NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
चिली के आगामी राष्ट्रपति चुनाव में कौन-कौन हैं प्रमुख उम्मीदवार?
21 नवंबर को चिली में होने वाले आम चुनावों से पहले हम इस देश में मौजूद विभिन्न मुद्दों को संबोधित करने के लिए प्रमुख राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों, और उनकी ओर से किये गए जा रहे प्रस्तावों पर नज़र डालते हैं।
तान्या वाधवा
12 Oct 2021
chile
चिली के राष्ट्रपति चुनावों में राष्ट्रपति पद के प्रमुख उम्मीदवार: गेब्रियल बोरिक, सेबेस्टियन सिशेल, यास्ना प्रोवोस्टे और जोस एन्टोनियो कास्ट। तस्वीर: मिधुन पुथुपट्टू

21 नवंबर को 1.8 करोड़ से अधिक चिली वासी देश के अगले राष्ट्रपति, चैम्बर ऑफ़ डेपुटीज के 155 सदस्यों और सीनेट के 50 में से 27 मेम्बरान को 2022-2026 तक की अवधि के लिए चुनने के लिए मतदान करने जा रहे हैं। ये चुनाव एक नए संविधान के मसौदे को तैयार करने के लिए संविधान सभा के सदस्यों का चुनाव करने की ऐतिहासिक प्रक्रिया के बाद होने जा रहे हैं। इससे पूर्व इस साल की शुरुआत में महापौरों, पार्षदों और गवर्नरों के चुनाव के लिए क्षेत्रीय और नगरपालिका चुनाव के साथ-साथ प्रमुख गठबन्धनों से प्राथमिक दौर के लिए उम्मीदवारों को चुना गया था।

राष्ट्रपति पद की दौड़ में कुल 7 उम्मीदवार मैदान में हैं। अगर किसी भी उम्मीदवार को पहले दौर में साधारण बहुमत (कुल मतों का 50%) हासिल नहीं हो पाता है तो 19 दिसंबर को इनमें से दो प्रमुख उम्मीदवारों के बीच मुकाबला आयोजित किया जायेगा। नए राष्ट्रपति और नव निर्वाचित संविधान निर्माताओं को 11 मार्च, 2022 को शपथ दिलाई जायेगी।

विभिन्न जनमत सर्वेक्षणों के मुताबिक, जो उम्मीदवार मतों के रुझान में आगे चल रहे हैं, उनमें वामपंथी-धड़े ‘अप्प्रूव डिग्निटी’ गठबंधन के गेब्रियल बोरिक सहित, धुर-दक्षिणपंथी रिपब्लिकन पार्टी के जोस एंटोनियो कास्ट, सत्तारूढ़ दक्षिणपंथी ‘चिली वी कैन (डू) मोर’ गठबंधन के सेबेस्टियन सिशेल, और मध्य-वाम न्यू सोशल पैक्ट गठबंधन की यास्ना प्रोवोस्टे शामिल हैं।

अधिकाँश जनमत सर्वेक्षणों के नतीजों से पता चलता है कि दूसरे दौर का मतदान होना अवश्यंभावी है, और इसके बोरिक और कास्ट के बीच में होने की संभावना सबसे प्रबल है, क्योंकि सितंबर माह में सिचेल के पक्ष में संख्या में काफी तेजी से गिरावट दर्ज हुई है। हालिया चुनावी सर्वेक्षणों में शामिल एक्टिवा, कैडेम, क्राइटेरिया और डेटा इन्फ्लुए के आंकड़ों से पता चलता है कि 19.9% से 26.5% के बीच में चलते हुए बोरिक सबसे आगे चल रहे हैं। इस बीच 16.1% से 18% मतों के बीच में चलते हुए कास्ट उनके पीछे दूसरे नंबर पर बने हुए हैं। सिचेल और प्रोवोस्ट क्रमशः 10% से 15% और 11% से 13% के साथ इस रेस में तीसरे और चौथे स्थान पर हैं। अप्रवासी-विरोधी विरोध प्रदर्शनों के संबंध में चिली में हालिया संकट और पैंडोरा पेपर्स मामले में वर्तमान-राष्ट्रपति सेबेस्टियन पिनेरा द्वारा ऑफ-शोर खातों का इस्तेमाल किये जाने के निहितार्थ से देश में मतों पर असर पड़ने की संभावना नजर आ रही है।

गेब्रियल बोरिक कौन हैं?

35 वर्षीय बोरिक एक पूर्व छात्र नेता होने के साथ-साथ चैम्बर ऑफ़ डिप्टी के सदस्य हैं। 2011-12 के छात्र प्रदर्शनों के दौरान वे इसके एक प्रमुख युवा नेता के तौर पर उभरे थे, जिसकी मांग थी कि सभी के लिए विश्वविद्यालय शिक्षा मुफ्त हो और इस आंदोलन ने देश में मौजूद प्रत्यक्ष गैर-बराबरी की ओर इशारा किया था। 2013 के विधायी चुनावों में उन्हें कांग्रेस के निचले सदन में मगलानेस और अंटार्कटिक क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने के लिए एक स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर चुना गया था। 2017 में वे पहले से अधिक बहुमत के साथ एक बार फिर से चुने गये थे। वर्तमान में बोरिक एक प्रगतिशील सोशल कन्वर्जेंस पार्टी के सदस्य हैं, जो कांग्रेस में वामपंथी-धड़े ब्रॉड फ्रंट ब्लॉक का एक हिस्सा है।

जुलाई में हुए ‘अप्प्रूव डिग्निटी’ के प्राइमरी चुनाव में बोरिक ने तकरीबन 60% वोट हासिल कर चिली की कम्युनिस्ट पार्टी के रेकोलेटा के मेयर डेनियल जदुए के खिलाफ जीत दर्ज की थी। अगर बोरिक को चुनावों में जीत हासिल हो जाती है तो वे चिली के अब तक के सबसे युवा राष्ट्रपति बन जायेंगे।

बोरिक सरकार के विकेन्द्रीकरण और जलवायु परिवर्तन न्यूनीकरण की वकालत करते हैं। बोरिक ने हरित निवेश के माध्यम से अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने की योजना बनाई है। उन्होंने सार्वभौमिक समाजिक लाभों की गारंटी देने का वादा किया हुआ है। उन्होंने सार्वभौमिक स्वास्थ्य बीमा और पर्यावरण के अनुकूल आर्थिक समाधान जैसी सामजिक सेवाओं पर राज्य के खर्चे में बढोत्तरी करने की कसम खाई है।

उन्होंने देश की पेंशन प्रणाली (एएफपी) को भी बदल डालने का वायदा किया है, जिसका प्रबंधन निजी बीमाकर्ताओं द्वारा किया जा रहा है और पिछले वर्ष से यह सार्वजनिक विकल्प के साथ सरकार और आबादी के बीच में विवाद का विषय बना हुआ है। उन्होंने निगमों और धनाड्य व्यक्तियों पर प्रगतिशील करों को शुरू करने का प्रस्ताव रखा है। उनकी ओर से राष्ट्रीय पुलिस बल, द काराबिनेरोस में सुधार करने की शपथ ली गई है, जिसे 2019 के विरोध प्रदर्शनों के बाद से चिली के भीतर और बाहर के विभिन्न संगठनों द्वारा अनगिनत दफा इसकी क्रूरता के लिए मंगाया गया है।

विदेश नीति के मसले पर बोरिक की स्थिति को चिली में प्रगतिशील हलकों द्वारा अस्वीकार का सामना करना पड़ा है। उन्होंने साम्राज्यवादी शक्तियों के खिलाफ कुछ नहीं बोला किंतु वेनेजुएला में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और निकारागुआ में राष्ट्रपति डेनियल ओर्टेगा की समाजवादी सरकारों को “निरंकुश” बताकर खुले तौर पर उनकी आलोचना की है।

जोस एंटोनियो कास्ट कौन हैं?

55-वर्षीय कास्ट एक वकील होने के साथ-साथ पूर्व सांसद रहे हैं। 1996 से लेकर 2000 के बीच वे बुइन शहर के पार्षद रहे। 2001 मे, उन्हें सैंटियागो के जिला 30 के लिए चैम्बर ऑफ़ डेपुटीज के सदस्य के तौर पर चुना गया था। वे 2002 से 2018 तक लगातार चुने जाते रहे और उन्होंने निचले सदन के लिए अपनी सेवायें दीं। यह दूसरी दफा है जब वे राष्ट्रपति पद के लिए चुनावी दौड़ में हिस्सा ले रहे हैं। 2017 में सर्वाधिक मतों को हासिल करने के मामले में वे चौथे स्थान पर थे।

कास्ट नए संविधान का मसौदा तैयार किये जाने के खिलाफ थे, जिसे जनरल आगस्टो पिनोशे (1973-1990) की सैन्य तानाशाही काल के तहत लिखा और लागू किया गया था। कई मौकों पर उन्होंने पिनोशे की तानशाही का बचाव तक करने का काम किया है।

इन सभी उम्मीदवारों के बीच में कास्ट सबसे अधिक उग्रपंथी और रुढ़िवादी उम्मीदवार हैं। उनके प्रस्तावों में सुरक्षा बलों के लिए समर्थन को और मजबूत करने, विशेषकर 2019 के लोकप्रिय विद्रोह के बाद और आप्रवासन नीतियों को और सख्त बनाने के साथ-साथ अमेरिकी आव्रजन एवं सीमा प्रवर्तन (आईसीई) के समान पुलिस बल की स्थापना का लक्ष्य भी शामिल है। उन्होंने इस बात को भी कहा है कि वे 2017 में पारित किये गए एक कानून को उलटने की कोशिश करेंगे, जो तीन स्थितियों में गर्भपात की मंजूरी देता है। उन्होंने कहा है कि वे उन क्षेत्रों में सैन्य बलों की तैनाती करेंगे जहाँ पर स्वदेशी समुदाय अक्सर कानून को लागू कराने वाले बलों के साथ संघर्ष में उलझते रहते हैं।

इन चार दावेदारों के अलावा, वामपंथी पेट्रियोटिक यूनियन पार्टी के एडुआर्डो आर्तेस ब्रिचेट्टी, वामपंथी धड़े की प्रोग्रेसिव पार्टी के मार्को एनरिक़ुएज़-ओमिनामी और दक्षिणपंथी पार्टी ऑफ़ द पीपुल के फ्रांको एल्डो परिसी भी राष्ट्रपति पद की दौड़ में भाग ले रहे हैं और इनके पक्ष में कुल मतों के 10% से नीचे मतदान हुआ है।

सेबेस्टियन सिशेल कौन हैं?

43-वर्षीय सिशेल एक वकील हैं और उन्होंने सत्तारूढ़ सरकार में विभिन्न पदों पर काम किया है लेकिन वे अभी तक किसी निर्वाचित सार्वजनिक पद पर नहीं रहे हैं। सार्वजनिक पद के लिए दो दफा असफल प्रयासों के बाद यह उनका तीसरा प्रयास है। कांग्रेस में चुने जाने के लिए उन्होंने 2009 और 2013 में दो बार मध्य-वाममार्गी क्रिश्चियन डेमोक्रेटिक पार्टी के सदस्य के तौर पर चुनाव लड़ा था। इसके दो साल बाद 2015 में उन्होंने मध्य-वाम सिटीजन्स पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली थी। इसके दो साल बाद एक बार फिर से 2017 में उन्होंने सत्तारूढ़ दक्षिणपंथी राष्ट्रपति सेबेस्टियन पिनेरा के प्रति अपने समर्थन को व्यक्त किया। 2018 में पिनेरा ने उन्हें प्रोडक्शन डेवलपमेंट कारपोरेशन (सीओआरएफओ) का उपाध्यक्ष नियुक्त कर दिया। 2019 में पिनेरा ने सिशेल को अपने सामजिक विकास मंत्री के रूप में नामित किया।अगले वर्ष 2020 में, उन्होंने चिली के राजकीय बैंक के अध्यक्ष बनने के लिए अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया। दिसम्बर 2020 में राष्ट्रपति का चुनाव लड़ने के लिए उन्होंने अपने पद से इस्तीफा देकर ‘चिली वी कैन डू मोर’ के प्राथमिक चुनाव में स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा।

गठबंधन के प्राथमिक दौर के चुनाव में सिशेल ने पोलिटिकल एवोल्यूशन पार्टी के इग्नासियो ब्रियोंस, नेशनल रिन्यूवल पार्टी के मारियो डेस्बोर्देस और इंडिपेंडेंट डेमोक्रेटिक यूनियन पार्टी (यूडीआई) के जोअकिन लाविन को हराकर जीत दर्ज की थी। उन्हें कुल मतों का 49% हिस्सा प्राप्त हुआ था।

सिशेल ने सरकार को और अधिक कुशल बनाने के लिए अन्य बातों के अलावा मंत्रालयों की संख्या को 24 से घटाकर 18 तक करने का प्रस्ताव रखा है। उनका कहना है कि वे देश की मुक्त-बाजार आर्थिक नीतियों का समर्थन करते हैं लेकिन इसके साथ ही वे सामाजिक नीतियों को भी पेश करना चाहते हैं। उन्होंने बचपन के भोजन कार्यक्रमों, आवास और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं में सहायता पहुंचाने का वादा किया है। उन्होंने समलैंगिक विवाह और समलैंगिक दम्पतियों द्वारा बच्चों को गोद लेने का समर्थन करने का भी वादा किया है।

यास्ना प्रोवोस्टे कौन हैं?

51-वर्षीय प्रोवोस्टे क्रिश्चियन डेमोक्रेटिक पार्टी की सीनेटर हैं। सभी प्रमुख उम्मीदवारों में से एकमात्र स्वदेशी पृष्ठभूमि की उम्मीदवार और महिला हैं। इन्होंने 2004 से 2006 तक योजना मंत्री और 2006 से लेकर 2008 तक शिक्षा मंत्री के तौर पर कार्य किया था, जब तक कि मंत्रालय में वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के बाद उन्हें पद से हटा नहीं दिया गया था। उन पर चले महाभियोग को व्यापक स्तर पर राजनीति से प्रेरित माना गया, इसके लिए उन्हें पांच साल के लिए सार्वजनिक कार्यालय में भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया गया था। 2013 में उन्होंने कांग्रेस के निचले सदन के लिए जीत दर्ज की और 2017 में वे सीनेट के लिए चुनी गईं। मार्च 2021 से लेकर अगस्त 2021 तक वे सीनेट की अध्यक्ष रहीं।

गठबंधन के प्राथमिक दौर में प्रोवोस्टे ने जीत हासिल करते हुए, रेडिकल पार्टी के कार्लोस माल्डोनाडो और सोशलिस्ट पार्टी की पौला नार्वेज को हराकर 60% से भी अधिक वोटों को अपने नाम करने में कामयाबी हासिल की है। वामपंथी मतों के लिए वे बोरिक को और मध्यमार्गी मतों के लिए सिशेल को कड़ी टक्कर देने जा रही हैं।

प्रोवोस्टे ने सार्वजनिक क्षेत्रों में राज्य की भागीदारी को विस्तारित करने और सार्वभौमिक मूलभूत आय जैसी प्रगतिशील सामाजिक नीतियों का समर्थन करने की योजना बना रखी है। उन्होंने मौजूदा निजी पेंशन प्रणाली को बोरिक की तरह सार्वजनिक प्रणाली में तब्दील करने के बजाय इसमें सुधार का प्रस्ताव रखा है। प्रोवोस्टे ने राष्ट्रीय पुलिस बल में आवश्यक बदलाव का वादा भी किया है।

साभार: पीपुल्स डिस्पैच  

अंग्रेज़ी में प्रकाशित मूल आलेख पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें

Who Are The Leading Candidates in Chile’s Upcoming Presidential Elections?

Approve Dignity
Chile We Can Do More
Chilean elections 2021
Gabriel Boric
José Antonio Kast
neoliberal policies in Chile
neoliberalism in Chile
New Social Pact
Sebastián Sichel
Yasna Provoste

Related Stories

क्या चिली की प्रगतिशील सरकार बोलीविया की समुद्री पहुंच के रास्ते खोलेगी?

दुनिया भर की: दक्षिण अमेरिका में वाम के भविष्य की दिशा भी तय करेंगे बोरिक

2.2 करोड़ अफ़ग़ानियों को भीषण भुखमरी में धकेला अमेरिका ने, चिले में वाम की ऐतिहासिक जीत

नज़रिया : ग्रेबिएल बोरिक की जीत चिली के वामपंथ के लिए बड़ा मौक़ा

लैटिन अमेरिका दर्शा रहा है कि दक्षिणपंथी उभार स्थायी नहीं है


बाकी खबरें

  • loksabha
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    संसद में चर्चा होना देशहित में- मोदी, लेकिन कृषि क़ानून निरस्त करने का बिल बिना चर्चा के ही पास!
    29 Nov 2021
    सरकार की कथनी-करनी का फ़र्क़ एक बार फिर तुरंत देश के सामने आ गया। आज सुबह संसद सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने मीडिया से कहा कि संसद में चर्चा होना देशहित में है और सरकार हर सवाल का जवाब…
  • TN
    श्रुति एमडी
    तमिलनाडु इस सप्ताह: राज्य सरकार ने सस्ते दामों पर बेचे टमाटर, श्रमिकों ने किसानों के प्रति दिखाई एकजुटता 
    29 Nov 2021
    इस सप्ताह, तमिलनाडु ने 52,549 करोड़ रूपये की 82 औद्योगिक परियोजनाओं के लिए सभी क्षेत्रों के प्रमुख उद्योगपतियों के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये। इसके साथ ही सरकार ने थूथुकड़ी, नागापट्टिनम और…
  • alok dhanwa
    अनिल अंशुमन
    ‘जनता का आदमी’ के नाम ‘जनकवि नागार्जुन स्मृति सम्मान’: नए तेवर के कवि आलोक धन्वा हुए सम्मानित
    29 Nov 2021
    यह सम्मान 2020 में ही दिल्ली में नागार्जुन जी के स्मृति दिवस पर दिया जाना था। लेकिन कोरोना महामारी के कारण यह संभव नहीं हो सका। इसलिए महामारी प्रकोप के कम होते ही यह सम्मान आलोक धन्वा के प्रिय शहर…
  • Assam
    संदीपन तालुकदार
    असम: नागांव ज़िले में स्वास्थ्य ढांचा उपलब्ध होने के बावजूद कोविड मरीज़ों को स्थानांतरित किया गया
    29 Nov 2021
    महामारी ने स्वास्थ्य सुविधा संकट की परतें खोलकर रख दी हैं और बताया कि कैसे एम्स की सुविधा होने पर नागांव बेहतर तरीक़े से महामारी का सामना कर सकता था।
  • Bahgul River
    तारिक़ अनवर
    यूपी के इस गाँव के लोग हर साल बांध बना कर तोड़ते हैं, जानिए क्यों?
    29 Nov 2021
    हालांकि सरकार ने पिछले साल एक स्थायी जलाशय बनाने के लिए 57.46 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की थी, लेकिन इस परियोजना को अभी तक अमल में नहीं लाया गया है और इस साल भी मिट्टी से बांध बनाने की प्रक्रिया…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License