NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
एशिया के बाकी
अफ़ग़ान सरकार और तालिबान ने किया सीज़फ़ायर का ऐलान
ईद के दिन लगने वाला तीन दिन का सीज़फ़ायर, जून 2019 के बाद से तीसरा सीज़फ़ायर होगा।
पीपल्स डिस्पैच
29 Jul 2020
अफ़ग़ान

अफ़ग़ान-तालिबान समझौतों के लिए एक सकारात्मक ख़बर तब आई जब 28 जुलाई को ईद के मौक़े पर तीन दिन के सीज़फ़ायर का ऐलान किया गया जो शुक्रवार से शुरू होगा।

सरकार ने इस क़दम की सराहना की है। Tolo न्यूज़ ने अनुसार सरकार के प्रवक्ता सादिक़ सिद्दीक़ी ने कहा, "सीज़फ़ायर का ऐलान एक अहम क़दम ज़रूर है, लेकिन अफ़ग़ानिस्तान की जनता को एक स्थायी सीज़फ़ायर और अफ़ग़ानिस्तान के इस्लामिक गणतंत्र और तालिबान के बीच शांति संवाद की ज़रूरत है।"

पिछले एक साल में तमाम सीज़फ़ायर के ऐलान के बावजूद तालिबान और अफ़ग़ान सरकार में कोई सीधी बातचीत नहीं हो सकी है। फ़रवरी में अमेरिका के साथ एक ट्रीटी, जिसका अहम बिंदु इंट्रा-अफ़ग़ान बातचीत था, पर हस्ताक्षर करने के बाद तालिबान ने बातचीत से पहले "भरोसा स्थापित करने" के लिए सरकारी जेलों से तालिबानी क़ैदियों की रिहाई की मांग की है।

सरकार अब तक 5400 से ज़्यादा तालिबानी क़ैदियों को रिहा कर चुकी है। राष्ट्रपति अशरफ़ ग़नी ने ऐलान किया है कि तालिबान और अफ़ग़ान सरकार के बीच बातचीत अगले हफ़्ते से शुरू होगी।

2001 में अमेरिका के नेतृत्व में नाटो के हमले के बाद तालिबान अफगानिस्तान के दूरदराज के इलाकों में चला गया और देश में हजारों नाटो सैनिकों की मौजूदगी के बावजूद तब से लगातार युद्ध जारी है। लगभग दो दशकों के बाद, यह अभी भी देश के एक प्रमुख हिस्से को नियंत्रित करता है और काबुल में सरकार को मान्यता देने से इनकार कर दिया है। फरवरी में अमेरिका के साथ अपने समझौते के बाद, जिसने अमेरिका को अपने सैनिकों को वापस लेने के लिए प्रेरित किया, हालांकि वह अशरफ गनी सरकार के साथ बातचीत के लिए सहमत हो गया, उसने अपने हमलों को बंद नहीं किया। राष्ट्रपति गनी के अनुसार, 29 फरवरी से अब तक 3,500 से अधिक अफगान बलों और 750 से अधिक नागरिकों की मौत हो चुकी है। तालिबान नियंत्रित क्षेत्रों में गोलीबारी में बड़ी संख्या में नागरिक भी मारे जाते हैं, जिन्हें अक्सर आधिकारिक तौर पर मृतकों में नहीं गिना जाता है।

 

US
NATO Welcome Eid Truce
Urge Intra-Afghan Talks

Related Stories

90 दिनों के युद्ध के बाद का क्या हैं यूक्रेन के हालात

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आईपीईएफ़ पर दूसरे देशों को साथ लाना कठिन कार्य होगा

यूक्रेन युद्ध से पैदा हुई खाद्य असुरक्षा से बढ़ रही वार्ता की ज़रूरत

यूक्रेन में संघर्ष के चलते यूरोप में राजनीतिक अर्थव्यवस्था पर प्रभाव 

छात्रों के ऋण को रद्द करना नस्लीय न्याय की दरकार है

बाइडेन ने फैलाए यूक्रेन की सीमा की ओर अपने पंख

यमन के लिए यूएन का सहायता सम्मेलन अकाल और मौतों की चेतावनियों के बीच अपर्याप्त साबित हुआ

नेपाल ने अमेरिका के MCC अनुदान समझौते को विरोध प्रदर्शनों के बीच दी मान्यता, अब आगे क्या?

हम यूक्रेन की निष्पक्षता पर बातचीत करने के लिए प्रतिनिधि मंडल भेजने को तैयार- रूस

मिन्स्क समझौते और रूस-यूक्रेन संकट में उनकी भूमिका 


बाकी खबरें

  • JANAZA
    ज़ाकिर अली त्यागी
    हरदोई: क़ब्रिस्तान को भगवान ट्रस्ट की जमीन बता नहीं दफ़नाने दिया शव, 26 घंटे बाद दूसरी जगह सुपुर्द-ए-खाक़!
    08 Jan 2022
    उत्तर प्रदेश के हरदोई बीजेपी से जुड़े एक शख़्स ने शव को दफ़्न करने से रोक दिया, और क़ब्रिस्तान की ज़मीन पर अपना दावा ठोक दिया, हैरानी की बात यह रही कि कार्रवाई करने की बजाय प्रशासन भी उनकी ताल में…
  • अपने वर्चस्व को बनाए रखने के उद्देश्य से ‘उत्तराखंड’ की सवर्ण जातियां भाजपा के समर्थन में हैंः सीपीआई नेता समर भंडारी
    एजाज़ अशरफ़
    अपने वर्चस्व को बनाए रखने के उद्देश्य से ‘उत्तराखंड’ की सवर्ण जातियां भाजपा के समर्थन में हैंः सीपीआई नेता समर भंडारी
    08 Jan 2022
    यह समझना महत्वपूर्ण होगा कि आखिर क्यों रक्षा कर्मी हिंदुत्व के समर्थन में हैं और पर्यावरण का मुद्दा इस पहाड़ी राज्य के लिए चुनावी मुद्दा नहीं है।
  • ECI
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    5 राज्यों में चुनाव तारीख़ों की घोषणा, यूपी में 7 चरणों में चुनाव, 10 मार्च को मतगणना
    08 Jan 2022
    उत्तर प्रदेश में 10 फरवरी से लेकर 7 मार्च तक 7 चरणों में मतदान होगा, वहीं उत्तराखंड, पंजाब और गोवा में 14 फरवरी को एक चरण में और मणिपुर में दो चरणों में वोट डाले जाएंगे। इसी के साथ 15 जनवरी तक रैली,…
  • रवि कौशल
    राजस्थान: REET अभ्यर्थियों को जयपुर में किया गया गिरफ़्तार, बड़े पैमाने पर हुए विरोध के बाद छोड़ा
    08 Jan 2022
    दरअसल यह लोग राजस्थान शिक्षक पात्रता परीक्षा (REET) के तहत अगले चरण में पदों को बढ़वाने के लिए 70 दिनों से संघर्ष कर रहे हैं। इनकी मांग है कि सीटों की संख्या को बढ़ाकर 50,000 किया जाए।
  • सोनिया यादव
    यूपी: देश के सबसे बड़े राज्य के ‘स्मार्ट युवा’ सड़कों पर प्रदर्शन क्यों कर रहे हैं?
    08 Jan 2022
    एक ओर रैलियों में बीजेपी की योगी सरकार अपनी उपलब्धियां गिनवा रही है तो वहीं दूसरी ओर चुनाव के मुहाने पर खड़े उत्तर प्रदेश के युवाओं ने भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License