NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
भारत
राजनीति
वाह मोदी जी, वाह! अब अंधेरे से डर कर भागेगा कोरोना!
मोदीजी ने आज एक और अपील की है। हम उनके साथ हैं, हम ताली बजायेंगे, दिये जलाएंगे लेकिन सवाल नहीं पूछेंगे। क्योंकि मोदीजी ने कहा है तो ठीक ही कहा होगा...
सत्यम् तिवारी
03 Apr 2020
cartoon click

कोरोना महामारी को दुनिया भर में फैले हुए 4 महीने से ज़्यादा हो गया है। लेकिन जो दुर्गति भारत ने इस मुए कोरोना की की है, कोई और देश सोच भी नहीं सकता था!

कोरोना से लड़ने के लिए भारत की जनता ने क्या कुछ नहीं किया और लगातार कर रही है। एक हिंदूवादी संगठन ने तो गौ मूत्र पार्टी कर ली, हालांकि उससे एक शख़्स बीमार भी पड़ गया था। लेकिन तो क्या? हो सकता है उस आदमी का पहले से ही पेट ख़राब रहा हो, और दोष दे रहा है गऊ माता को! नालायक!

उत्तराखंड के काशीपुर में तो लोगों ने घरों के आगे हल्दी वाले हाथ के छाप लगाए, कोरोना को भगाने के लिए।

और जो कसर बची रह गई थी वो हमारे प्रधानमंत्री पूरी कर रहे हैं। कोरोना से लड़ाई में भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र दामोदरदास मोदी ने समय समय पर ऐसे काम करने की अपील की है, जिससे कोरोना का अंत निश्चित है।

आज मोदीजी ने कहा है कि 5 अप्रैल रात 9 बजे 9 मिनट के लिए घरों की लाइट बन्द कर के 130 करोड़ भारतीय टॉर्च, मोमबत्ती और दिये जलाएं ताकि कोरोना के अंधेरे से हम रौशनी कर के लड़ सकें। कितना अच्छा क़दम है! सराहनीय है, अद्भुत है। कोरोना इस अंधेरे से डर कर भाग जाएगा और भारत दुनिया भर में एक मिसाल बन जायेगा।

इसी बीच देश के करोड़ों बेघर लोग यह सोच कर ख़ुश हुए हैं कि अब सारा देश उनका जीवन जी कर महसूस करेगा, 9 मिनट के लिए ही सही।

वैसे आज के संबोधन में मोदीजी ने ग़रीबों की मदद करने की भी बात की है। अभी-अभी ख़बर मिली है कि ग़रीबों की मदद और दिये जलाने का क्या संबंध है, इसपर दुनिया भर के संस्थान शोध कर रहे हैं।

इससे पहले मोदीजी ने 22 मार्च को 'जनता कर्फ़्यू' की अपील की थी, और यह भी अपील की थी कि लोग ताली-थाली बजा कर उन लोगों का धन्यवाद करें जो कोरोना से लड़ने के लिए काम कर रहे हैं। दरअसल बात यह है कि मोदीजी के समर्थक थोड़े संजीदा किस्म के लोग हैं, वो हर बात को एक क़दम आगे ले जाते हैं। इसी जनता कर्फ़्यू का माहौल यह था कि 5 बजते ही लोग ऐसे सड़कों पर आ गए जैसे अभी-अभी कोरोना से वर्ल्ड कप जीता गया हो! सोशल डिस्टेन्सिंग या सामाजिक दूरी का ऐसा मज़ाक़ दुनिया के किसी देश में शायद ही मनाया गया हो। उत्तर प्रदेश के कुछ शहरों में तो लोगों ने रैली तक निकाल दी थी।

पिछली बार की ही तरह मोदीजी ने इस बार भी नहीं बताया कि कोरोना से लड़ने के लिए देश की योजनाएँ क्या हैं, क्या स्वास्थ्य कर्मियों को उचित संसाधन मुहैया हो सके हैं? क्या हमारे पास भरपूर बिस्तर हैं? क्या हॉस्पिटलों में सुविधाएं भरपूर हैं? मोदीजी ने किसी भी चीज़ का जवाब नहीं दिया, और ना किसी ने उनसे सवाल पूछा क्योंकि मोदीजी कह रहे हैं, तो ठीक ही कह रहे होंगे…

अपने भाषण में मोदीजी ने 'लक्ष्मण रेखा पार नहीं करनी है' , 'घर में रहना कोरोना का रामबाण इलाज है' जैसी बातें कही हैं, समझ में यह नहीं आता कि कोई प्रधानमंत्री बात कर रहा है, या किसी मंदिर का पुजारी।

और दिये जलाने से होगा क्या, इसका भी जवाब मोदीजी ने नहीं दिया। क्योंकि यह करने के लिए उनके परमभक्त मीडिया के अलग-अलग चैनलों पर बैठे जो हैं। अब अगले तीन दिन तक हमें बताया जाएगा कि 9 मिनट तक अंधेरा करने से 9 गृहों के गुण मिलेंगे और देश से कोरोना 9 दिन के अंदर भाग जाएगा, और 14 अप्रैल तक लॉकडाउन ख़त्म हो जाएगा। या यह भी कहा जा सकता है कि कोरोना अब अंधेरे की मौत मरेगा।

maxresdefault_0.jpg

लेकिन डर तो मुझे मोदीजी के संजीदा समर्थकों से है, जो 5 अप्रैल को सही में दिवाली समझ लेंगे और शायद गली-मोहल्लों में पटाखे फोड़ने भी शुरू कर देंगे। उन संजीदा समर्थकों का क्या करना है, यह नहीं बताया मोदीजी ने।

कोरोना महामारी से देश भर में 2000 से ज़्यादा मरीज़ संक्रमित हो गए है, और हर रोज़ इसमें 300 से ज़्यादा लोग बढ़ रहे हैं। लेकिन हम थाली बजाएँगे, ताली बजाएँगे, दिये जलाएंगे; मगर सवाल नहीं पूछेंगे।

क्योंकि मोदीजी ने कहा है तो ठीक ही कहा होगा...

Coronavirus
Corona Crisis
India Lockdown
Coronavirus lockdown
Narendra modi
9 minutes Drama
Satire
Political satire
cartoon click
Modi Ji
Waah Modi ji Waah

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में आज फिर कोरोना के मामलों में क़रीब 27 फीसदी की बढ़ोतरी

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के घटते मामलों के बीच बढ़ रहा ओमिक्रॉन के सब स्ट्रेन BA.4, BA.5 का ख़तरा 

कोरोना अपडेट: देश में ओमिक्रॉन वैरिएंट के सब स्ट्रेन BA.4 और BA.5 का एक-एक मामला सामने आया

कोरोना अपडेट: देश में फिर से हो रही कोरोना के मामले बढ़ोतरी 

कोविड-19 महामारी स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्र में दुनिया का नज़रिया नहीं बदल पाई

कोरोना अपडेट: अभी नहीं चौथी लहर की संभावना, फिर भी सावधानी बरतने की ज़रूरत

कोरोना अपडेट: दुनियाभर के कई देशों में अब भी क़हर बरपा रहा कोरोना 

कोरोना अपडेट: देश में एक्टिव मामलों की संख्या 20 हज़ार के क़रीब पहुंची 

देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, PM मोदी आज मुख्यमंत्रियों संग लेंगे बैठक


बाकी खबरें

  • राज वाल्मीकि
    अब साहित्य का दक्षिण टोला बनाने की एक कोशिश हो रही है: जयप्रकाश कर्दम
    13 Feb 2022
    इतवार विशेष: दलित साहित्य और दलित लेखकों के साथ भेदभाव हो रहा है जैसे गांव में होता है न, दलित बस्ती दक्षिण टोला। दलित साहित्य को भी यह मान लीजिए कि यह एक दक्षिण टोला है। इस तरह वे लोग दलित साहित्य…
  • Saharanpur
    शंभूनाथ शुक्ल
    यूपी चुनाव 2022: शांति का प्रहरी बनता रहा है सहारनपुर
    13 Feb 2022
    बीजेपी की असली परीक्षा दूसरे चरण में हैं, जहां सोमवार, 14 फरवरी को वोट पड़ेंगे। दूसरे चरण में वोटिंग सहारनपुर, बिजनौर, अमरोहा, संभल, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, बदायूँ, शाहजहांपुर ज़िलों की विधानसभा…
  • Uttarakhand
    कृष्ण सिंह
    चुनाव 2022: उत्तराखंड में दलितों के मुद्दे हाशिये पर क्यों रहते हैं?
    13 Feb 2022
    अलग उत्तराखंड राज्य बनने के बाद भी दलित समाज के अस्तित्व से जुड़े सवाल कभी भी मुख्यधारा के राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक प्रश्न नहीं रहे हैं। पहाड़ी जिलों में तो दलितों की स्थिति और भी…
  • Modi
    डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    तिरछी नज़र: अगर आरएसएस न होता...अगर बीजेपी नहीं होती
    13 Feb 2022
    "...ये तो अंग्रेजों की चापलूसी में लगे थे। कह रहे थे, अभी न जाओ छोड़ कर, कि दिल अभी भरा नहीं"
  • election
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: चुनाव आयोग की साख पर इतना गंभीर सवाल!
    13 Feb 2022
    हर हफ़्ते की कुछ खबरें और उनकी बारिकियाँ बड़ी खबरों के पीछे छूट जाती हैं। वरिष्ठ पत्रकार जैन हफ़्ते की इन्हीं कुछ खबरों के बारे में बता रहे हैं। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License