NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
व्हाट्सऐप स्पाईवेयर: हैदराबाद के वकील का भी फोन हैक
पेगासस स्पाईवेयर के चलते हैदराबाद के एक वकील फोन हैंकिंग के शिकार हो गए हैं। इस सॉफ्टवेयर के चलते कई सामाजिक कार्यकर्ता और पत्रकार भी शिकार हुए हैं।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
02 Nov 2019
whatsapp
Image courtesy: businesstoday.in

हैदराबाद के नागरिक अधिकार के एक वकील भी उस पेगासस स्पाईवेयर के चलते फोन हैकिंग के शिकार हो गए हैं जिसने पूरी दुनिया में 1400 नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं, वकीलों और पत्रकारों को निशाना बनाया है।

बी. रवींद्रनाथ ने कहा कि उन्हें सात अक्टूबर से उनके व्हाट्सऐप पर एक अज्ञात अंतरराष्ट्रीय नम्बर से संदेश मिलने शुरू हुए जिसमें दावा किया गया था कि यह कनाडा स्थित सिटिजंस लैब्स से किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि फोन करने वाले कह रहे थे कि वे हैकिंग पर एक सर्वेक्षण कर रहे हैं जिसे उन्होंने नजरअंदाज कर दिया।

रवींद्रनाथ ने भाषा से बातचीत में कहा, ‘‘मैंने सोचा ये (संदेश) स्पैम या धोखाधड़ी से जुड़े हो सकते हैं। इसके बाद उसी व्हाट्सऐप नम्बर से व्हाट्सऐप कॉल भी आयी। मैंने उसे भी नजरंदाज किया। 29 अक्टूबर को मुझे व्हाट्सऐप से एक आधिकारिक संदेश प्राप्त हुआ जिसमें कहा गया है हो सकता है कि मेरा फोन हैक कर लिया गया हो। मैंने उसे भी नजरअंदाज किया। बाद में जब कंपनी ने मुकदमा (एनएसओ समूह के ख़िलाफ़) दायर किया तो मुझे एहसास हुआ कि मेरा फोन हैक कर लिया गया है।’’

इसे भी पढ़े: इजराइली स्पाईवेयर के जरिये भारतीय पत्रकारों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की जासूसी की गई: व्हॉट्सएप

फेसबुक के स्वामित्व वाली कंपनी व्हाट्सऐप ने 31 अक्टूबर को कहा कि इजराइली स्पाईवेयर ‘पेगासस’ का इस्तेमाल करके अज्ञात लोगों द्वारा वैश्विक स्तर पर जासूसी की जा रही है। भारत के कुछ पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता भी इस जासूसी का शिकार बने हैं।

व्हाट्सऐप ने कहा है कि वह एनएसओ ग्रुप के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई कर रही है। यह इजराइली कंपनी है जो निगरानी करने का काम करती है। समझा जाता है कि इसी कंपनी ने वह प्रौद्योगिकी विकसित की है जिसके जरिये जासूसों ने करीब 1,400 लोगों के फोन हैक किए हैं इनमें चार महाद्वीपों के लोग शामिल हैं। इनमें राजनयिक, राजनीतिक विरोधी, पत्रकार और वरिष्ठ सरकारी अधिकारी शामिल हैं।

व्हाट्सऐप ने यह भी नहीं बताया कि भारत में कितने लोगों को इस जासूसी का निशाना बनाया गया या वे कौन लोग हैं। व्हाट्सऐप ने मंगलवार को एनएसओ समूह के ख़िलाफ़ अमेरिकी संघीय अदालत में एक मुकदमा दायर किया।

बता दें कि एनएस ग्रुप/ क्यू साइबर तकनीक ने इस स्पाइवेयर को तैयार किया है। पिगासस को क्यू सूट (Q Suite) नाम से भी जाना जाता है। यह दुनिया के सबसे खतरनाक जासूसी सॉफ्टवेयरों में से एक है जो एंड्रॉयड और आईओएस डिवाइस की जासूसी कर सकता है। यह ऐसा सॉफ्टवेयर है जो यूजर की इजाज़त और जानकारी के बिना भी उसके फोन में इंस्टॉल हो सकता है। जब यह एक बार फोन में इंस्टॉल हो जाता है फिर उसके बाद इसे आसानी से अनइंस्टॉल नहीं किया जा सकता है।

मोबाइल में इंस्टॉल होने के बाद पिगासस सॉफ्टवेयर निजी जानकारियों पर बारिकी से नज़र रख सकता है। यह सॉफ्टवेयर मैसेज, कॉन्टेक्ट लिस्ट, कैलेंडर,पासवर्ड, माइक्रोफोन, कैमरा और विभिन्न मैसेजिंग एप्स के कॉलिंग फीचर पर पल-पल नजर रखता है। यह मोबाइल इस्तेमाल करने वालों का जीपीएस लोकेशन भी ट्रैक करता है।

(समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ)

WhatsApp
Israeli spyware
Indian journalists
human rights activists
Hyderabad
lawyer

Related Stories

पेगासस कांड: आखिर क्या है RSS से जुड़ा GVF ट्रस्ट? जिसकी अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार के आयोग की जांच पर लगा दी रोक

फ़ेसबुक/मेटा के भीतर गहरी सड़न: क्या कुछ किया जा सकता है?

वकीलों को वरिष्ठ का दर्जा देने संबंधी याचिकाओं को सूचीबद्ध करने पर विचार करेगा उच्चतम न्यायालय

कोविड-19 टीकाकरण प्रमाण पत्र अब व्हाट्सऐप पर उपलब्ध होगा

डिजिटल साक्ष्य पर निर्भरता अब पेगासस के साये में

पेगासस पीड़ित एक पत्रकार की आपबीती

पेगासस स्पाइवेयर: भारत सरकार चर्चा तक के लिए तैयार नहीं; मेक्सिको में हुई जांच, पूर्व सरकार ने खर्च किए छह करोड़ 10 लाख डॉलर

स्पायवेअर अर्थात जासूसी सॉफ्टवेयर – जनतंत्र के ख़िलाफ़ नया हथियार!

डाटा संरक्षण विधेयक जब तक कानून का रूप नहीं लेता, नई निजता नीति लागू नहीं करेंगे: वॉट्सऐप

उच्च न्यायालय ने फेसबुक, व्हाट्सऐप को दिए सीसीआई के नोटिस पर रोक लगाने से किया इंकार


बाकी खबरें

  • International
    न्यूज़क्लिक टीम
    2021: अफ़ग़ानिस्तान का अमेरिका को सबक़, ईरान और युद्ध की आशंका
    30 Dec 2021
    'पड़ताल दुनिया भर' की के इस एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने न्यूज़क्लिक के मुख्य संपादक प्रबीर पुरकायस्थ से बात की कि 2021 में अफ़ग़ानिस्तान ने किस तरह एक ध्रुवी अमेरिकी परस्त कूटनीति को…
  • Deen Dayal Upadhyaya Gorakhpur University
    सत्येन्द्र सार्थक
    दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति पर गंभीर आरोप, शिक्षक और छात्र कर रहे प्रदर्शन
    30 Dec 2021
    गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति पर कुछ प्रोफेसर और छात्रों ने आरोप लगाया है कि “कुलपति तानाशाही स्वभाव के हैं और मनमाने ढंग से फ़ैसले लेते हैं। आर्थिक अनियमितताओं के संदर्भ में भी उनकी जाँच होनी…
  • MGNREGA
    सुचारिता सेन
    उत्तर प्रदेश में ग्रामीण तनाव और कोविड संकट में सरकार से छूटा मौका, कमज़ोर रही मनरेगा की प्रतिक्रिया
    30 Dec 2021
    उत्तर प्रदेश में देश की तुलना में ग्रामीण आबादी की हिस्सेदारी थोड़ी ज़्यादा है। सबसे अहम, यहां गरीब़ी रेखा के नीचे रहने वाले परिवारों की संख्या देश की तुलना में कहीं ज़्यादा है। इस स्थिति में कोविड…
  • delhi
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना पाबंदियों के कारण मेट्रो में लंबी लाइन बसों में नहीं मिल रही जगह, लोगों ने बसों पर फेंके पत्थर
    30 Dec 2021
    दिल्ली के मेट्रो स्टेशनों के बाहर गुरुवार सुबह लगातार दूसरे दिन यात्रियों की लंबी-लंबी कतारें देखी गईं।
  • AFSHPA
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
    नगा संगठनों ने अफस्पा की अवधि बढ़ाये जाने की निंदा की
    30 Dec 2021
    केंद्र ने बृहस्पतिवार को नगालैंड की स्थिति को ‘‘अशांत और खतरनाक’’ करार दिया तथा अफस्पा के तहत 30 दिसंबर से छह और महीने के लिए पूरे राज्य को ‘‘अशांत क्षेत्र’’ घोषित कर दिया।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License