NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
आदिवासियों के विरोध के चलते छत्तीगढ़ सरकार ने वापस लिया संशोधन
ये संशोधन करने से सरकार आदिवासी ज़मीन को आसानी से ख़रीद सकती थी I इस संशोधन से पहले आदिवासियों की ज़मीन को इतनी आसानी से खरीदा या बेचा नहीं जा सकता था I
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
12 Jan 2018
chattisgarh government

आदिवासी संगठनों के लगातार विरोध के बाद छत्तीसगढ़ सरकार ने छत्तीसगढ़ लैंड रेवेन्यू बिल 1959 में किये गए संशोधनों को वापस लेने का फैसाला किया है I दरअसल इस बिल में संशोधन करके पिछले महीने ही पास कर दिया गया था पर इसका आदिवासी जनता ने शुरू से ही विरोध इसका किया I छत्तीसगढ़ में 30% आदिवासी आबादी है और इस साल होने वाले विधानसभा चुनावों में उनकी अहम भूमिका रहेगी शायद यही वजह है कि बीजेपी आदिवासियों को अभी नाराज़ नहीं करना चाहती है I

कल ही इस बिल के खिलाफ कांग्रेस के नेता छत्तीसगढ़ राज्यपाल के पास गए थे I काफी समय से कांग्रेस और सर्व आदिवासी समाज नामक एक आदिवासी संस्था इस बिल का विरोध कर रहे हैं I दरअसल बीजेपी की राज्य सरकार छत्तीसगढ़ ने लैंड रेवेन्यू बिल 1959 की धरा 165 में संशोधन किया था I ये संशोधन करने से सरकार आदिवासी ज़मीन को आसानी से ख़रीद सकती थी I इस संशोधन से पहले आदिवासियों की ज़मीन को इतनी आसानी से खरीदा या बेचा नहीं जा सकता था I

इससे पहले आदिवासी ज़मीन को खरीदा और बेचा तो जाता था पर वो केंद्र के भूमि अधिग्रहण बिल के अंतर्गत किया जाता था I आदिवासी ज़मीन को बेचने या खरीदने का निर्णय आदिवासी मिल-जुलकर ग्राम सभा में लिया करते थे I ऐसा इसीलिए किया जाता था क्योंकि आदिवासी इलाके में एक व्यक्ति की ज़मीन खरीदने से पूरे इलाके पर असर पड़ता है I इस संशोधन के बाद इसे सीधे आदिवासियों से लिया जा सकता था I आदिवासी संगठन इसका विरोध इसी वजह से कर रहे थे कि इससे सरकार आसानी से उनकी ज़मीन लेकर कॉपोरेटों को दे सकती थी I गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ खनिज संसाधनों के लिहाज़ से काफी संपन्न राज्य रहा है और यही वजह है कि कॉर्पोरेट कंपनियों की नज़र यहाँ की ज़मीन पर रहती है I ये संशोधन इसी वजह से महत्वपूर्ण था I

यही वजह थी कि इस बिल के खिलाफ आदिवासी सडकों पर आ गये थे I इसी विरोध के बाद गुरुवार 12 जनवरी को सरकार की एक बैठक हुई जिसमें इस संशोधन को वापस लेने का निर्णय लिया गया I 

Chattisgarh
Land Revenue bill 1959
Land accusation
tribals
BJP
tribal land

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • bhasha singh
    न्यूज़क्लिक टीम
    श्रीलंका में सत्ता बदल के बिना जनता नहीं रुकेगीः डॉ. सिवा प्रज्ञासम
    12 May 2022
    स्पेशल इंटरव्यू में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने बात की, श्रीलंका के मानवाधिकार कार्यकर्ता-ट्रेड यूनियन कार्यकर्ता डॉ. सिवा प्रज्ञासम से और जानने की कोशिश की कि किस दिशा में बढ़ रहा है आंदोलन।
  •  delimitation report
    न्यूज़क्लिक टीम
    जम्मू कश्मीर की Delimitation की रिपोर्ट क्या कहती है?
    12 May 2022
    जम्मू कश्मीर से जुड़ा परिसीमन की रिपोर्ट क्या कहती है? भाजपा इस रिपोर्ट पर खुश क्यों हैं और भाजपा के अलावा दूसरी पार्टियां खफा क्यों है? क्या निष्पक्ष ढंग से परिसीमन किया गया? जम्मू कश्मीर के परिसीमन…
  • दमयन्ती धर
    खंभात दंगों की निष्पक्ष जाँच की मांग करते हुए मुस्लिमों ने गुजरात उच्च न्यायालय का किया रुख
    12 May 2022
    याचिका के मुताबिक पुलिस कथित तौर पर हिंदुओं और मुस्लिमों के द्वारा दायर की गई प्राथमिकियों पर जानबूझकर अलग-अलग तरीके से और दुर्भावनापूर्ण तरीके से जांच कर रही है।
  • abhisar
    न्यूज़क्लिक टीम
    शाहीन बाग से खरगोन : मुस्लिम महिलाओं का शांतिपूर्ण संघर्ष !
    12 May 2022
    बोल के लब के आज़ाद हैं तेरे के इस एपिसोड में आज वरिष्ठ पत्रकार अभिसार शर्मा चर्चा कर रहे हैं खरगोन में मुस्लिम महिलाओं के रैली की जिसमे निर्दोष लोगो को रिहा करने की मांग की गई हैं।
  • अब्दुल अलीम जाफ़री
    योगी 2.0 का पहला बड़ा फैसला: लाभार्थियों को नहीं मिला 3 महीने से मुफ़्त राशन 
    12 May 2022
    पीएमजीकेएवाई ने भाजपा को विधानसभा चुनाव जीतने में मदद की थी।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License