NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
पुर्तगाल में एलईआईसीए प्लांट के श्रमिकों ने वेतन के भेदभाव का विरोध किया
पुर्तगाल में एलईआईसीए (जर्मनी की बहुराष्ट्रीय ऑप्टिकल उपकरण व सामग्री निर्माता) के श्रमिकों ने वेतन वृद्धि और उत्पीड़न को समाप्त करने की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
पीपल्स डिस्पैच
18 Dec 2020
पुर्तगाल

गुरुवार 17 दिसंबर को पुर्तगाल में एलईआईसीए (जर्मनी की बहुराष्ट्रीय ऑप्टिकल उपकरण व सामग्री निर्माताओं) के लुसाडो संयंत्र में श्रमिकों ने वेतन में वृद्धि और प्रबंधन की मज़दूर विरोधी नीतियों का विरोध करने के लिए आंदोलन किया। उत्तरी विनिर्माण उद्योग संघ (एसआईटीई नॉर्टे) द्वारा इस प्रदर्शन के लिए आह्वान किया गया था।

यूनियन ने आरोप लगाया है कि एलईआईसीए प्रबंधन ने कंपनी के भीतर उसकी गतिविधि में बाधा डालकर और इसके नेताओं और प्रतिनिधियों को डरा-धमकाकर यूनियन की स्वतंत्रता को लगातार चुनौती दी है।

Esquerda.net की रिपोर्ट के अनुसार प्रदर्शन के दौरान यूनियन ने प्रबंधन से सभी श्रमिकों के लिए न्यूनतम 90 यूरो (110.42 डॉलर) की न्यूनतम वेतन वृद्धि, वेतन-भेदभाव समाप्त करने और उत्पीड़न नीति को समाप्त करने और सामूहिक श्रम अनुबंध को सम्मान देने की मांग की है।

अपने बयान में एसआईटीई नॉर्टे ने आरोप लगाया है कि "पिछले कुछ वर्षों में एलईआईसीए प्रशासन ने योग्य श्रमिकों के वेतन के अवमूल्यन के आधार पर एक प्रबंधन नीति बनाई है। इस नीति में समान कार्य करने वाले कर्ममचारियों के बीच वेतन में भेदभाव किया गया और ये अंतर 100 यूरो (122.69 डॉलर) से अधिक रहा।"

एसआईटीई नॉर्टे ने आगे कहा, "एलईआईसीए के प्रबंधन की एक प्रवृत्ति है जो पूरी तरह से नैतिक उत्पीड़न के अपराध में फिट बैठ सकता है क्योंकि जब भी कोई श्रमिक इन अन्यायों से लड़ने की कोशिश करता है जो यूनियन या यहां तक कि अन्य श्रोतों के साथ कंपनी उच्च पद वाले अपने कुछ कर्मचारियों के माध्यम के जरिए उन श्रमिकों को परेशान करने और शक्तिहीन करने की कोशिश करना शुरू कर देती है जिन्होंने अपना पूरा जीवन सौंप दिया है और जीवन सौंप देते हैं ताकि एलईआईसीए एक सफल कंपनी बनी रहे।”

जनरल कन्फेडरेशन ऑफ पुर्तगाल वर्कर्स (सीजीटीपी) ने लुसाडो में श्रमिकों के विरोध में अपनी एकजुटता दिखाई है और समर्थन दिया है। पुर्तगाल कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ता भी इन श्रमिकों के साथ एकजुटता दिखाते हुए इस प्रदर्शन में मौजूद थे।

LEICA
LEICA Portugal
Portugal
wage discrimination in portugal
workers' rights

Related Stories

खोज ख़बर :संविधान रक्षक किसान-मजदूर से भिड़ी मोदी सरकार

दिल्ली चलो: किसान सरकारी दमन के आगे झुकने वाले नहीं

दिल्ली में मज़दूरों ने किया हल्ला बोल, किसान संगठनों ने फूंका बिगुल

पुर्तगालः पीसीपी ने COVID-19 के मामले में ताज़ा वृद्धि के ख़िलाफ़ एनएचएस को मज़बूत करने का आह्वान किया

पुर्तगाल की कम्युनिस्ट पार्टी ने पब्लिक स्कूल के कर्मचारियों को हटाने की निंदा की

पुर्तगाल : कोरोना महामारी के बीच जारी है कार्नेशन क्रांति की सालगिरह की तैयारी

आयरलैंड : मज़दूर विरोधी औद्योगिक अधिनियम को ख़त्म करने का अभियान

मजदूरों की हड़ताल का पांचवां सप्ताह, जनरल मोटर्स के लिए कितना फायदेमंद?

पुर्तगालः सेंटर-लेफ्ट सोशलिस्ट एक बार फिर विजयी

मिड-डे मील वर्कर्स का मोदी सरकार की "मजदूर विरोधी" नीतियों के खिलाफ़ विरोध जारी


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक डेस्क
    लॉकडाउन-2020: यही तो दिन थे, जब राजा ने अचानक कह दिया था— स्टैचू!
    27 Mar 2022
    पुनर्प्रकाशन : यही तो दिन थे, जब दो बरस पहले 2020 में पूरे देश पर अनियोजित लॉकडाउन थोप दिया गया था। ‘इतवार की कविता’ में पढ़ते हैं लॉकडाउन की कहानी कहती कवि-पत्रकार मुकुल सरल की कविता- ‘लॉकडाउन—2020’।
  • डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    लीजिए विकास फिर से शुरू हो गया है, अब ख़ुश!
    27 Mar 2022
    ये एक सौ तीस-चालीस दिन बहुत ही बेचैनी में गुजरे। पहले तो अच्छा लगा कि पेट्रोल डीज़ल की कीमत बढ़ नहीं रही हैं। पर फिर हुई बेचैनी शुरू। लगा जैसे कि हम अनाथ ही हो गये हैं। जैसे कि देश में सरकार ही नहीं…
  • सुबोध वर्मा
    28-29 मार्च को आम हड़ताल क्यों करने जा रहा है पूरा भारत ?
    27 Mar 2022
    मज़दूर और किसान आर्थिक संकट से राहत के साथ-साथ मोदी सरकार की आर्थिक नीति में संपूर्ण बदलाव की भी मांग कर रहे हैं।
  • अजय कुमार
    महंगाई मार गई...: चावल, आटा, दाल, सरसों के तेल से लेकर सर्फ़ साबुन सब महंगा
    27 Mar 2022
    सरकारी महंगाई के आंकड़ों के साथ किराना दुकान के महंगाई आकड़ें देखिये तो पता चलेगा कि महंगाई की मार से आम जनता कितनी बेहाल होगी ?
  • जॉन पी. रुएहल
    क्या यूक्रेन मामले में CSTO की एंट्री कराएगा रूस? क्या हैं संभावनाएँ?
    27 Mar 2022
    अपने सैन्य गठबंधन, सामूहिक सुरक्षा संधि संगठन (सीएसटीओ) के जरिये संभावित हस्तक्षेप से रूस को एक राजनयिक जीत प्राप्त हो सकती है और अपने अभियान को आगे बढ़ाने के लिए उसके पास एक स्वीकार्य मार्ग प्रशस्त…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License