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भारत
राजनीति
सरकार जम्मू कश्मीर को केंद्रीय जेल में क्यों नहीं तब्दील कर देती : तारिगामी
माकपा महासचिव सीताराम येचुरी के साथ तारिगामी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि कश्मीर मे सरकार के दमनकारी रवैये को देखते हुए पूरे राज्य को केंद्रीय जेल में तब्दील क्यों नहीं किया जाए।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
12 Feb 2020
KASHMIR

दिल्ली: वरिष्ठ माकपा नेता और जम्मू कश्मीर विधानसभा के पूर्व सदस्य यूसुफ़ तारिगामी ने कश्मीर के सभी बड़े नेताओं को जेलों में बंद रखने का हवाला देते हुए बुधवार को कहा कि सरकार क्यों नहीं राज्य को केंद्रीय जेल के रूप में अधिसूचित कर देती।   

 
माकपा महासचिव सीताराम येचुरी के साथ तारिगामी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि कश्मीर मे सरकार के दमनकारी रवैये को देखते हुए पूरे राज्य को केंद्रीय जेल में तब्दील क्यों नहीं किया जाए। ऐसा करने से ना तो जनसुरक्षा क़ानून (पीएसए) लगाना पड़ेगा और ना ही अन्य दमनकारी क़ानूनों का सरकार को सहारा लेना पड़ेगा।


इस दौरान येचुरी ने जम्मू कश्मीर गए विदेशी राजनयिकों के प्रतिनिधिमंडल पर सवाल उठाते हुए कहा कि उस तरह की क़वायद का कोई फ़ायदा नहीं है, क्योंकि जम्मू कश्मीर में पिछले साल अगस्त में अनुच्छेद 370 हटने के बाद आज भी हालात नहीं सुधरे हैं। 


तारिगामी ने कश्मीर में देश के बाकी हिस्सों के लिए क्या हो रहा है, इसके निहितार्थ के बारे में बात की और कहा कि कश्मीर एक बड़ी मानवीय त्रासदी है। "यह एक अचल संपत्ति के मुद्दे को कम नहीं किया जा सकता है।"
 
महबूबा मुफ्ती की नजरबंदी के चुनौतीपूर्ण हैं।  तारिगामी ने कहा कि कुछ अपमानजनक टिप्पणियां भी पारित की गईं, जो भाजपा की मानसिकता को उजागर करती हैं और उनके दिवालियापन को दिखाती हैं। 


उन्होंने कहा“लोकतंत्र और राष्ट्रवाद को एक दूसरे के विरोधाभास के रूप में दिखाया गया है। यह सत्य नहीं है। जम्मू और कश्मीर को भी लोकतांत्रिक संरचना का अधिकार है। संविधान के तहत लोगों का अधिकार है ”।
 

Jammu and Kashmir
Article 370
Sitaram yechury

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