NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
'अगर आप लोगों की आवाज़ बन गए हैं, तो आप पत्रकार हैं'
वरिष्ठ पत्रकार और प्रसिद्ध टीवी एंकर रवीश कुमार को रैमॉन मैगसेसे पुरस्कार 2019 दिए जाने की घोषणा की गई है। मैगसेसे फाउंडेशन ने अपने प्रशस्ति पत्र में कहा है कि रवीश का कार्यक्रम 'प्राइम टाइम' आम लोगों की वास्तविक, अनकही समस्याओं को उठाता है। साथ ही इसमें कहा गया, 'अगर आप लोगों की आवाज़ बन गए हैं, तो आप पत्रकार हैं।
न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
02 Aug 2019

वरिष्ठ पत्रकार और प्रसिद्ध टीवी एंकर रवीश कुमार को रैमॉन मैगसेसे पुरस्कार 2019 दिए जाने की घोषणा की गई है। मैगसेसे फाउंडेशन ने अपने प्रशस्ति पत्र में कहा है कि रवीश का कार्यक्रम 'प्राइम टाइम' आम लोगों की वास्तविक, अनकही समस्याओं को उठाता है। साथ ही इसमें कहा गया, 'अगर आप लोगों की आवाज़ बन गए हैं, तो आप पत्रकार हैं।

वाकई रवीश कुमार लोगों की आवाज़ बन गए हैं। लेकिन आपको बता दें कि रवीश जिस इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से पत्रकारिता करते हैं उसी के ख़तरे को देखते हुए उन्होंने लोकसभा चुनाव से पहले लोगों से ढाई महीने टीवी न देखने की भी अपील भी की थी। क्योंकि उनका मानना है कि अब ये टीवी आपको कोई नई सूचना नहीं दे रहा है सिवाय प्रोपेगंडा के। रवीश का कहना है कि मीडिया अब जनता की आवाज़ नहीं सत्ता की आवाज़ बन गया है। लेकिन इसी मीडिया का जनता के लिए इस्तेमाल करके उन्हें ये सम्मान मिला, जो जन सरोकार की पत्रकारिता में दूसरों का विश्वास कायम रखता है। न्यूज़क्लिक ने मार्च, 2019 में उनसे इन्ही सब विषयों पर विशेष बात की थी। इसे एक बार फिर सुना जाना चाहिए।

ravish kumar
Ramon Magsaysay Award
journalism
Media

Related Stories

डिजीपब पत्रकार और फ़ैक्ट चेकर ज़ुबैर के साथ आया, यूपी पुलिस की FIR की निंदा

राज्यसभा सांसद बनने के लिए मीडिया टाइकून बन रहे हैं मोहरा!

आर्यन खान मामले में मीडिया ट्रायल का ज़िम्मेदार कौन?

विशेष: कौन लौटाएगा अब्दुल सुब्हान के आठ साल, कौन लौटाएगा वो पहली सी ज़िंदगी

धनकुबेरों के हाथों में अख़बार और टीवी चैनल, वैकल्पिक मीडिया का गला घोंटती सरकार! 

पत्रकारिता की पढ़ाई के नाम पर महाविद्यालय की अवैध वसूली

गणेश शंकर विद्यार्थी : वह क़लम अब खो गया है… छिन गया, गिरवी पड़ा है

आर्थिक मोर्चे पर फ़ेल भाजपा को बार-बार क्यों मिल रहे हैं वोट? 

चन्नी का बयान ग़लत है लेकिन निंदा करने वाले उससे भी ज़्यादा ग़लत हैं

‘दिशा-निर्देश 2022’: पत्रकारों की स्वतंत्र आवाज़ को दबाने का नया हथियार!


बाकी खबरें

  • hafte ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    जम्मू-कश्मीर परिसीमन से नाराज़गी, प्रशांत की राजनीतिक आकांक्षा, चंदौली मे दमन
    07 May 2022
    हफ़्ते की बात के इस अंक में वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश बात कर रहे हैं जम्मू-कश्मीर के परिसीमन की। साथ ही वे नज़र डाल रहे हैं प्रशांत किशोर की राजनीतिक सियासत की।
  • रवि शंकर दुबे
    तीन राज्यों में उपचुनाव 31 मई को: उत्तराखंड में तय होगा मुख्यमंत्री धामी का भविष्य!
    07 May 2022
    चुनाव आयोग ने तीन राज्यों की तीन सीटों पर विधानसभा चुनावों की तारीख घोषित कर दी है, जिसमें सबसे महत्वपूर्ण उत्तराखंड की चंपावत सीट को माना जा रहा है। क्योंकि यहां से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी…
  • पीपुल्स डिस्पैच
    पाकिस्तान में बलूच छात्रों पर बढ़ता उत्पीड़न, बार-बार जबरिया अपहरण के विरोध में हुआ प्रदर्शन
    07 May 2022
    राष्ट्रीय राजधानी इस्लामाबाद में पंजाब विश्वविद्यालय (पीयू) के परिसर से दिन दहाड़े एक बलूच छात्र बेबाग इमदाद को उठाए जाने के बाद कई छात्र समूहों ने इसके विरोध में प्रदर्शन किया।
  • राहुल कुमार गौरव
    पिता के यौन शोषण का शिकार हुई बिटिया, शुरुआत में पुलिस ने नहीं की कोई मदद, ख़ुद बनाना पड़ा वीडियो
    07 May 2022
    पीड़ित बेटी ने खुद अपने पिता की गंदी करतूत का वीडियो बनाया और फिर उसे लेकर थाने पहुंची। पीड़ित की शिकायत के बाद पुलिस ने गुरुवार को 50 वर्षीय आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है। लेकिन पीड़िता को अपने…
  • सुबोध वर्मा
    ओडिशा: अयोग्य शिक्षकों द्वारा प्रशिक्षित होंगे शिक्षक
    07 May 2022
    शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए उपलब्ध 8 कॉलेजों में 62 फैकल्टी हैं, जिनमें से सिर्फ 20 रेगुलेटरी बॉडी की योग्यता के मानदंडों को पूरा करते हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License