NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
शिक्षा
भारत
राजनीति
शिक्षा के 'केरल मॉडल' को दूसरे राज्यों को भी क्यों फॉलो करना चाहिए?
केरल देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जिसके सभी सरकारी स्कूलों में हाइटेक क्लासरूम हैं।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
13 Oct 2020
शिक्षा
प्रतीकात्मक तस्वीर। साभार : Tolivelugu

केरल देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जिसके सभी सरकारी स्कूलों में हाइटेक क्लासरूम हैं। राज्य के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने सोमवार को यह जानकारी दी है। सरकार ने दावा किया है कि राज्य के सभी 16 हजार सेकेंडरी और प्राइमरी स्कूलों में हाई टेक क्लासरूम और लैब बनाया गया है। स्कूलों के पूरी तरह से डिजिटल करने पर सरकार ने 595 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा, 'यह हमारे राज्य की उपलब्धि है जिसका लाभ अगली पीढ़ी को मिलेगा। पिछले पांच वर्षों में पांच लाख छात्र सरकारी स्कूलों में आए। सार्वजनिक शिक्षा प्रणाली के प्रति लोगों के रुझान में बदलाव आया है। हमारा लक्ष्य स्कूलों को अकादमिक एवं अन्य क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय मानकों को अनुरूप बनाना है। गांव के स्कूलों में भी दुनिया के दूसरे हिस्सों के मानक होने चाहिए। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सभी को दी जानी चाहिए।'

सरकार के मुताबिक, उसने सरकारी शिक्षा कायाकल्प मिशन के तहत यह काम किया है जिसका उद्देश्य सभी कक्षाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाना और हाई टेक प्रयोगशाला बनाना है।

क्या है इतंजाम

मिशन के तहत आठवीं से लेकर 12वीं कक्षा तक की कुल 42 हजार कक्षाओं को लैपटॉप, प्रोजेक्टर और स्क्रीन से सुसज्जित किया गया है और स्कूलों में स्टूडियो बनाए गए हैं।

आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया कि यह सुनिश्चित किया गया है कि सभी निचले प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में कम से कम एक स्मार्ट क्लास रूम हो, जिसमें कंप्यूटर लैब हो।

राज्य के सभी 16,030 पब्लिक स्कूल अब 3,74,274 आईटी उपकरणों से लैस हैं, जिनमें 1,19,055 लैपटॉप, 69,944 मल्टीमीडिया प्रोजेक्टर, 23,098 प्रोजेक्टर स्क्रीन, 4,545 एलईडी टीवी, 4,578 डीएसएलआर कैमरा, 4,778 फुल एचडी वेबकैम और 4,611 मल्टी-फंक्शन प्रिंटर शामिल हैं। इसके साथ ही 12,678 स्कूलों को उच्च गति वाले ब्रॉडबैंड इंटरनेट कनेक्टिविटी से जोड़ा गया है।

मुख्यमंत्री विजयन ने कहा कि उपकरण में पांच साल की व्यापक वारंटी और बीमा है और शिकायतों को दूर करने के लिए एक वेब-पोर्टल और कॉल सेंटर भी काम कर रहा है।

जनता भी रही भागीदार

सरकार के अनुसार इस प्रोजेक्ट पर पहले 793.5 करोड़ रुपये का खर्चा अनुमानित था लेकिन स्थानीय निकायों और समाज के हर क्षेत्र के लोगों की मदद से इसे 595 करोड़ में ही पूरा किया गया है। जनता की तरफ से इस योजना के लिए 1,365 करोड़ रुपये मिले। इसके अलावा केरल इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी फॉर एजुकेशन ने लैपटॉप में फ्री सॉफ्टवेयर डलवाकर कम से कम 3 हजार करोड़ रुपये की बचत की।

मुख्यमंत्री ने भी इसका श्रेय जनता को दिया है। उन्होंने कहा कि यह काफी हद तक लोगों के प्रतिनिधियों, स्थानीय निजी संस्थानों, माता-पिता-शिक्षक संघों, पूर्व छात्रों और व्यक्तियों के प्रयासों के साथ संभव हुआ है। उन्होंने यह भी बताया कि कम से कम 1,83,440 शिक्षकों को डिजिटलीकरण मिशन को लागू करने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया था। लोक शिक्षा कायाकल्प मिशन स्कूलों को उत्कृष्टता के केंद्र में बदलना था।

गौरतलब है कि इस साल मार्च से ही कोरोना वायरस के चलते लगाए गए लॉकडाउन ने स्कूल-कॉलेजों को ठप कर दिया है। बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह से इंटरनेट यानी ऑनलाइन माध्यम पर निर्भर हो गयी है। बड़े-बड़े शहरों के प्राइवेट स्कूलों ने कुछ ही समय में ऑनलाइन क्लॉस लगाने का इंतजाम कर लिया लेकिन देश के सरकारी स्कूलों की हालत अब भी बदतर बनी हुई है। ऐसे में देश के दूसरे राज्यों के लिए केरल एक प्रेरणास्रोत की तरह है। आपको यह भी बता दें कि लॉकडाउन के बाद से ही केरल सरकार ने जिस तरह से ऑनलाइन शिक्षा शुरू की है, उसकी हर तरफ तारीफ हुई थी।

समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ  

Kerala
Kerala education
kerala model
kerala School Model
Hitech Classroom
Hitech classrooms in Government schools
Pinarayi Vijayan
Government schools

Related Stories

उत्तराखंड : ज़रूरी सुविधाओं के अभाव में बंद होते सरकारी स्कूल, RTE क़ानून की आड़ में निजी स्कूलों का बढ़ता कारोबार 

सरकार ने बताया, 38 हजार स्कूलों में शौचालयों की सुविधा नहीं

वायु प्रदूषण: दिल्ली में स्कूल, कॉलेज, सरकारी कार्यालय 29 नवंबर से फिर खुलेंगे

बिहार के बाद बंगाल के स्कूली बच्चों में सबसे ज़्यादा डिजिटल विभाजन : एएसईआर सर्वे

स्कूल तोड़कर बीच से निकाल दी गई फोर लेन सड़क, ग्रामीणों ने शुरू किया ‘सड़क पर स्कूल’ अभियान

ऑनलाइन कक्षाओं के लिए नए डिजिटल ऐप का होगा इस्तेमाल: केरल मंत्री

कोविड-19: बिहार में जिन छात्रों के पास स्मार्ट फोन और इंटरनेट नहीं, वे ऑनलाइन कक्षाओं से वंचित

वॉल मैगजीन कैम्पेन: दीवारों पर अभिव्यक्ति के सहारे कोरोना से आई दूरियां पाट रहे बाल-पत्रकार 

केरल: नौ महीनों बाद फिर से खुले स्कूल

भारत का एजुकेशन सेक्टर, बिल गेट्स की निराशा और सिंगापुर का सबक़


बाकी खबरें

  • Nishads
    अब्दुल अलीम जाफ़री
    यूपी चुनाव: आजीविका के संकट के बीच, निषाद इस बार किस पार्टी पर भरोसा जताएंगे?
    07 Mar 2022
    निषाद समुदाय का कहना है कि उनके लोगों को अब मछली पकड़ने और रेत खनन के ठेके नहीं दिए जा रहे हैं, जिसके चलते उनकी पारंपरिक आजीविका के लिए एक बड़ा खतरा उत्पन्न हो गया है।
  • Nitish Kumar
    शशि शेखर
    मणिपुर के बहाने: आख़िर नीतीश कुमार की पॉलिटिक्स क्या है...
    07 Mar 2022
    यूपी के संभावित परिणाम और मणिपुर में गठबंधन तोड़ कर चुनावी मैदान में हुई लड़ाई को एक साथ मिला दे तो बहुत हद तक इस बात के संकेत मिलते है कि नीतीश कुमार एक बार फिर अपने निर्णय से लोगों को चौंका सकते हैं।
  • Sonbhadra District
    तारिक अनवर
    यूपी चुनाव: सोनभद्र के गांवों में घातक मलेरिया से 40 से ज़्यादा लोगों की मौत, मगर यहां के चुनाव में स्वास्थ्य सेवा कोई मुद्दा नहीं
    07 Mar 2022
    हाल ही में हुई इन मौतों और बेबसी की यह गाथा भी सरकार की अंतरात्मा को नहीं झकझोर पा रही है।
  • Russia Ukraine war
    एपी/भाषा
    रूस-यूक्रेन अपडेट: जेलेंस्की ने कहा रूस पर लगे प्रतिबंध पर्याप्त नहीं, पुतिन बोले रूस की मांगें पूरी होने तक मिलट्री ऑपरेशन जारी रहेगा
    07 Mar 2022
    एक तरफ रूस पर कड़े होते प्रतिबंधों के बीच नेटफ्लिक्स और अमेरिकन एक्सप्रेस ने रूस-बेलारूस में अपनी सेवाएं निलंबित कीं। दूसरी तरफ यूरोपीय संघ (ईयू) के नेता चार्ल्स मिशेल ने कहा कि यूक्रेन के हवाई…
  • International Women's Day
    नाइश हसन
    जंग और महिला दिवस : कुछ और कंफ़र्ट वुमेन सुनाएंगी अपनी दास्तान...
    07 Mar 2022
    जब भी जंग लड़ी जाती है हमेशा दो जंगें एक साथ लड़ी जाती है, एक किसी मुल्क की सरहद पर और दूसरी औरत की छाती पर। दोनो ही जंगें अपने गहरे निशान छोड़ जाती हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License