NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
वाम दलों ने केरल की जीत पर जहाँ ख़ुशी ज़ाहिर की, वही बंगाल की हार को लेकर करेगी मंथन
‘‘बंगाल में वाम दलों को अपनी राजनीतिक धारा और हालात के आकलन को लेकर गंभीर समीक्षा करनी होगी। यह सोचना होगा कि हम क्यों हारे और भाजपा ने अपनी जमीन कैसे मजबूत कर ली।’’
भाषा
03 May 2021
वाम दलों ने केरल की जीत पर जहाँ ख़ुशी ज़ाहिर की, वही बंगाल की हार को लेकर करेगी मंथन

नयी दिल्ली, दो मई वाम दलों ने रविवार को केरल में लगातार दूसरी बार जीत दर्ज करके इतिहास लिख दिया, लेकिन उस पश्चिम बंगाल में वह एक भी सीट नहीं जीत सके जो कई दशकों तक उनका गढ़ रहा।

पश्चिम बंगाल में वाम दलों का राजनीतिक पटाक्षेप 2019 में उस वक्त हो गया जब वे एक भी सीट नहीं जीत सके थे और अपना पारंपरिक जनाधार भाजपा के हाथों खो बैठे। 2021 के विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के द्विपक्षीय मुकाबले में एक बार फिर वाम मोर्चे का सफाया हो गया।

माकपा के पोलित ब्यूरो ने एक बयान में कहा कि चार राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश के चुनाव परिणाम में भाजपा को करारी हार मिली है।

उसने कहा, ‘‘पश्चिम बंगाल में संयुक्त मोर्चा और वाम दलों का प्रदर्शन बहुत निराशाजनक रहा। चुनाव नतीजों का विश्लेषण किया जाएगा।’’

पश्चिम बंगाल में 2006 के चुनाव में वाम मोर्चे को 50 फीसदी वोट मिला था तथा 2011 के चुनाव में हार के बावजूद उसने 40 फीसदी वोट हासिल किए थे। इसके बाद 2016 के चुनाव में उसे 26 फीसदी वोट मिले।

भाकपा महासचिव डी राजा ने कहा, ‘‘बंगाल में वाम दलों को अपनी राजनीतिक धारा और हालात के आकलन को लेकर गंभीर समीक्षा करनी होगी। यह सोचना होगा कि हम क्यों हारे और भाजपा ने अपनी जमीन कैसे मजबूत कर ली।’’

केरल में मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की अगुवाई में वाम लोकतांत्रिक मोर्चे ने एक बार फिर जीत हासिल की। वह केरल में तीसरे ऐसे मुख्यमंत्री हो गए जो जिनकी अगुवाई में लगातार दो चुनाव जीते गए।

विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ने वाले एलडीएफ ने कोरोना संकट के दौरान अपने कदमों से जनता का दिल जीता। इसी को चुनाव में उसकी जीत का प्रमुख कारण माना जा रहा है।
 

left parties
Kerala
West Bengal
CPI
CPM

Related Stories

राज्यपाल की जगह ममता होंगी राज्य संचालित विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति, पश्चिम बंगाल कैबिनेट ने पारित किया प्रस्ताव

प. बंगाल : अब राज्यपाल नहीं मुख्यमंत्री होंगे विश्वविद्यालयों के कुलपति

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

पश्चिम बंगालः वेतन वृद्धि की मांग को लेकर चाय बागान के कर्मचारी-श्रमिक तीन दिन करेंगे हड़ताल

वाम दलों का महंगाई और बेरोज़गारी के ख़िलाफ़ कल से 31 मई तक देशव्यापी आंदोलन का आह्वान

दिल्ली: ''बुलडोज़र राजनीति'' के ख़िलाफ़ सड़क पर उतरे वाम दल और नागरिक समाज

मछली पालन करने वालों के सामने पश्चिम बंगाल में आजीविका छिनने का डर - AIFFWF

LIC के कर्मचारी 4 मई को एलआईसी-आईपीओ के ख़िलाफ़ करेंगे विरोध प्रदर्शन, बंद रखेंगे 2 घंटे काम

‘जलवायु परिवर्तन’ के चलते दुनियाभर में बढ़ रही प्रचंड गर्मी, भारत में भी बढ़ेगा तापमान

जहाँगीरपुरी हिंसा : "हिंदुस्तान के भाईचारे पर बुलडोज़र" के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन


बाकी खबरें

  • Modi yogi
    अजय कुमार
    आर्थिक मोर्चे पर फ़ेल भाजपा को बार-बार क्यों मिल रहे हैं वोट? 
    14 Mar 2022
    आख़िर किस तरह के झूठ का जाल भाजपा 24 घंटे लोगों के बीच फेंकने काम करती है? जिससे आर्थिक रूप से कमजोर होते जा रहे राज्यों में भी उसकी सरकार बार बार आ रही है। 
  • रवि शंकर दुबे
    पांचों राज्य में मुंह के बल गिरी कांग्रेस अब कैसे उठेगी?
    14 Mar 2022
    मैदान से लेकर पहाड़ तक करारी शिकस्त झेलने के बाद कांग्रेस पार्टी में लगातार मंथन चल रहा है, ऐसे में देखना होगा कि बुरी तरह से लड़खड़ा चुकी कांग्रेस गुजरात, हिमाचल और फिर 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए…
  • अजय गुदावर्ती
    गुजरात और हिंदुत्व की राजनीतिक अर्थव्यवस्था
    14 Mar 2022
    एक नई किताब औद्योगिक गुजरात में सांप्रदायिकता की राजनीतिक अर्थव्यवस्था की परख करती है। इससे मिली अंतर्दृष्टि से यह समझने में मदद मिलती है कि हिंदुत्व गुजरात की अपेक्षा अविकसित उत्तर प्रदेश में कैसे…
  • abhisar sharma
    न्यूज़क्लिक टीम
    कानून का उल्लंघन कर फेसबुक ने चुनावी प्रचार में भाजपा की मदद की?
    14 Mar 2022
    न्यूज़चक्र के इस एपिसोड में आज वरिष्ठ पत्रकार बात कर रहे हैं एक न्यूज़ एजेंसी के द्वारा की गयी पड़ताल से ये सामने आया है की Facebook ने हमेशा चुनाव के दौरान BJP के पक्ष में ही प्रचार किया है। देखें…
  • misbehaved with tribal girls
    सोनिया यादव
    मध्य प्रदेश : मर्दों के झुंड ने खुलेआम आदिवासी लड़कियों के साथ की बदतमीज़ी, क़ानून व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
    14 Mar 2022
    मध्य प्रदेश बाल अपराध और आदिवासियों के साथ होने वाले अत्याचार के मामले में नंबर एक पर है। वहीं महिला अपराधों के आंकड़ों को देखें तो यहां हर रोज़ 6 महिलाओं के साथ बलात्कार हो रहा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License