NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
रेप के दोषी कुलदीप सेंगर की पत्नी को टिकट देकर रद्द करने के पीछे बीजेपी की क्या राजनीति है?
पूरे उन्नाव में कुलदीप सिंह सेंगर का अच्छा-खासा राजनीतिक प्रभाव माना जाता है। ऐसे में संगीता सेंगर के विरोध को लेकर बीजेपी एक असमंजस की स्थिति में नज़र आ रही है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
12 Apr 2021
रेप के दोषी कुलदीप सेंगर की पत्नी को टिकट देकर रद्द करने के पीछे बीजेपी की क्या राजनीति है?
Image courtesy : The Logical Indian

उन्नाव के बहुचर्चित रेप मामले में दोषी पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर की पत्नी संगीता सेंगर पिछले कुछ दिनों से लगातार सुर्खियों में हैं। वजह कभी भारतीय जनता पार्टी से पंचायत चुनाव में टिकट मिलना है तो कभी उसी टिकट का रद्द होना है।

बीते गुरुवार, 8 अप्रैल को बीजेपी ने उन्नाव में जिला पंचायत सदस्य के 51 कैंडिडेट्स की लिस्ट जारी की थी इसमें उत्तर प्रदेश के बांगरमऊ से 4 बार विधायक रहे कुलदीप सेंगर की पत्नी का भी नाम था। अब पार्टी ने उनकी उम्मीदवारी को रद्द कर दिया है। हालांकि टिकट कटने के पीछे की वजह के बारे में कुछ भी औपराचिक तौर पर नहीं बताया गया है।

क्या है पूरा मामला?

संगीता सेंगर को बीजेपी ने उन्नाव ज़िले के फ़तेहपुर चौरासी तृतीय से ज़िला पंचायत सदस्य का टिकट दिया था। इस टिकट की खबर बाहर आने के बाद राजनीतिक हलकों से लेकर सोशल मीडिया के आम नागरिकों तक बीजेपी सभी के निशाने पर आ गई थी। खबरों की माने तो, कुलदीप सिंह सेंगर की पत्नी को टिकट देने का मामला तूल पकड़ रहा था। खुद उन्नाव बलात्कार पीड़िता के परिवार की ओर से भी इसका विरोध किया गया था। जिसके बाद भारी दवाब के चलते पार्टी ने अपना फैसला बदलते हुए संगीता का टिकट काट दिया।

संगीता सेंगर के टिकट कैंसिल होने की जानकारी खुद उत्तर प्रदेश के बीजेपी अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने दी। उन्होंने उन्नाव के जिलाध्यक्ष से उम्मीदवारों के नाम मांगे और जल्द ही संगीता की जगह नए उम्मीदवार का नाम घोषित करने की बात कही।

बीजेपी असमंजस की स्थिति में!

स्वतंत्र देव सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि विभिन्न स्तरों की समीक्षा भी हो रही है। उन्नाव में वार्ड नम्बर 22 फतेहपुर चौरासी से श्रीमती संगीता सेंगर का टिकट हो गया था,  अब संगीता सेंगर का टिकट रद्द किया जाता है। वह बीजेपी की अधिकृत प्रत्याशी नहीं रहेंगी। बीजेपी के उन्नाव जिला अध्यक्ष से आग्रह किया गया है कि वह वार्ड नम्बर 22 से तीन प्रत्याशियों का नाम शीघ्र ही भेजें, जिससे कि एक नाम फाइनल हो सके।

आपको बता दें कि यहां तीसरे चरण के तहत चुनाव होना है। इसके लिए 13 अप्रैल से नामांकन दाखिल किए जाएंगे। हालांकि पूरे उन्नाव में कुलदीप सिंह सेंगर का राजनीतिक प्रभाव और दबदबा माना जाता है। ऐसे में बीजेपी एक असमंजस की स्थिति में नज़र आ रही है। चौतरफा दबाव और आलोचना के बीच पार्टी ने संगीता सेंगर का टिकट तो काट दिया लेकिन बड़ा सवाल ये है कि आखिर संगीता सेंगर नहीं तो कौन? 

मालूम हो कि संगीता सेंगर 2016 में उन्नाव जिले से जिला पंचायत अध्यक्ष बनी थीं। उस समय पंचायत चुनाव राजनीतिक पार्टी के चिह्न पर नहीं लड़े जाते थे। हालांकि उस समय समाजवादी पार्टी (सपा) ज्योति रावत के समर्थन में नज़र आ रही थी, जिसके चलते कुलदीप सिंह सेंगर की पत्नी संगीता सेंगर और ज्योति रावत के बीच कांटे का मुकाबला हुआ था। जिसमें दोनों प्रत्याशियों को बराबर 26-26 वोट मिले थे जिसके बाद लॉटरी डालकर संगीता सेंगर को विजय घोषित किया गया था।

कुलदीप सेंगर का राजनीतिक दबदबा और संगीता सेंगर का विरोध

उस समय सपा हाईकमान ने जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए संगीता सेंगर को सपोर्ट नहीं किया था जिसके चलते सपा से अधिकृत प्रत्याशी न होने के कारण कुलदीप सिंह सेंगर का किसी ने भी साथ नहीं दिया। लेकिन अपने राजनीतिक प्रभाव के चलते इस सीट को कुलदीप सेंगर ने अपनी पत्नी के नाम करा दिया था।

हालांकि संगीता सेंगर का विरोध सिर्फ इसलिए जायज़ नहीं है कि वो बलात्कार के दोषी कुलदीप सेंगर की पत्नी हैं, बल्कि संगीता का विरोध इस लिहाज़ से जायज नज़र आता है कि उन्होंने एक औरत होकर दूसरी औरत के खिलाफ भद्दी टिप्पणियां की, नाबालिग पीड़िता के चरित्र हनन की कोशिश की, महिला विरोधी बयानों से पीड़िता को और प्रताड़ित किया। एक गरिमामयी पद पर होते हुए एक बलात्कारी का साथ दिया। साथ ही रेप जैसे संगीन अपराध को राजनीति करार देते हुए पीड़िता को ही कठघरे में खड़ा कर दिया था।

इसे पढ़ें :  उन्नाव बलात्कार के दोषी कुलदीप सेंगर की पत्नी को टिकट मिलने का विरोध जायज़ क्यों है?

गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी पर अक्सर अवसरवादी पार्टी होने का आरोप लगाता रहा है। ऐसे में संगीता सेंगर को टिकट देना और उसे रद्द करना इसी का एक नमूना नज़र आता है। जानकारों की मानें तो, सेंगर ठाकुर जाति से आते हैं और मौजूदा समय में राजपूत या ठाकुरों का तबका भारतीय जनता पार्टी का सबसे बड़ा समर्थक वर्ग भी है, संभवतः इसलिए भी पार्टी एक दबंग ठाकुर परिवार को अनदेखा कर अपने समर्थक वर्ग को थोड़ा भी नाराज़ करने का जोखिम नहीं उठाना चाहती थी।

UttarPradesh
Kuldeep Singh Sengar
Sangeeta Senger
Yogi Adityanath
BJP
Unnao Rape Case
UP Panchayat Elections 2021
unnao
Fatehpur Chaorasi
UP POLITICS

Related Stories

बदायूं : मुस्लिम युवक के टॉर्चर को लेकर यूपी पुलिस पर फिर उठे सवाल

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !


बाकी खबरें

  • union budget
    नेसार अहमद
    केंद्रीय बजट: SDG लक्ष्यों में पिछड़ने के बावजूद वंचित समुदायों के लिए आवंटन में कोई वृद्धि नहीं
    03 Feb 2022
    कुछ क्षेत्रों में मामूली वृद्धि को छोड़कर, कुल मिलाकर, बजट में वंचित समुदायों के सशक्तिकरण के लिए समर्पित योजनाओं और व्यापक (अम्ब्रेला) कार्यक्रमों के लिए आवंटन में कोई उल्लेखनीय वृद्धि नहीं की गई है…
  • NTPC
    ओंकार सिंह
    छात्रों-युवाओं का आक्रोश : पिछले तीन दशक के छलावे-भुलावे का उबाल
    03 Feb 2022
    इस साल के बजट में बेरोजगारी के हल के लिए किसी तरह की ठोस योजना नहीं।
  • Julian Assange
    अनीश आर एम
    ज़ोर पकड़ती  रिहाई की मांग के बीच जूलियन असांज नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित
    03 Feb 2022
    संयुक्त राज्य अमेरिका में प्रत्यर्पण के ख़िलाफ़ लड़ते हुए एक ब्रिटिश जेल में 1,000 से ज़्यादा दिन बिता चुके विकिलीक्स के संस्थापक को तीसरी बार नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया है।
  • Aaj Ki Baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    बजट का संदेश: सरकार को जनता की तनिक परवाह नहीं!
    03 Feb 2022
    केंद्रीय बजट की आर्थिकी पर काफी चर्चा हो रही है. लेकिन इस बजट की हैरतंगेज राजनीति अपने ढंग की अनोखी और अविश्वसनीय है! बजट देश की आम जनता के हितों को नज़रंदाज़ करता है. किसी लोकतंत्र में ऐसा कम देखा…
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 1.72 लाख से ज़्यादा नए मामले, 1,008 मरीज़ों की मौत
    03 Feb 2022
    देश में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 4 करोड़ 18 लाख 3 हज़ार 318 हो गयी है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License