NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
अर्थव्यवस्था
आईएल एंड एफ़एस के सीईओ रमेश बावा धोखाधड़ी के आरोपों में गिरफ़्तार
इस मामले में ये दूसरी गिरफ़्तारी हुई है, इससे पहले कंपनी के पूर्व चेयरमैन हरी शंकरण को गिरफ्तार किया गया था। शंकरण की तरह बावा को भी कंपनीज़ ऐक्ट के सेक्शन 447 के तहत गिरफ़्तार किया गया है।
आईएएनएस
13 Apr 2019
आईएल एंड एफ़एस के सीईओ रमेश बावा धोखाधड़ी के आरोपों में गिरफ़्तार

आईएल एंड एफ़एस के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) रमेश बावा की सर्वोच्च न्यायालय में याचिका ख़ारिज होने के कुछ दिन बाद आज, 13 अप्रैल को गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफ़आईओ) ने उन्हें ऋण धोखाधड़ी के मामले में गिरफ़्तार कर लिया है। उन्हें अनुच्छेद 447 के तहत गिरफ़्तार किया गया है, जो एसएफ़आईओ को किसी व्यक्ति को धोखाधड़ी करने की वजह से गिरफ़्तार करने की इजाज़त देता है।

बता दिया जाए कि इस मामले में ये दूसरी गिरफ़्तारी हुई है, इससे पहले कंपनी के पूर्व चेयरमैन हरी शंकरण को गिरफ्तार किया गया था। शंकरण की तरह बावा को भी कंपनीज़ ऐक्ट के सेक्शन 447 के तहत गिरफ़्तार किया गया है। बावा की गिरफ़्तारी देर रात को दिल्ली में की गई। 

सर्वोच्च न्यायालय ने इस सप्ताह बावा की उस याचिका को ख़ारिज कर दिया था, जिसमें उनके ख़िलाफ़ एसएफ़आईओ द्वारा आपराधिक मुक़दमे पर रोक लगाने की मांग की गई थी। 

आपको बता दें कि कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय की जांच शाखा, एसएफआईओ अवसंरचना वित्तीयन कंपनी की दिवालिया से जुड़े कई मामलों की जांच कर रही है। 

हाल ही में सरकार द्वारा नियुक्त आईएल एंड एफ़एस बोर्ड ने कहा था कि कंपनी के पास कुल संपत्ति 18,800 करोड़ रुपये की है जिसमें से 10,700 करोड़ बाहरी एजेंसियों की है। इस मामले में एसएफ़आईओ के अलावा ईडी भी जांच कर रही है। फ़रवरी में आईएलएफ़एस रेल लिमिटेड, ट्रांसपोर्टेशन नेटवर्क लिमिटेड. रवि पार्थासार्थी, पूर्व चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर के ख़िलाफ़ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया गया था। यह कंपनी लगभग 91,000 करोड़ रुपये के क़र्ज में डूबी हुई है।

जांच एजेंसी ने बताया है, 'आईएल एंड एफ़एस ने डेटा इंस्ट्रूमेंट्स और बैंक लोन के ज़रिये 17,000 करोड़ रुपये से अधिक का लोन लिया है। प्रविडेंड फ़ंड, पेंशन फ़ण्ड्स, ग्रैच्युटी फ़ण्ड्स, म्यूचुअल फ़ण्ड्स, पब्लिक ऐंड प्राइवेट सेक्टर बैंक ने कंपनी के डेटा इंस्ट्रूमेंट में भारी निवेश किया है।' 

IL & FS
Ramesh Bawa
SFIO
corporate news
India
Companies act

Related Stories

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

भारत में तंबाकू से जुड़ी बीमारियों से हर साल 1.3 मिलियन लोगों की मौत

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आईपीईएफ़ पर दूसरे देशों को साथ लाना कठिन कार्य होगा

UN में भारत: देश में 30 करोड़ लोग आजीविका के लिए जंगलों पर निर्भर, सरकार उनके अधिकारों की रक्षा को प्रतिबद्ध

वर्ष 2030 तक हार्ट अटैक से सबसे ज़्यादा मौत भारत में होगी

लू का कहर: विशेषज्ञों ने कहा झुलसाती गर्मी से निबटने की योजनाओं पर अमल करे सरकार

वित्त मंत्री जी आप बिल्कुल गलत हैं! महंगाई की मार ग़रीबों पर पड़ती है, अमीरों पर नहीं

रूस की नए बाज़ारों की तलाश, भारत और चीन को दे सकती  है सबसे अधिक लाभ

प्रेस फ्रीडम सूचकांक में भारत 150वे स्थान पर क्यों पहुंचा

‘जलवायु परिवर्तन’ के चलते दुनियाभर में बढ़ रही प्रचंड गर्मी, भारत में भी बढ़ेगा तापमान


बाकी खबरें

  • जितेन्द्र कुमार
    मुद्दा: बिखरती हुई सामाजिक न्याय की राजनीति
    11 Apr 2022
    कई टिप्पणीकारों के अनुसार राजनीति का यह ऐसा दौर है जिसमें राष्ट्रवाद, आर्थिकी और देश-समाज की बदहाली पर राज करेगा। लेकिन विभिन्न तरह की टिप्पणियों के बीच इतना तो तय है कि वर्तमान दौर की राजनीति ने…
  • एम.ओबैद
    नक्शे का पेचः भागलपुर कैंसर अस्पताल का सपना अब भी अधूरा, दूर जाने को मजबूर 13 ज़िलों के लोग
    11 Apr 2022
    बिहार के भागलपुर समेत पूर्वी बिहार और कोसी-सीमांचल के 13 ज़िलों के लोग आज भी कैंसर के इलाज के लिए मुज़फ़्फ़रपुर और प्रदेश की राजधानी पटना या देश की राजधानी दिल्ली समेत अन्य बड़े शहरों का चक्कर काट…
  • रवि शंकर दुबे
    दुर्भाग्य! रामनवमी और रमज़ान भी सियासत की ज़द में आ गए
    11 Apr 2022
    रामनवमी और रमज़ान जैसे पर्व को बदनाम करने के लिए अराजक तत्व अपनी पूरी ताक़त झोंक रहे हैं, सियासत के शह में पल रहे कुछ लोग गंगा-जमुनी तहज़ीब को पूरी तरह से ध्वस्त करने में लगे हैं।
  • सुबोध वर्मा
    अमृत काल: बेरोज़गारी और कम भत्ते से परेशान जनता
    11 Apr 2022
    सीएमआईए के मुताबिक़, श्रम भागीदारी में तेज़ गिरावट आई है, बेरोज़गारी दर भी 7 फ़ीसदी या इससे ज़्यादा ही बनी हुई है। साथ ही 2020-21 में औसत वार्षिक आय भी एक लाख सत्तर हजार रुपये के बेहद निचले स्तर पर…
  • JNU
    न्यूज़क्लिक टीम
    JNU: मांस परोसने को लेकर बवाल, ABVP कठघरे में !
    11 Apr 2022
    जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में दो साल बाद फिर हिंसा देखने को मिली जब कथित तौर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से संबद्ध छात्रों ने राम नवमी के अवसर कैम्पस में मांसाहार परोसे जाने का विरोध किया. जब…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License