NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
कोरोना वायरस संकट के बीच यमन की जंग को 5 साल पूरे
अमेरिका समर्थित और सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन में "सदी का सबसे बड़ा मानवीय संकट" पैदा किया है।
पीपल्स डिस्पैच
26 Mar 2020
 यमन

कोरोना वायरस के वैश्विक संकट के बीच यमन में चल रही जंग को 26 मार्च को 5 साल पूरे हो गए। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, सऊदी अरब के राष्ट्रपति मंसूर अल-हादी की सरकार के समर्थन में शुरू हुई इस जंग ने अभी तक यमन में "सबसे बड़ा मानवीय संकट" पैदा किया है।

अरब के सबसे ग़रीब देश में यह जंग 2014 के अंत में शुरू हुई थी जब उत्तरी यमन की अंसार अल्लाह ताक़तों ने राजधानी सना पर क़ब्ज़ा कर लिया था। उन्होंने कहा था कि अल-हादी की सरकार देश चलाने में नाकाम साबित हो रही थी और व्यापक भ्रष्टाचार में शामिल थी। हादी पहले दक्षिणी शहर अदन में गए और बाद में सऊदी अरब चले गए। 26 मार्च, 2015 को सऊदी अरब और यूएई ने अमेरिका और अन्य क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सहयोगियों के समर्थन से देश पर बमबारी करना शुरू कर दिया, और इल्ज़ाम लगाया कि हौथियों कथित ईरानी समर्थन मिल रहा है।

यमन में सड़क, समुद्र और हवाई रास्ते को बंद कर दिया गया था, जबकि यह देश बड़े स्तर खाद्य और दवाइयों के लिए आयात पर निर्भर करता है। रिपोर्टों के मुताबिक़, सऊदी की तरफ़ किए गए हवाई हमलों में से एक तिहाई हमले आम नागरिकों, मेडिकल सेवाओं, हॉस्पिटलों, खाने की दुकानों, पानी और बिजली पर निशाना बनाते हैं।

यमन डाटा प्रोजेक्ट के अनुसार, सऊदी गठबंधन हर रोज़ कम से कम 10 नागरिकों की हत्या करता है। ओक्स्फ़ैम ने बताया है कि यमन की क़रीब आधी आबादी को जंग की वजह से साफ़ पानी नहीं मिलता है।

पांच साल के युद्ध में 100000 से अधिक लोग मारे गए हैं। नाकाबंदी ने भोजन और चिकित्सा की गंभीर आपूर्ति को 29 मिलियन यमन वासियों में से 24 को बदल दिया है जो किसी प्रकार की मानवीय सहायता पर निर्भर है। आज यमन के दो तिहाई से अधिक लोग अकाल के कगार पर हैं।

जंग की वजह से यमन की स्वास्थ्य सेवाएँ भी बर्बाद हो गई हैं। यूएन ने रिपोर्ट किया है कि अब यमन में सिर्फ़ आधी स्वस्थ्य सुविधाएं कार्यरत हैं। और उनमें भी उचित मात्रा में सुविधाएं मौजूद नहीं हैं।

हालांकि यमन में अभी कोविड-19 संक्रामण का कोई मामला सामने नहीं है। संयुक्त राष्ट्र ने इसके संकट से सावधान रहने की ज़रूरत को साझा करते हुए देश में शांति बनाने की अपील करते हुए जंग में शामिल सभी से कहा है कि तत्काल प्रभाव से सीज़फ़ायर समझौता कर लें।

साभार : पीपल्स डिस्पैच

Coronavirus
COVID-19
yemen
Global crisis of corona virus
Corona Crisis
Saudi bombing in Yemen

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा


बाकी खबरें

  • अजय कुमार
    मोदी जी की नोटबंदी को ग़लत साबित करती है पीयूष जैन के घर से मिली बक्सा भर रक़म!
    29 Dec 2021
    मोदी जी ग़लत हैं। पीयूष जैन के घर से मिला बक्से भर पैसा समाजवादी पार्टी के भ्रष्टाचार का इत्र नहीं बल्कि नोटबंदी के फ़ैसले को ग़लत साबित करने वाला एक और उदाहरण है।
  • 2021ः कोरोना का तांडव, किसानों ने थमाई मशाल, नफ़रत ने किया लहूलुहान
    न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
    2021ः कोरोना का तांडव, किसानों ने थमाई मशाल, नफ़रत ने किया लहूलुहान
    29 Dec 2021
    खोज ख़बर में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने साल 2021 के उन उजले-स्याह पलों का सफ़र तय किया, जिनसे बनती-खुलती है भारतीय लोकतंत्र के भविष्य की राह।
  • जानिए: अस्पताल छोड़कर सड़कों पर क्यों उतर आए भारतीय डॉक्टर्स?
    रवि शंकर दुबे
    जानिए: अस्पताल छोड़कर सड़कों पर क्यों उतर आए भारतीय डॉक्टर्स?
    29 Dec 2021
    यह हड़ताली रेजिडेंट डॉक्टर्स क्या चाहते हैं, क्यों चाहते हैं, अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरना इनके लिए क्यों ज़रूरी है। आइए, क्रमवार जानते हैं-
  • सोनिया यादव
    जेएनयू: ICC का नया फ़रमान पीड़ितों पर ही दोष मढ़ने जैसा क्यों लगता है?
    29 Dec 2021
    नए सर्कुलर में कहा गया कि यौन उत्पीड़न के मामले में महिलाओं को खुद ही अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी। महिलाओं को यह पता होना चाहिए किए इस तरह के उत्पीड़न से बचने के लिए उन्हें अपने पुरुष दोस्तों के…
  • कश्मीरी अख़बारों के आर्काइव्ज को नष्ट करने वालों को पटखनी कैसे दें
    एजाज़ अशरफ़
    कश्मीरी अख़बारों के आर्काइव्ज को नष्ट करने वालों को पटखनी कैसे दें
    29 Dec 2021
    सेंसरशिप अतीत की हमारी स्मृतियों को नष्ट कर देता है और जिस भविष्य की हम कामना करते हैं उसके साथ समझौता करने के लिए विवश कर देता है। प्रलयकारी घटनाओं से घिरे हुए कश्मीर में, लुप्त होती जा रही खबरें…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License