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भारत
राजनीति
पश्चिम बंगाल: माकपा ने खेला नए चेहरों पर दांव, नंदीग्राम से युवा नेता मीनाक्षी मुखर्जी को दिया टिकट
एसएफआई के राज्य सचिव स्रीजन भट्टाचार्य को सिंगूर से, एसएफआई के अखिल भारतीय संयुक्त सचिव दीपशिता धर को बाली से, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ अध्यक्षा आइशी घोष को जमूरिया को चुनावी मैदान में उतारा गया है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
11 Mar 2021
पश्चिम बंगाल: माकपा ने खेला नए चेहरों पर दांव, नंदीग्राम से युवा नेता मीनाक्षी मुखर्जी को दिया टिकट

पश्चिम बंगाल में वाम मोर्चा के नेत्रत्व में विपक्ष के महागठबंधन ने नंदीग्राम सीट से बुधवार को माकपा की मीनाक्षी मुखर्जी को टिकट देने की घोषणा की है। इस सीट पर माकपा की युवा इकाई की प्रदेश प्रमुख मुखर्जी का मुकाबला मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी तथा भाजपा के सुवेंदु अधिकारी से होगा।

नंदीग्राम सीट पर सब की नजरें हैं क्योंकि बनर्जी अपने पूर्व सहयोगी अधिकारी की चुनौती को स्वीकार कर वहां से चुनाव लड़ रही हैं।

वाम मोर्चे के अध्यक्ष बिमान बोस ने डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाईएफआई) की पश्चिम बंगाल प्रमुख मीनाक्षी मुखर्जी की नंदीग्राम सीट से उम्मीदवारी की घोषणा की। इस हाई-प्रोफाइल सीट पर एक अप्रैल को वोट डाले जाएंगे।

पश्चिम बंगाल में आठ चरणों में होने वाले चुनावों में से छह चरणों के लिए उम्मीदवारों के नामों का ऐलान करते हुए बोस ने कहा कि कई प्रत्याशियों की उम्र 40 साल से कम है जबकि कुछ तो 26-27 साल के ही हैं।

माकपा मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए बोस ने कहा, “नंदीग्राम सीट हॉटस्पॉट बन गई है।”

इससे पहले अटकलें थी कि इंडियन सेकुलर फ्रंट (आईएसएफ) के नेता व फुरफुरे शरीफ के प्रमुख पीरज़ादा अब्बास सिद्दीकी नंदीग्रास सीट से अपना नामांकन दायर करेंगे लेकिन यह सीट वाम मोर्चे के हिस्से में आ गई।

बोस ने कहा कि पार्टी में युवाओं को बढ़ावा देने के लिए वाम मोर्चे ने 2021 के विधानसभा चुनाव के लिए कई नए चेहरों पर भरोसा जताया है।

माकपा ने पोलित ब्यूरो के सदस्य मोहम्मद सलीम जैसे वरिष्ठ नेता को चंदिताला से तो निवर्तमान विधानसभा में वाम मोर्चे के नेता सुजान चक्रवर्ती को जादवपुर सीट से टिकट दिया है।

भाकपा के राज्य सचिव स्वपन बनर्जी ने कहा कि उनके गठबंधन सहयोगी आईएसएफ ने नंदीग्राम सीट से चुनाव लड़ने में अनिच्छा दिखाई थी। जिसके कारण यह सीट भाकपा के पाले में आ गई और अब वह यहां से चुनाव लड़ेगी।
 
सीटों के आवंटन को लेकर हुए समझौते के अनुसार अब इस सीट के बदले में ईएसएफ माकपा के हिस्से की एक सीट से चुनाव लड़ेगी।

स्वपन बनर्जी ने कहा कि नंदीग्राम सीट पहले वाम मोर्चे में साझेदार भाकपा के पास होती थी लेकिन इस बार यह माकपा के हिस्से में आई है।

नंदीग्राम सीट से वाम मोर्चे का उम्मीदवार जीतता था लेकिन 2011 के चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने यह सीट उससे छीन ली थी। 2016 के चुनाव में भी टीएमसी के टिकट पर शुभेंदु अधिकारी ने जीत हासिल की थी।

वर्ष 2016 के चुनाव में भाकपा के उम्मीदवार को 26.70 प्रतिशत वोट मिले थे और वह दूसरे स्थान पर रहे थे जबकि भाजपा के प्रत्याशी को मात्र 5.40 फीसदी ही मत हासिल हुए थे। वहीं अधिकारी को 67.20 प्रतिशत वोट प्राप्त हुए थे।

अधिकारी इस बार नंदीग्राम सीट से भाजपा के टिकट पर चुनावी रण में उतर रहे हैं।

गठबंधन सहयोगियों के बीच सीट बंटवारे में वाम मोर्चे को मिली सीटों पर उम्मीदवारों के नामों का ऐलान करते हुए बोस ने कहा कि कुछ सीटों पर अभी सहमति नहीं बनी है।

वाम मोर्चे ने पांच मार्च को दो चरणों के चुनावों के लिए उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया था।

बोस ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस प्रमुख दिल्ली में हैं और उनके साथ बातचीत पत्रों के जरिए हो रही है। इसलिए कुछ सीटों पर अंतिम फैसला अभी नहीं हो सका है।

उन्होंने कहा कि आईएसएफ के नेता भी कुछ कार्यक्रमों में व्यस्त हैं।

बोस ने कहा कि कांग्रेस और आईएसएफ उन्हें आवंटित हुई सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान करेंगी।

कांग्रेस ने पहले दो चरण के चुनावों के लिए उन सीटों से अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं जो सीटें गठबंधन में उसके हिस्से में आई हैं।

मुखर्जी के अलावा माकपा ने कई नए चेहरों और छात्र-युवा नेताओं को मौका दिया है। एसएफआई के राज्य सचिव स्रीजन भट्टाचार्य को सिंगूर से, एसएफआई के अखिल भारतीय संयुक्त सचिव दीपशिता धर को बाली से, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ अध्यक्षा आइशी घोष को जमूरिया से टिकट दिया गया है।

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West Bengal Elections 2021
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