NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
बर्लिन में श्रमिकों ने विशाल डिपार्टमेंटल स्टोर चेन में छँटनी का विरोध करते हुए रैली निकाली
जर्मनी में गलेरिया कर्स्टाड्ट कॉफहोफ़ के प्रबंधन ने इस साल के अंत तक अपने डिपार्टमेंट स्टोर चेन की 50 शाखाओं को बंद करने का फ़ैसला किया है।
पीपल्स डिस्पैच
31 Jul 2020
बर्लिन
गुरुवार 30 जुलाई को वर्डी यूनियन और डाई लिंके (द लेफ्ट) के इन श्रमिकों की रैली में बर्लिन में शामिल हुए।

जर्मनी के शहर बर्लिन में कार्स्टाड्ट स्पोर्ट्स शॉप शाखा को बंद करने की घोषणा के विरोध में गुरुवार 30 जुलाई को सैकड़ों श्रमिकों ने इस शहर में मार्च निकाला। ये श्रमिक देश में इसकी विभिन्न स्टोर शाखाओं में सैकड़ों कर्मचारियों की छंटनी को लेकर जर्मन डिपार्टमेंट स्टोर चेन गैलेरिया कार्स्टाड्ट कॉफहोफ़ (जीकेके) के प्रबंधन द्वारा घोषित योजनाओं का विरोध कर रहे हैं। कार्स्टाड्ट स्पोर्ट्स के श्रमिकों के साथ वर्डी के ट्रेड यूनियन एक्टिविस्टों ने गुरुवार को इस मार्च में हिस्सा लिया।

ख़बरों के मुताबिक जीकेके प्रबंधन ने इस साल के अंत तक इसके डिपार्टमेंट स्टोर्स चेन की 50 शाखाओं को बंद करने का फैसला किया है। इस तरह के फैसले से लगभग 5,000 कर्मचारी बाहर हो जाएंगे और लॉजिस्टिक्स, खेल, यात्रा एवं खान पान के क्षेत्र में हज़ारों अन्य नौकरियों को प्रभावित करने की संभावना है जिसमें सब कन्ट्रैक्टर जैसे सफाईकर्मी और अन्य मेंटेनेंस सर्विस शामिल हैं।

क्लासे गेगेन क्लासे ने आरोप लगाया कि निवेशक और जीकेके के मालिक रेने बेन्को जिनकी अनुमानित कुल संपत्ति लगभग 5 बिलियन यूरो है उसने व्यवसाय के केवल सबसे लाभदायक क्षेत्रों को संरक्षित करने के लिए लक्षित कुप्रबंधन के माध्यम से बदतर स्थिति में डिपार्टमेंट स्टोर चेन को आघात पहुंचाया है।

गुरुवार को इस रैली से पहले वर्डी ने कहा कि इस विरोध प्रदर्शन का उद्देश्य संभावित के रूप में जितना हो सके नौकरियों को संरक्षित करना है और बर्खास्तगी से प्रभावित कर्मचारियों के लिए हस्तांतरण का वित्तपोषण करना है। वर्डी के अनुसार, चूंकि नियोक्ता ने अब तक वार्ताओं के हर रास्ते को बंद कर दिया है ऐसे में प्रदर्शनकारियों ने बर्लिन में सीधे ऑनर ग्रुप सिग्ना के भवन की तरफ सीधे तौर पर बेन्को को ध्यान दिलाने के लिए रैली निकालने का फैसला किया।

डाई लिंके (द लेफ्ट) ने जीकेके के श्रमिकों के साथ एकजुटता व्यक्त की है और गुरुवार को श्रमिकों की इस रैली में शामिल हुए।

berlin
Berlin Protest
germany
workers protest

Related Stories

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

मुद्दा: आख़िर कब तक मरते रहेंगे सीवरों में हम सफ़ाई कर्मचारी?

#Stop Killing Us : सफ़ाई कर्मचारी आंदोलन का मैला प्रथा के ख़िलाफ़ अभियान

यूक्रेन की स्थिति पर भारत, जर्मनी ने बनाया तालमेल

मध्य प्रदेश : आशा ऊषा कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन से पहले पुलिस ने किया यूनियन नेताओं को गिरफ़्तार

झारखंड: हेमंत सरकार की वादाख़िलाफ़ी के विरोध में, भूख हड़ताल पर पोषण सखी

दिल्ली: सीटू के नेतृत्व वाली आंगनवाड़ी वर्कर्स यूनियन ने आप सरकार पर बातचीत के लिए दबाव बनाया

यूक्रेन युद्ध की राजनीतिक अर्थव्यवस्था

अधिकारों की लड़ाई लड़ रही स्कीम वर्कर्स

मॉस्को कर रहा है 'गुड कॉप, बैड कॉप' का सामना


बाकी खबरें

  • JK
    अनीस ज़रगर
    कश्मीरः जेल में बंद पत्रकारों की रिहाई के लिए मीडिया अधिकार समूहों ने एलजी को लिखी चिट्ठी 
    16 Feb 2022
    मीडिया निकायों ने फहद की पत्रकारिता कार्य के विरुद्ध शुरू की गई सभी पुलिसिया जांच को वापस लेने का भी आह्वान किया। 
  • modi ravidas mandir
    राज वाल्मीकि
    रैदास मनुष ना जुड़ सके जब तक जाति न जात
    16 Feb 2022
    कई जगह दलितों का वोट प्राप्त करने के लिए भाजपा के नेता भी आज रैदास मंदिर में नमन कर रहे हैं। इसे देखकर एक अम्बेडकरवादी होने के नाते मैं असहज हुआ।
  • Greta Acosta Reyes
    ट्राईकोंटिनेंटल : सामाजिक शोध संस्थान
    वामपंथ के पास संस्कृति है, लेकिन दुनिया अभी भी बैंकों की है
    16 Feb 2022
    'जब हमारे समय की महान सांस्कृतिक बहसों की बात आती है, इतिहास की सुई लगभग पूरी तरह से वामपंथ की ओर झुक जाती है।लेकिन आर्थिक व्यवस्था के मामले में दुनिया बैंकों की है'।
  • UNEMPLOYMENT
    प्रभात पटनायक
    क्यों पूंजीवादी सरकारें बेरोज़गारी की कम और मुद्रास्फीति की ज़्यादा चिंता करती हैं?
    16 Feb 2022
    सचाई यह है कि पूंजीवादी सरकारों को बेरोजगारी के मुकाबले में मुद्रास्फीति की ही ज्यादा चिंता होना, समकालीन पूंजीवाद में वित्तीय पूंजी के वर्चस्व को ही प्रतिबिंबित करता है।
  • punjab
    न्यूज़क्लिक टीम
    अमृतसर: व्यापार ठप, नौकरियाँ ख़त्म पर चुनावों में ग़ायब मुद्दा
    16 Feb 2022
    भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापार ख़त्म होने के बाद अमृतसर, तरन तारन और गुरदासपुर के हज़ारों लोग बेरोज़गार हो गए. इस व्यापार ने हज़ारों ट्रक ड्राइवरों, कुलियों, ढाबों को आबाद किया लेकिन अब सभी…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License