NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय: जिन्ना के सहारे अपनी नाकामी छुपाने की कोशिश है ?
अगले आम चुनावो से पूर्व इस तरह की कई और घटना सामने आ सकती हैं, जिनके लिए हमे तैयार रहना चाहिए| भाजपा अपने किसी भी चुनावी वादे को पूरा नहीं कर सकी है तो वो इस तरह के भावनात्मक मुद्दों को उछालकर लोगों का वोट को हासिल करना चाहती है|

न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
02 May 2018
AMU

पिछले कुछ वर्षो में विश्वविद्यालयों में एक विशेष विचारधार को लेकर हमला हो रहे हैं, चाहें वो जेनयु, दिल्ली विश्वविद्यालय, बीएचयू या फिर वो TISS हो|  इन सबके बाद अब अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय पर हमला किया जा रहा है | इन सारे हमलों में एक समानता है कि संघ से जुड़े लोगों विश्वविद्यालयों की सोच पर हमला कर रहे| जहाँ लोगों के बीच वाद-विवाद और वैचारिक मतभेदों पर विचर विमर्श करने की स्वतंत्रता होती है वहाँ ये केवल एक तरह की विशेष सोच को कायम करने की कोशिश कर हैं|

एएमयू में पहले शाखा लगाने की बात की गयी, अब जिन्ना से डर के भूत को जगाया जा रहा है| अभी कुछ समय पहले ही एक संघ विचारक आमिर रशीदी ने उप-कुलपति को एक पत्र लिखा और कहा की यहाँ के छात्र और कई शिक्षक संघ के बारे में नहीं जानते| इसलिए विश्वविद्यालय प्रांगण में शाखा लगाने की इजाज़त दे दी जाए| अब इसके बाद अलीगढ़ के भाजपा के सासंद सतीश गौतम ने विश्वविद्यालय प्रशासन को पत्र लिख के विश्वविद्यालय में जिन्ना की एक तस्वीर के बारे में पूछा और उसको हटाने के लिए कहा है |

 यहाँ ऐसा लगता है कि माननीय सांसद इतिहास में कमज़ोर हैं या विश्वविद्यालय के बारे में नहीं जानते| क्योंकि ये तस्वीर आज़ाद भारत के अस्तित्व से पहले की है| उस समय उन्हें एक शिक्षाविद् के रूप में विश्वविद्यालय यूनियन ने पूर्णकालिक सदस्य के रूप में सदस्यता दी| उनसे पूर्व और उनके पश्चात भी कई लोगों को ये सदस्यता दी गई और उन सबकी तस्वीर यूनियन हॉल में लगाई गई है| जिसका आज के समय में उछलने का कोई औचित्य समझ नहीं आता| इसका केवल एक ही उद्देश्य लगता है कि सासंद जी इससे चर्चा को छात्रों के मुख्य मुद्दों से हटाकर इस तरह के बेमतलब की बातों में उलझाना चाहते हैं|

जहाँ आज पूरे देश में शिक्षण संस्था और शिक्षा व्यवस्था एक तरह से संकट के दौर से गुज़र रहे है, लगतार सरकार शिक्षा के बजट में कटौती  कर रही है | आज छात्रों को उनकी  छात्रवृत्ति नहीं मिल रही, रिसर्च के छात्रों को फेलोशिप नहीं मिल रही है, लगातर सरकारी संस्थाओ के फीस में बढ़ोत्तरी हो रही है और लगातार संस्थाओ में सीट-कट जैसी समस्याएँ छात्रों के सामने हैं| हमने पिछले दिनों इन सभी माँगों को लेकर कई विरोध-प्रदर्शन को देखा  है| सीट-कट को लेकर एक लम्बे समय तक जेनयू में आंदोलन चला, डीयू में भी शिक्षक और छात्र आन्दोलन कर रहे है, जहाँ स्वायत्तता के नाम पर शिक्षा के निजीकरण की भरसक कोशिश की जा रही है, इसी प्रकार TISS के छात्र भी बढ़ी फीस को लेकर विरोध कर रहे थे| इन सब के बीच संघ और भाजपा के लोग इन मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के मुद्दों को समय-समय पर उठते हैं |

एएमयू छात्रसंघ के अध्यक्ष मशकूर अहमद उस्मानी  ने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए कहा कि, “भाजपा सरकार अपनी विफलताओ को ढँकने के लिए इस तरह के मुद्दों को उठा रही है और इसके ज़रिये वो लोगों का धुर्वीकरण करने की कोशिश कर रही है| उन्होंने कहा कि ये सब वो देश में बढ़ते छात्र आन्दोलन को कमज़ोर करने के लिए कर रहे हैं, लेकिन हम इसके लिए तैयार हैं और हम इनका मुँहतोड़ जबाब देंगे |”

कई राजनीतिक और सामजिक कार्यकर्त्ताओं कहना है कि सरकार अगले आम चुनावों से पूर्व इस तरह की कई और घटना अंजाम में ला सकती है, जिनके लिए हमें तैयार रहना चाहिए| भाजपा अपने किसी भी चुनावी वादे को पूरा नहीं कर सकी है, तो वो इस तरह के भावनात्मक मुद्दों को उछाल कर लोगों का वोट को हासिल करना चाहती|

इन सब में गंभीर बात है कि सरकार और उनसे जुड़े लोग जिनकी ज़िम्मेदारी देश की शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने की है, वो ही इसको कमज़ोर करने का लगतार प्रयास कर रहे हैं| इन सब के लिए ही वो इस तरह के हथकंडो का प्रयोग कर रही है |

AMU
Aligarh Muslim university
BJP

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • यमन पर सऊदी अत्याचार के सात साल
    पीपल्स डिस्पैच
    यमन पर सऊदी अत्याचार के सात साल
    30 Mar 2022
    यमन में सऊदी अरब के नेतृत्व वाला युद्ध अब आधिकारिक तौर पर आठवें साल में पहुंच चुका है। सऊदी नेतृत्व वाले हमले को विफल करने की प्रतिबद्धता को मजबूत करने के लिए हज़ारों यमन लोगों ने 26 मार्
  • imran khan
    भाषा
    पाकिस्तान में संकटग्रस्त प्रधानमंत्री इमरान ने कैबिनेट का विशेष सत्र बुलाया
    30 Mar 2022
    यह सत्र इस तरह की रिपोर्ट मिलने के बीच बुलाया गया कि सत्ताधारी गठबंधन के सदस्य दल एमक्यूएम-पी के दो मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया है। 
  • national tribunal
    राज वाल्मीकि
    न्याय के लिए दलित महिलाओं ने खटखटाया राजधानी का दरवाज़ा
    30 Mar 2022
    “नेशनल ट्रिब्यूनल ऑन कास्ट एंड जेंडर बेस्ड वायोंलेंस अगेंस्ट दलित वीमेन एंड माइनर गर्ल्स” जनसुनवाई के दौरान यौन हिंसा व बर्बर हिंसा के शिकार 6 राज्यों के 17 परिवारों ने साझा किया अपना दर्द व संघर्ष।
  • fracked gas
    स्टुअर्ट ब्राउन
    अमेरिकी फ्रैक्ड ‘फ्रीडम गैस’ की वास्तविक लागत
    30 Mar 2022
    यूरोप के अधिकांश हिस्सों में हाइड्रोलिक फ्रैक्चरिंग का कार्य प्रतिबंधित है, लेकिन जैसा कि अब यूरोपीय संघ ने वैकल्पिक गैस की आपूर्ति के लिए अमेरिका की ओर रुख कर लिया है, ऐसे में पिछले दरवाजे से कितनी…
  • lakhimpur kheri
    भाषा
    लखीमपुर हिंसा:आशीष मिश्रा की जमानत रद्द करने के लिए एसआईटी की रिपोर्ट पर न्यायालय ने उप्र सरकार से मांगा जवाब
    30 Mar 2022
    पीठ ने कहा, ‘‘ एसआईटी ने उत्तर प्रदेश सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) को जांच की निगरानी कर रहे न्यायाधीश के दो पत्र भेजे हैं, जिन्होंने मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा की जमानत रद्द करने के वास्ते राज्य…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License