NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
यति नरसिंहानंद से क्यों डर रही है सरकार? आज भी खुलेआम दे रहा चुनौती
डासना मंदिर का महंत यति नरसिंहानंद हरिद्वार संसद के बाद से अभी तक आज़ाद घूम रहा है और लगातार दूसरे धर्मों पर कीचड़ उछाल रहा है, ऐसे में सवाल है कि अभी तक उन्हें गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया, आखिर सरकार को नरसिंहानंद से क्या डर है?
रवि शंकर दुबे
14 Jan 2022
YATI NARSINGHANAND
हरिद्वार में अनशन पर बैठे यति नरसिंहानंद

हरिद्वार की कथित 'धर्म संसद' में हिंसक बयान देने के मामले में आरोपी यति नरसिंहानंद ने अब विश्वभर के मुसलमानों को हिन्दू बनाने का बीड़ा उठाया है, लेकिन सवाल है कि इन्हें ये इजाज़त दी किसने?  ये कहना ग़लत नहीं है कि मौजूदा सरकार की शह पर ही ये ऐसे कामों को अंजाम देने का दम भर रहे हैं, जिस देश के संविधान में सभी धर्मों को बराबरी का मान गया हो, वहां किसी धर्म के लोगों की तुलना जानवरों से करना एक जघन्य अपराध है। लेकिन ऐसा अपराध करने के बाद भी महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद पर किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।  

यति नरसिंहानंद कहते हैं कि वो विश्वभर के 200 करोड़ मुसलमानों को (गाली देते हुए) मानव बनाएंगे, अब इनसे कोई सवाल करे कि मुसलमान मानव नहीं तो क्या हैं? या फिर अब नरसिंहानंद तय करेंगे कि कौन मानव है कौन नहीं? सही मायने में तो गिरफ्तार कर पहले इन्हें ही मानव बनाया जाना चाहिए। लेकिन गिरफ्तार करे भी तो कौन?  क्योंकि ऐसे लोगों को गिरफ्तार करने वाला प्रशासन ही इन्हें बढ़ावा दे रहा है, मौजूदा सरकार में बैठे मंत्री ही इनकी सभाओं में शामिल होते हैं, इसके बावजूद अगर ये गिरफ्तार कर भी लिए जाते हैं, तो धर्म की दुहाई देकर कुछ ही दिन में रिहा कर दिए जाते हैं।

हरिद्वार में आयोजित हुई धर्म संसद में जिस तरह की भाषा यति नरसिंहानंद के मुख से फूटी थी, उसके खिलाफ अभी तक कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की गई है, जबकि नरसिंहानंद, साध्वी अन्नपूर्णा और वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र नारायण त्यागी के खिलाफ धर्म संसद के बाद कई मुकदमें दर्ज किए जा चुके हैं, जिसमें लंबे वक्त के बाद वसीम रिजवी को गिरफ्तार किया गया, हालांकि नरसिंहानंद अब भी आज़ाद घूम रहे हैं, सिर्फ आज़ाद घूम ही नहीं रहे बल्कि पुलिस की सुरक्षा में हरिद्वार की हर को पौड़ी में अनशन भी कर रहे हैं।

ये अनशन जितेंद्र त्यागी की गिरफ्तारी के खिलाफ है। जिसमें यति नरसिंहानंद के साथ कई हिन्दू नेता भी मौजूद हैं। नरसिंहानंद के सर पर सरकार का कितना ज्यादा हाथ है, इसका अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि वो इस बात को कुबूल कर रहे हैं कि त्यागी से ज्यादा अपराध खुद उन्होंने किए हैं। इसके बावजूद अभी तक वो पुलिस प्रोटेक्शन में अनशन पर बैठे हुए हैं।

अनशन पर बैठकर नरसिंहानंद जिस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं, ऐसे में कई सवाल खड़े होते हैं- कि क्या ये किसी संत की भाषा हो सकती है? जवाब है नहीं। 

उत्तराखंड... जहां भारतीय जनता पार्टी की सरकार है, ऐसी जगह बैठकर यति नरसिंहानंद चेतावनी देते हैं कि उन्हें भी गिरफ्तार किया जाए, लेकिन पुलिस प्रशासन पूरी तरह से नतमस्तक है। दूसरे धर्म के लिए आग उगलने वाले नरसिंहानंद को पुलिस की कार्रवाई भी अब षड्यंत्र नज़र आने लगा है, और देश का एक-एक मुसलमान मानव तस्कर दिखाई देने लगा है।

अपने इस बेशर्मी वाले बयान पर गर्व महसूस करते हुए यति नरसिंहानंद ने ट्वीट किया कि- ‘जितेंद त्यागी जी मेरे भाई हैं, मेरे मित्र हैं।उन्होंने मेरे विश्वास पर सनातन स्वीकार किया है। अगर उनके सम्मान के लिये मैं मिट भी गया तो यह मेरे लिये सम्मान की बात होगी।‘

जितेंद त्यागी जी मेरे भाई हैं, मेरे मित्र हैं।उन्होंने मेरे विश्वास पर सनातन स्वीकार किया है। अगर उनके सम्मान के लिये मैं मिट भी गया तो यह मेरे लिये सम्मान की बात होगी । pic.twitter.com/ZklyKiFmBc

— महामंडलेश्वर स्वामी नरसिंहानन्द गिरी (@Mnarsinghanand) January 14, 2022

आपको बताते चलें कि सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बाद हरकत में आई उत्तराखंड पुलिस ने हरिद्वार में हुई धर्म संसद में कथित हेट स्पीच मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है। कथित भड़काऊ भाषण देने के मामले में हरिद्वार पुलिस ने यूपी शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र नारायण त्यागी को गिरफ़्तार कर लिया है।

पिछले साल 17 से 19 दिसंबर को हरिद्वार के वेद निकेतन आश्रम में धर्मसंसद आयोजित की गई थी,  जिसमें कथित रूप से अल्पसंख्यक समुदाय के प्रति हिंसा के लिए हथियार उठाने का ऐलान किया गया था। इस मामले में उत्तराखंड पुलिस ने FIR दर्ज की थी, लेकिन किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई थी।

बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने हरिद्वार और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हाल में आयोजित हुए कार्यक्रमों में कथित रूप से नफरत फैलाने वाले इन भाषण देने वाले लोगों के खिलाफ जांच और कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश देने का अनुरोध करने वाली याचिका पर केंद्र, दिल्ली पुलिस और उत्तराखंड पुलिस से जवाब मांगा था। 

प्रधान न्यायाधीश एन वी रमण, न्यायमूर्ति सूर्य कांत और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ याचिका पर सुनवाई करने के लिए राजी हो गई और उसने इस पर नोटिस जारी किये। पीठ ने याचिकाकर्ताओं को भविष्य में 'धर्म संसद' के आयोजन के खिलाफ स्थानीय प्राधिकरण को अभिवेदन देने की अनुमति दी।

न्यायालय ने मामले में आगे की सुनवाई को 10 दिन बाद के लिए सूचीबद्ध किया।

शीर्ष अदालत ने पत्रकार कुर्बान अली और पटना उच्च न्यायालय की पूर्व न्यायाधीश एवं वरिष्ठ अधिवक्ता अंजना प्रकाश की याचिका पर प्रतिवादिों को नोटिस जारी किये।

याचिका में मुस्लिम समुदाय के खिलाफ घृणा फैलाने वाले भाषण देने की घटनाओं की एसआईटी (विशेष जांच दल) से ‘‘ स्वतंत्र, विश्वसनीय और निष्पक्ष जांच कराने’’ का निर्देश दिए जाने का अनुरोध किया गया है।

दरअसल धर्म संसद से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे, इसके बाद पुलिस ने धर्म विशेष के खिलाफ भड़काऊ भाषण देकर नफरत फैलाने संबंधी वायरल हो रहे वीडियो का संज्ञान लिया। लेकिन मुकदमा भी दर्ज किया तो नए नए हिन्दू बने वसीम रिज़वी उर्फ जितेंद्र नारायण त्यागी और अन्य के खिलाफ।  कोतवाली हरिद्वार में धारा 153A IPC  के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया था।

गुरुवार को त्यागी के हरिद्वार आने की सूचना पर हरिद्वार पुलिस ने त्यागी के काफिले को नारसन सीमा पर ही रोक लिया और हिरासत में ले लिए गए। कोर्ट में पेश होने के बाद वसीम रिज़वी उर्फ जितेंद्र नारायण त्यागी को 14 दिनों की पुलिस रिमांड में भेज दिया गया है। जिसके बाद से यति नरसिंहानंद अपना आपा खो बैठे हैं।

अमर उजाला के मुताबिक यति नरसिंहानंद के खिलाफ सोशल मीडिया पर धर्म विशेष की महिलाओं के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने के आरोप में एक मुकदमा दर्ज हुआ है, यह मुकदमा लॉ की एक छात्रा ने दर्ज करवाया है। छात्रा का आरोप है कि नरसिंहानंद की टिप्पणी से महिलाओं की भावनाओं को ठेस पहुंचने के साथ ही वह आहत हुई हैं। जिसके बाद IPC की धारा 509 के अनुसार, किसी स्त्री की लज्जा का अनादर करने के आशय से कहे गए शब्दों और धारा 295ए के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

हालांकि उनकी गिरफ्तारी कब होगी और कौन करेगा, यह सवाल अभी भी बना हुआ है। 

Yati Narsinghanand
Yati Narsinghanand Saraswati
dharm sansad
Hate Speech
Narendra modi
Modi Govt

Related Stories

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"

सरकारी एजेंसियाँ सिर्फ विपक्ष पर हमलावर क्यों, मोदी जी?

भाजपा के लिए सिर्फ़ वोट बैंक है मुसलमान?... संसद भेजने से करती है परहेज़


बाकी खबरें

  • राजनीति: यूपी में ऊंट नहीं ‘हाथी’ किस करवट बैठेगा सबको है इंतज़ार!
    असद रिज़वी
    राजनीति: यूपी में ऊंट नहीं ‘हाथी’ किस करवट बैठेगा सबको है इंतज़ार!
    18 Jun 2021
    कहावत तो ऊंट की है कि देखते हैं ऊंट किस करवट बैठेगा, लेकिन यूपी में राजनीति ख़ासकर 2022 के चुनाव की हवा मापने और भांपने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है यह देखना कि आने वाले दिनों में बीएसपी प्रमुख मायावती…
  • ओएफबी
    रौनक छाबड़ा
    ओएफबी के निगमीकरण के ख़िलाफ़ रक्षा महासंघ अनिश्चितकालीन हड़ताल पर विचार-विमर्श कर रहे हैं
    18 Jun 2021
    केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को ऑर्डनेन्स फैक्ट्री बोर्ड को सात नए रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में तब्दील किये जाने की योजना को मंजूरी दे दी है। वहीं कर्मचारियों की ओर से 19 जून को विभिन्न…
  • इस संकट की घड़ी में लोगों की मदद करने के लिए सरकार को ख़र्च बढ़ाना चाहिए
    शिन्ज़नी जैन
    इस संकट की घड़ी में लोगों की मदद करने के लिए सरकार को ख़र्च बढ़ाना चाहिए
    18 Jun 2021
    महामारी आने के पहले से ही भारतीय अर्थव्यवस्था मांग में कमी की समस्या से जूझ रही है, ऐसे में अर्थशास्त्री और वाम आंदोलन लगातार सरकार से मांग बढ़ाने के लिए अपने ख़र्च में वृद्धि करने की अपील कर रहा है।
  • अगला क़दम : अदालतों को यूएपीए का दुरुपयोग करने वाले अधिकारियों को दंडित करना चाहिए
    एजाज़ अशरफ़
    अगला क़दम : अदालतों को यूएपीए का दुरुपयोग करने वाले अधिकारियों को दंडित करना चाहिए
    18 Jun 2021
    दिल्ली उच्च न्यायालय ने पुलिस द्वारा कठोर क़ानूनों को मनमाने ढंग से लागू करने की प्रवृत्ति पर क्यों तंज़ कसा है?
  • कोरोना
    बादल सरोज
    अजब ग़ज़ब मध्यप्रदेश: ज़िंदगी में कभी शुमार नहीं हुये, अब मौत में भी गिनती में नहीं
    18 Jun 2021
    मौतें और उनमें अचानक इतनी ज़्यादा बढ़त सिर्फ़ संख्या के इधर उधर होने या तात्कालिक रूप से झांसा देकर "पॉजिटिविटी अनलिमिटेड" का स्वांग रचाने भर का मामला नहीं है। इसका बची हुई ज़िंदगियों की सलामती के साथ…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License