NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
उन्नाव बलात्कार के दोषी कुलदीप सेंगर की पत्नी को टिकट मिलने का विरोध जायज़ क्यों है?
जब कुलदीप सिंह सेंगर पर बलात्कार का आरोप लगा था और कार्रवाई की चौतरफा मांग उठ रही थी, तब संगीता सेंगर ने नाबालिग पीड़िता के चरित्र हनन की कोशिश की थी,  अपने महिलाविरोधी बयानों से पीड़िता को और प्रताड़ित किया था।
सोनिया यादव
10 Apr 2021
कुलदीप सेंगर और उनकी पत्नी संगीता सेंगर
कुलदीप सेंगर और उनकी पत्नी संगीता सेंगर, फोटो साभार : नेशनल हेरॉल्ड

“कोई लड़की मुंह पर कपड़ा बांध कर कोई बयान दे दे, तो इससे बलात्कार का आरोप साबित नहीं हो जाता।”

ये बयान उन्नाव के बहुचर्चित रेप मामले में दोषी पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर की पत्नी संगीता सेंगर का है। संगीता ने ये बात साल 2018 में तब कही थी, जब उनके पति पर बलात्कार का आरोप लगा था और कार्रवाई की चौतरफा मांग उठ रही थी। इतना ही नहीं संगीता सेंगर ने पीड़िता और उसके परिवार के नार्को टेस्ट कराने तक की मांग की थी। अब इन्हीं संगीता सेंगर को भारतीय जनता पार्टी ने ज़िला पंचायत सदस्य का उम्मीदवार बनाया है। संगीता सेंगर उन्नाव की निवर्तमान ज़िला पंचायत अध्यक्ष हैं और बीजेपी ने एक बार फिर उन्हीं पर भरोसा जताया है।

आपको बता दें कि भारी दबाव और जनविरोध के बीच अगस्त 2019 में बीजेपी ने कुलदीप सेंगर को पार्टी से निकाल दिया और उसके बाद सेंगर की विधान सभा सदस्यता भी समाप्त कर दी गई। 16 दिसंबर 2019 को दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने कुलदीप सिंह सेंगर को रेप और अपहरण के मामले में दोषी करार देते हुए उम्र क़ैद की सज़ा सुनाई थी।

फिलहाल सेंगर जेल में है, लेकिन बीजेपी उसकी जातीयता विरासत और दबदबे को खोना नहीं चाहती, इसलिए संगीता सेंगर जो पिछली बार बिना किसी दल के सपोर्ट के जिला पंचायत अध्यक्ष बनी थीं, इस बार उनका नाम बीजेपी लिस्ट में शामिल है। ये भी दिलचस्प है कि सेंगर के परिवार की राज्य के कुछ ठाकुर राजनीतिक परिवारों से रिश्तेदारियाँ भी हैं जिसके चलते उनके रिश्तेदार दूसरी पार्टियों में भी मौजूद हैं।

क्या है पूरा मामला?

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, बीजेपी ने उन्नाव में जिला पंचायत सदस्य के 51 कैंडिडेट्स की लिस्ट जारी की है, जिसमें उत्तर प्रदेश के बांगरमऊ से 4 बार विधायक रहे कुलदीप सेंगर की पत्नी का भी नाम है। पार्टी ने संगीता को उन्नाव ज़िले के फ़तेहपुर चौरासी तृतीय से ज़िला पंचायत सदस्य का टिकट दिया है। इस टिकट की खबर बाहर आने के बाद राजनीतिक हलकों से लेकर सोशल मीडिया के आम नागरिकों तक बीजेपी सभी के निशाने पर आ गई है।

कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने ट्विटर पर लिखा, “तो क्या हुआ कुलदीप सेंगर रेप के दोषी पाए गए हैं, उनकी विरासत बनी रहनी चाहिए। क्या समर्पण है भाजपा का!”

तो क्या हुआ कुलदीप सेंगर रेप के दोषी पाए गए हैं, उनकी विरासत बनी रहनी चाहिए। क्या समर्पण है भाजपा का! pic.twitter.com/IdhvPrJsm1

— Supriya Shrinate (@SupriyaShrinate) April 9, 2021

आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने बाजेपी पर निशाने साधते हुए बीजेपी को बलात्कारियों की पार्टी बता दिया।

उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, बलात्कारियों की पार्टी भाजपा, हाथरस में भाजपा बलात्कारियों के साथ, उन्नाव में भाजपा बलात्कारी के साथ, कठुआ में भाजपा ने निकाली बलात्कारी के लिए तिरंगा यात्रा। बलात्कार की सजा होने के बाद भी कुलदीप सेंगर की पत्नी बनाई है भाजपा की प्रत्याशी। बेशर्म पार्टी।

बलात्कारियों की पार्टी भाजपा

- हाथरस में भाजपा बलात्कारियों के साथ
- उन्नाव में भाजपा बलात्कारी के साथ
- कठुआ में भाजपा ने निकाली बलात्कारी के लिए तिरंगा यात्रा

बलात्कार की सजा होने के बाद भी कुलदीप सेंगर की पत्नी बनाई है भाजपा की प्रत्याशी। बेशर्म पार्टी। pic.twitter.com/wTwOOeIHNQ

— Saurabh Bharadwaj (@Saurabh_MLAgk) April 9, 2021

राष्ट्रीय लोक दल के नेता और पूर्व सांसद जयंत चौधरी ने बीजेपी के दोहरे रवैए की ओर इशारा करते हुए कथनी करनी की बात को सामने रखा।

Party with a difference....? pic.twitter.com/0b1CRQYfeo

— Jayant Chaudhary (@jayantrld) April 9, 2021

एक नूर नाम की यूजर ने लिखा, “पति का चमत्कार पर चमत्कार.! बलात्कारी कुलदीप सेंगर की पत्नी को बीजेपी ने दिया चुनाव लड़ने का टिकट। यूपी महिला सशक्तिकरण का धर्म निभाती बीजेपी पार्टी!!”

पति का चमत्कार पर चमत्कार.!
बलात्कारी कुलदीप सेंगर की पत्नी को बीजेपी ने दिया चुनाव लड़ने का टिकट।
यूपी महिला सशक्तिकरण का धर्म निभाती बीजेपी पार्टी!!

— Noor ( نور ) (@ProfNoor_) April 9, 2021

एक अन्य यूजर ने कहा, “राम राज्य वाले यूपी में धर्मरक्षक, संस्कारवान, हिन्दू हितरक्षक और परिवारवाद से मुक्त पार्टी बीजेपी ने पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर (वही कुलदीप सेंगर जो चर्चित माखी रेपकांड के आरोपी है) की पत्नी संगीता सेंगर को उन्नाव की फतेहपुर चौरासी तृतीय से जिला पंचायत सदस्य का उम्मीदवार बनाया है।”

राम राज्य वाले यूपी में धर्मरक्षक,संस्कारवान,हिन्दू हितरक्षक और परिवारवाद से मुक्त पार्टी bjp ने पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर (वही कुलदीप सेंगर जो चर्चित माखी रेपकांड के आरोपी है)
की पत्नी संगीता सेंगर को उन्नाव की फतेहपुर चौरासी तृतीय से जिला पंचायत सदस्य का उम्मीदवार बनाया है pic.twitter.com/5917vmaZuZ

— ?अजीत? (@ajeetstweet1) April 9, 2021

कुलदीप सेंगर की पत्नी को टिकट दिए जाने की घोषणा के बाद समाजवादी पार्टी ने भी बीजेपी पर हमला बोला है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. आशुतोष वर्मा ने कहा, "बीजेपी पिछले रास्ते से अपराधियों को बढ़ावा देना चाहती है। सेंगर की पत्नी पहले भी जिला पंचायत अध्यक्ष रहीं है। उन पर एक्शन लेने के बजाय उन्हें टिकट देकर प्रोत्साहित किया गया है। बीजेपी महिलाओं का सम्मान नहीं करती है। बल्कि वह जातिवाद को बढ़ावा दे रही है। कुलदीप सेंगर का इतिहास देखें तो पता चलेगा कि बीजेपी की कथनी और करनी में अंतर है। यह पूरी तरह से मैनेंजमेंट की सरकार है।"

संगीता सेंगर का विरोध जायज़ क्यों है?

मालूम हो कि संगीता सेंगर 2016 में उन्नाव जिले से जिला पंचायत अध्यक्ष बनी थीं। उस समय पंचायत चुनाव राजनीतिक पार्टी के चिह्न पर नहीं लड़े जाते थे, लेकिन इस बार भाजपा सहित राजनीतिक दलों ने अपने उम्मीदवारों के नाम आधिकारिक तौर पर ऐलान करने का फैसला किया ताकि जमीनी स्तर पर समर्थन में किसी तरह का भ्रम या संदेह नहीं हो।

हालांकि संगीता सेंगर का विरोध सिर्फ इसलिए जायज़ नहीं है कि वो बलात्कार के दोषी कुलदीप सेंगर की पत्नी हैं, बल्कि संगीता का विरोध इस लिहाज़ से जायज नज़र आता है कि उन्होंने एक औरत होकर दूसरी औरत के खिलाफ भद्दी टिप्पणियां की, नाबालिग पीड़िता के चरित्र हनन की कोशिश की, महिलाविरोधी बयानों से पीड़िता को और प्रताड़ित किया। एक गरिमामयी पद पर होते हुए एक बलात्कारी का साथ दिया। साथ ही रेप जैसे संगीन अपराध को राजनीति करार देते हुए पीड़िता को ही कठघरे में खड़ा कर दिया था।

कुलदीप सेंगर की दबंगई और राजनितिक प्रभाव

गौरतलब है कि कुलदीप सेंगर 2002 में बहुजन समाज पार्टी से विधायक बने थे, फिर 2007 और 2012 में समाजवादी पार्टी के विधायक रहे और 2017 में ठीक चुनाव से पहले बीजेपी में जमा हुए नेताओं की कतार में आ गए। बीते 17 साल से विधायकी और 50 साल से परिवार की पंचायती और प्रधानी ने कुलदीप सिंह सेंगर को वो दबंगई तो दी ही है जिसकी वजह से बलात्कार के आरोपों के बीच भी कभी सेंगर के चेहरे पर ज़रा सी भी शर्मिंदगी नहीं नज़र आई। वो कभी मुख्यमंत्री सचिवालय में खिलखिलाते नज़र आते तो कभी लखनऊ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के आवास के बाहर कहते नज़र आए कि आरोप ही लगा है, भगोड़ा तो नहीं हूं।

ये सेंगर का राजनितिक प्रभाव ही था कि बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ की नीति को आगे बढ़ाने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी भारतीय जनता पार्टी की छवि को कुलदीप सिंह सेंगर की वजह से पूरे देश में नुकसान तो हुआ लेकिन बावजूद इसके खुले तौर पर पार्टी के विधायक, सांसद और नेता सेंगर का समर्थन ही करते रहे। उन्नाव से सांसद चुने जाने के बाद साक्षी महाराज जेल में सेंगर से मिलकर धन्यवाद देना नहीं भूले।

मालूम हो कि सेंगर ठाकुर जाति से आते हैं और मौजूदा समय में राजपूत या ठाकुरों का तबका भारतीय जनता पार्टी का सबसे बड़ा समर्थक वर्ग भी है, संभवतः इसलिए भी पार्टी एक दबंग ठाकुर परिवार को अनदेखा कर अपने समर्थक वर्ग को थोड़ा भी नाराज़ करने का जोखिम नहीं उठाना चाहती है।

UttarPradesh
Kuldeep Singh Sengar
Sangeeta Senger
Yogi Adityanath
BJP
Unnao Rape Case
UP Panchayat Elections 2021
unnao
Fatehpur Chaorasi
UP POLITICS

Related Stories

बदायूं : मुस्लिम युवक के टॉर्चर को लेकर यूपी पुलिस पर फिर उठे सवाल

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !


बाकी खबरें

  • bihar
    अनिल अंशुमन
    बिहार शेल्टर होम कांड-2’: मामले को रफ़ा-दफ़ा करता प्रशासन, हाईकोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान
    05 Feb 2022
    गत 1 फ़रवरी को सोशल मीडिया में वायरल हुए एक वीडियो ने बिहार की राजनीति में खलबली मचाई हुई है, इस वीडियो पर हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान ले लिया है। इस वीडियो में एक पीड़िता शेल्टर होम में होने वाली…
  • up elections
    रवि शंकर दुबे
    सत्ता में आते ही पाक साफ हो गए सीएम और डिप्टी सीएम, राजनीतिक दलों में ‘धन कुबेरों’ का बोलबाला
    05 Feb 2022
    राजनीतिक दल और नेता अपने वादे के मुताबिक भले ही जनता की गरीबी खत्म न कर सके हों लेकिन अपनी जेबें खूब भरी हैं, इसके अलावा किसानों के मुकदमे हटे हो न हटे हों लेकिन अपना रिकॉर्ड पूरी तरह से साफ कर लिया…
  • beijing
    चार्ल्स जू
    2022 बीजिंग शीतकालीन ओलंपिक के ‘राजनयिक बहिष्कार’ के पीछे का पाखंड
    05 Feb 2022
    राजनीति को खेलों से ऊपर रखने के लिए वो कौन सा मानवाधिकार का मुद्दा है जो काफ़ी अहम है? दशकों से अमेरिका और उसके यूरोपीय सहयोगियों ने अपनी सुविधा के मुताबिक इसका उत्तर तय किया है।
  • karnataka
    सोनिया यादव
    कर्नाटक: हिजाब पहना तो नहीं मिलेगी शिक्षा, कितना सही कितना गलत?
    05 Feb 2022
    हमारे देश में शिक्षा एक मौलिक अधिकार है, फिर भी लड़कियां बड़ी मेहनत और मुश्किलों से शिक्षा की दहलीज़ तक पहुंचती हैं। ऐसे में पहनावे के चलते लड़कियों को शिक्षा से दूर रखना बिल्कुल भी जायज नहीं है।
  • Hindutva
    सुभाष गाताडे
    एक काल्पनिक अतीत के लिए हिंदुत्व की अंतहीन खोज
    05 Feb 2022
    केंद्र सरकार आरएसएस के संस्थापक केबी हेडगेवार को समर्पित करने के लिए  सत्याग्रह पर एक संग्रहालय की योजना बना रही है। इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश करने के उसके ऐसे प्रयासों का देश के लोगों को विरोध…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License