NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
भारत
राजनीति
क्या आंकड़ों की बाज़ीगरी से जीतेंगे कोरोना की जंग?
उत्तराखंड सरकार ये मन बना ही चुकी है कि जब दो-ढाई लाख प्रवासी लौटेंगे तो 25 हज़ार तक संक्रमित होंगे ही। इसलिए आगे की बात करते हैं। अब प्रदेश भाजपा मोदी 2.O का एक वर्ष का कार्यकाल पूरा होने का जश्न शुरू कर चुकी है।
वर्षा सिंह
04 Jun 2020
मोदी 2.O के पहले बरस की उपलब्धियां गिनाते राज्यमंत्री धन सिंह रावत
मोदी 2.O के पहले बरस की उपलब्धियां गिनाते राज्यमंत्री धन सिंह रावत

जैसे इस देश में भूख से नहीं मरता कोई, वैसे ही उत्तराखंड में कोरोना से मौत नहीं होती। आंकड़ों को उलट-पुलट कर हम सच को भी उलट-पुलट सकते हैं। जैसे कि राज्य में कोरोना संक्रमित 10 लोगों की मौत हुई है। इसे इस तरह बताया गया है कि 6 कोरोना संक्रमित अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित थे। जो उनकी मौत की वजह बनी, कोरोना नहीं। सातवीं मौत के बारे में अभी ठीक-ठीक पता नहीं है। आठवीं मौत की रिपोर्ट का कई दिनों से इंतज़ार चल रहा है। अन्य दो मौतें बुधवार की हैं, तो यहां भी रिपोर्ट का इंतज़ार है। ये 4 मई तक की बात है।

इस दौरान राज्य में क्वारंटीन सेंटरों में भी कई मौतें हो चुकी हैं। नैनीताल के एक क्वारंटीन सेंटर में सांप के काटने से बच्ची की मौत हो गई। जिस पर शिक्षक, पटवारी और ग्राम पंचायत विकास अधिकारी पर केस दर्ज कर छुट्टी कर ली गई। पौड़ी के क्वारंटीन सेंटरों में 6 मौतें हो चुकी हैं। राज्यभर में क्वारंटीन सेंटरों की बदहाली की खबरें आ रही हैं। कहीं जंगली जानवरों के गुर्राने की आवाज़ें आ रही हैं। कुछ क्वारंटीन सेंटरों में प्रवासियों ने खुद ही साफ-सफाई कर रहने लायक बनाया।

नैनीताल हाईकोर्ट के आदेश के बाद क्वारंटीन सेंटर का निरीक्षण, नैनीताल.jpeg

नैनीताल हाईकोर्ट के आदेश के बाद क्वारंटीन सेंटर का निरीक्षण

यहां हाईकोर्ट के आदेश पर होता है काम

क्वारंटीन सेंटरों की अव्यवस्थाओं को लेकर 2 जून को नैनीताल हाईकोर्ट ने भी सरकार को कड़ी फटकार लगाई। पूरा मई बीत गया लेकिन ग्राम प्रधानों तक क्वारंटीन सेंटरों की देखरेख के लिए बजट नहीं पहुंचा। अदालत ने राज्य सरकार को ग्राम प्रधानों को बजट देने और क्वारंटीन सेंटरों में सुधार कर रिपोर्ट पेश करने को कहा। इससे पहले भी रेड ज़ोन से लौट रहे प्रवासियों को राज्य की सीमा पर क्वारंटीन करने के निर्देश नैनीताल हाईकोर्ट ने दिए थे। जिसके बाद सरकार ने जिलों की सीमा पर एक हफ्ते के लिए क्वारंटीन करने का फैसला लिया। वरना कोई लक्षण न दिखाई देने पर प्रवासी सीधे गांवों में अपने घरों में क्वारंटीन हो रहे थे।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद मुख्यमंत्री राहत कोष से जिलाधिकारियों को 10-10 हजार रुपये ग्राम प्रधानों को क्वारंटीन की व्यवस्था के लिए देने को कहा गया। मुख्यमंत्री राहत कोष से कोरोना संक्रमण से राहत कार्यों के लिए 4 जिलों को 3-3 करोड़ रुपये और 9 जिलों को 2-2 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। जिससे असंगठित क्षेत्र के बेरोज़गार श्रमिकों को खाद्य सामग्री किट और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध करानी थी। अब इसी रकम से छात्रों, पर्यटकों, अन्य बेसहारा लोगों के रहने, भोजन व्यवस्था, क्वारंटीन सेंटरों में व्यवस्था उपलब्ध कराने को कहा गया है।

गिलास आधा भरा है या आधा खाली...क्या देखें!

हाईकोर्ट की फटकार और कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा हज़ार पार करने को आया तो मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने राज्य की स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि देश की जनसंख्या की तुलना में उत्तराखण्ड की आबादी एक प्रतिशत है जबकि कोविड-19 पॉजिटिव केस में 0.5 प्रतिशत है। कोरोना संक्रमितों की मौत पर उन्होंने कहा कि सभी मृतक किसी न किसी गम्भीर बीमारी से ग्रस्त थे। कोविड संक्रमित की मृत्यु दर का राष्ट्रीय औसत लगभग 2.83 प्रतिशत है जबकि उत्तराखण्ड में यह 1 प्रतिशत से कम है। उत्पल कुमार सिंह के मुताबिक डबलिंग रेट धीरे-धीरे सुधर रहा है। सैंपल के पॉजिटिव होने की दर भी राष्ट्रीय औसत से कम है। प्रदेश में व्यवस्थाओं में लगातार इज़ाफ़ा हो रहा है।

मुआवज़ा क्यों मांगते हो, हमने आपको पैकेज दिए हैं

इस दौरान प्रदेश कांग्रेस ने क्वारंटीन सेंटरों में मारे गए लोगों के परिजनों के लिए एक लाख रुपये मुआवज़े की मांग की। ये बात राज्य सरकार को अखर गई। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी अजेंद्र अजय ने कहा कि कांग्रेस नेताओं द्वारा  विभिन्न लोगों को मुआवज़ा दिए जाने की मांग बचकानी है। उन्होंने गिनाया कि केंद्र सरकार द्वारा घोषित एक लाख सत्तर हजार करोड़ की गरीब कल्याण योजना और 20 लाख करोड रुपये के आत्मनिर्भर भारत योजना में सभी वर्गों के हितों का ध्यान रखा गया है। केंद्र और राज्य ने बहुत सी कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं।

यानी अब आपके पास गरीब कल्याण योजना है, आत्मनिर्भर भारत योजना है, और तो और, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना है। आप ख़ुशनसीब हैं।

पहले से कमज़ोर वित्तीय ढांचे में फंसी उत्तराखंड सरकार के लिए आर्थिक तौर पर मुश्किलें हैं। पर्यटन और चारधाम यात्रा ठप होने से भी मुश्किलें बढ़ी हैं। लेकिन मज़बूत राजनीतिक नेतृत्व की कमी और सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाएं खस्ताहाल होने से ये मुश्किलें और अधिक गहरा गई हैं।

जान है, तो जहान है, तो चारधाम है

आर्थिकी बढ़ाने के लिए राज्य सरकार अब 8 जून के बाद सीमित चारधाम यात्रा शुरू करने की तैयारी कर चुकी है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों को राहत देने के लिए ये कदम उठाया गया है। तीर्थ-पुरोहित और हक-हकूकधारी महापंचायत के प्रवक्ता बृजेश सती कहते हैं कि अभी तीर्थ-पुरोहित ही नहीं चाहते कि चारधाम यात्रा शुरू हो, जिनकी रोज़ी-रोटी चारधाम यात्रा से जुड़ी हुई है, तो सरकार को क्यों जल्दबाजी कर रही है। वह कहते हैं कि हमारे चारधाम बदरीनाथ-केदारनाथ,गंगोत्री-यमुनोत्रीके प्रमुख आधार स्थल जोशीमठ, गुप्तकाशी, उत्तरकाशी, बड़कोट अभी कोरोना संक्रमण से दूर हैं। यात्रा होगी तो यहां भी संक्रमण का ख़तरा पैदा हो जाएगा।

versha letter.jpg

बद्रीनाथ के रावल और तीर्थ पुरोहितों ने सरकार को लिखा पत्र

पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग के जो अस्पताल हैं वे मात्र रेफरल सेंटर हैं। साधारण बीमारियों को ही नहीं देख पाते। कोरोना और उसके लक्षण की क्या जांच होगी। बृजेश कहते हैं कि सड़कों की स्थिति अच्छी नहीं है और मानसून आने को है। बारिश-भूस्खलन में श्रद्धालुओं को बुलाकर क्या करेंगे। वहां अभी तीर्थ पुरोहित हक-हकूकधारी भी नहीं पहुंचे हैं। होटल-लॉज भी इसके लिए अभी तैयार नहीं हैं। सती कहते हैं कि चारधाम यात्रा शुरू करना सरकार का जल्दबाज़ी में लिया गया स्टेप है। साधारण श्रद्धालु तो इन स्थितियों में चारधाम यात्रा पर नहीं जा पाएगा। सिर्फ़ वीवीआईपी श्रद्धालु ही जाएंगे। फिर वहां भी संक्रमण का ख़तरा होगा। बद्रीनाथ के रावल और धर्माधिकारी ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर यात्रा के लिए मना किया है।

कोरोना तो है, मोदी 2.O के एक साल का बखान भी करेंगे

सरकार ये मन बना ही चुकी है कि जब दो-ढाई लाख प्रवासी लौटेंगे तो 25 हज़ार तक संक्रमित होंगे ही। इसलिए आगे की बात करते हैं। अब प्रदेश भाजपा मोदी 2.O का एक वर्ष का कार्यकाल पूरा होने का जश्न शुरू कर चुकी है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत इस कड़ी में प्रदेश में आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की घोषणा कर चुके हैं। वर्चुअल रैलियां होंगी। सेल्फी लिए जाएंगे। सोशल डिस्टेन्सिंग के दौर में बूथ कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर लोगों से संपर्क करने और उपलब्धियां गिनाने का जिम्मा दिया गया है। इस दौरान वे मास्क-सेनेटाइज़र भी बांटेंगे। पौधारोपण और योगाभ्यास भी किया जाएगा।

यही समय उत्तराखंड में मानसून पूर्व की तैयारियों का भी है। क्योंकि यहां मानसून सिर्फ बारिश नहीं लाता, बल्कि सड़क-टूटना, भूस्खलन, बादल फटने जैसी त्रासदियां भी लाता है। ग़रीब लोग अपने घर की छत मज़बूत करने में जुटे हैं ताकि बारिश एक नया संकट न खड़ा कर जाए।

Uttrakhand
Coronavirus
COVID-19
Migrant workers
migrants
Trivendra Singh Rawat
BJP
modi 2.0
Dhan Singh Rawat

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा


बाकी खबरें

  • प्रगतिशील वर्गों का हंगरी के समलैंगिकता संबंधी क़ानून पर हमला
    पीपल्स डिस्पैच
    प्रगतिशील वर्गों का हंगरी के समलैंगिकता संबंधी क़ानून पर हमला
    18 Jun 2021
    पीडोफ़िलिया से लड़ने की आड़ में हंगरी में दक्षिणपंथी सरकार ने एक क़ानून लागू किया है जो नाबालिगों तक एलजीबीटी के बारे में चर्चा करने वाली सामग्री के प्रसार पर रोक लगाता है।
  • राजनीति: यूपी में ऊंट नहीं ‘हाथी’ किस करवट बैठेगा सबको है इंतज़ार!
    असद रिज़वी
    राजनीति: यूपी में ऊंट नहीं ‘हाथी’ किस करवट बैठेगा सबको है इंतज़ार!
    18 Jun 2021
    कहावत तो ऊंट की है कि देखते हैं ऊंट किस करवट बैठेगा, लेकिन यूपी में राजनीति ख़ासकर 2022 के चुनाव की हवा मापने और भांपने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है यह देखना कि आने वाले दिनों में बीएसपी प्रमुख मायावती…
  • ओएफबी
    रौनक छाबड़ा
    ओएफबी के निगमीकरण के ख़िलाफ़ रक्षा महासंघ अनिश्चितकालीन हड़ताल पर विचार-विमर्श कर रहे हैं
    18 Jun 2021
    केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को ऑर्डनेन्स फैक्ट्री बोर्ड को सात नए रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में तब्दील किये जाने की योजना को मंजूरी दे दी है। वहीं कर्मचारियों की ओर से 19 जून को विभिन्न…
  • इस संकट की घड़ी में लोगों की मदद करने के लिए सरकार को ख़र्च बढ़ाना चाहिए
    शिन्ज़नी जैन
    इस संकट की घड़ी में लोगों की मदद करने के लिए सरकार को ख़र्च बढ़ाना चाहिए
    18 Jun 2021
    महामारी आने के पहले से ही भारतीय अर्थव्यवस्था मांग में कमी की समस्या से जूझ रही है, ऐसे में अर्थशास्त्री और वाम आंदोलन लगातार सरकार से मांग बढ़ाने के लिए अपने ख़र्च में वृद्धि करने की अपील कर रहा है।
  • अगला क़दम : अदालतों को यूएपीए का दुरुपयोग करने वाले अधिकारियों को दंडित करना चाहिए
    एजाज़ अशरफ़
    अगला क़दम : अदालतों को यूएपीए का दुरुपयोग करने वाले अधिकारियों को दंडित करना चाहिए
    18 Jun 2021
    दिल्ली उच्च न्यायालय ने पुलिस द्वारा कठोर क़ानूनों को मनमाने ढंग से लागू करने की प्रवृत्ति पर क्यों तंज़ कसा है?
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License