NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
सरकार जम्मू कश्मीर को केंद्रीय जेल में क्यों नहीं तब्दील कर देती : तारिगामी
माकपा महासचिव सीताराम येचुरी के साथ तारिगामी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि कश्मीर मे सरकार के दमनकारी रवैये को देखते हुए पूरे राज्य को केंद्रीय जेल में तब्दील क्यों नहीं किया जाए।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
12 Feb 2020
KASHMIR

दिल्ली: वरिष्ठ माकपा नेता और जम्मू कश्मीर विधानसभा के पूर्व सदस्य यूसुफ़ तारिगामी ने कश्मीर के सभी बड़े नेताओं को जेलों में बंद रखने का हवाला देते हुए बुधवार को कहा कि सरकार क्यों नहीं राज्य को केंद्रीय जेल के रूप में अधिसूचित कर देती।   

 
माकपा महासचिव सीताराम येचुरी के साथ तारिगामी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि कश्मीर मे सरकार के दमनकारी रवैये को देखते हुए पूरे राज्य को केंद्रीय जेल में तब्दील क्यों नहीं किया जाए। ऐसा करने से ना तो जनसुरक्षा क़ानून (पीएसए) लगाना पड़ेगा और ना ही अन्य दमनकारी क़ानूनों का सरकार को सहारा लेना पड़ेगा।


इस दौरान येचुरी ने जम्मू कश्मीर गए विदेशी राजनयिकों के प्रतिनिधिमंडल पर सवाल उठाते हुए कहा कि उस तरह की क़वायद का कोई फ़ायदा नहीं है, क्योंकि जम्मू कश्मीर में पिछले साल अगस्त में अनुच्छेद 370 हटने के बाद आज भी हालात नहीं सुधरे हैं। 


तारिगामी ने कश्मीर में देश के बाकी हिस्सों के लिए क्या हो रहा है, इसके निहितार्थ के बारे में बात की और कहा कि कश्मीर एक बड़ी मानवीय त्रासदी है। "यह एक अचल संपत्ति के मुद्दे को कम नहीं किया जा सकता है।"
 
महबूबा मुफ्ती की नजरबंदी के चुनौतीपूर्ण हैं।  तारिगामी ने कहा कि कुछ अपमानजनक टिप्पणियां भी पारित की गईं, जो भाजपा की मानसिकता को उजागर करती हैं और उनके दिवालियापन को दिखाती हैं। 


उन्होंने कहा“लोकतंत्र और राष्ट्रवाद को एक दूसरे के विरोधाभास के रूप में दिखाया गया है। यह सत्य नहीं है। जम्मू और कश्मीर को भी लोकतांत्रिक संरचना का अधिकार है। संविधान के तहत लोगों का अधिकार है ”।
 

Jammu and Kashmir
Article 370
Sitaram yechury

Related Stories

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

कश्मीर में हिंसा का नया दौर, शासकीय नीति की विफलता

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

कश्मीरी पंडितों के लिए पीएम जॉब पैकेज में कोई सुरक्षित आवास, पदोन्नति नहीं 

यासीन मलिक को उम्रक़ैद : कश्मीरियों का अलगाव और बढ़ेगा

आतंकवाद के वित्तपोषण मामले में कश्मीर के अलगाववादी नेता यासीन मलिक को उम्रक़ैद

क्यों अराजकता की ओर बढ़ता नज़र आ रहा है कश्मीर?

कैसे जम्मू-कश्मीर का परिसीमन जम्मू क्षेत्र के लिए फ़ायदे का सौदा है


बाकी खबरें

  • kisan andolan
    राजेंद्र शर्मा
    ओये किसान, तू तो बड़ा चीटिंगबाज़ निकला!
    27 Nov 2021
    कटाक्ष: बेचारे मोदी जी को साल भर, जी हां पूरे साल भर, इसके सब्ज़बाग़ दिखाए कि बस, तीन कानूनों की वापसी की ही बात है। तीन कानून बस। इधर कानून वापस हुए और उधर बार्डर खाली, लेकिन...
  •  Prayagraj murder and rape case
    सोनिया यादव
    यूपी: प्रयागराज हत्या और बलात्कार कांड ने प्रदेश में दलितों-महिलाओं की सुरक्षा पर फिर उठाए सवाल!
    27 Nov 2021
    इस घटना के बाद एक बार विपक्ष खस्ता कानून व्यवस्था को लेकर सरकार पर हमलावर है, तो वहीं सरकार इस मामले में फिलहाल चुप्पी साधे हुए है। हालांकि राज्य में एक के बाद एक घटित हो रही ऐसी घटनाएं सरकार के '…
  • ncrt
    गौरी आनंद
    ट्रांसजेंडर छात्रों के लिए NCERT वेबसाइट पर डाली गई शिक्षक प्रशिक्षण नियमावली को हटाया गया, LGBTQ+ समूहों ने किया विरोध
    27 Nov 2021
    700 से ज़्यादा लोगों द्वारा हस्ताक्षरित पत्र को सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय को भेजा गया।
  • farming
    डॉ. ज्ञान सिंह
    किसानों की बदहाली दूर करने के लिए ढेर सारे जायज कदम उठाने होंगे! 
    27 Nov 2021
    केवल 3 कृषि कानूनों को वापस ले लेने से ही छोटे किसानों, खेतिहर मजदूरों और ग्रामीण कारीगरों की दुर्दशा में सुधार नहीं होने जा रहा है। भारी कर्ज और बेहद गरीबी में जी रहे किसानों की भलाई के लिए ढेर सारे…
  • poverty
    भरत डोगरा
    डेटा: ग़रीबी कम करने में नाकाम उच्च विकास दर
    27 Nov 2021
    सरकार को असमानता को कम करना चाहिए और जीडीपी विकास दर को बढ़ा-चढ़ा कर पेश नहीं करना चाहिए। ग़रीबों को कोने में धकेलते हुए उनकी क़ीमत पर, आय और पूंजी को चंद मुट्ठियों में जमा किया जा रहा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License