NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
ग्रीस के शरणार्थी शिविर में कार्यरत श्रमिक वहाँ पर रहने वाले लोगों के जीवन स्तर में सुधार की माँग को लेकर हड़ताल पर गए
ग्रीस की नई दक्षिणपंथी सरकार ने शरण की माँग के लिए प्राप्त आवेदनों की प्रक्रिया को धीमा और स्थगित सा कर दिया है जिसके चलते इनके लिए निर्मित शिविरों में लोगों की संख्या पहले से कई गुना बढ़ चुकी है।
पीपल्स डिस्पैच
13 Mar 2020
Greece

ग्रीस के लेस्बोस के मोरिया शरणार्थी शिविर में कार्यरत कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं। वे यहाँ शिविर की बदहाल स्थिति का विरोध कर रहे हैं और उनकी माँग है कि बेहतर काम करने लायक हालात मुहैया किये जाएं।

मोरिया शिविर अपने आप में एक अस्थाई शिविर है, जहाँ पर अधिकतर लोग अफ्रीका और पश्चिमी एशिया में चल रहे घमासान युद्ध के चलते भागकर शरण लिए हुए हैं।

विभिन्न स्रोतों से पता चला है कि इस शिविर में कुल 3000 लोगों के रखे जाने की मंजूरी है। लेकिन फिलहाल वहाँ पर करीब 25000 शरणार्थी रह रहे हैं। वहाँ के कर्मचारी और स्थानीय जनता सरकार द्वारा इस विस्तार के फैसले का विरोध कर रहे हैं। उन्हें डर है कि आगे चलकर इस शिविर को कहीं स्थाई डिटेंशन सेंटर के रूप में ही न तब्दील कर दिया जाये।

इस बाबत शिविर के एक कर्मचारी इरिनी जान्नी ने अनादोलू एजेंसी से हुई बातचीत में बताया है कि इस शिविर में रहने वाले अधिकतर लोगों को बेहद खराब हालात में जीने को मजबूर होना पड़ रहा है, और इसमें तत्काल सुधार की जरूरत है। कल के दिन 12 मार्च से हड़ताल की शुरुआत हुई है और इसका घोषित लक्ष्य है कि शरणार्थियों और पनाह माँग रहे लोगों के साथ मानवीय आधार पर व्यवहार हो। इसके साथ ही उनके लिए काम की बेहतर स्थितियां मुहैया कराई जाएं। श्रमिकों ने इस बाबत ग्रीक पार्लियामेंट के समक्ष भी प्रदर्शन किया है।

पिछले कुछ हफ़्तों से तुर्की ने अपनी सीमाओं को खोलने का निर्णय लिया है ताकि शरणार्थी वहाँ से निकलकर यूरोप की ओर चले जाएं। और उसी समय से भारी संख्या में सीरियाई शरणार्थियों का ग्रीस में आगमन जारी है।

इनमें से कुछ सीरियाई शरणार्थियों को इस बात की खबर है कि ग्रीस में नव निर्वाचित दक्षिणपंथी सरकार ने शरण माँगने वाले आवदेनों को निरस्त करना शुरू कर दिया है। लेकिन इसके बावजूद उन्होंने ग्रीस का रुख किया हुआ है। इस महीने के पहले सप्ताह में इसी प्रकार के एक शरणार्थी को ग्रीक बॉर्डर पुलिस की गोलियों का शिकार होना पड़ा था।

न्यू डेमोक्रेसी के क्यरियाकोस मित्सोताकिस के नेतृत्व में स्थापित नई सरकार जो कि पिछले साल जुलाई में सत्ता में आई है, ने “पानी में तैरने वाले बाड़” के निर्माण की भी योजना बना रखी है, जिससे कि शरणार्थी देश में घुसने की कोशिश न कर सकें। शरणार्थियों में से अधिकतर लोग ग्रीस को अस्थाई शरणस्थली के रूप में मानते हैं, जहाँ से वे यूरोप की आगे की यात्रा पर जा सकें।

साभार :पीपल्स डिस्पैच

Greece
Greece's refugee
Workers Strike
Syrian Refugees

Related Stories

लुधियाना: PRTC के संविदा कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू

दिल्ली: बर्ख़ास्त किए गए आंगनवाड़ी कर्मियों की बहाली के लिए सीटू की यूनियन ने किया प्रदर्शन

ग्रीस में प्रगतिशीलों ने ज़ेलेंस्की के नव-नाज़ियों के साथ संसद के संबोधन को ख़ारिज किया 

देशव्यापी हड़ताल को मिला कलाकारों का समर्थन, इप्टा ने दिखाया सरकारी 'मकड़जाल'

स्कीम वर्कर्स संसद मार्च: लड़ाई मूलभूत अधिकारों के लिए है

अर्बन कंपनी से जुड़ी महिला कर्मचारियों ने किया अपना धरना ख़त्म, कर्मचारियों ने कहा- संघर्ष रहेगा जारी!

निर्माण मज़दूरों की 2 -3 दिसम्बर को देशव्यापी हड़ताल,यूनियन ने कहा- करोड़ों मज़दूर होंगे शामिल

यूपी में अनीमिया, भुखमरी के शिकार बच्चे बढ़े, दिल्ली में श्रमिकों ने की हड़ताल और अन्य ख़बरें

दिल्ली में मज़दूरों ने अपनी मांगों को लेकर केंद्र और दिल्ली सरकार के ख़िलाफ़ हड़ताल की

एमएसआरटीसी हड़ताल 27वें दिन भी जारी, कर्मचारियों की मांग निगम का राज्य सरकार में हो विलय!


बाकी खबरें

  • अनिल सिन्हा
    उत्तर प्रदेशः हम क्यों नहीं देख पा रहे हैं जनमत के अपहरण को!
    12 Mar 2022
    हालात के समग्र विश्लेषण की जगह सरलीकरण का सहारा लेकर हम उत्तर प्रदेश में 2024 के पूर्वाभ्यास को नहीं समझ सकते हैं।
  • uttarakhand
    एम.ओबैद
    उत्तराखंडः 5 सीटें ऐसी जिन पर 1 हज़ार से कम वोटों से हुई हार-जीत
    12 Mar 2022
    प्रदेश की पांच ऐसी सीटें हैं जहां एक हज़ार से कम वोटों के अंतर से प्रत्याशियों की जीत-हार का फ़ैसला हुआ। आइए जानते हैं कि कौन सी हैं ये सीटें—
  • ITI
    सौरव कुमार
    बेंगलुरु: बर्ख़ास्तगी के विरोध में ITI कर्मचारियों का धरना जारी, 100 दिन पार 
    12 Mar 2022
    एक फैक्ट-फाइंडिंग पैनल के मुतबिक, पहली कोविड-19 लहर के बाद ही आईटीआई ने ठेके पर कार्यरत श्रमिकों को ‘कुशल’ से ‘अकुशल’ की श्रेणी में पदावनत कर दिया था।
  • Caste in UP elections
    अजय कुमार
    CSDS पोस्ट पोल सर्वे: भाजपा का जातिगत गठबंधन समाजवादी पार्टी से ज़्यादा कामयाब
    12 Mar 2022
    सीएसडीएस के उत्तर प्रदेश के सर्वे के मुताबिक भाजपा और भाजपा के सहयोगी दलों ने यादव और मुस्लिमों को छोड़कर प्रदेश की तकरीबन हर जाति से अच्छा खासा वोट हासिल किया है।
  • app based wokers
    संदीप चक्रवर्ती
    पश्चिम बंगाल: डिलीवरी बॉयज का शोषण करती ऐप कंपनियां, सरकारी हस्तक्षेप की ज़रूरत 
    12 Mar 2022
    "हम चाहते हैं कि हमारे वास्तविक नियोक्ता, फ्लिपकार्ट या ई-कार्ट हमें नियुक्ति पत्र दें और हर महीने के लिए हमारा एक निश्चित भुगतान तय किया जाए। सरकार ने जैसा ओला और उबर के मामले में हस्तक्षेप किया,…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License