NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
उत्पीड़न
भारत
राजनीति
भूषण कुमार पर लगा रेप का आरोप मीटू की याद क्यों दिलाता है?
भूषण कुमार पर काम देने के बहाने साल 2017 से 2020 तक एक महिला के साथ यौन शोषण करने आरोप लगा है। इससे पहले साल 2018 में हैशटैग मीटू मूवमेंट के दौरान भी भूषण कुमार पर यौन शोषण के आरोप लगे थे।
सोनिया यादव
17 Jul 2021
भूषण कुमार

गुलशन कुमार के बेटे और टी-सीरीज़ के मैनेजिंग डायरेक्टर भूषण कुमार एक बार फिर सुर्खियों में हैं। वजह उन पर लगा दुष्कर्म का आरोप है, जिसकी शिकायत एक 30 वर्षीय महिला ने मुंबई के दादर नगर पुलिस स्टेशन में दर्ज करवाई है। महिला ने इल्ज़ाम लगाया है कि भूषण काम देने के बहाने लंबे वक़्त से उसके साथ दुष्कर्म कर रहे थे। हालांकि भूषण कुमार की कंपनी टी-सीरीज़ की ओर से जारी बयान में इन आरोपों को बेबुनियाद बताया गया है लेकिन इस खबर ने एक बार फिर मीटू कैंपेन की यादें ताज़ा कर दी हैं।

आपको बता दें कि साल 2018 में हैशटैग मीटू मूवमेंट के दौरान भी भूषण कुमार पर यौन शोषण के आरोप लगे थे। तब सोशल मीडिया के माध्यम से पीड़िता ने अपनी आपबीती सुनाई थी, जिसे भूषण ने साफ नकार दिया था। मामला कुछ दिनों बाद ही ठंडे बस्ते में भी चला गया था लेकिन अब जब दोबारा भूषण कुमार पर आरोप लगा है तो सोशल मीडिया पर उनके पुराने मामले ने भी तूल पकड़ लिया है।

क्या है पूरा मामला?

शुक्रवार, 16 जुलाई को देश की लीडिंग म्यूजिक कम प्रोडक्शन कंपनी टी-सीरीज़ अचानक मीडिया की खबरों में छा गई। देखते ही देखते मुंबई पुलिस के सूत्रों के हवाले से ये खबर सामने आई कि टी सीरीज़ के मैनेजिंग डायरेक्टर भूषण कुमार के खिलाफ़ आईपीसी की धारा 376 के तहत एक तीस वर्षीय महिला को अपनी कंपनी में काम का झांसा देकर बलात्कार करने का मामला मुंबई के डीएन पुलिस स्टेशन में दर्ज कराया गया है। हालांकि अभी तक कोई गिरफ़्तारी नहीं हुई है।

Mumbai | Case registered u/s 376 IPC against Bhushan Kumar, managing director, T-Series, at DN Nagar Police station on allegations of rape with a 30-year-old woman on the pretext of engaging her for a project at the company. Probe underway, no arrests made till now: Police

— ANI (@ANI) July 16, 2021

महिला का कहना है कि भूषण ने उसे अपने प्रोजेक्ट में काम देने का लालच देकर उसके साथ 2017 से लेकर 2020 तक कई बार अलग-अलग जगहों पर बलात्कार किया। महिला के मुताबिक़ भूषण कुमार द्वारा उसका बलात्कार करने के बाद उसकी तस्वीरों और वीडियो को वायरल करने की धमकी भी दी गई।

इस मामले में पुलिस ने भूषण कुमार के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 (दुष्कर्म), 420 (धोखाधड़ी) और 506 (धमकी) के तहत केस दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि भूषण कुमार अभी मुंबई से बाहर हैं, इसलिए फिलहाल उनसे पूछताछ संभव नहीं हो पाएगी।

भूषण कुमार की कंपनी टी-सीरीज़ का क्या कहना है?

टी-सीरीज़ की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि भूषण कुमार के खिलाफ़ दर्ज हुई कंप्लेंट एकदम झूठी और बेबुनियाद है। भूषण कुमार पर काम देने के बहाने 2017 से 2020 तक इन महिला के साथ यौन शोषण करने का जो आरोप है, वो सरासर गलत है। ये रिकॉर्ड में है कि ये महिला पहले ही टी-सीरीज़ के बैनर तले बनी फ़िल्मों और म्यूजिक वीडियोज़ में काम कर चुकी हैं।

बयान के मुताबिक, “मार्च 2021 के करीब ये महिला भूषण कुमार के पास वेब सीरीज़ के लिए फंड मांगने आईं थीं जिसे वे प्रड्यूस कर रहीं थीं। हमारी ओर से नम्रता से उन्हें मना कर दिया गया था। जिसके बाद जून 2021 में लॉकडाउन खुलने के बाद वो अपने एक साथी के साथ टी-सीरीज़ के ऑफिस आकर जबरन एक बड़ी रकम की मांग करने लगीं। जिसके फलस्वरूप टी-सीरीज़ की तरफ़ से मुंबई के अम्बोली पुलिस स्टेशन में 1 जुलाई 2021 को इन महिला और इनके साथी के खिलाफ़ जबरन वसूली करने की शिकायत दर्ज कराई गई।

कंपनी ने आगे कहा, “हमारे पास सबूत के रूप में इनकी जबरन वसूली की मांग करने के वक़्त की ऑडियो रिकॉर्डिंग मौजूद है। जिसे हम इस केस की छानबीन कर रही एजेंसी को भी मुहैया करवा देंगे। जो इस वक़्त उन्होंने शिकायत दर्ज कराई है वो और कुछ नहीं, सिर्फ उनके और उनके साथी के खिलाफ़ की गई कंप्लेंट का बदला लेने की कोशिश मात्र है। हम अपनी लीगल टीम के साथ इस मामले पर चर्चा कर रहे हैं। जल्द से जल्द इनके खिलाफ़ हम लीगल एक्शन लेंगे”।

मीटू में भी लगे आरोप

गौरतलब है कि इससे पहले भी भूषण कुमार पर यौन शोषण के आरोप लग चुके हैं। 2018 में ट्विटर पर एक एनॉनिमस अकाउंट से एक अभिनेत्री ने बताया था कि भूषण कुमार ने उन्हें फ़िल्म से निकलवा दिया था क्यूंकि उन्होंने भूषण के साथ संबंध बनाने से इनकार कर दिया था।

महिला के मुताबिक़ भूषण ने उन्हें तीन फ़िल्मों का ऑफर दिया था। भूषण ने उनसे कहा था कि उनके अंदर बहुत पोटेंशियल है और अगर वो ‘वर्क एंड प्लेजर’ को समझती हैं तो उनके वर्सोवा वाले फार्महाउस पर आ जाएं। महिला के मुताबिक़ भूषण उन्हें अगला सुपरस्टार बनाने की बात कहते थे।

This is my #metoo about #tseries head honcho #bhushankumar. @MasalaBai @spotboye @mumbaimirror
I have to use a pseudonym for my own safety and anonymity pic.twitter.com/vkzoiZxkpS

— #YouTooBollywood (@YouTooBollywood) October 12, 2018

इस ट्वीट के वायरल होने के बात भूषण कुमार ने सफाई में कहा था कि ट्वीट में लिखी गई बात और उन पर लगा मीटू का आरोप एकदम बेबुनियाद है और सिर्फ उनकी छवि को धूमिल करने की साजिश के तहत ऐसा किया जा रहा है। अब एक बार फ़िर भूषण आरोपों के घेरे में हैं, ऐसे में देखना होगा कि इस बार ये मामला कहां तक जाता है।

मीटू आंदोलन और हाई प्रोफाइल लोगों की खुलती पोल

वैसे मीटू आंदोलन ने बड़े-बड़े हाई प्रोफाइल लोगों की पोल खोली। कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के ख़िलाफ़ बॉलीवुड से शुरू हुआ यह अभियान धीरे-धीरे मीडिया, कला, कॉमेडी, टीवी, राजनीति और दूसरे प्रोफेशनल क्षेत्र में आग की तरह फैल गया। महिलाएं अपने साथ हुए दुर्व्यवहार पर खुल कर बोलने लगीं। ताक़त की आड़ में दबा दी जाने वाली आवाज़ को सोशल मीडिया के #MeToo अभियान ने बुलंदी दी।

बॉलीवुड में तनुश्री दत्ता के पहले भी कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के मामले और आपबीती सोशल मीडिया पर शेयर की जाती रही हैं, पर उसका कोई व्यापक असर नहीं दिखा। नाना पाटेकर पर आरोप लगने के बाद देश में यह एक अभियान के रूप में शुरू हुआ। इसके बाद फ़िल्म और टीवी इंडस्ट्री की तमाम महिलाओं ने बड़े-बड़े दिग्गज कलाकारों का नाम लेकर उन पर उत्पीड़न का आरोप लगाया।

इसके दायरे में विकास बहल, सुभाष घई, साजिद खान, आलोक नाथ, विवेक अग्निहोत्री, उत्सव चक्रवर्ती, कैलाश खेर अभिजीत भट्टाचार्या, वरुण ग्रोवर, चेतन भगत जैसी फ़िल्मी हस्तियां आईं। आरोप संगीतकार और रियलिटी शो के जज अनु मलिक पर भी लगे और उन्हें इंडियन आइडल शो के जज पद से हटना पड़ा ।

ज्यादातर मामले ठंडे बस्ते में

सिनेमा के बाद यह अभियान पत्रकारिता क्षेत्र में पहुंचा, जहां एम जे अकबर, विनोद दुआ जैसे पत्रकार और पूर्व पत्रकारों पर आरोप लगे। कई संस्थानों ने अपने सहकर्मियों के ख़िलाफ़ जांच की बात कही। कई पत्रकारिता संस्थानों ने अपने कर्मचारियों के ख़िलाफ़ ही ख़बर चलाई। कईयों को नौकरी तक गंवानी पड़ी। हालांकि बावजूद इसके बड़े लोगों पर कुछ समय बाद इसका कोई खास असर नहीं दिखा। ज्यादातर मामले या तो ठंडे बस्ते में डाल दिए गए या भुला दिए गए।

Bhushan Kumar
MeToo
crimes against women
violence against women
women exploitation
T-Series
bollywood

Related Stories

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

यूपी : महिलाओं के ख़िलाफ़ बढ़ती हिंसा के विरोध में एकजुट हुए महिला संगठन

बिहार: आख़िर कब बंद होगा औरतों की अस्मिता की क़ीमत लगाने का सिलसिला?

बिहार: 8 साल की मासूम के साथ बलात्कार और हत्या, फिर उठे ‘सुशासन’ पर सवाल

मध्य प्रदेश : मर्दों के झुंड ने खुलेआम आदिवासी लड़कियों के साथ की बदतमीज़ी, क़ानून व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

बिहार: मुज़फ़्फ़रपुर कांड से लेकर गायघाट शेल्टर होम तक दिखती सिस्टम की 'लापरवाही'

यूपी: बुलंदशहर मामले में फिर पुलिस पर उठे सवाल, मामला दबाने का लगा आरोप!

दिल्ली गैंगरेप: निर्भया कांड के 9 साल बाद भी नहीं बदली राजधानी में महिला सुरक्षा की तस्वीर

असम: बलात्कार आरोपी पद्म पुरस्कार विजेता की प्रतिष्ठा किसी के सम्मान से ऊपर नहीं


बाकी खबरें

  • बिहार में ज़हरीली हवा से बढ़ी चिंता, पटना का AQI 366 पहुंचा
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार में ज़हरीली हवा से बढ़ी चिंता, पटना का AQI 366 पहुंचा
    24 Nov 2021
    सोमवार को बिहार के कटिहार का एयर क्वालिटी इंडेक्स 386 था जबकि पूर्णिया का 384, वहीं सिवान का 381, जबकि दरभंगा का 369 दर्ज किया गया था।
  • Communalism
    बी सिवरामन
    सांप्रदायिक घटनाओं में हालिया उछाल के पीछे कौन?
    24 Nov 2021
    क्या भाजपा शासित पांच राज्यों में तीन महीने की छोटी अवधि के भीतर असंबद्ध मुद्दों पर अचानक सांप्रदायिक उछाल महज एक संयोग है या उनके पीछे कोई साजिश थी?
  • अमेय तिरोदकर
    क़रीब दिख रही किसानों को अपनी जीत, जारी है 28 नवंबर को महाराष्ट्र महापंचायत की तैयारी
    24 Nov 2021
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विवादित कृषि कानूनों को वापस लिए जाने की घोषणा के बावजूद, किसानों अपना प्रदर्शन जारी रखने के लिए दृढ़ निश्चय कर चुके हैं। शाहपुर के दत्तात्रेय शंकर महात्र
  •  "Ceasefire announced by the government, our struggle will continue
    ओंकार सिंह
    “संघर्ष विराम की घोषणा सरकार की, हमारा संघर्ष जारी रहेगा”
    24 Nov 2021
    किसान आंदोलन की एक ख़ासियत यह रही कि विभिन्न संगठन अपने अलग-अलग झंडों के साथ शामिल हुए। जिसको लेकर कहीं कोई ऐतराज नहीं रहा और यही इसकी सबसे बड़ी खूबसूरती रही। लखनऊ महापंचायत में इस विविधता और उसकी…
  • cartun
    आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: किताबों की राजनीति, राजनीति की किताब
    24 Nov 2021
    राजनीति में समय का बहुत महत्व है। और दोनों किताब वाकई भाजपा के हिसाब से ‘समय पर’ ही आईं हैं!
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License