NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
आइपीएफ की जनसुनवाई -स्मार्ट सिटी के नाम पर हो रहा है शहरी गरीबों के साथ अन्याय
स्मार्ट सिटी के नाम पर ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा स्थापित मानकों तथा दूसरे पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन हो रहा है। सरकार द्वारा स्मार्ट सिटी के नाम पर अत्यंत कठोर और विवेकहीन कार्य किया जा रहा है। सरकार स्मार्ट सिटी के नाम पर दादागिरी कर रही है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
18 Sep 2019
patna

पटना के आईएमए हॉल में 18 सितम्बर को ऑल इंडिया पीपल्स फोरम द्वारा जन सुनवाई का आयोजन किया गया। जन सुनवाई का विषय था, 'स्मार्ट सिटी बनाम समर्थ सिटी'.  स्मार्ट सिटी के नाम पर पटना केे अदालतगंज तालाब, पटना के शहरी गरीब व फुटकर दुकानदारों पर हुए अत्याचार के खिलाफ इस जन सुनवााई का आयोजन किया गया। जन सुनवाई में ज्यूरी के तौर पर डॉ मेहता नागेंद्र, प्रो संतोष कुमार, नारायण जी चौधरी, बसंत कुमार चौधरी, डॉ डेजी नारायण, किशोरी दास तथा डोरोथी फर्नांडिस उपस्थित रहे।   

जन सुनवाई का आरंभ करते हुए रणजीव ने कहा कि  सरकार विकास के नाम पर शहर तथा शहर के नागरिकों को विनाश की ओर धकेल रही है। अत्यंत चालाकी और उदासीनता का उदाहरण देते हुए डिजिटल इंडिया में सरकार की स्मार्ट सिटी की वेबसाइट खाली है तथा सरकार द्वारा जनता के लिए कोई जानकारी नहीं उपलब्ध नहीं है। इस परियोजना में तालाबों को भरकर शहर के विकास का दंभ भरा जा रहा है। पटना के एकमात्र बचे अदालतगंज तालाब को स्मार्ट सिटी के नाम पर खत्म किया जा रहा है। इस तालाब को मनोरंजन का स्थान बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि तालाब शहर के अंडरग्राउंड वाटर लेवल को मेंटेन करता है। परंतु तीन नदी के किनारे बसे इस शहर में तालाबों को खत्म किए जाने से पानी की दिक्कत शुरू हो रही है। सरकार शहर को स्मार्ट बनाने में लगी है नगर नदी के पानी का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा।  स्मार्ट सिटी के नाम पर लोगों को उजाड़ा जा रहा है।  उजाड़े जा रहे लोगों के लिए पर्याप्त वैकल्पिक व्यवस्था नहीं कि गई है तथा स्मार्ट सिटी के नाम पर पटना में सुंदर कॉपोरेट एरिया विकसित करने की साजिश है। 

जन सुनवाई को आगे बढ़ाते हुए नारायण जी चौधरी ने कहा कि स्मार्ट सिटी के नाम पर ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा स्थापित मानकों तथा दूसरे पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन हो रहा है।  तालाबों की इकोलॉजी तथा उसके महत्वपूर्ण महत्व को खत्म किया जा रहा है तथा पर्यावरण के लिहाज से घातक हैं।  सरकार द्वारा स्मार्ट सिटी के नाम पर अत्यंत कठोर और विवेकहीन कार्य किया जा रहा है। सरकार स्मार्ट सिटी के नाम पर दादागिरी कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा तालाबों के सौंदर्यीकरण के नाम पर आरसीसी वर्क करने से तमाम तरह की समस्याएं उत्पन्न हो रही है।  इससे आने वाले समय में पानी की विकट समस्या उतपन्न होगी जो शहर के नागरिकों के लिए अत्यंत घातक है।

IMG-20190918-WA0016.jpg  

जन सुनवाई में शहर के विभिन्न वर्गों के नागरिकों ने अपनी समस्याएं तथा स्मार्ट सिटी के नाम पर शहर के नागरिकों पर हो रहे अत्याचार पर अपने पक्ष रखे. धर्मशीला देवी ने राजेन्द्र नगर स्लम में बसाए गए दुकानों को बुलडोजर से बिना नोटिस के उजाड़ने से हजारों नागरिकों पर पैदा हुए रोजगार तथा जीवन के संकट पर ध्यान आकृष्ट करवाया। साथ ही जन सुनवाई में नागेश आनंद, बीरेंद्र ठाकुर, ट्रांसजेंडर एक्टिविस्ट रेशमा प्रसाद, मदन जी, स्यामनन्दन प्रसाद, कुश कुमार, द्वारिका पासवान, शहजादे जी, महिला ऑटो चालक सुष्मिता कुमारी ने स्मार्ट सिटी परियोजना से शहर के नागरिकों को हो रही परेशानी को उल्लेखित किया। 

सुष्मिता कुमारी ने कहा कि सरकार ने शहर में ऑटो स्टैंड की व्यवस्था नहीं की है तथा जो है स्मार्ट सिटी के नाम पर उसे भी खत्म किया गया है।  राज्य सरकार ऑटो चालकों के साथ ज्यादती कर रही है तथा शहर की पुलिस अवैध शोषण कर रही है।  पुलिसिया जुर्म के कारण शहर के ऑटो चालकों का जीना दूभर हो गया है।  रेशमा प्रसाद ने स्मार्ट सिटी परियोजना में किए जा रहे प्रावधानों में ट्रांसजेंडर कम्युनिटी का भी ध्यान रखने की मांग रखी। 

शहजादे जी ने कहा कि स्टेशन के बगल के न्यू मार्केट को उजाड़ दिया गया है। सरकार ने अतिक्रमण को शहर के गरीबों को उजाड़ने का जरिया बना रखा है। आम जनता अपने अधिकारों के लिए वर्षों से सरकार से केस लड़ा रही है। मगर सरकार की ज्यादतियों के खिलाफ न्याय तंत्र से भी जनता को न्याय नहीं मिल पा रहा है. 

पटना के स्लम एरिया में रहने वाले द्वारिका पासवान ने कहा कि स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत सबसे ज्यादा जुल्म गरीबों पर ढाहा जा रहा है।  इस सरकार ने केंद्र के इशारे पर बिना सूचना के शहर के गरीबों को उजाड़ने की साजिश रची है।   बिना वैकल्पिक व्यवस्था के शहर के तमाम इलाकों से गरीबों के आशियाने उजाड़े जा रहे हैं।  हाई कोर्ट द्वारा आदेश के बाद भी शहरी गरीब को उजाड़ने से पहले वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की जा रही है। 

smart city
people forum patna
smart city and poor people
smart city and environment
smart city and government illogical policy

Related Stories

प्राकृतिक आपदाओं के नुकसान को कम करने के लिए अनुकूलक रणनीतियों पर फिर विचार किया जाए

पटना: त्योहार पर ग़रीबों को किया बेघर, मेट्रो के लिए झुग्गियां उजाड़ीं

पड़तालः स्मार्ट शहर बनारस में टूरिस्टों पर टूट पड़ते हैं भिखारी, दुनिया भर में बदनाम हो रहा ‘मोदी का क्योटो’ 

स्मार्ट सिटी में दफन हो रही बनारस की मस्ती और मौलिकता

बजट 2021: प्रधानमंत्री और वित्तमंत्री जी, स्मार्ट सिटी और शहरी रोज़गारी गारंटी योजना का क्या हुआ?

शहरों को रहने लायक बनाने के लिए शहरीकरण पर राष्ट्रीय आयोग गठित करने की ज़रूरत

कितनी कामयाब रही मोदी सरकार की “स्मार्ट” सिटी योजना ?


बाकी खबरें

  • medical camp
    विजय विनीत
    EXCLUSIVE: सोनभद्र के सिंदूर मकरा में क़हर ढा रहा बुखार, मलेरिया से अब तक 40 आदिवासियों की मौत
    30 Nov 2021
    प्रशासन सिर्फ़ 20 मौतों की पुष्टि कर रहा है। सरकारी दावों के उलट रिहंद जलाशय की तलहटी में बसे सिंदूर मकरा गांव में उदासी और सन्नाटा है। बीमारी और मौत से आदिवासी ख़ासे भयभीत हैं। आदिवासियों की लगातार…
  • Honduras President
    उपेंद्र स्वामी
    दुनिया भर की: मध्य अमेरिका में एक और कास्त्रो का उदय
    30 Nov 2021
    वामपंथी पार्टी की शियोमारा कास्त्रो बनेंगी होंदुरास की पहली महिला राष्ट्रपति। रविवार को हुए राष्ट्रपति पद के चुनावों में कास्त्रो ने सत्तारूढ़ नेशनल पार्टी नासरी असफुरा को पीछे छोड़ दिया है।
  •  Mid Day Meal Workers
    सरोजिनी बिष्ट
    बंधुआ हालत में मिड डे मील योजना में कार्य करने वाली महिलाएं, अपनी मांगों को लेकर लखनऊ में भरी हुंकार
    30 Nov 2021
    मिड डे मील योजना में काम करने वाली रसोइयों का आक्रोश उस समय सामने आया जब वे अपनी मांगों के साथ 29 नवम्बर को लखनऊ के इको गार्डेन में "उत्तर प्रदेश मिड डे मील वर्कर्स यूनियन" के बैनर तले एक दिवसीय धरने…
  • workers
    मुकुंद झा
    निर्माण मज़दूरों की 2 -3 दिसम्बर को देशव्यापी हड़ताल,यूनियन ने कहा- करोड़ों मज़दूर होंगे शामिल
    30 Nov 2021
    भारत की निर्माण मज़दूर फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखबीर ने कहा कि इस हड़ताल में केंद्रीय मुद्दों के साथ साथ राज्य के अपने मुद्दे भी शामिल होंगे। इस हड़ताल में हरियाणा और राजस्थान के कई जिलों में…
  • UP farmers
    प्रज्ञा सिंह
    पश्चिम उत्तर प्रदेश में किसान बनाम हिंदू पहचान बन सकती है चुनावी मुद्दा
    30 Nov 2021
    किसान आंदोलन ने पश्चिमी उत्तरप्रदेश में सामाजिक पहचान बदल दी है, उत्तरप्रदेश की 403 विधानसभा सीटों में यहां से 122 सीटें हैं और अगले साल की शुरुआत में यहां चुनाव होने हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License