NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
युवा
भारत
राजनीति
जानें: RRB-NTPC के खिलाफ क्यों प्रदर्शन कर रहे हैं छात्र? क्या है पूरा मामला?
एक ओर पूरा देश गणतंत्र दिवस के पर्व में डूबा हुआ था, तो दूसरी ओर देश का भविष्य सड़कों पर पुलिस की लाठियां खा रहा था। आखिर क्यों छात्रों को सड़क पर उतरने के लिए होना पड़ा मजबूर, क्या है RRB-NTPC के खिलाफ विरोध का कारण, आइए समझते हैं।
रवि शंकर दुबे
28 Jan 2022
RRB-NTPC
फ़ोटो साभार: सोशल मीडिया

सड़कों पर क्यों हैं छात्र

·        ये पूरा विवाद दो परीक्षाओं को लेकर है- पहली NTPC यानी नॉन टेक्निकल पॉपुलर कैटेगरी और दूसरी GROUP D

·        NTPC के जरिए 35,281 पदों पर भर्ती होनी थी, इनमें से 11 हजार पद 12वीं पास वालों के लिए थे।

·        Group D के जरिए 1,03,769 पदों के लिए वैकेंसी निकाली गई थी।

·        NTPC और Group D की परीक्षाओं के लिए करीब ढाई करोड़ आवेदन आए थे।

·        NTPC परीक्षा को 5 लेवल 2, 3, 4, 5, 6 में बांटा गया था।

·        अलग-अलग लेवल में योग्यता और तनख्वाह अलग-अलग तय थी।

·        लेवल-2 जॉब के लिए 12वीं पास होना जरूरी था और इसमें 19 हजार तनख्वाह तय थी।

·        लेवल-6 के लिए ग्रेजुएट होना जरूरी है और इसमें 35 हजार तनख्वाह है।

·        परीक्षा मार्च 2020 में होनी थी, लेकिन कोरोना महामारी की वजह से आगे बढ़ गई।

·        बाद में ये परीक्षा दिसंबर 2020 से जुलाई 2021 के बीच हुई।

·        14 जनवरी 2022 को इसका रिजल्ट आया जिसमें 7 लाख 5 हजार 446 छात्र पास हुए।

·        यानी 35 हजार पदों के लिए 20 गुना ज्यादा अभ्यर्थियों ने दूसरे राउंड के लिए क्वालीफाई कर लिया।

·        अब परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों का आरोप है कि ज्यादा क्वालिफिकेशन वाले लोग भी लेवल 2 जॉब के लिए एग्जाम में बैठ रहे हैं।

·        अधिकारियों का कहना है कि ज्यादा क्वालिफिकेशन वालों को कम योग्यता वाली जॉब के एग्जाम में बैठने से नहीं रोका जा सकता।

·        रेलवे का कहना है- 20 गुना ज्यादा अभ्यर्थी पास हुए हैं, लेकिन अभ्यर्थियों का आरोप है कि इसमें उन ग्रेजुएट छात्रों को भी शामिल कर लिया गया है, जिन्होंने अंडर ग्रेजुएट में भी क्वालीफाई किया है।

·        छात्रों का कहना है कि ऐसे तो कभी उनका सलेक्शन नहीं होगा क्योंकि ग्रेजुएट उनसे ज्यादा सक्षम हैं।

·        रेलवे का तर्क है- ऐसा इसलिए किया गया ताकि एक भी पद खाली न रहे।

·        रेलवे ने ये भी कहा कि जब फाइनल रिजल्ट आएगा तो 35 हजार 281 पदों की भर्तियों की लिस्ट होगी। किसी भी उम्मीदवार को एक से ज्यादा पद पर नियुक्त नहीं किया जाएगा।

सरकार की अनदेखी में कैसे बिगड़ता गया माहौल?

·        24 जनवरी को रिजल्ट में धांधली का आरोप लगाते हुए छात्र सड़कों पर उतर आए। क्योंकि इससे पहले रेलवे ने कहा था कि एक छात्र को अलग-अलग एग्ज़ाम में बैठने से रोका नहीं जा सकता।

·        24 जनवरी को ही रेलवे ने GROUP D के एग्ज़ाम को लेकर एक नोटिस जारी कर बताया कि- अब एग्ज़ाम दो चरणों में होगा, जिसके बाद विवाद बढ़ गया।

·        24 जनवरी को ही छात्रों ने सबसे पहले पटना के राजेंद्र नगर रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शन किया। कई ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित होने से छात्र देर रात वहां से हट गए।

·        अगले दिन यानी 25 जनवरी को प्रदर्शन उग्र हो गया, हज़ारों छात्र सड़कों पर उतर आए, जगह-जगह पुलिस और छात्रों के बीच छात्रों ने रेलवे ट्रैक पर धरना दिया।

·        26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस के दिन छात्रों का प्रदर्शन और ज्यादा उग्र हो गया।

·        26 जनवरी के प्रदर्शन में गया रेलवे स्टेशन पर यात्री ट्रेन की तीन बोगियां फूंक दी गई। दूसरी ओर, छात्रों और पुलिस के बीच पत्थरबाज़ी हुई।

·        26 जनवरी के दिन ही शाम तक बिहार पुलिस ने एक मशहूर कोचिंग टीचर, कई कोचिंग मालिकों और अज्ञात छात्रों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया।

·        27 फरवरी को भी छात्रों का प्रदर्शन जारी रहा और जगह-जगह आगजनी की घटनाएं सामने आईं।  

·        छात्रों के प्रदर्शन में राजनीतिकों की एंट्री भी हो गई। सरकार पर निशाना साधने के लिए नेताओं ने छात्रों के साथ बर्बरता के वीडियो ट्वीट करने शुरू कर दिए।

·        28 फरवरी को छात्र संगठनों और विपक्षी पार्टियों ने आपसी सहयोग से बिहार बंद का ऐलान कर दिया।

·        रेलवे अभ्यर्थियों के समर्थन में RJD, कांग्रेस, JAP, CPI, CPM, CPI-ML और VIP के कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए।

·        दरभंगा में RJD कार्यकर्ताओं ने बिहार संपर्क क्रांति को रोक दिया, तो वहीं, भागलपुर और सुपौल में पप्पू यादव की पार्टी JAP के कार्यकर्ताओं ने ट्रेनों को रोका।  

·        नई दिल्ली के रेल भवन के सामने भी SFI यानी स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के सदस्यों ने UP और बिहार पुलिस की बर्बरता पूर्ण कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन किया।

सोशल मीडिया पर भी चलाया अभियान

·        सीबीटी-1 के परिणाम के आधार पर सीबीटी-2 यानी दूसरे चरण की परीक्षा के लिए उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया जाना है।

·        उम्मीदवारों ने आरोप लगाया है कि आरआरबी एनटीपीसी परिणाम में धांधली हुई है।

·        आरआरबी एनटीपीसी सीबीटी-1 के परिणामों से खफा बेरोज़गार उम्मीदवारों ने लगातार सोशल मीडिया पर एनटीपीसी स्कैन, RRB NTPC जैसे हैशटैग के साथ कैंपेन चलाया है।

Group D को लेकर क्या है विवाद?

NTPC के अलावा Group D की परीक्षा को लेकर भी विवाद है। Group D यानी चतुर्थ श्रेणी। इसके जरिए चपरासी, गैंगमैन, ट्रैकमैन जैसे पदों पर भर्ती होनी थी, इसकी परीक्षा भी अब तक हो जानी चाहिए थी। इस परीक्षा के लिए एक ही राउंड का एग्जाम होता है, यानी, परीक्षा में पास हुए तो सीधे नौकरी। NTPC के लिए दो राउंड का एग्जाम होता है, दोनों में क्वालीफाई होने के बाद नौकरी मिलती है।

आरआरबी क्या है? इसकी भूमिका और कामकाज क्या है?

रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) भारत सरकार के रेल मंत्रालय के अधीन कार्य करता है, यह मुख्य रूप से समूह ‘सी’ के कर्मचारियों की भर्ती के लिए उत्तरदायी है। देश भर में 21 आरआरबी हैं प्रत्येक आरआरबी में एक अध्यक्ष, एक सदस्य सचिव और एक सहायक सचिव एवं सहायक अराजपत्रित कर्मचारी होते हैं।

RRB ने उठाए ये कदम

·        यूपी और बिहार में अभ्यर्थियों के उग्र प्रदर्शन के बीच रेलवे ने NTPC CBT- 2 और Group D CBT-1 की परीक्षा को स्थगित करने का फैसला लिया है।

·        एक पांच सदस्यों की कमेटी का गठन किया गया है जो रिजल्ट पर पुनर्विचार करेगी। ये कमेटी 4 मार्च तक अपनी रिपोर्ट देगी, रिजल्ट पर पुनर्विचार होने तक परीक्षाएं स्थगित रहेंगी।

·        उम्मीदवारों को 16 फरवरी तक समय दिया गया है कि वो अपनी आपत्ति कमेटी को rrbcommittee@railnet.gov.in पर मेल कर            दर्ज करा सकते हैं।

प्रयागराज में पुलिस ने छात्रों को क्यों पीटा?

एक ओर बिहार में RRB-NTPC के खिलाफ छात्र प्रदर्शन कर रहे थे तो दूसरी ओर उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में भी छात्र सड़कों पर उतर आएं। यहां पर भी बेरोज़गारी का दंश झेल रहे छात्रों ने बिहार के छात्रों की आवाज़ में आवाज़ मिलाई, और तमाम मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। लेकिन उनका स्वागत लाठियों और डंडों से किया गया। क्या-क्या हुआ प्रयागराज में...

·        25 जनवरी यानी मंगलवार के दिन सलोरी इलाके में तमाम छात्र टीईटी की परीक्षा समेत तमाम मांगो को लेकर सड़कों पर उतरे।

·        छात्रों ने पहले रैली निकाली फिर रेलवे ट्रैक की ओर बढ़ने लगे।

·        छात्रों द्वारा ट्रेन रोकने के प्रयास के कारण पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज कर दी।

·        लाठी चार्ज होने से छात्र तितर-बितर हो गए, लेकिन पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया।

·        पुलिस ने सलोरा, छोटा बघाड़ा, एनिबेंसेट पुलिस चौकी के पास वाले इलाकों में सर्च ऑपरेशन चलाया।

·        पुलिस उपद्रवियों को ढूंढने के बहाने छात्रों के लॉज में घुस गई और उनके कमरों के दरवाज़े तोड़ डाले।

·        पुलिस ने कमरे में घुसकर बिना पूछताछ के छात्रों पर लाठियों से हमला कर दिया, जिसमें कई छात्र बुरी तरह से घायल हो गए।

·        कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने छात्रों के साथ हुई बर्बरता का वीडियो ट्वीट करते हुए कानून व्यवस्था पर हमला किया।

               

प्रयागराज में पुलिस द्वारा छात्रों के लॉज में और हॉस्टलों में जाकर तोड़-फोड़ करना एवं उनको पीटना बेहद निंदनीय है।

प्रशासन इस दमनकारी कार्रवाई पर तुरंत रोक लगाए। युवाओं को रोजगार की बात कहने का पूरा हक है और मैं इस लड़ाई में पूरी तरह से उनके साथ हूं।

pic.twitter.com/jjOxy2iZH2

— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) January 25, 2022

·        छात्रों को अनावश्यक पीटने के मामले में प्रयागराज के एसएसपी ने एक्शन लिया और अभी तक 6 पुलिसकर्मी सस्पेंड किए जा चुके             हैं।

RRB
NTPC
RRB Group D
Railway Recruitment Board
RRB-NTPC student movement

Related Stories

बिजली संकट को लेकर आंदोलनों का दौर शुरू

देश बड़े छात्र-युवा उभार और राष्ट्रीय आंदोलन की ओर बढ़ रहा है

बिहार आरआरबी-एनटीपीसी छात्र आंदोलनः महागठबंधन माले नेता ने कहा- ये सरकार लोकतंत्र विरोधी है

रेलवे भर्ती: अध्यापकों पर FIR, समर्थन में उतरे छात्र!

रेलवे भर्ती मामला: बर्बर पुलिसया हमलों के ख़िलाफ़ देशभर में आंदोलनकारी छात्रों का प्रदर्शन, पुलिस ने कोचिंग संचालकों पर कसा शिकंजा

रेलवे भर्ती मामला: बिहार से लेकर यूपी तक छात्र युवाओं का गुस्सा फूटा, पुलिस ने दिखाई बर्बरता

बिहार : रेलवे परीक्षा परिणाम में धांधली का आरोप लगाते हुए अभ्यर्थियों का दूसरे दिन भी प्रदर्शन

'अच्छे दिन’ नहीं चाहिए, बस ये बता दो कब होगी रेलवे ग्रुप डी की भर्ती परीक्षा?

किसानों के साथ छात्र -युवा भी परेशान, लाखों की संख्या में ट्वीट कर ज़ाहिर की अपनी पीड़ा


बाकी खबरें

  • CAA
    ज़ाकिर अली त्यागी
    CAA हिंसा के 2 साल: मायूसियों के बीच इंसाफ़ की जद्दोजहद करते मृतकों के परिजन!
    20 Dec 2021
    20 दिसंबर 2019 को पूरे देश मे CAA के ख़िलाफ़ प्रदर्शन हुए, उसी प्रदर्शन के दौरान उत्तर प्रदेश में 23 लोगों की जान गई। आज 2 साल बाद मृतकों के परिवारों का क्या हाल है, कैसे जी रहे हैं वो, उनकी न्याय की…
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 6,563 नए मामले, ओमिक्रॉन के मामले बढ़कर 157 हुए
    20 Dec 2021
    देश में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 3 करोड़ 47 लाख 46 हज़ार 838 हो गयी है। देश में ओमिक्रॉन के मामलों की संख्या भी तेजी से बढ़ती जा रही है। ओमिक्रॉन अब तक 12 राज्यों में फैल चुका है।
  • Modi rally
    राज कुमार
    दो टूक: ओमिक्रॉन का ख़तरा लेकिन प्रधानमंत्री रैलियों में व्यस्त
    20 Dec 2021
    जैसे ही विश्व स्वास्थ्य संगठन ने दुनिया को ओमिक्रॉन के ख़तरे से सावधान किया तो प्रधानमंत्री ने भी ट्वीट करके लोगों को शारीरिक दूरी बनाए रखने और मास्क पहनने की सीख दे डाली। लेकिन अगले ही पल विशाल…
  • agri
    डॉ सुखबिलास बर्मा
    कृषि उत्पाद की बिक़्री और एमएसपी की भूमिका
    20 Dec 2021
    भारत सरकार ने 2000 के दशक की शुरुआत में किसानों को सुरक्षा मुहैया कराने के लिए एमएसपी तय करके बाज़ार हस्तक्षेप नीति का पालन किया था। इस तरह,एमएसपी सरकार की परिकल्पित मूल्य नीति का प्रमुख घटक बन गयी।
  • gauhati
    सबरंग इंडिया
    गुवाहाटी HC ने असम में बेदखली का सामना कर रहे 244 परिवारों को अंतरिम सुरक्षा प्रदान की
    20 Dec 2021
    इन परिवारों को 15 नवंबर को बेदखली का नोटिस दिया गया था; उनका कहना है कि उनके भूमिहीन पूर्वजों को राज्य सरकार द्वारा सेटलमेंट के लिए जमीन दी गई थी
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License