NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
महिला समूहों ने प्रधानमंत्री को पत्र लिख भाजपा नेताओं पर घृणा भाषण देने का आरोप लगाया
इस पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले प्रख्यात लोगों में नारीवादी अर्थशास्त्री देवकी जैन, कार्यकर्ता लैला तैयबजी, पूर्व भारतीय राजदूत मधु भादुड़ी और कार्यकर्ता कमला भसीन के अलावा अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला संगठन (एआईपीडब्ल्यूए और राष्ट्रीय भारतीय महिला संघ (एनएफआईडब्ल्यू) जैसे समूह शामिल थे।
भाषा
03 Feb 2020
narendra modi
फाइल फोटो

नई दिल्ली : महिला अधिकार समूहों और करीब 175 कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सोमवार को खुला पत्र लिखकर भाजपा नेताओं पर दिल्ली चुनाव प्रचार के दौरान घृणा भाषण देने और “बलात्कार के भय को अभियान संदेश” के तौर पर इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।

पत्र में, समूहों ने आरोप लगाया कि चुनाव प्रचार के दौरान, भाजपा नेताओं द्वारा अपने समर्थकों से संशोधित नागरिकता कानून (सीएए), राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) के खिलाफ प्रदर्शन कर रही महिलाओं पर हिंसा फैलाने की अपील ने एक प्रकार से “हिंसा का माहौल” बना दिया है।

इस पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले प्रख्यात लोगों में नारीवादी अर्थशास्त्री देवकी जैन, कार्यकर्ता लैला तैयबजी, पूर्व भारतीय राजदूत मधु भादुड़ी और कार्यकर्ता कमला भसीन के अलावा अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला संगठन (एआईपीडब्ल्यूए और राष्ट्रीय भारतीय महिला संघ (एनएफआईडब्ल्यू) जैसे समूह शामिल थे।

पत्र में पूछा गया, “भाजपा के चुनाव प्रचारक, प्रचार अभियान के दौरान बलात्कार का भय दिखाकर बार-बार नफरत भरे भाषण दे रहे हैं, अपने समर्थकों से सीएए-एनआरसी-एनपीआर के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही महिलाओं पर हिंसा करने की अपील कर रहे हैं।”

सरकार के प्रमुख के तौर पर आप यह किस तरह की सांप्रदायिक नफरत और दहशत फैलाने को बढ़ावा दे रहे हैं, जो सभी समुदायों की महिलाओं को अधिक असुरक्षित एवं भयभीत महसूस करा रही है? ‘भाजपा के लिए वोट करें नहीं तो आपसे बलात्कार किया जाएगा।’ क्या दिल्ली की महिलाओं के लिए आपका यह चुनावी संदेश है? क्या आपकी पार्टी इस हद तक नीचे गिर सकती है?”

पत्र में भाजपा सांसद प्रवेश वर्मा के बयान का संदर्भ दिया गया जिसमें उन्होंने कहा था कि, “लाखों लोग वहां (शाहीन बाग में) एकत्र होते हैं। दिल्ली के लोगों को सोचना होगा और फिर फैसला लेना होगा। वे आपके घरों में घुसेंगे, आपकी बहनों एवं बेटियों से बलात्कार करेंगे, उन्हें मार डालेंगे।”

इस पत्र में प्रधानमंत्री से पूछा गया कि क्या भाजपा अब “भारत की महिलाओं एवं बच्चों के जीवन को खुलेआम खतरे में डाल रही है?”

इसमें कहा गया, “ यह इतिहास में दर्ज होगा और भारत माफ नहीं करेगा, प्रधानमंत्री जी। देश ने आपकी पार्टी के सदस्यों की तरफ से बनाए गए इस हिंसक माहौल का सीधा परिणाम देखा, जिसने ‘रामभक्त’ गोपाल को 30 जनवरी को जामिया में मासूम छात्रों पर गोली चलाने के लिए उकसाया और आपकी पार्टी द्वारा फैलाई गई नफरत से तैयार एक अन्य आतंकवादी ने एक फरवरी को शाहीन बाग में महिला पर गोली चला दी।”

केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के भीड़ को “देश के गद्दारों को गोली मारने” की नसीहत देने और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की टिप्पणी “बोली से नहीं तो गोली से मानेंगे’’ का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए पत्र में कहा गया कि यहां शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही महिलाएं “देशद्रोही” हैं।

समूहों ने प्रधानमंत्री से पूछा, “जब माननीय गृहमंत्री, अमित शाह लोगों से आठ फरवरी को ईवीएम बटन इतनी ताकत से दबाने को बोलते हैं, “कि करंट प्रदर्शनकारियों को महसूस हो।” क्या वह महिलाओं को करंट लगा कर मारना चाहते हैं?”

पत्र में कहा गया, “हम आपसे इस देश की महिलाओं, दिल्ली की महिलाओं- हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, सिख, आदिवासी और दलित के तौर पर बात कर रही हैं- जो महिलाओं के खिलाफ हिंसा के माहौल से डरी हुई हैं जो आपकी पार्टी के सदस्यों ने महज चुनाव जीतने के मकसद से पैदा किया है।’’

समूह ने कहा कि उन्हें ऐसी सरकार से डर लगता है जो अपने सुरक्षा बलों को शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हमला करने का निर्देश देती है, निर्वाचित सदस्य खुलेआम आम नागरिकों को धमकाते हैं और पुलिस बल ‘‘घृणा भरे जुमलों” से प्रेरित होकर हिंसक कार्य करने वाले लोगों को मूकदर्शक बनकर देखते हैं।

प्रधानमंत्री से निशाना बनाकर की जा रही हिंसा और घृणा भाषणों के खिलाफ बोलने की अपील करते हुए पत्र में तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है। 

BJP
Hate Speech by BJP
Women's Rights Groups
Narendra modi
Letter to Modi
CAA
NRC
Protest against CAA
Shaheen Bagh
anurag thakur
Yogi Adityanath
Delhi Elections 2020

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति


बाकी खबरें

  • omicron
    भाषा
    दिल्ली में कोविड-19 की तीसरी लहर आ गई है : स्वास्थ्य मंत्री
    05 Jan 2022
    ‘‘ दिल्ली में 10 हजार के करीब नए मामले आ सकते हैं और संक्रमण दर 10 प्रतिशत पर पहुंच सकती है.... शहर में तीसरी लहर शुरू हो चुकी है।’’
  • mob lynching
    अनिल अंशुमन
    झारखंड: बेसराजारा कांड के बहाने मीडिया ने साधा आदिवासी समुदाय के ‘खुंटकट्टी व्यवस्था’ पर निशाना
    05 Jan 2022
    निस्संदेह यह घटना हर लिहाज से अमानवीय और निंदनीय है, जिसके दोषियों को सज़ा दी जानी चाहिए। लेकिन इस प्रकरण में आदिवासियों के अपने परम्परागत ‘स्वशासन व्यवस्था’ को खलनायक बनाकर घसीटा जाना कहीं से भी…
  • TMC
    राज कुमार
    गोवा चुनावः क्या तृणमूल के लिये धर्मनिरपेक्षता मात्र एक दिखावा है?
    05 Jan 2022
    ममता बनर्जी धार्मिक उन्माद के खिलाफ भाजपा और नरेंद्र मोदी को घेरती रही हैं। लेकिन गोवा में महाराष्ट्रवादी गोमंतक पार्टी के साथ गठबंधन करती हैं। जिससे उनकी धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत पर सवाल खड़े हो…
  • सोनिया यादव
    यूपी: चुनावी समर में प्रधानमंत्री-मुख्यमंत्री का महिला सुरक्षा का दावा कितना सही?
    05 Jan 2022
    सीएम योगी के साथ-साथ पीएम नरेंद्र मोदी भी आए दिन अपनी रैलियों में महिला सुरक्षा के कसीदे पढ़ते नज़र आ रहे हैं। हालांकि ज़मीनी हक़ीक़त की बात करें तो आज भी महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध के मामले में उत्तर…
  • मुंबईः दो साल से वेतन न मिलने से परेशान सफाईकर्मी ने ज़हर खाकर दी जान
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    मुंबईः दो साल से वेतन न मिलने से परेशान सफाईकर्मी ने ज़हर खाकर दी जान
    05 Jan 2022
    “बीएमसी के अधिकारियों ने उन्हें परेशान किया, उनके साथ बुरा व्यवहार किया। वेतन मांगने पर भी वे उस पर चिल्लाते थे।"
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License