NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
योगी ने कहा 15 अप्रैल को खुलेगा लॉकडाउन : मांगा सांसदों और मंत्रियों से सहयोग
अन्य राज्यों में रहकर काम करने वाले बड़ी संख्या में प्रदेशवासी राज्य में वापस आये हैं। इनमें से अधिकतर लोगों के पास राशन कार्ड उपलब्ध नहीं है। योगी ने इसके लिए भी सांसदों से सहयोग मांगा है
भाषा
06 Apr 2020
योगी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कहा कि कोरोना संक्रमण के मद्देनजर घोषित लॉकडाउन आगामी 15 अप्रैल को खुलेगा।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी सांसदों और मंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान कहा "15 अप्रैल से लॉकडाउन समाप्त होगा तो दो काम करने होंगे। जब 15 अप्रैल को हम लॉकडाउन खोलेंगे तो एकाएक जमावड़ा ना होने पाए, इसमें आपकी सहभागिता और सहयोग चाहिए होगा।"

उन्होंने कहा "चूंकि 15 अप्रैल को हम जैसे ही लॉकडाउन खोलेंगे और एकाएक भीड़ जुट जाएगी तो सारी मेहनत पर पानी फिर जाएगा। इसके लिए मैं चाहूंगा कि हम लोग एक व्यवस्था बनाएं। मैं इसके लिए आप लोगों से सुझाव भी चाहूंगा। आप अपना सुझाव लिखकर भेजें कि क्या होना चाहिए।" 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सांसदों का आम जनता से सीधा संवाद होता है। राज्य सरकार ने ठेला, खोमचा, पल्लेदार, रिक्शा, ई-रिक्शा आदि चलाने वाले दिहाड़ी मजदूरों को राहत पहुंचाने के लिए उनके बैंक खातों में 1000 रुपये भेजने की घोषणा की है। मगर, ऐसे अधिकतर व्यक्तियों के बैंक खाते उपलब्ध नहीं हैं।

उन्होंने सांसद गण से अनुरोध किया कि सोशल मीडिया, टेलीफोन आदि के माध्यम से ऐसे व्यक्तियों के खाते उपलब्ध कराने में सहयोग करें।

योगी ने कहा कि लॉकडाउन लागू होने के बाद अन्य राज्यों में रहकर काम करने वाले बड़ी संख्या में प्रदेशवासी राज्य में वापस आये हैं। इनमें से अधिकतर लोगों के पास राशन कार्ड उपलब्ध नहीं है। इन प्रदेशवासियों की बैंक खाता संख्या भी उपलब्ध नहीं है। उन्होंने सांसदों से ऐसे प्रदेशवासियों के राशन कार्ड बनवाने में सहयोग करने तथा इनकी खाता संख्या प्राप्त कर जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने की अपील की, जिससे इन जरूरतमन्द लोगों को राशन उपलब्ध कराया जा सके और इनके खातों में 1000 रुपये की धनराशि भेजी जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि वेंटिलेटर्स, पीपीई किट, एन-95 मास्क, ट्रिपल लेयर मास्क वगैरह के उत्पादन की कार्यवाही प्रदेश में ही की जा सके, इसके लिए एक कोष का गठन किया गया है। विधायकगण और अन्य संस्थाओं द्वारा इसमें योगदान भी किया जा रहा है। सांसद भी इसमें सहयोग करें।

लॉकडाउन के समय में जनसामान्य को किसी प्रकार की परेशानी ना हो, इसके लिए योगी ने सांसद व मंत्रियों से अपने अपने क्षेत्रों में निगरानी रखने को कहा ।

योगी आदित्यनाथ ने सभी सांसदों व मंत्रियों से उत्तर प्रदेश कोविड केयर फंड में सांसद/ विधायक निधि से एक करोड़ रूपये के साथ ही विधायकों से एक महीने का वेतन देने की अपील की।

उन्होंने बताया कि बसपा प्रमुख मायावती ने भी अपने विधायकों से इस फंड में सहयोग करने की अपील की है। फंड में आने वाली धनराशि पर विस्तार से चर्चा करते हुए योगी ने बताया कि इस फंड का प्रयोग प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को कई गुना विस्तार देने में किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि इस फंड से मेडिकल कॉलेज और जिला स्तर के अस्पताल के कार्य क्षमता में विस्तार किया जाएगा। वेंटिलेटर, पीपीई, आइसोलेशन, जनपद स्तर पर टेस्टिंग लैब की व्यवस्था पर खर्च किया जाएगा।

योगी ने बताया कि प्रयास है कि इस फंड में करीब 1500 करोड़ एकत्र हों, जिससे आवश्यक कामों में तेजी आ सके। इसके अलावा अन्य लोगों से भी इस फंड में आर्थिक सहयोग करने का आह्वान किया।

इस बीच राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ने अपना एक माह का वेतन एवं अपनी विधायक निधि का एक करोड़ रुपया यूपी कोविड केयर फंड में दिया।

Lockdown
Yogi Adityanath
BJP
Coronavirus

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • Hijab controversy
    भाषा
    हिजाब विवाद: बेंगलुरु के कॉलेज ने सिख लड़की को पगड़ी हटाने को कहा
    24 Feb 2022
    सूत्रों के अनुसार, लड़की के परिवार का कहना है कि उनकी बेटी पगड़ी नहीं हटायेगी और वे कानूनी राय ले रहे हैं, क्योंकि उच्च न्यायालय और सरकार के आदेश में सिख पगड़ी का उल्लेख नहीं है।
  • up elections
    असद रिज़वी
    लखनऊ में रोज़गार, महंगाई, सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन रहे मतदाताओं के लिए बड़े मुद्दे
    24 Feb 2022
    लखनऊ में मतदाओं ने अलग-अलग मुद्दों को लेकर वोट डाले। सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन की बहाली बड़ा मुद्दा था। वहीं कोविड-19 प्रबंधन, कोविड-19 मुफ्त टीका,  मुफ्त अनाज वितरण पर लोगों की अलग-अलग…
  • M.G. Devasahayam
    सतीश भारतीय
    लोकतांत्रिक व्यवस्था में व्याप्त खामियों को उजाकर करती एम.जी देवसहायम की किताब ‘‘चुनावी लोकतंत्र‘‘
    24 Feb 2022
    ‘‘चुनावी लोकतंत्र?‘‘ किताब बताती है कि कैसे चुनावी प्रक्रियाओं की सत्यता को नष्ट करने के व्यवस्थित प्रयासों में तेजी आयी है और कैसे इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
  • Salempur
    विजय विनीत
    यूपी इलेक्शनः सलेमपुर में इस बार नहीं है मोदी लहर, मुकाबला मंडल-कमंडल के बीच होगा 
    24 Feb 2022
    देवरिया जिले की सलेमपुर सीट पर शहर और गावों के वोटर बंटे हुए नजर आ रहे हैं। कोविड के दौर में योगी सरकार के दावे अपनी जगह है, लेकिन लोगों को याद है कि ऑक्सीजन की कमी और इलाज के अभाव में न जाने कितनों…
  • Inequality
    प्रभात पटनायक
    आर्थिक असमानता: पूंजीवाद बनाम समाजवाद
    24 Feb 2022
    पूंजीवादी उत्पादन पद्धति के चलते पैदा हुई असमानता मानव इतिहास में अब तक पैदा हुई किसी भी असमानता के मुकाबले सबसे अधिक गहरी असमानता है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License