NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
खेल
राजनीति
भारत की 1983 विश्व कप जीत के नायक यशपाल शर्मा का निधन
उन्हें अपने जुझारूपन के लिये जाना जाता है। विश्व कप 1983 में इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में उनकी अर्धशतकीय पारी क्रिकेट प्रेमियों को हमेशा याद रहेगी।
भाषा
13 Jul 2021
भारत की 1983 विश्व कप जीत के नायक यशपाल शर्मा का निधन

नयी दिल्ली: मध्यक्रम में अपनी जुझारू बल्लेबाजी के कारण भारतीय क्रिकेट में विशेष पहचान बनाने वाले और 1983 विश्व कप के नायक यशपाल शर्मा का मंगलवार को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया।

वह 66 वर्ष के थे। उनके परिवार में पत्नी, दो पुत्रियां और एक पुत्र है।

यशपाल के एक पूर्व साथी ने इसकी पुष्टि करते हुए पीटीआई से कहा, ‘‘हां, यशपाल हमारे बीच नहीं रहे। हमें अभी उनके परिवार से यह सूचना मिली। ’’

सूत्रों के अनुसार सुबह की सैर से लौटने के बाद यशपाल को दिल का दौरा पड़ा।

यशपाल ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 37 टेस्ट मैचों में 1606 रन और 42 वनडे में 883 रन बनाये। वनडे की अपनी 40 पारियों में वह कभी शून्य पर आउट नहीं हुए। उन्होंने दोनों प्रारूपों में एक-एक विकेट भी लिया।

उन्हें अपने जुझारूपन के लिये जाना जाता है। विश्व कप 1983 में इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में उनकी अर्धशतकीय पारी क्रिकेट प्रेमियों को हमेशा याद रहेगी।

वह 2000 के दशक के शुरुआती वर्षों में राष्ट्रीय चयनकर्ता भी रहे थे।

पूर्व भारतीय कप्तान दिलीप वेंगसरकर ने कहा कि वह अपने पूर्व साथी के निधन से सकते में है। दो सप्ताह पहले ही 1983 विश्व कप विजेता टीम एक पुस्तक के विमोचन के अवसर पर यहां इकट्ठा हुई थी।

वेंगसरकर ने पीटीआई से कहा, ‘‘यह अविश्वसनीय है। वह हम सभी में सबसे अधिक फिट था। हम जब उस दिन मिले थे तो मैंने उससे उसकी दिनचर्या के बारे में पूछा था। वह शाकाहारी था। रात को खाने में सूप लेता था और सुबह की सैर पर जरूर जाता था। मैं सकते में हूं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘एक खिलाड़ी के रूप में उसके लिये टीम हित सर्वोपरि था और कभी हार नहीं मानता था। मुझे दिल्ली में पाकिस्तान के खिलाफ 1979 का टेस्ट मैच याद है। हम दोनों ने साझेदारी निभायी थी जिससे हम मैच बचाने में सफल रहे थे। मैं उसे विश्वविद्यालय के दिनों से जानता था। मुझे अब भी विश्वास नहीं हो रहा है।’’

यशपाल शर्मा ने रणजी ट्राफी में तीन टीमों पंजाब, हरियाणा और रेलवे का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने 160 प्रथम श्रेणी मैचों में 8,933 रन बनाये जिसमें 21 शतक शामिल हैं। उनका उच्चतम स्कोर नाबाद 201 रन रहा।

वह अंपायर भी थे और दो महिला वनडे मैचों में उन्होंने अंपायरिंग भी की। वह उत्तर प्रदेश रणजी टीम के कोच भी रहे थे।

यशपाल के एक अन्य पूर्व साथी कीर्ति आजाद ने कहा, ‘‘उस दिन जब हम मिले तो उन्होंने मुझसे कहा कि मेरा वजन कम हो गया। हमारे लिये यादगार दिन था। मुझे विश्व कप 1983 का पहला मैच याद है। हमारा सामना वेस्टइंडीज की मजबूत टीम से था जिसके पास तूफानी गेंदबाजों की फौज थी। यशपाल ने अपनी योजना बनायी और हम मैच जीत गये। ’’

आजाद ने कहा, ‘‘उन्होंने सेमीफाइनल में भी शानदार पारी खेली और बॉब विलिस को छक्का जड़ा था। आजकल लोग कहते हैं कि रविंद्र जडेजा का निशाना सटीक है लेकिन अपने जमाने में यशपाल भी ऐसा करते थे। वह क्षेत्ररक्षण करते समय चुस्त रहते थे और जब भी स्टंप पर थ्रो करते थे तो उनका निशाना सटीक बैठता था। ’’

Yashpal Sharma
World Cup 1983

Related Stories


बाकी खबरें

  • tjk
    भाषा
    अमूल के बाद मदर डेयरी ने भी बढ़ाए दूध के दाम, दो रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ
    10 Jul 2021
    रविवार से मदर डेयरी का टोकन वाला दूध 44 रुपये प्रति लीटर हो जाएगा। अभी इसका दाम 42 रुपये प्रति लीटर है। फुल क्रीम (पोलिपैक) दूध का दाम 55 से बढ़कर 57 रुपये प्रति लीटर हो जाएगा।
  • Bdc election
    भाषा
    बीडीसी सदस्य के रिश्तेदार की हत्या में थाना प्रभारी व सिपाही निलंबित
    10 Jul 2021
    मामले में अभी तक चार अभियुक्तों की गिरफ्तारी हुई है। हालांकि मुख्य हत्यारोपी की पत्नी एवं भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार सरिता यज्ञसेनी क्षेत्र पंचायत प्रमुख का चुनाव बड़े अंतर से जीत गयी हैं।
  • The Great Indian Kitchen': An important film to expose the brahminical nature of patriarchy
    अनुपम तिवारी
    ‘द ग्रेट इंडियन किचन’: पितृसत्ता के ब्राह्मणवादी स्वरूप को बेपरदा करती एक ज़रूरी फ़िल्म
    10 Jul 2021
    एक हिन्दी भाषी होने के नाते यह मलयाली फिल्म देखना आवश्यक है क्योंकि यह सिर्फ़ स्त्रियों के साथ हो रहे भेदभाव के स्वरूप पर ही नहीं फोकस करती बल्कि यह समस्या को सही परिप्रेक्ष्य में देखने की कोशिश करती…
  • Immigration
    बी. सिवरामन
    नया प्रवासी विधेयक : देर से लाया गया कमज़ोर बिल
    10 Jul 2021
    इस लेख में हम विशेषकर खाड़ी देशों में रह रहे श्रमिक वर्ग के प्रवासियों के बारे में बात करेंगे और देखेंगे कि विधेयक उनके हितों की रक्षा किस हद तक करता है।
  • tyi
    प्रोफ़ेसर जी मोहन गोपाल
    फादर स्टेन की मौत के मामले में कोर्ट की भूमिका का स्वतंत्र परीक्षण जरूरी
    10 Jul 2021
    यहां फादर स्टेन स्वामी की ज़मानत याचिकाओं को कोर्ट द्वारा लगातार खारिज़ करने के मामले की तुलना दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा UAPA में बंद तीन छात्रों को ज़मानत दिए जाने के मामले से हो रही है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License