NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
भड़काऊ बयान देने वाली रागिनी तिवारी पर आख़िर क्यों नहीं हो रही कार्रवाई?
दिल्ली दंगों से पहले ‘मार डालो, काट डालो’ की बात करने वाली रागिनी तिवारी अब किसान आंदोलन खत्म नहीं होने पर दूसरा ज़ाफराबाद बनाने की धमकी दे रही हैं और पुलिस शांत होकर तमाशा देख रही है।
सोनिया यादव
14 Dec 2020
रागिनी तिवारी

“…अगर किसान आंदोलन से सरकार मुक्त नहीं कराती है दिल्ली को, तो फिर से जाफराबाद रागिनी तिवारी बनाएगी। और जो होगा, उसकी जिम्मेदार केंद्र और राज्य सरकार होगी। दिल्ली पुलिस होगी। जय श्री राम।” 

रागिनी तिवारी, इस नाम से शायद सब वाक़िफ़ होंगे। दिल्ली दंगों से पहले ‘मार डालो, काट डालो’ की बात करने वाली रागिनी तिवारी अब किसान आंदोलन को खत्म करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार को चेतावनी दे रही हैं। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में वो कहती नज़र आ रही हैं कि अगर 16 दिसंबर तक सरकार किसान आंदोलन को हटाती नहीं है, तो 17 को फिर ज़ाफराबाद बनेगा।

आपको बता दें कि नागरिकता संशोधन क़ानून सीएए और एनआरसी के विरोध में 22 फरवरी को ज़ाफराबाद मेट्रो स्टेशन के पास लोग जमा थे। इसके बाद दंगा भड़क गया था जिसमें कई लोग मारे गए थे। और अब रागिनी का कहना है कि अगर आंदोलन 16 तक खत्म नहीं हुआ तो जैसे ज़ाफराबाद में स्थिति हुई थी, वही स्थिति वो किसान आंदोलन में करेंगी।

क्या है पूरा मामला?

उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हिंसा भड़काने से ठीक एक दिन पहले 23 फरवरी को खुद को हिंदुत्ववादी नेता बताने वाली रागिनी तिवारी उर्फ जानकी बहन ने एक भड़काऊ वीडियो बनाया था। जिसे कई मीडिया रिपोर्ट्स में हिंसा का चेहरा भी बताया गया था।

मौजपुर से एक फेसबुक लाइव में उन्होंने कहा था,“दिल्ली पुलिस लट्ठ बजाओ, हम तुम्हारे साथ हैं..., जरूरत पड़ी तो हमें बुलाओ, हम तुम्हारे साथ हैं। काट डालो, जो भी है, काट डालो…अब जिसका खून न खौला, खून नहीं वो पानी है।”

This lady ( Ragni Tiwari) doing Facebook live from past 3-4 days with similar provocative slogans .
Hello @DelhiPolice, Her provocative videos are now viral on Facebook and whatsapp. pic.twitter.com/0CZKQfN7xI

— Mohammed Zubair (@zoo_bear) February 27, 2020

एबीपी न्यूज़ की रिपोर्ट  के मुताबिक रागिनी तिवारी ने 24 फरवरी को भी लगातार ज़ाफराबाद का माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। वो लगातार भड़काऊ बातें करती रहीं। लोगों की भीड़ को भड़काती रहीं, सड़क जाम करती रहीं।

बार-बार भड़काया

24 तारीख की सुबह भी रागिनी तिवारी ने फिर से फेसबुक लाइव किया। इसी फेसबुक लाइव में रागिनी तिवारी ने एक बार फिर लोगों को भड़काया और उन्हें घर से बाहर निकलने को कहा।

रागिनी ने कहा,“दिल्ली के लोगों से मैं ये कहना चाहती हूं कि बाहर निकलिए। पहले शाहीन बाग, फिर जाफराबाद, फिर आगे... ये क्या दिखाना चाहते हैं...?.”

कोई कार्रवाई नहीं हुई!

मालूम हो कि इतना सब कहने और करने के बाद भी रागिनी तिवारी अभी तक दिल्ली पुलिस की गिरफ़्त से बाहर हैं। ‘द क्विंट’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, रागिनी तिवारी के वीडियो वायरल होने के बावजूद उनका नाम दिल्ली हिंसा की चार्जशीट में नहीं था।

दिल्ली पुलिस की तरफ से हिंसा मामले में दायर चार्जशीट में जो विस्तृत घटनाक्रम (क्रोनोलॉजी) है, उसमें भी रागिनी का नाम नहीं है। इस क्रोनोलॉजी में पुलिस ने उन भाषणों और घटनाओं का जिक्र किया है, जिनके बाद हिंसा शुरू हुई थी।

लोग रागिनी तिवारी के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं!

अब एक बार फिर रागिनी तिवारी का धमकी भरा वीडियो सामने आने के बाद लोग ट्विटर पर दिल्ली पुलिस को टैग कर रागिनी तिवारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। लोगों का ये भी कहना है कि जब रागिनी तिवारी खुद फेसबुक लाइव के ज़रिए दिल्ली दंगों के दौरान ऐसे भड़काऊ बातें कह रही थी, तो इससे पूछताछ क्यों नहीं हुई और इसे दंगे में आरोपी क्यों नहीं बनाया गया। हालांकि खबर लिखे जाने तक दिल्ली पुलिस की तरफ से कोई जवाब नहीं आया है।

किसान आंदोलन को लेकर क्या कहा रागिनी तिवारी ने?

किसान आंदोलन को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे रागिनी के वीडियो को कई लोगों ने दिल्ली पुलिस और CP दिल्ली को टैग करते हुए शेयर किया है। इसमें रागिनी तिवारी कह रही हैं, “मुझे लोग जानकी तिवारी कहते हैं। किसान आंदोलन जो दिल्ली में हो रहा है... हम गांधी के बंदर नहीं बन सकते, आंख बंदकर के नहीं देख सकते ऐसे साजिश को… मुझे नहीं मतलब है केंद्र सरकार और राज्य सरकार से।”

Ragini Tiwari openly gave call for slaughtering Muslims on FB live from North East Delhi. She was not even interrogated or made an accused.

Now she has given a fresh warning to end farmers' protest otherwise "she will turn it into another Jaffrabaad" 1/2@CPDelhi @DelhiPolice pic.twitter.com/QIQPBfwsvf

— Nabiya Khan | نبیہ خان (@NabiyaKhan11) December 12, 2020

रागिनी यहीं नहीं रुकतीं, वो आगे कहती हैं... मैं गांधी की बंदर महिला नहीं हूं, 16 तारीख तक अगर सरकार किसान आंदोलन को हटाती नहीं है, किसान आंदोलन से निपटती नहीं है, तो 17 को फिर ज़ाफराबाद बनेगा। और रागिनी तिवारी फिर रोड खाली कराएगी और आंदोलन बंद कराएगी और इसकी पूरी जिम्मेदारी केंद्र सरकार और राज्य सरकार की होगी।

गौरतलब है कि रागिनी तिवारी खुद को हिंदुत्व नेता बताती हैं। उनके फेसबुक अकाउंट के मुताबिक वो बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर की रहने वाली हैं। हालांकि उनका दावा है कि वो किसी भी राजनीतिक पार्टी से नहीं जुड़ी हैं, पर कई मीडिया रिपोर्ट्स  की मानें तो, वो खुद दावा करती हैं कि उन्होंने दिल्ली विधानसभा में बीजेपी प्रत्याशी अभय वर्मा के लिए कैम्पेनिंग की थी। इसके अलावा वो पीएम मोदी को भी पसंद करती हैं।

छात्र नेताओं पर कार्रवाई लेकिन राजनेताओं से पूछताछ भी नहीं!

बता दें कि इस साल फरवरी के आखिर में हुए दिल्ली दंगों में पुलिस के अनुसार आधिकारिक तौर पर 53 लोग मारे गए थे। 13 जुलाई को दिल्ली हाईकोर्ट में दायर दिल्ली पुलिस के हलफ़नामे के मुताबिक़, मारे गए लोगों में से 40 मुसलमान और 12 हिंदू थे। जबकि एक व्यक्ति की पहचान नहीं हो पाई थी। इस मामले में पुलिस ने जेएनयू के पूर्व छात्र उमर ख़ालिद और मौजूदा छात्र शरजील इमाम को भड़काऊ भाषण देने के आरोप में गिरफ्तार किया है तो वहीं कई छात्र नेताओं पर एफ़आईआर दर्ज की है जो दिल्ली में सीएए के खिलाफ़ प्रदर्शनों में आगे-आगे दिख रहे थे।

हालांकि इस दौरान सोशल मीडिया और सार्वजनिक तौर पर कई राजनेताओं के बयानों को हिंसा भड़काने के लिए भी जिम्मेदार बताया गया। जिसमें केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, बीजेपी नेता कपिल मिश्रा, परवेश वर्मा समेत कई अन्य के नाम सामने आए लेकिन दिल्ली पुलिस ने अब तक इन पर कोई कार्रवाई नहीं की। ठीक इसी तरह रागिनी तिवारी भी पुलिस कार्रवाई से अब तक बची हुई हैं।

Ragini Tiwari
Hate Speech
Delhi Violence
farmers protest
BJP
RSS
Hindutva
Jai Shri Ram
delhi police
Narendra modi
Amit Shah

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

डिजीपब पत्रकार और फ़ैक्ट चेकर ज़ुबैर के साथ आया, यूपी पुलिस की FIR की निंदा

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट


बाकी खबरें

  • Bihar
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार: खेत व ग्रामीण मज़दूर संगठनों का संयुक्त राज्यस्तरीय कन्वेंशन, केरल की तर्ज पर केंद्रीय क़ानून बनाने की मांग
    30 Dec 2021
    कन्वेंशन में मांगों से संबंधित ज्ञापन मुख्यमंत्री और विधायकों-सांसदों को सौंपने, 1 से 15 जनवरी तक ज़िलों में संयुक्त बैठकें आयोजित करने, 27 जनवरी को ज़िला मुख्यालयों पर संयुक्त प्रदर्शन करने और 23-24…
  •  Suresh Chavhanke
    सोनिया यादव
    हिंदुत्व के नाम पर हो रहे नफ़रती भाषण और कार्यक्रमों पर रोक क्यों नहीं लग रही?
    30 Dec 2021
    हिंदू राष्ट्र के लिए मरने-मारने के कई शपथ ग्रहण कार्यक्रमों के बीच युवा, महिलाएं और बुज़ुर्गों के साथ ही स्कूली बच्चे भी जाने-अनजाने हेट स्पीच का शिकार बन रहे हैं।
  • akhilesh
    गौरव गुलमोहर
    अखिलेश की जनसभाओं में आ रही भीड़ भाजपा के लिए मुश्किल पैदा कर सकती है
    30 Dec 2021
    समाजवादी पार्टी ने आगामी विधानसभा के लिए महान दल, अपना दल (कमेरावादी), राष्ट्रीय लोकदल, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी जैसे दलों से गठबंधन कर कहीं न कहीं सत्तारूढ़ भाजपा के…
  • textile traders
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    जीएसटी दरों में बेतहाशा बढ़ोतरी के विरोध में दिल्ली के कपड़ा व्यापारियों ने की हड़ताल
    30 Dec 2021
    सरकार के फ़ैसले का विरोध कर रहे व्यापारियों का कहना है कि अगर 12% जीएसटी लगा दिया गया तो व्यापारी के पास पूंजी नहीं बचेगी और ना केवल हजारों छोटे छोटे कारख़ाने बंद हो जायेंगे बल्कि टैक्स चोरी भी बढ़ेगी।
  • Danish Siddiqui
    भाषा
    दानिश सिद्दीकी को मरणोपरांत रेडइंक पुरस्कार से नवाजा गया
    30 Dec 2021
    प्रधान न्यायाधीश ने पत्रकार को श्रद्धाजंलि अर्पित करते हुए कहा, '' सिद्दीकी  इस कालखंड के अग्रणी फोटो पत्रकारों में से एक माना जाता था। अगर एक तस्वीर एक हजार शब्दों को बयां कर सकती है, तो उनकी…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License