NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
(अ)धर्म संसद मामला: नरसिंहानंद को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया 
नरसिंहानंद को हरिद्वार के सर्वानंद घाट से शनिवार रात गिरफ्तार किया गया था, जहां वह (अ)धर्म संसद मामले में एक अन्य आरोपी जितेंद्र नारायण त्यागी उर्फ वसीम रिजवी की गिरफ्तारी के विरोध में कथित 'सत्याग्रह' कर रहे थे।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
17 Jan 2022
Yati Narsinghanand Saraswati

हरिद्वार की एक अदालत ने धर्म संसद का आयोजन कराने वाले यति नरसिंहानंद को रविवार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। हरिद्वार पुलिस थाने के थानाध्यक्ष रकिंदर सिंह कठैत ने बताया कि नरसिंहानंद को रोशनाबाद जेल भेजा गया है। उन्होंने बताया कि आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 295 (क) और 509 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
 
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में डासना मंदिर के मुख्य पुजारी नरसिंहानंद को गंगा तट पर सर्वानंद घाट से शनिवार रात गिरफ्तार किया गया था, जहां वह धर्म संसद मामले में एक अन्य आरोपी जितेंद्र नारायण त्यागी उर्फ वसीम रिजवी की गिरफ्तारी के विरोध में 'सत्याग्रह' कर रहे थे। ज्ञात हो कि हिंदू धर्म ग्रहण करने के बाद त्यागी बने रिजवी भी जेल में हैं।

नरसिंहानंद ने हरिद्वार में 17 से 19 दिसंबर तक धर्म संसद का आयोजन किया था जहां कुछ वक्ताओं ने मुसलमानों के खिलाफ कथित तौर पर घृणा फैलाने वाले भाषण दिए थे।

धर्म संसद घृणा भाषण मामले में हरिद्वार में नरसिंहानंद और त्यागी सहित 10 से ज्यादा लोगों के खिलाफ दो प्राथमिकी दर्ज की गयी हैं। मामले की जांच विशेष जांच दल कर रहा है।

क्या है पूरा मामला 

हरिद्वार सम्मेलन में, कट्टरपंथियों के साथ तथाकथित धार्मिक नेताओं सहित कई वक्ताओं ने भीड़ को लक्षित हिंसा में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया, और यहां तक कि सीधे तौर पर अल्पसंख्यक समुदाय के नरसंहार का आह्वान किया। दिल्ली के कार्यक्रम में, सुदर्शन न्यूज़ के प्रधान संपादक ने भारत को "हिंदू राष्ट्र" बनाने के लिए लोगों के एक समूह को "मरने और मारने" की शपथ दिलाई।
 
जिन व्यक्तियों ने हरिद्वार की 'धर्म संसद' में भाग लिया और अभद्र भाषा और नरसंहार के आह्वान किए उनमें शामिल हैं (लेकिन इन्हीं तक सीमित नहीं):

  • स्वामी प्रबोधानंद गिरी, उत्तराखंड हिंदू रक्षा सेना के अध्यक्ष
  • यति नरसिंहानंद, प्रधान पुजारी डासना देवी मंदिर
  • साध्वी अन्नपूर्णा उर्फ पूजा शकुन पांडे, महासचिव हिंदू महासभा
  • स्वामी आनंदस्वरूप
  • रुड़की के स्वामी सागर सिंधु महाराज
  • पटना के धरम दास महाराज सहित अन्य।

 
23 दिसंबर को, उत्तराखंड पुलिस ने मामले में एक प्राथमिकी दर्ज की, लेकिन शुरू में केवल वसीम रिज़वी को एक आरोपी के रूप में नामित किया था और धारा 153 ए (धर्म के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) और 295 ए (जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कृत्यों को शामिल करना) IPC की धाराएं लगाई गईं। कुछ दिनों बाद एफआईआर में संत धर्मदास महाराज, साध्वी अन्नपूर्णा उर्फ पूजा शकुन पांडे, यति नरसिंहानंद और सागर सिंधु महाराज समेत अन्य नाम जुड़ गए। हालांकि अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
 
दिल्ली में चव्हाणके के ख़िलाफ़ अभद्र भाषा के लिए 27 दिसंबर को शिकायत दर्ज की गई थी।

31 दिसंबर को, हरिद्वार कार्यक्रम के आयोजकों ने अलीगढ़ और कुरुक्षेत्र में इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित करने की अपनी भविष्य की योजनाओं की घोषणा की और उसी के प्रचार वीडियो के रूप में पहले के नफरत भरे भाषणों को प्रसारित किया। इसके बाद 3 जनवरी को वसीम रिजवी, यति नरसिंहानंद, संत धर्मदास महाराज, साध्वी अन्नपूर्णा उर्फ पूजा शकुन पांडे, सागर सिंधु महाराज, स्वामी आनंद स्वरूप, अश्विनी उपाध्याय, स्वामी प्रबोधानंद गिरी, धर्मदास महाराज, प्रेमानंद महाराज समेत अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
 
लाइव लॉ के मुताबिक, याचिकाकर्ताओं ने तहसीन पूनावाला बनाम भारत संघ (2018) 9 एससीसी 501 में इसके द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करने के लिए पुलिस अधिकारियों को निर्देश देने की मांग की है और इसके परिणामस्वरूप 'जांच में देखभाल के कर्तव्य' की रूपरेखा को परिभाषित करने की मांग की है।  
 
याचिका में कहा गया है कि इस मामले में न तो उत्तराखंड और न ही दिल्ली पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई की गई है। इसके अलावा, एफआईआर में आईपीसी की धारा 120 बी (आपराधिक साजिश), 121 ए (भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश) और 153 बी (राष्ट्रीय-एकीकरण के लिए पूर्वाग्रह) जैसे महत्वपूर्ण अपराधों को शामिल करने से चूक गए।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

ये भी पढ़ें: यति नरसिंहानंद से क्यों डर रही है सरकार? आज भी खुलेआम दे रहा चुनौती

dharm sansad
Yati Narsimhanand
Hate Speech
Yati Narsinghanand Saraswati

Related Stories

मनासा में "जागे हिन्दू" ने एक जैन हमेशा के लिए सुलाया

‘’तेरा नाम मोहम्मद है’’?... फिर पीट-पीटकर मार डाला!

वैष्णव जन: गांधी जी के मनपसंद भजन के मायने

तो इतना आसान था धर्म संसद को रोकना? : रुड़की से ग्राउंड रिपोर्ट

रुड़की : डाडा जलालपुर गाँव में धर्म संसद से पहले महंत दिनेशानंद गिरफ़्तार, धारा 144 लागू

कहिए कि ‘धर्म संसद’ में कोई अप्रिय बयान नहीं दिया जाएगा : न्यायालय ने उत्तराखंड के मुख्य सचिव से कहा

बात बोलेगी: मुंह को लगा नफ़रत का ख़ून

नफ़रती भाषण: कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को ‘बेहतर हलफ़नामा’ दाख़िल करने का दिया निर्देश

हिमाचल प्रदेश के ऊना में 'धर्म संसद', यति नरसिंहानंद सहित हरिद्वार धर्म संसद के मुख्य आरोपी शामिल 

दिल्ली पुलिस का ये कहना कि धर्म संसद में हेट स्पीच नहीं हुई, दुर्भाग्यपूर्ण है: पूर्व आईपीएस अधिकारी


बाकी खबरें

  • उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा : क्या रहे जनता के मुद्दे?
    न्यूज़क्लिक टीम
    उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा : क्या रहे जनता के मुद्दे?
    09 Mar 2022
    उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा के चुनाव की चर्चा भले ही मीडिया में कम हुई हो, मगर चुनावी नतीजों का बड़ा असर यहाँ की जनता पर पड़ेगा।
  • Newschakra
    न्यूज़क्लिक टीम
    Akhilesh Yadav का बड़ा आरोप ! BJP लोकतंत्र की चोरी कर रही है!
    09 Mar 2022
    न्यूज़चक्र के आज के एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार Abhisar Sharma बात कर रहे हैं चुनाव नतीजे के ठीक पहले Akhilesh Yadav द्वारा की गयी प्रेस कांफ्रेंस की।
  • विजय विनीत
    EVM मामले में वाराणसी के एडीएम नलिनीकांत सिंह सस्पेंड, 300 सपा कार्यकर्ताओं पर भी एफ़आईआर
    09 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की मतगणना से पहले राज्य कई स्थानों पर ईवीएम को लेकर हुए हंगामे के बाद चुनाव आयोग ने वाराणसी के अपर जिलाधिकारी (आपूर्ति) नलिनी कांत सिंह को सस्पेंड कर दिया। इससे पहले बना
  • बिहार विधानसभा में महिला सदस्यों ने आरक्षण देने की मांग की
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार विधानसभा में महिला सदस्यों ने आरक्षण देने की मांग की
    09 Mar 2022
    मौजूदा 17वीं विधानसभा में महिला विधायकों की संख्या 26 है। 2020 के चुनाव में 243 सीटों पर महज 26 महिलाएं जीतीं यानी सदन में महिलाओं का प्रतिशत महज 9.34 है।
  • सोनिया यादव
    उत्तराखंड : हिमालयन इंस्टीट्यूट के सैकड़ों मेडिकल छात्रों का भविष्य संकट में
    09 Mar 2022
    संस्थान ने एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे चौथे वर्ष के छात्रों से फ़ाइनल परीक्षा के ठीक पहले लाखों रुपये की फ़ीस जमा करने को कहा है, जिसके चलते इन छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License