NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
विज्ञान
"अबेल पुरस्कार" प्राप्त करने वाली पहली महिला प्रोफ़ेसर उहलेनबेक
ज्यामितीय विश्लेषण और गॉज सिद्धांत (जियोमेट्रिक अनालिसिस एंड गॉज थ्योरी) पर उहलेनबेक के मौलिक कार्यों ने पिछले 40 वर्षों में गणित के क्षेत्र में आकस्मिक प्रगति की है।
संदीपन तालुकदार
22 Mar 2019
Abel Prize.
Image courtesy: Abel Prize. Image for representational purpose only.

गणित विषय का नोबेल कहा जाने वाला अबेल पुरस्कार इस वर्ष करेन उहलेनबेक को दिया गया है। प्रिंसटन यूनिवर्सिटी की विज़िटिंग प्रोफ़ेसर उहलेनबेक पहली महिला हैं जिन्होंने ये प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त किया है।

अबेल कमेटी के चेयरमैन हंस मुन्थेकास ने एक बयान में कहा, "उनके सिद्धांतों ने अतिसूक्ष्म पृष्ठों के बारे में हमारी समझ में क्रांति ला दी है जैसे कि साबुन के बुलबुले से बने पृष्ठ और उच्च आयामों में अधिक सामान्य न्यूनतम समस्याएँ।"

अबेल पुरस्कार की शुरुआत वर्ष 2002 में 19वीं शताब्दी के नार्वे के गणितज्ञ निल्स हेनरिक अबेल के सम्मान में की गई थी। नोबेल पुरस्कारों में शामिल नहीं किए गए गणित के क्षेत्र में उत्कृष्ट वैज्ञानिक कार्यों के लिए सम्मानित किया जाता है।

पुरस्कार मिलने पर उहलेनबेक ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा: “मैं थोड़ी अभिभूत हूँ। मुझे आशा है कि मैं इससे ख़ुद को जुड़ा रख सकती हूँ।" उन्होंने आगे कहा कि "मैं इस सच्चाई को जानती हूँ कि मैं गणित के क्षेत्र में युवा महिलाओं के लिए एक रोल मॉडल हूँ। हालांकि एक रोल मॉडल बनना काफ़ी मुश्किल है क्योंकि आपको वास्तव में ऐसा करने की आवश्यकता है जो छात्रों को दिखाना है कि लोग अपूर्ण होते हुए भी सफ़ल हो सकते हैं। मैं इसकी वजह से एक प्रशंसनीय गणितज्ञ और प्रसिद्ध हो सकती हूँ लेकिन मैं बहुत मानवीय भी हूँ।"

इस पुरस्कार के साथ उहलेनबेक वैज्ञानिक पुरस्कार प्राप्त करने वाली महिला वैज्ञानिकों के एक छोटे समूह में शामिल हो गईं हैं। नोबेल पुरस्कार वेबसाइट के अनुसार, वर्ष 1901 और 2018 के बीच भौतिकी, रसायन और चिकित्सा के क्षेत्र में 607 नोबेल पुरस्कार पाने वालों में केवल 19 महिलाएं हैं जिन्हें सम्मानित किया गया है। मैरी क्यूरी ऐसी महिला हैं जिन्हें दो बार नोबेल पुरस्कार मिला। उन्हें एक बार भौतिकी के लिए और दूसरी बार रसायन विज्ञान के लिए मिला। ईरान की मरियम मिर्ज़ाखानी एकमात्र महिला हैं जिन्होंने एक अन्य गणित का पुरस्कार फ़ील्ड मेडर प्राप्त किया था। उन्हें वर्ष 2014 में ये पुरस्कार मिला।क्लीवलैंड में जन्मी उहलेनबेक अपने करियर के शुरुआती दिनों में गणित के क्षेत्र में नहीं थी। मिशिगन विश्वविद्यालय में फ़्रेशमैन ऑनर्स गणित पाठ्यक्रम में नामांकन के बाद ही वह इसमें आईं थीं। उन्होंने अपनी पुस्तक मैथेमेटिक्सः एन आउटर व्यू ऑफ़ द इनर वर्ल्ड में लिखा, "गणित की संरचना, औचित्य और सुंदरता ने मुझे तुरंत प्रभावित किया और मैंने अपना दिल इसको दे दिया।"

उहलेनबेक 1960 के दशक के मध्य में ब्रांडीस विश्वविद्यालय में स्नातक स्कूल ज्वाइन किया और रिचर्ड पालइस को अपना सलाहकार चुना। पालइस अनालीसिस (कैलकूलस का सामान्यीकरण), टोपोलॉजी और जियोमेट्री (आकार की संरचना का अध्ययन) के बीच स्थित अनसुलझे क्षेत्र की खोज कर रहे थे। उहलेनबेक इसमें गहराई तक जाने से ख़ुद को नहीं रोक सकीं।

70 के दशक के मध्य में इलिनोइस विश्वविद्यालय में प्रोफ़ेसर के रूप में कार्य करते हुए उहलेनबेक पालइस और उनके सहयोगी द्वारा छोड़े गए कार्यों में व्यस्त थीं। लेकिन इलिनोइस में उनका रहना कोई ख़ुशी की बात नहीं थी। वह और उनके तत्कालीन पति दोनों वहाँ प्रोफेसर थे और उहलेनबेक को वहाँ एक "फ़ैकल्टी वाइफ़" के रूप में देखा जाता था जो उन्हें बहुत परेशान करता था। इलिनोइस में रहते हुए वह एक पोस्ट-डॉक्टोरल साथी जोनाथन सैक से मिलीं। उनके साथ उन्होंने गणित की समस्या द प्रोब्लेम ऑफ़ हार्मोनिक मैप का अध्ययन किया। इससे इस क्षेत्र के कई पहलुओं का जवाब मिला जो रहस्य बना रहा। वह गणित में "बबलिंग फ़ेनोमेनन" को भी स्पष्ट कर पाईं जो बाद में भौतिकी में भी मौजूद पाया गया था।

जोनाथन सैक के साथ उहलेनबेक के कार्य परिवर्तनकारी थे। लेकिन यह 1980 का दशक था जब गॉज सिद्धांत में उनकी रुचि बढ़ी जो कि इलेक्ट्रोमैग्नेटिज़्म के सिद्धांत का एक विस्तार है और पार्टिकल फ़िज़िक्स के स्टैंडर्ड मॉडल सहित कई भौतिक सिद्धांतों के लिए गणितीय आधार प्रदान किया है। उहलेनबेक ने इस क्षेत्र में कई नए पहलुओं की खोज की जो इसके पूरे नियम को बदल पाई।

Karen Uhlenbeck
Abel Prize
Norwegian Academy of Science and Letters
Standard Model of Particle Physics
Gauge Theory
Harmonic Map
Geometry

Related Stories


बाकी खबरें

  • weekend curfew
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    दिल्ली में ओमीक्रॉन के बढ़ते मामलों के मद्देनज़र शनिवार-रविवार का कर्फ़्यू
    04 Jan 2022
    डीडीएमए की बैठक के बाद उप मुख्यमंत्री सिसोदिया ने कहा, ‘‘शनिवार और रविवार को कर्फ़्यू रहेगा। लोगों से अनुरोध किया जाता है कि बेहद जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें।’’
  • Subramanian Swamy
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    ख़बर भी, नज़र भी: भाजपा के अपने ही बाग़ी हुए जा रहे हैं
    04 Jan 2022
    मोदी सरकार चाहती है कि कोर्ट उनके ही नेता सुब्रमण्यम स्वामी की उस याचिका पर कोई ध्यान न दे जिसमें उन्होंने एअर इंडिया की विनिवेश प्रक्रिया रद्द करने और अधिकारियों द्वारा दी गई मंज़ूरी रद्द करने का…
  • Hindu Yuva Vahini
    विजय विनीत
    बनारस में हिन्दू युवा वाहिनी के जुलूस में लहराई गईं नंगी तलवारें, लगाए गए उन्मादी नारे
    04 Jan 2022
    "हिन्दू युवा वाहिनी के लोग चाहते हैं कि हम अपना धैर्य खो दें और जिससे वह फायदा उठा सकें। हरिद्वार में आयोजित विवादित धर्म संसद के बाद बनारस में नंगी तलवारें लहराते हुए जुलूस निकाले जाने की घटना के…
  • Maulana Hasrat Mohani
    परमजीत सिंह जज
    मौलाना हसरत मोहानी और अपनी जगह क़ायम अल्पसंख्यक से जुड़े उनके सवाल
    04 Jan 2022
    आज भी अल्पसंख्यक असुरक्षित महसूस करते हैं, ऐसे में भारत को संविधान सभा में हुई उन बहसों को फिर से याद दिलाने की ज़रूरत है, जिसमें बहुसंख्यकवाद के कड़वे नतीजों की चेतावनी दी गयी थी।
  • Goa Chief Ministers
    राज कुमार
    गोवा चुनावः  34 साल में 22 मुख्यमंत्री
    04 Jan 2022
    दल बदल के मामले में गोवा बाकी राज्यों को पीछे छोड़ता नज़र आ रहा है। चुनाव से पहले गोवा के आधे से ज्यादा विधायक पार्टी बदल चुके हैं। आलम ये है कि कहना मुश्किल है कि जो विधायक आज इस पार्टी में है कल…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License