NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अब ग्वालियर से भूमिहीन सत्याग्रहियों का दिल्ली कूच
इस समय पूरे देश में किसान और मज़दूर आंदोलित हैं। अभी 2 अक्टूबर को दिल्ली के दरवाज़े पर गन्ना किसानों को बलपूर्वक रोक दिया गया। इससे पहले देशभर से किसान और मज़दूर दिल्ली पहुंचे थे। ये सब आंदोलन केंद्र और राज्य सरकारों के लिए एक चेतावनी हैं, अगर वे समझें तब।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
05 Oct 2018
भूमिहीन सत्याग्रहियों का दिल्ली कूच
Image Courtesy: bhaskar

भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में गन्ना किसानों के बाद  अब मध्य प्रदेश के ग्वालियर से भूमिहीन सत्याग्रही दिल्ली की ओर बढ़ रहे हैं। एकता परिषद और सहयोगी संगठनों के आह्वान पर हजारों भूमिहीनों ने जनांदोलन 2018 पांच सूत्रीय मांगों को लेकर शुरू किया है। 
उनकी मांग है कि आवासीय कृषि भूमि अधिकार कानून, महिला कृषक हकदारी कानून (वुमन फार्मर राइट एक्ट), जमीन के लंबित मामलों के निपटारे के लिए न्यायालयों का गठन किया जाए, राष्ट्रीय भूमि सुधार नीति की घोषणा और उसका क्रियान्वयन, वनाधिकार कानून 2006 व पंचायत अधिनियम 1996 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर निगरानी समिति बनाई जाए।
यह सत्याग्रही गुरुवार को ग्वालियर से दिल्ली की ओर बढ़े। पहले दिन इन सत्याग्रहियों ने कुल 19 किलोमीटर का रास्ता तय किया और सुसेराकोठी और बुरवां गांव के बीच रात गुजारी। शुक्रवार सुबह यह कारवां फिर आगे बढ़ चला। 
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी इस यात्रा के पक्ष में आगे आए हैं और शनिवार को मुरैना में सत्याग्रहियों के बीच पहुंचकर अपना समर्थन जताने वाले हैं। इससे पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र खटीक सत्याग्रहियों के बीच पहुंचकर अपनी सरकारों का पक्ष रख चुके हैं।
केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने एक पत्र भेजकर केंद्र सरकार द्वारा भूमिहीनों के लिए किए जा रहे प्रयासों का ब्योरा दिया था। 

इसे भी पढ़ें दिल्ली के दरवाज़े पर ‘किसान क्रांति यात्रा’, लेकिन प्रवेश की इजाज़त नहीं

इसे भी पढ़ें क्रांति यात्रा : दिल और जिस्म पर घाव लेकर लौटे किसान
 

आपको बता दें कि इस समय पूरे देश में किसान और मज़दूर आंदोलित हैं। अभी भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में 2 अक्टूबर, गांधी जयंती पर किसान क्रांति यात्रा हरिद्वार से दिल्ली के दरवाज़े तक पहुंची थी। इस यात्रा को केंद्र सरकार के आदेश पर दिल्ली में प्रवेश नहीं करने दिया गया और ग़ाज़ियाबाद में यूपी गेट पर ही बलपूर्वक रोक दिया गया। इस दौरान पुलिस ने किसानों के ऊपर आंसू गैस, वाटर कैनन और लाठी-गोली का भी प्रयोग किया। बाद में किसी तरह मनाकर इन किसानों को वापस किया गया। इस यात्रा में भी यूपी के गन्ना किसानों के अलावा पंजाब, हरियाणा, राजस्थान के भी किसान शामिल थे।

 

इसे भी पढ़ें ए०आर० सिन्धु:सरकार को बदलना ही पर्याप्त नहीं, हमें नीतियों को बदलने की ज़रुरत है

 

इससे पहले वाम दलों के समर्थन वाले किसान और मज़दूर संगठनों सीआईटीयू, एआईकेएस और एआईएडब्ल्यूयू ने 5 सितंबर को दिल्ली में बड़ी रैली की थी। इसमें देशभर के किसान और मज़दूर इकट्ठा हुए थे और रामलीला मैदान से संसद तक मार्च किया गया था। इससे पहले भी राजस्थान, महाराष्ट्र में इस तरह के आंदोलन हुए। तमिलनाडु के किसानों ने भी दिल्ली में जंतर-मंतर पर करीब 40 दिन धरना-प्रदर्शन किया।

ये सभी आंदोलन बता रहे हैं कि किसान-मज़दूर किस कदर परेशान और उद्वेलित हैं। ये आंदोलन ये भी बता रहे हैं कि सरकार की नीतियां किस दिशा में जा रही हैं। किसानों को न उनकी उपज का वाजिब दाम मिल रहा है और न मज़दूरों को न्यूनतम मज़दूरी। उधर शिक्षित युवा के पास रोज़गार नहीं है, तो छोटे व्यापारी भी परेशान हैं। कुल मिलाकर देश एक बड़ी बेचैनी के दौर से गुजर रहा है और ये एक बड़े बदलाव का संकेत हो सकता है।

(कुछ इनपुट आईएएनएस)

landless poor
Long March
Delhi
gwalior
ekta parishad
lands rights

Related Stories

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

धनशोधन क़ानून के तहत ईडी ने दिल्ली के मंत्री सत्येंद्र जैन को गिरफ़्तार किया

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

मुंडका अग्निकांड के लिए क्या भाजपा और आप दोनों ज़िम्मेदार नहीं?

मुंडका अग्निकांड: लापता लोगों के परिजन अनिश्चतता से व्याकुल, अपनों की तलाश में भटक रहे हैं दर-बदर

मुंडका अग्निकांड : 27 लोगों की मौत, लेकिन सवाल यही इसका ज़िम्मेदार कौन?

दिल्ली : फ़िलिस्तीनी पत्रकार शिरीन की हत्या के ख़िलाफ़ ऑल इंडिया पीस एंड सॉलिडेरिटी ऑर्गेनाइज़ेशन का प्रदर्शन

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

दिल्ली: केंद्र प्रशासनिक सेवा विवाद : न्यायालय ने मामला पांच सदस्यीय पीठ को सौंपा


बाकी खबरें

  • protest
    न्यूज़क्लिक टीम
    दक्षिणी गुजरात में सिंचाई परियोजना के लिए आदिवासियों का विस्थापन
    22 May 2022
    गुजरात के दक्षिणी हिस्से वलसाड, नवसारी, डांग जिलों में बहुत से लोग विस्थापन के भय में जी रहे हैं। विवादास्पद पार-तापी-नर्मदा नदी लिंक परियोजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। लेकिन इसे पूरी तरह से…
  • डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    तिरछी नज़र: 2047 की बात है
    22 May 2022
    अब सुनते हैं कि जीएसटी काउंसिल ने सरकार जी के बढ़ते हुए खर्चों को देखते हुए सांस लेने पर भी जीएसटी लगाने का सुझाव दिया है।
  • विजय विनीत
    बनारस में ये हैं इंसानियत की भाषा सिखाने वाले मज़हबी मरकज़
    22 May 2022
    बनारस का संकटमोचन मंदिर ऐसा धार्मिक स्थल है जो गंगा-जमुनी तहज़ीब को जिंदा रखने के लिए हमेशा नई गाथा लिखता रहा है। सांप्रदायिक सौहार्द की अद्भुत मिसाल पेश करने वाले इस मंदिर में हर साल गीत-संगीत की…
  • संजय रॉय
    महंगाई की मार मजदूरी कर पेट भरने वालों पर सबसे ज्यादा 
    22 May 2022
    पेट्रोलियम उत्पादों पर हर प्रकार के केंद्रीय उपकरों को हटा देने और सरकार के इस कथन को खारिज करने यही सबसे उचित समय है कि अमीरों की तुलना में गरीबों को उच्चतर कीमतों से कम नुकसान होता है।
  • राजेंद्र शर्मा
    कटाक्ष: महंगाई, बेकारी भुलाओ, मस्जिद से मंदिर निकलवाओ! 
    21 May 2022
    अठारह घंटे से बढ़ाकर अब से दिन में बीस-बीस घंटा लगाएंगेे, तब कहीं जाकर 2025 में मोदी जी नये इंडिया का उद्ïघाटन कर पाएंगे। तब तक महंगाई, बेकारी वगैरह का शोर मचाकर, जो इस साधना में बाधा डालते पाए…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License