NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
आदर्श आचार संहिता उल्लंघन के मामले में गिरिराज ने किया आत्मसमर्पण, जमानत मिली।
चुनाव आयोग ने सिंह को अपनी टिप्पणी को स्पष्ट करने का आदेश दिया था जिसमे उन्होंने कहा था की, देश उन लोगों को कभी माफ नहीं करेगा जो वंदे मातरम का जाप नहीं करते हैं। जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने गिरिराज के खिलाफ आरपी कानून 1951 की धारा 125 एवं 123, भादंवि की धारा 153 ए, 153 बी, 295 ए, 171 सी, 188, 298 तथा 505 दो के तहत उक्त प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
07 May 2019
Giriraj Singh

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने "कब्र के लिए तीन फुट जमीन" वाली विवादास्पद टिप्पणी से जुड़े आदर्श आचार संहिता उल्लंघन के मामले में मंगलवार को बेगूसराय की एक अदालत में आत्मसमर्पण किया और उन्हें जमानत दे दी गयी।

बेगूसराय लोकसभा सीट से प्रत्याशी गिरिराज ने 24 अप्रैल को जीडी कॉलेज में एक चुनावी सभा के दौरान भाजपा के राष्ट्रीयअध्यक्ष अमित शाह और बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी की मौजूदगी में कहा था ‘‘जो वंदेमातरम नहीं कह सकता, जो भारत की मातृभूमि को नमन नहीं कर सकता... अरे गिरिराज के तो बाबा-दादा सिमरिया घाट में गंगा के किनारे मरे। उसी भूमि पर कब्र भी नहीं बनाया। तुम्हें तो तीन हाथ की जगह भी चाहिए। अगर तुम नहीं कर पाओगे, तो देश कभी माफ नहीं करेगा।’’ 

बेगूसराय के जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी राहुल कुमार ने स्वत: संज्ञान लेते हुए गत 25 अप्रैल को नगर थाने में गिरिराज के विरूद्ध आदर्श आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज कराया था।

29 अप्रैल को, चुनाव आयोग ने सिंह को अपनी टिप्पणी को स्पष्ट करने का आदेश दिया था जिसमे उन्होंने कहा था की, देश उन लोगों को कभी माफ नहीं करेगा जो वंदे मातरम का जाप नहीं करते हैं। 

जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने गिरिराज के खिलाफ आरपी कानून 1951 की धारा 125 एवं 123, भादंवि की धारा 153 ए, 153बी, 295 ए, 171 सी, 188, 298 तथा 505 दो के तहत उक्त प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ठाकुर अमन कुमार की अदालत के समक्ष मंगलवार को आत्मसमर्पण करने पर गिरिराज को 5000रुपये के दो जमानती बांड भरने पर जमानत दे दी गयी।

बेगूसराय लोकसभा सीट पर चौथे चरण में 29 अप्रैल को मतदान हुआ था, जहां गिरिराज का मुकाबला भाकपा उम्मीदवार और जेएनयूएसयू के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार तथा राजद प्रत्याशी तनवीर हसन से है।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

giriraj singh
MODEL CODE OF CONDUCT
Bihar
Begusarai
lok sabha election
election commission of India
BJP
General elections2019

Related Stories

बिहार: पांच लोगों की हत्या या आत्महत्या? क़र्ज़ में डूबा था परिवार

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

बिहार : जीएनएम छात्राएं हॉस्टल और पढ़ाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 


बाकी खबरें

  • women in politics
    तृप्ता नारंग
    पंजाब की सियासत में महिलाएं आहिस्ता-आहिस्ता अपनी जगह बना रही हैं 
    31 Jan 2022
    जानकारों का मानना है कि अगर राजनीतिक दल महिला उम्मीदवारों को टिकट भी देते हैं, तो वे अपने परिवारों और समुदायों के समर्थन की कमी के कारण पीछे हट जाती हैं।
  • Indian Economy
    प्रभात पटनायक
    बजट की पूर्व-संध्या पर अर्थव्यवस्था की हालत
    31 Jan 2022
    इस समय ज़रूरत है, सरकार के ख़र्चे में बढ़ोतरी की। यह बढ़ोतरी मेहनतकश जनता के हाथों में सरकार की ओर से हस्तांतरण के रूप में होनी चाहिए और सार्वजनिक शिक्षा व सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए हस्तांतरणों से…
  • Collective Security
    जॉन पी. रुएहल
    यह वक्त रूसी सैन्य गठबंधन को गंभीरता से लेने का क्यों है?
    31 Jan 2022
    कज़ाकिस्तान में सामूहिक सुरक्षा संधि संगठन (CSTO) का हस्तक्षेप क्षेत्रीय और दुनिया भर में बहुराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बदलाव का प्रतीक है।
  • strike
    रौनक छाबड़ा
    समझिए: क्या है नई श्रम संहिता, जिसे लाने का विचार कर रही है सरकार, क्यों हो रहा है विरोध
    31 Jan 2022
    श्रम संहिताओं पर हालिया विमर्श यह साफ़ करता है कि केंद्र सरकार अपनी मूल स्थिति से पलायन कर चुकी है। लेकिन इस पलायन का मज़दूर संघों के लिए क्या मतलब है, आइए जानने की कोशिश करते हैं। हालांकि उन्होंने…
  • mexico
    तान्या वाधवा
    पत्रकारों की हो रही हत्याओंं को लेकर मेक्सिको में आक्रोश
    31 Jan 2022
    तीन पत्रकारों की हत्या के बाद भड़की हिंसा और अपराधियों को सज़ा देने की मांग करते हुए मेक्सिको के 65 शहरों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गये हैं। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License