन सेकुलर फ्रंट (आईएसएफ) के नेता व फुरफुरे शरीफ के प्रमुख पीरज़ादा अब्बास सिद्दीकी नंदीग्रास सीट से अपना नामांकन दायर करेंगे लेकिन यह सीट वाम मोर्चे के हिस्से में आ गई।

बोस ने कहा कि पार्टी में युवाओं को बढ़ावा देने के लिए वाम मोर्चे ने 2021 के विधानसभा चुनाव के लिए कई नए चेहरों पर भरोसा जताया है।

माकपा ने पोलित ब्यूरो के सदस्य मोहम्मद सलीम जैसे वरिष्ठ नेता को चंदिताला से तो निवर्तमान विधानसभा में वाम मोर्चे के नेता सुजान चक्रवर्ती को जादवपुर सीट से टिकट दिया है।

भाकपा के राज्य सचिव स्वपन बनर्जी ने कहा कि उनके गठबंधन सहयोगी आईएसएफ ने नंदीग्राम सीट से चुनाव लड़ने में अनिच्छा दिखाई थी। जिसके कारण यह सीट भाकपा के पाले में आ गई और अब वह यहां से चुनाव लड़ेगी।
 
सीटों के आवंटन को लेकर हुए समझौते के अनुसार अब इस सीट के बदले में ईएसएफ माकपा के हिस्से की एक सीट से चुनाव लड़ेगी।

स्वपन बनर्जी ने कहा कि नंदीग्राम सीट पहले वाम मोर्चे में साझेदार भाकपा के पास होती थी लेकिन इस बार यह माकपा के हिस्से में आई है।

नंदीग्राम सीट से वाम मोर्चे का उम्मीदवार जीतता था लेकिन 2011 के चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने यह सीट उससे छीन ली थी। 2016 के चुनाव में भी टीएमसी के टिकट पर शुभेंदु अधिकारी ने जीत हासिल की थी।

वर्ष 2016 के चुनाव में भाकपा के उम्मीदवार को 26.70 प्रतिशत वोट मिले थे और वह दूसरे स्थान पर रहे थे जबकि भाजपा के प्रत्याशी को मात्र 5.40 फीसदी ही मत हासिल हुए थे। वहीं अधिकारी को 67.20 प्रतिशत वोट प्राप्त हुए थे।

अधिकारी इस बार नंदीग्राम सीट से भाजपा के टिकट पर चुनावी रण में उतर रहे हैं।

गठबंधन सहयोगियों के बीच सीट बंटवारे में वाम मोर्चे को मिली सीटों पर उम्मीदवारों के नामों का ऐलान करते हुए बोस ने कहा कि कुछ सीटों पर अभी सहमति नहीं बनी है।

वाम मोर्चे ने पांच मार्च को दो चरणों के चुनावों के लिए उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया था।

बोस ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस प्रमुख दिल्ली में हैं और उनके साथ बातचीत पत्रों के जरिए हो रही है। इसलिए कुछ सीटों पर अंतिम फैसला अभी नहीं हो सका है।

उन्होंने कहा कि आईएसएफ के नेता भी कुछ कार्यक्रमों में व्यस्त हैं।

बोस ने कहा कि कांग्रेस और आईएसएफ उन्हें आवंटित हुई सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान करेंगी।

कांग्रेस ने पहले दो चरण के चुनावों के लिए उन सीटों से अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं जो सीटें गठबंधन में उसके हिस्से में आई हैं।

मुखर्जी के अलावा माकपा ने कई नए चेहरों और छात्र-युवा नेताओं को मौका दिया है। एसएफआई के राज्य सचिव स्रीजन भट्टाचार्य को सिंगूर से, एसएफआई के अखिल भारतीय संयुक्त सचिव दीपशिता धर को बाली से, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ अध्यक्षा आइशी घोष को जमूरिया से टिकट दिया गया है।

West Bengal
West Bengal Elections 2021
CPI-M
Meenakshi Mukherjee
DYFI
SFI
Aishe Ghosh

Related Stories

राज्यपाल की जगह ममता होंगी राज्य संचालित विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति, पश्चिम बंगाल कैबिनेट ने पारित किया प्रस्ताव

दिल्ली: रामजस कॉलेज में हुई हिंसा, SFI ने ABVP पर लगाया मारपीट का आरोप, पुलिसिया कार्रवाई पर भी उठ रहे सवाल

प. बंगाल : अब राज्यपाल नहीं मुख्यमंत्री होंगे विश्वविद्यालयों के कुलपति

पश्चिम बंगालः वेतन वृद्धि की मांग को लेकर चाय बागान के कर्मचारी-श्रमिक तीन दिन करेंगे हड़ताल

डीवाईएफ़आई ने भारत में धर्मनिरपेक्षता को बचाने के लिए संयुक्त संघर्ष का आह्वान किया

दिल्ली: ''बुलडोज़र राजनीति'' के ख़िलाफ़ सड़क पर उतरे वाम दल और नागरिक समाज

मछली पालन करने वालों के सामने पश्चिम बंगाल में आजीविका छिनने का डर - AIFFWF

चुनावी वादे पूरे नहीं करने की नाकामी को छिपाने के लिए शाह सीएए का मुद्दा उठा रहे हैं: माकपा

‘जलवायु परिवर्तन’ के चलते दुनियाभर में बढ़ रही प्रचंड गर्मी, भारत में भी बढ़ेगा तापमान

जहाँगीरपुरी हिंसा : "हिंदुस्तान के भाईचारे पर बुलडोज़र" के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन


बाकी खबरें

  • डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    तिरछी नज़र: ये कहां आ गए हम! यूं ही सिर फिराते फिराते
    29 May 2022
    उधर अमरीका में और इधर भारत में भी ऐसी घटनाएं होने का और बार बार होने का कारण एक ही है। वही कि लोगों का सिर फिरा दिया गया है। सिर फिरा दिया जाता है और फिर एक रंग, एक वर्ण या एक धर्म अपने को दूसरे से…
  • प्रेम कुमार
    बच्चे नहीं, शिक्षकों का मूल्यांकन करें तो पता चलेगा शिक्षा का स्तर
    29 May 2022
    शिक्षाविदों का यह भी मानना है कि आज शिक्षक और छात्र दोनों दबाव में हैं। दोनों पर पढ़ाने और पढ़ने का दबाव है। ऐसे में ज्ञान हासिल करने का मूल लक्ष्य भटकता नज़र आ रहा है और केवल अंक जुटाने की होड़ दिख…
  • राज कुमार
    कैसे पता लगाएं वेबसाइट भरोसेमंद है या फ़र्ज़ी?
    29 May 2022
    आप दिनभर अलग-अलग ज़रूरतों के लिए अनेक वेबसाइट पर जाते होंगे। ऐसे में सवाल उठता है कि कैसे पता लगाएं कि वेबसाइट भरोसेमंद है या नहीं। यहां हम आपको कुछ तरीके बता रहें हैं जो इस मामले में आपकी मदद कर…
  • सोनिया यादव
    फ़िल्म: एक भारतीयता की पहचान वाले तथाकथित पैमानों पर ज़रूरी सवाल उठाती 'अनेक' 
    29 May 2022
    डायरेक्टर अनुभव सिन्हा और एक्टर आयुष्मान खुराना की लेटेस्ट फिल्म अनेक आज की राजनीति पर सवाल करने के साथ ही नॉर्थ ईस्ट क्षेत्र के राजनीतिक संघर्ष और भारतीय होने के बावजूद ‘’भारतीय नहीं होने’’ के संकट…
  • राजेश कुमार
    किताब: यह कविता को बचाने का वक़्त है
    29 May 2022
    अजय सिंह की सारी कविताएं एक अलग मिज़ाज की हैं। फॉर्म से लेकर कंटेंट के स्तर पर कविता की पारंपरिक ज़मीन को जगह–जगह तोड़ती नज़र आती हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License