NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
बात बोलेगी : प. बंगाल विजय के इरादे से मोदी की बांग्लादेश यात्रा!
चुनावी प्रचार को सरहद पार से कैसे किया जा सकता है, शायद इसे इस यात्रा से समझा जा सकता है, जहां पीएम मोदी मतुआ समाज और शक्तिपीठों में माथा नवाएंगे।
भाषा सिंह
26 Mar 2021
बात बोलेगी : प. बंगाल विजय के इरादे से मोदी की बांग्लादेश यात्रा!

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बांग्लादेश पहुंच गए हैं। इधर पश्चिम बंगाल में पहले चरण का मतदान का प्रचार 25 मार्च को शाम ही समाप्त हो गया है। लेकिन सरहद पार से चुनाव प्रचार या यूं कहा जाए तो बेहतर है कि एकतरफा चुनाव प्रचार जारी रहेगा। यह दांव खेलने में प्रधानमंत्री माहिर है। पिछले 10 साल से उनका यह अघोषित स्टाइल रहा है कि मतदान के दिन या प्रचार थमने के बाद वह अपना कोई न कोई इवेंट ऐसा रखते हैं, जिसे मीडिया दिन भर लाइव दिखाता है। पश्चिम बंगाल के मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए बांग्लादेश की यात्रा से अधिक मुफीद भला क्या होता!

वह भी तब जब पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अपने को गैर-बंगाली पार्टी के लेबल से मुक्त करने का हर संभव प्रयास कर रही है। ऐसे में जब पश्चिम बंगाल में पहले दौर का मतदान 27 मार्च को हो रहा होगा, उस समय बांग्लादेश में प्रधानमंत्री सतखिड़ा में सुरेश्वरी देवी मंदिर जाएंगे, जिसे शक्तिपीठ माना जाता है। सिर्फ इतना ही नहीं मोदी इस यात्रा में पश्चिम बंगाल की कई सीटों में निर्णायक दखल रखने वाले मतुआ समाज के लोगों से मुलाकात करेंगे। वह मतुआ महासंघ समुदाय के संस्थापक हरिचंद ठाकुर के ओरकांडी मंदिर और बरीसाल जिले के सुगंधा शक्तिपीठ भी जाएंगे। इसे भी शक्तिपीठ माना जाता है। मतुआ दलित समाज का हिस्सा है। पश्चिम बंगाल की राजनीति में बहुत सक्रिय तबका है, जो एकजुट होकर वोट देता है। अपनी अस्मिता और पहचान को लेकर बहुत जागरूक तबका है और उनके बीच सेंध लगाने के लिए भाजपा कई सालों से कई पांसे फेंक रही है।

इसे पढ़ें : बंगाल चुनाव: भाजपा का बंगाली और प्रवासी के बीच ध्रुवीकरण का ख़तरनाक खेल

इस तरह से चुनाव आयोग जब आधिकारिक रूप से चुनाव प्रचार बंद कर देता है, तब कई बार राज्य की सरहद के बाहर और इस बार देश की सरहद के पार से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपना प्रचार बदस्तूर जारी रखते हैं। कोलकाता में 20 साल से टैक्सी चला रहे सुबाल कुंडु का कहना है, “यह सब करके मोदी जी हमें रिझा रहे हैं। बता रहे हैं कि अगर वे माछ-भात नहीं खाते तो क्या हुआ शक्तिपीठ तो जा रहे हैं। मुझे लगता है कि इसका असर तो ज़रूर पड़ेगा। (हंसते हुए) वैसे भी वह गुजराती हैं, बिना फायदे के तो गुजराती पानी भी नहीं पीते। ये बात हम बचपन से सुनते आए हैं।”

image

सुबाल कुंडु कहते हैं, “मैं तो हर जगह गाड़ी चला चुका हूं। दिल्ली में भी। मैं कैसे भूल सकता हूं कि दिल्ली और उत्तर प्रदेश में मोदी जी की पार्टी वाले हमारी दुर्गापूजा को निशाने पर लेते हैं। मांस-मछली और यहां तक कि अंडा भी बंद कर देते हैं। उत्तर प्रदेश के योगी जी तो और भी जीना बर्बाद कर देते हैं- मटन मिलना ही मुश्किल हो गया है। ऐसा तो हमें भी समझ आता है ना। हम लोग भी तो देख रहे हैं। लेकिन कोशिश वे (भाजपा) पूरी कर रहे है।”

image

राजपाल वाल्मीकि

सफाई कर्मचारी आंदोलन से जुड़े राजपाल वाल्मीकि ने न्यूज़क्लिक को बताया, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी पूरी मशीनरी लगा दी है बंगाल को जीतने के लिए। बंगाल में मतुआ समाज को अपने वोटबैंक बनाने के लिए मोदीजी को बांग्लादेश की शरण लेनी पड़ी—क्या मज़ाक बन गया है चुनाव। लेकिन मुझे तो लगता है कि ये समाज दीदी (ममता बनर्जी) के साथ है और मजबूती से रहेगा। लेकिन माहौल तो मोदी बना ही देते हैं। यहां उनके लोग मुस्लिमों पर हमला बोलते हैं, वहां (बांग्लादेश) में वह उनसे गले मिलते हैं। यहां हम दलितों पर अत्याचार करते हैं, चुनाव के समय प्यार करते हैं—यही भाजपा है।”

इसे पढ़ें : बंगाल चुनावः तृणमूल नेताओं को भगवा पहनाकर चुनावी बिसात बैठा रही भाजपा!

जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उनकी पूरी टीम और भाजपा तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का नेटवर्क बंगाल फतह करने के लिए लगा हुआ है, उससे लगता है कि यह राज्य भाजपा के लिए कितना जरूरी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बांग्लादेश की यात्रा, उसकी तारीखें- (26 औऱ 27 मार्च) सब चुनावी प्रचार की रणनीति का ही हिस्सा है। जिस तरह से मीडिया ने इस यात्रा को प्रसारित-प्रचारित करना शुरू किया है—उससे इस पीछे की मंशा और साफ हो जाती है। लोकतंत्र के तमाम खंभे जिस तरह से लंबलेट हैं, सत्ता के आगे—यह अब सिर्फ शोध का ही विषय रह जाएगा।

(भाषा सिंह वरिष्ठ पत्रकार हैं और विधानसभा चुनाव कवर करने के लिए न्यूज़क्लिक की टीम के साथ बंगाल के दौरे पर हैं।)

इसे भी पढ़ें: बंगाल चुनाव: महिला विरोधी, अभद्र भाषा पर टिका भाजपा का प्रचार

West Bengal Elections 2021
Narendra modi
PM Modi's Bangladesh Visit
Sheikh Hasina
TMC
mamta banerjee
BJP

Related Stories

राज्यपाल की जगह ममता होंगी राज्य संचालित विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति, पश्चिम बंगाल कैबिनेट ने पारित किया प्रस्ताव

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट


बाकी खबरें

  • उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा : क्या रहे जनता के मुद्दे?
    न्यूज़क्लिक टीम
    उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा : क्या रहे जनता के मुद्दे?
    09 Mar 2022
    उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा के चुनाव की चर्चा भले ही मीडिया में कम हुई हो, मगर चुनावी नतीजों का बड़ा असर यहाँ की जनता पर पड़ेगा।
  • Newschakra
    न्यूज़क्लिक टीम
    Akhilesh Yadav का बड़ा आरोप ! BJP लोकतंत्र की चोरी कर रही है!
    09 Mar 2022
    न्यूज़चक्र के आज के एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार Abhisar Sharma बात कर रहे हैं चुनाव नतीजे के ठीक पहले Akhilesh Yadav द्वारा की गयी प्रेस कांफ्रेंस की।
  • विजय विनीत
    EVM मामले में वाराणसी के एडीएम नलिनीकांत सिंह सस्पेंड, 300 सपा कार्यकर्ताओं पर भी एफ़आईआर
    09 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की मतगणना से पहले राज्य कई स्थानों पर ईवीएम को लेकर हुए हंगामे के बाद चुनाव आयोग ने वाराणसी के अपर जिलाधिकारी (आपूर्ति) नलिनी कांत सिंह को सस्पेंड कर दिया। इससे पहले बना
  • बिहार विधानसभा में महिला सदस्यों ने आरक्षण देने की मांग की
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार विधानसभा में महिला सदस्यों ने आरक्षण देने की मांग की
    09 Mar 2022
    मौजूदा 17वीं विधानसभा में महिला विधायकों की संख्या 26 है। 2020 के चुनाव में 243 सीटों पर महज 26 महिलाएं जीतीं यानी सदन में महिलाओं का प्रतिशत महज 9.34 है।
  • सोनिया यादव
    उत्तराखंड : हिमालयन इंस्टीट्यूट के सैकड़ों मेडिकल छात्रों का भविष्य संकट में
    09 Mar 2022
    संस्थान ने एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे चौथे वर्ष के छात्रों से फ़ाइनल परीक्षा के ठीक पहले लाखों रुपये की फ़ीस जमा करने को कहा है, जिसके चलते इन छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License