NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
इस्तांबुल कन्वेंशन से तुर्की की वापसी का महिलाओं ने किया विरोध
तुर्की में एकेपी के नेतृत्व वाली रूढ़िवादी सरकार ने आधिकारिक तौर पर इस कन्वेंशन से वापस हो गई जो हस्ताक्षरकर्ताओं से मांग करता है कि वह महिलाओं की सुरक्षा और लैंगिक समानता के लिए कानूनी और संस्थागत व्यवस्था करें।
पीपल्स डिस्पैच
02 Jul 2021
इस्तांबुल कन्वेंशन

तुर्की में हजारों महिलाएं गुरुवार 1 जुलाई को इस्तांबुल कन्वेंशन से तुर्की की आधिकारिक वापसी के बाद सड़कों पर उतर आईं। कई महिला समूहों और विरोधी कार्यकर्ताओं ने सरकार के इस फैसले के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया और एक लैंगिक न्यायपूर्ण समाज के लिए अपनी लड़ाई का संकल्प लिया।

प्रदर्शनकारी बैनर लिए हुए थे जिसपर लिखा था, “हम इस्तांबुल कन्वेंशन को नहीं छोड़ रहे हैं। यह हमारे लिए खत्म नहीं हुआ है" और "अपने आदेश को वापस लें, महिला जिंदाबाद"। इन प्रदर्शनकारियों ने देश के प्रमुख शहरों में मार्च किया।

देश की राज्य परिषद द्वारा इस सप्ताह की शुरुआत में उनके द्वारा दायर की गई वापसी के खिलाफ अपील को खारिज करने के बाद कई विपक्षी दलों के साथ साथ वीमेन सॉलिडरिटी कमिटी एंड कम्युनिस्ट वीमेन द्वारा विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया गया था। खारिज होने के बाद ये पार्टियां संसदीय समिति से निकल गई थी।

कई जगहों पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागकर प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने की कोशिश की।

राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन के नेतृत्व वाली सरकार और जस्टिस एंड डेवलपमेंट पार्टी (एकेपी) ने तुर्की में रूढ़िवादी वर्गों के दबाव के बाद इस साल 20 मार्च को संधि की मंजूरी को रद्द कर दिया था जिसके बाद से इस फैसले का विरोध महीनों से चल रहा है। इन वर्गों ने आरोप लगाया था कि इस कन्वेंशन ने देश में मौजूदा पारिवारिक ढांचे के लिए खतरा पैदा कर दिया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि ये कन्वेंशन समलैंगिकता को बढ़ावा देता है।

इस्तांबुल कन्वेंशन यूरोपीय परिषद द्वारा तैयार अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन है जिसे 2011 में यूरोपीय संघ और तुर्की सहित 45 अन्य देशों द्वारा हस्ताक्षर किया गया था। हस्ताक्षरकर्ताओं से अपेक्षा की जाती है कि वे महिलाओं को हिंसा से बचाने और लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के लिए एक कानूनी और संस्थागत ढांचा तैयार करें और महत्व का प्रसार करें।

गुरुवार को एर्दोगन ने वापसी को सही ठहराने की कोशिश करते हुए इनकार किया कि यह किसी वापसी का निर्णय है। उन्होंने कहा कि, तुर्की की "महिलाओं के खिलाफ हिंसा के खिलाफ लड़ाई इस्तांबुल कन्वेंशन से शुरू नहीं हुई थी और इससे वापसी से समाप्त नहीं होता है"।

तुर्की में महिलाओं के खिलाफ हिंसा आम है। देश में महिलाओं की हत्या के मामलों का भी पता लगाने वाली देश की सबसे बड़ी नारीवादी समूह वी विल स्टॉप फेमिसाइड के अनुसार महामारी के बावजूद पिछले साल तुर्की में कम से कम 300 महिलाओं की हत्या कर दी गई थी और अन्य 171 महिलाओं की संदिग्ध मौत हो गई थी। इस संस्था के अनुसार, इस साल कम से कम 189 महिलाओं की हत्या की जा चुकी है, इनमें ज्यादातर उनके पति और रिश्तेदारों या अन्य लोगों द्वारा किए गए।

Istanbul
turkey convention
women of turkey
turkey in istanbul convention

Related Stories

पत्रकार खाशोग्गी हत्याकांड : एर्दोगन-ट्रंप में बात, जर्मनी ने सऊदी को हथियार की ब्रिकी रोकी


बाकी खबरें

  • CRICKET
    भाषा
    भारत vs न्यूज़ीलैंड क्रिकेट: भारत के सामने क्लीन स्वीप से बचने की चुनौती
    23 Feb 2022
    विश्व कप से पहले भारतीय महिला क्रिकेट टीम के लिए बहुत बुरा दौर चल रहा है, न्यूज़ीलैंड से लगातार चार मैच हारने के बाद अब टीम इंडिया के सामने पांचवे और आखिरी मैच में सम्मान बचाने की चुनौती होगी।
  • cartoon
    आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: आधे रास्ते में ही हांफ गए “हिंदू-मुस्लिम के चैंपियन”
    23 Feb 2022
    इस बार उत्तर प्रदेश चुनाव की सबसे सुंदर और सबसे अच्छी बात अगर पूछी जाए तो वह यही है कि इस बार तमाम कोशिशों के बावजूद चुनाव में सांप्रदायिकता का कार्ड चल नहीं पा रहा है।
  • Nawab malik
    भाषा
    मनी लॉन्ड्रिंग मामले में महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक से ईडी कर रही है पूछताछ
    23 Feb 2022
    राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के 62 वर्षीय नेता मलिक बैलार्ड एस्टेट इलाके में स्थित ईडी कार्यालय में सुबह 8 बजे पहुंचे, जहां एजेंसी ‘धन शोधन निवारण अधिनियम’ (पीएमएलए) के तहत उनका बयान दर्ज कर…
  • भाषा
    दिल्ली में लगाई गई सत्यजीत रे द्वारा डिज़ाइन किये गए किताबों के कवर की प्रदर्शनी
    23 Feb 2022
    नयी दिल्ली, 23 फरवरी (भाषा) सिनेमा जगत में फिल्मकार के तौर पर शोहरत कमाने वाले सत्यजीत रे ने अपने करियर की शुरुआत एक विज्ञापन एजेंसी में ग्राफिक डिजाइनर के तौर पर की थी और फिर एक ‘पब्लिशिंग हाउस’ क
  • Harsha
    भाषा
    कर्नाटक: बजरंग दल कार्यकर्ता की हत्या के मामले में 2 और गिरफ्तार
    23 Feb 2022
    कर्नाटक के गृहमंत्री ज्ञानेंद्र ने कहा है, “अब तक आधिकारिक रूप से आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है जबकि अन्य से पूछताछ की जा रही है।”
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License