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आईएमए के आह्वान पर डॉक्टरों की 24 घंटे की हड़ताल, सुप्रीम कोर्ट में 18 को सुनवाई
आईएमए ने कहा है कि सभी ओपीडी, नियमित ऑपरेशन थिएटर सेवाएं और वार्ड का निरीक्षण 24 घंटे के लिए सोमवार सुबह छह बजे से मंगलवार सुबह छह बजे तक स्थगित रहेगा। हालांकि आपातकालीन और आईसीयू सेवाएं काम करती रहेंगी।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
17 Jun 2019
डॉक्टरों की हड़ताल
Image Courtesy: NDTV Khabar

पश्चिम बंगाल के जूनियर डॉक्टरों के समर्थन में आज, सोमवार को राजधानी दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में डॉक्टर एक बार फिर 24 घंटे की हड़ताल पर हैं। भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) ने आकस्मिक चिकित्सा सेवाओं को छोड़कर हड़ताल का आह्वान किया है। उधर, उच्चतम न्यायालय देश के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की सुरक्षा की मांग वाली याचिका पर मंगलवार, 18 जून को सुनवाई करेगा।

न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति सूर्यकांत की अवकाशकालीन पीठ, याचिकाकर्ता वकील अलख आलोक श्रीवास्तव की ओर से पेश हुए वकील के याचिका पर तत्काल सुनवाई की मांग के बाद इसे मंगलवार के लिए सूचीबद्ध करने को तैयार हो गए।

पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों के प्रदर्शन के बाद शुक्रवार को यह याचिका दायर की गई थी। याचिका में केंद्रीय गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय और पश्चिम बंगाल सरकार को डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए देश भर के सभी सरकारी अस्पतालों में सरकारी सुरक्षाकर्मियों की तैनाती का निर्देश देने की मांग भी की गई है।

याचिका में कहा गया कि प्रदर्शन के कारण देशभर में स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं और डॉक्टरों की अनुपस्थिति से कई मरीजों की जान जा रही है।

उधर राष्ट्रीय राजधानी में कई सरकारी और निजी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं सोमवार सुबह से बाधित हैं। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के डॉक्टरों ने भी एक दिन के लिए काम के बहिष्कार निर्णय लिया है।

दिल्ली स्थित एम्स की रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने पहले हड़ताल में शामिल न होने का फैसला किया था, लेकिन सोमवार की सुबह एम्स के ट्रॉमा सेंटर में एक जूनियर डॉक्टर पर हमले के बाद इसने दोपहर से सभी गैर आवश्यक सेवाओं से अनुपस्थित रहने का फैसला किया।

एम्स आरडीए ने एक बयान में कहा कि अस्पताल के जयप्रकाश नारायण एपेक्स ट्रॉमा सेंटर में ‘‘गंभीर स्थिति वाले मरीजों को प्राथमिकता देने पर’’ एक जूनियर डॉक्टर पर कथित हमला किया गया।

एम्स के डॉक्टरों ने परिसर में सुबह आठ बजे से नौ बजे तक प्रदर्शन भी किया।

एम्स आरडीए द्वारा जारी एक बयान में कहा गया, ‘‘हम एक बार फिर पश्चिम बंगाल प्रशासन से हड़ताल कर रहे डॉक्टरों की मांगों को पूरा करने और आम जनता के हित में जल्द से जल्द इस मामले को मैत्रीपूर्ण ढंग से सुलझाने का अनुरोध करते हैं।

केंद्र सरकार द्वारा संचालित सफदरजंग अस्पताल, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज और अस्पताल, आरएमएल अस्पताल के साथ-साथ दिल्ली सरकार के जीटीबी अस्पताल, डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल, संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल और दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल के डॉक्टर भी हड़ताल में शामिल हैं।

शीर्ष चिकित्सा संस्था आईएमए ने कहा कि सभी ओपीडी, नियमित ऑपरेशन थिएटर सेवाएं और वार्ड का निरीक्षण 24 घंटे के लिए सोमवार सुबह छह बजे से मंगलवार सुबह छह बजे तक स्थगित रहेगा। हालांकि आपातकालीन और आईसीयू सेवाएं काम करती रहेंगी।

इस बीच, दिल्ली चिकित्सा संघ (डीएमए) और फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (फोर्डा) ने हड़ताल को अपना समर्थन दिया है।

डीएमए द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है, ‘‘डॉक्टरों और अस्पतालों के खिलाफ हिंसा के विरोध में 17 जून को 24 घंटे के लिए आईएमए की हड़ताल का समर्थन करने के लिए कार्यकारी समिति की आपात बैठक हुई। सभी क्लिनिक, नर्सिंग होम्स, डायग्नोस्टिक केंद्रों और अस्पतालों से अपनी नियमित सेवाएं बंद रखने का अनुरोध किया जाता है।’’ हालांकि आकस्मिक सेवाएं हड़ताल के दायरे से बाहर होंगी।

उत्तर प्रदेश में भी आज जगह-जगह स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हैं। राजधानी लखनऊ में भी डॉक्टर हड़ताल पर हैं। लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू), क्वीन मैरीज हॉस्पिटल, संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एसजीपीजीआईएमएस) और डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (आरएमएलआईएमएस) के रेजीडेंट डॉक्टर आईएमए के आह्वान पर हड़ताल पर हैं।

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के एनआरएस मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक मरीज के परिजनों ने दो डॉक्टरों पर कथित तौर पर हमला किया था जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद 11 जून से जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर हैं। मरीज की मौत अस्पताल में हो गई थी।

इनके समर्थन में देशभर के डॉक्टरों ने काम न करने का फैसला किया है।

आईएमए ने डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों पर हमलों से निपटने के लिए केंद्रीय कानून की मांग की है।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

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WEST BENGAL DOCTORES
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