NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
पुनर्वास की मांग को लेकर खोरी गांव के मज़दूर परिवारो ने जंतर-मंतर पर दिया धरना!
खोरी गांव के निवासियों ने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द उनके पुनर्वास के इंतज़ाम किये जाएं।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
19 Aug 2021
पुनर्वास की मांग को लेकर खोरी गांव के मज़दूर परिवारो ने जंतर-मंतर पर दिया धरना!

आज 19 अगस्त 2021 को मज़दूर आवास संघर्ष समिति खोरी गांव ने देश की राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर पर पुनर्वास की मांग को लेकर धरना दिया। खोरी गांव के निवासियों ने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द उनके पुनर्वास के इंतज़ाम किये जाएं। धरने में मौजूद खोरी गांव की महिलाएं अपना दर्द बताते बताते फूट-फूट कर रोने लगीं। जहां एक ओर बच्चे खुले आसमान में त्रिपाल के नीचे बिना बिजली, बिना पानी, बिना भोजन के जीवन जीने को मजबूर हैं वही फ़रीदाबाद नगर निगम प्रशासन की ओर से अभी तक पुनर्वास को लेकर कोई मज़बूत खाका तैयार नहीं किया गया है!

मज़दूर आवाज संघर्ष समिति के सदस्य मोहम्मद सलीम ने बताया, "पुनर्वास को लेकर नगर निगम द्वारा आवेदन मांगे जा रहे हैं। निगम प्रशासन के द्वारा आवेदन प्राप्त करने के बाद कोई रसीद नहीं दी जा रही है और लोगों के द्वारा जमा किए गए आवेदन और दस्तावेज़ बिना प्राप्ति के एक कूड़े के ढेर के समान हैं। सरकार के ऊपर प्राप्ति नहीं दिए जाना एक बेहद गंभीर मामला है इसके पीछे सरकार की क्या मंशा है इसका अंदाज़ा लगाया जा सकता है।"

वहीं एक महिला ने बताया कि उसकी बेटियां और अन्य महिलाएं खुले में शौच जाने को मजबूर है। जिससे एक डर का माहौल हमेशा बना रहता है। स्वच्छ भारत अभियान की खुलेआम धज्जियां उड़ रही हैं। फिर भी सरकार मौन मूक बनी हुई है।

बेघर लोगों के साथ काम करने वाले सीनियर एक्टिविस्ट इंदु प्रकाश सिंह ने बताया की खोरी गांव के लोगों को लोकतंत्रात्मक गणराज्य में जो झेलना पड़ रहा है वह राज्य के लिए शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार को तत्काल अस्थाई शेल्टर देकर मज़दूर परिवारों को पुनर्वास देने की योजना को लागू करना चाहिए।

मज़दूर आवास संघर्ष समिति के सदस्य निर्मल गोराना ने बताया, "समिति ने खोरी गांव एवं बेदखल परिवारों की स्थिति पर मानवाधिकार अधिवक्ताओं के साथ मिलकर एक फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट भी तैयार की है जिसे डीसी फरीदाबाद एवं कमिश्नर नगर निगम को भेजकर फिर कोर्ट में प्रस्तुत किया जायेगा।"

आज सुप्रीम कोर्ट में खोरी गांवके मामले में होने वाली सुनवाई भी 23 अगस्त तक टल गई है।

साथ ही निर्मल गोराना ने बताया कि आज देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को मज़दूर आवर संघर्ष समिति की तरफ़ से एक ज्ञापन सौंपा जा रहा है जिसमें 13 मांगे हैं।

निवासियों की मांगें:

1. तत्काल घर के सामान के साथ बेदखल परिवारों को ट्रांसिट कैंप में शिफ्ट करें। जहां मज़दूर परिवारों को उचित भोजन एवं शेल्टर की व्यवस्था मिले। 

2. हरियाणा सरकार तत्काल पुनर्वास की पॉलिसी नोटिफाई करे एवं पब्लिक डोमेन में साझा करे।

3. जब तक बेदख़ल परिवारों को उचित पुनर्वास नहीं मिल जाता तब तक उन्हें 5000 रुपये प्रति माह किराया राशि के रूप में दिया जाए।

4. पुनर्वास प्रदान करने का दिन व समय निश्चित किया जाए। 

5. पुनर्वास में दिए गए घर की किसी भी प्रकार की कोई भी क़ीमत बेदख़ल किये गए परिवारों से न ली जाए।

6. बेदख़ल किए गए हर परिवार को पुनर्वास प्रदान किया जाए। आईडी प्रूफ़ एवं अन्य दस्तावेज़ों की कोई शर्त नहीं रखी जाए। 

7. जिसका मकान तोड़ा गया उसे बिना शर्त पर आवास उपलब्ध करवाया जाए।

8. राधा स्वामी सत्संग हॉल के बजाय सरकार ट्रांसिट कैंप/अस्थाई शेल्टर होम बना कर बेदखल परिवारों को सम्मान के साथ आश्रय दे।

9. पूरे हरियाणा में कहीं भी जबरन बेदखली न हो, यह योजना लागू की जाए।

10. दिल्ली के आईडी धारी परिवार जो हरियाणा की ज़मीन पर बसा है उन्हें भी हरियाणा सरकार पुनर्वास प्रदान करे।

11. बेदख़ली के दौरान जबरन खोरी गांव वासियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं पर डाले गए अपराधिक मामले वापस लिए जाएं।

12. बेदख़ल समस्त परिवारों को फ़ूड सिक्योरिटी एक्ट के तहत राशन एवं सभी 5 वर्ष से छोटे बच्चे व महिलाओं को पोषाहार दिया जाए।

13. प्रवासी एवं असंगठित क्षेत्र के मज़दूरों के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के सुओ मोटो ऑर्डर के मुताबिक़ प्रत्येक बेदख़ल मज़दूर परिवार का पंजीकरण किया जाए।

समिति ने हरियाणा सरकार को तत्काल निर्देश जारी कर सभी परिवारों को तत्काल उचित पुनर्वास प्रदान करने को कहा है।

आपको बता दें खोरी गांव फ़रीदाबाद ज़िले के अरावली वनक्षेत्र का हिस्सा है जहाँ कोरोना महामारी, मानसून मौसम से तुरंत पहले और भीषण गर्मी के बीच 10,000 परिवारों को नगर पालिका ने बेघर कर दिया  है। हालाँकि ये सब उच्चतम न्यायलय के आदेश पर किया गया है। ये सभी परिवार लगभग 25-30 वर्षों से फ़रीदाबाद के खोरी गांव इलाक़े में रह रहे थे।

7 जून 2021 को उच्चतम न्यायालय के आदेश पर जस्टिस ए एम खानविलकर की पीठ ने नगर निगम फ़रीदाबाद को आदेश जारी किया की नगर निगम 6 हफ़्ते के अंदर खोरी गांव में वन विभाग की ज़मीन पर बसे हुए परिवारों को बेदख़ल करे। इसके बाद नगर निगम ने 10,000 से भी ज़्यादा परिवारों के लगभग एक लाख लोगों को बेदख़ल कर दिया है।

Khori village
Khori Village Clashes
Rehabilitation
protest on jantar mantar

Related Stories

फरीदाबाद : आवास के मामले में सैकड़ों मजदूर परिवारों को हाईकोर्ट से मिली राहत

दिल्ली दंगों के दो साल: इंसाफ़ के लिए भटकते पीड़ित, तारीख़ पर मिलती तारीख़

दिल्ली: एसएससी जीडी भर्ती 2018 के अभ्यर्थियों की नियुक्ति की मांग को लेकर प्रदर्शन

खोरी पुनर्वास संकट: कोर्ट ने कहा- प्रोविजनल एलॉटमेंट के समय कोई पैसा नहीं लिया जाएगा, फ़ाइनल एलॉटमेंट पर तय होगी किस्त 

हरियाणा: सुप्रीम कोर्ट के स्टे के बाद भी रेलवे प्रशासन ने संजय नगर में शुरू की तोड़फोड़

सीतापुर में किसान महापंचायत, यूपी जलनिगम, खोरी गांव और अन्य खबरें

कोर्ट ने केंद्र सरकार से मांगा जवाब : क्या खोरीवासियों को पीएम आवास योजना से मिल सकता है घर?

खोरी पुनर्वास संकट: कोर्ट ने कहा एक सप्ताह में निगम खोरीवासियों को अस्थायी रूप से घर आवंटित करे

खोरी गांव की मजदूर आवास संघर्ष समिति ने सुप्रीम कोर्ट में पेश की रिपोर्ट, कोर्ट ने हरियाणा सरकार से मांगा जवाब

राहुल समेत कई विपक्षी नेताओं ने ‘किसान संसद’ पहुंचकर जताया समर्थन


बाकी खबरें

  • CAA
    नाइश हसन
    यूपी चुनाव: सीएए विरोधी आंदोलन से मिलीं कई महिला नेता
    07 Feb 2022
    आंदोलन से उभरी ये औरतें चूल्हे-चौके, रसोई-बिस्तर के गणित से इतर अब कुछ और बड़ा करने जा रही हैं। उनके ख़्वाबों की सतरंगी दुनिया में अब सियासत है।
  • Nirmala Sitharaman
    प्रभात पटनायक
    इस बजट की चुप्पियां और भी डरावनी हैं
    07 Feb 2022
    इस तरह, जनता को ज़्यादा से ज़्यादा बढ़ती मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन, मोदी सरकार को तो इस सब को देखना और पहचानना तक मंज़ूर नहीं है। लेकिन, यह अपने आप में अनिष्टकारी है क्योंकि जब भुगतान…
  • caste
    विक्रम सिंह
    आज़ाद भारत में मनु के द्रोणाचार्य
    07 Feb 2022
    शिक्षा परिसरों का जनवादीकरण और छात्रों, अध्यापकों, कुलपतियों और अन्य उच्च पदों में वंचित समुदायों का प्रतिनिधित्व बढ़ाये बिना शिक्षण संस्थानों को मनु के ब्राह्मणवाद से छुटकारा नहीं दिलवाया जा सकता है।
  • UP
    विजय विनीत
    यूपी चुनाव: पांच साल पत्रकारों ने झेले फ़र्ज़ी मुक़दमे और धमकियां, हालत हुई और बदतर! 
    07 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने पिछले पांच सालों में जिस तरह से मीडिया का गला घोंटा है उसे लोकतंत्र का चौथा खंभा शायद कभी नहीं भुला पाएगा। पूर्वांचल की बात करें तो जुल्म-ज्यादती के भय से थर-थर कांप रहे…
  • hum bharat ke log
    अतुल चंद्रा
    हम भारत के लोग : इंडिया@75 और देश का बदलता माहौल
    07 Feb 2022
    पुराने प्रतीकों की जगह नए प्रतीक चिह्न स्थापित किये जा रहे हैं। भारत की स्वतंत्रता के इतिहास को नया जामा पहनाने की कोशिश हो रही है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License