NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
रिपोर्ट तैयार करते वक़्त समिति के सदस्य कृषि क़ानून पर अपनी निजी राय अलग रखेंगे: घनवट
घनवट ने कहा, ‘‘समिति की सबसे बड़ी चुनौती प्रदर्शनकारी किसानों को हमसे बातचीत के लिए तैयार करने की होगी। हम इसका यथासंभव प्रयास करेंगे।’’
भाषा
19 Jan 2021
घनवट

नयी दिल्ली: कृषि कानूनों पर उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित समिति के प्रमुख सदस्य अनिल घनवट ने मंगलवार को कहा कि विभिन्न हितधारकों से कृषि कानून पर बातचीत करने के दौरान समिति के सदस्य अपनी निजी राय को हावी नहीं होने देंगे।

उन्होंने जोर देकर कहा कि वे किसी पक्ष या सरकार के पक्ष में नहीं हैं।

यहां हुई समिति की पहली बैठक के बाद घनवट ने कहा कि किसानों और अन्य हितधारकों के साथ पहली बैठक बृहस्पतिवार को प्रस्तावित है।

उल्लेखनीय है कि उच्चतम न्यायालय ने 11 जनवरी को चार सदस्यीय समिति का गठन किया था लेकिन प्रदर्शनकारी किसानों ने नियुक्त सदस्यों द्वारा पूर्व में कृषि कानूनों को लेकर रखी गई राय पर सवाल उठाए। इसके बाद एक सदस्य भूपिंदर सिंह मान ने खुद को इससे अलग कर लिया है।

बता दें कि दिल्ली की सीमा पर हजारों की संख्या में किसान करीब दो महीने से नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।

केंद्र सरकार और प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच भी नौ दौर की अलग से बात हुई थी लेकिन मुद्दे को सुलझाने की यह पहल बेनतीजा रही।

घनवट जो शेतकरी संगठन के अध्यक्ष हैं, ने कहा कि समिति 21 जनवरी को किसानों और अन्य हितधारकों से पहले चरण की वार्ता करेगी।

उन्होंने कहा, ‘‘समिति की सबसे बड़ी चुनौती प्रदर्शनकारी किसानों को हमसे बातचीत के लिए तैयार करने की होगी। हम इसका यथासंभव प्रयास करेंगे।’’

घनवट ने कहा कि समिति केंद्र और राज्य सरकारों के अलावा किसानों और सभी अन्य हितधारकों की कृषि कानूनों पर राय जानना चाहती है।

उन्होंने कहा, ‘‘ समिति के सदस्य उच्चतम न्यायालय में जमा करने के लिए रिपोर्ट तैयार करने के दौरान कृषि कानूनों पर अपनी निजी राय को अलग रखेंगे।’’

मान के स्थान पर किसी अन्य को समिति में शामिल करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इसका गठन उच्चतम न्यायालय ने किया है और शीर्ष अदालत ही तय करेगी कि किसे नियुक्त करना है।

घनवट ने कहा, ‘‘हमें जिम्मेदारी दी गई है और हम उसका ठीक से निर्वहन कर रहे हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ समिति के समक्ष आने को अनिच्छुक उन प्रदर्शनकारी किसानों से हम कहना चाहते हैं कि न तो हम किसी के पक्ष में है और न ही सरकार की ओर से हैं। हम सभी उच्चतम न्यायालय की ओर से हैं। ’’

प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों और विपक्षी पार्टियों द्वारा सदस्यों के सरकार समर्थक होने के आरोपों पर घनवट ने कहा, ‘‘ आप हमारे पास बातचीत के लिए आइए। हम आपकी सुनेंगे और आपकी राय को अदालत के समक्ष रखेंगे। हम सभी से बातचीत करने का अनुरोध करते हैं।’’

Anil Ghanwat
Farm bills 2020
Supreme Court
Farmers union

Related Stories

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

आर्य समाज द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र क़ानूनी मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

समलैंगिक साथ रहने के लिए 'आज़ाद’, केरल हाई कोर्ट का फैसला एक मिसाल

मायके और ससुराल दोनों घरों में महिलाओं को रहने का पूरा अधिकार

जब "आतंक" पर क्लीनचिट, तो उमर खालिद जेल में क्यों ?

विचार: सांप्रदायिकता से संघर्ष को स्थगित रखना घातक

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक आदेश : सेक्स वर्कर्स भी सम्मान की हकदार, सेक्स वर्क भी एक पेशा

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

मलियाना कांडः 72 मौतें, क्रूर व्यवस्था से न्याय की आस हारते 35 साल

क्या ज्ञानवापी के बाद ख़त्म हो जाएगा मंदिर-मस्जिद का विवाद?


बाकी खबरें

  • union budget
    नेसार अहमद
    केंद्रीय बजट: SDG लक्ष्यों में पिछड़ने के बावजूद वंचित समुदायों के लिए आवंटन में कोई वृद्धि नहीं
    03 Feb 2022
    कुछ क्षेत्रों में मामूली वृद्धि को छोड़कर, कुल मिलाकर, बजट में वंचित समुदायों के सशक्तिकरण के लिए समर्पित योजनाओं और व्यापक (अम्ब्रेला) कार्यक्रमों के लिए आवंटन में कोई उल्लेखनीय वृद्धि नहीं की गई है…
  • NTPC
    ओंकार सिंह
    छात्रों-युवाओं का आक्रोश : पिछले तीन दशक के छलावे-भुलावे का उबाल
    03 Feb 2022
    इस साल के बजट में बेरोजगारी के हल के लिए किसी तरह की ठोस योजना नहीं।
  • Julian Assange
    अनीश आर एम
    ज़ोर पकड़ती  रिहाई की मांग के बीच जूलियन असांज नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित
    03 Feb 2022
    संयुक्त राज्य अमेरिका में प्रत्यर्पण के ख़िलाफ़ लड़ते हुए एक ब्रिटिश जेल में 1,000 से ज़्यादा दिन बिता चुके विकिलीक्स के संस्थापक को तीसरी बार नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया है।
  • Aaj Ki Baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    बजट का संदेश: सरकार को जनता की तनिक परवाह नहीं!
    03 Feb 2022
    केंद्रीय बजट की आर्थिकी पर काफी चर्चा हो रही है. लेकिन इस बजट की हैरतंगेज राजनीति अपने ढंग की अनोखी और अविश्वसनीय है! बजट देश की आम जनता के हितों को नज़रंदाज़ करता है. किसी लोकतंत्र में ऐसा कम देखा…
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 1.72 लाख से ज़्यादा नए मामले, 1,008 मरीज़ों की मौत
    03 Feb 2022
    देश में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 4 करोड़ 18 लाख 3 हज़ार 318 हो गयी है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License