NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अलीमुद्दीन हत्याकांडः एक साल गुज़रने के बाद भी मृत्यु प्रमाण पत्र देने से पुलिस का इनकार
स्थानीय पुलिस का कहना है कि मौत किस जगह पर हुई इसकी जानकारी उसके पास नहीं है क्योंकि अलीमुद्दीन की मौत चलती गाड़ी में हुई थी। मृत्यु प्रमाण पत्र के बिना उसकी विधवा को मुआवज़ा नहीं मिल पा रहा है। इसके लिए वह दफ्तरों के चक्कर काट रही है।

तारिक अनवर
25 Jul 2018
alimuddin

झारखंड के रामगढ़ में 55 वर्षीय अलीमुद्दीन अंसारी की भीड़ द्वारा की गई हत्या को एक साल से ज़्यादा वक़्त बीत चुका है। अदालत ने इस साल मार्च महीने में आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्र क़ैद की सज़ा सुनाई थी। लेकिन अभी तक स्थानीय पुलिस ने अलीमुद्दीन की विधवा पत्नी मरियम खातून को मृत्यु प्रमाण पत्र जारी नहीं किया है। पुलिस का कहना है कि अलीमुद्दीन की मौत चलते हुए वाहन में हुई थी, जिससे उसकी मौत की सही जगह का पता नहीं लगाया जा सकता है। मृत्यु प्रमाण पत्र के बिना मरियम को मुआवज़ा नहीं मिल सकता है।

इस बीच 29 जून 2017 को अलीमुद्दीन की हुई हत्या के मामले में स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वारा दोषी ठहराए गए 11 में से 10 लोग ज़मानत पर बाहर है। पिछले महीने झारखंड उच्च न्यायालय ने इन्हें ज़मानत दी थी।

अदालत द्वारा डिस्ट्रीक्ट सर्विसेज़ लीगल अथॉरिटी (डीएलएसए) को पीड़ित के परिवार को मुआवज़े देने के लिए प्रक्रिया शुरू करने का आदेश देने के बाद विधवा मरियम मृत्यु प्रमाण पत्र हासिल करने के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रही है लेकिन पुलिस ने अब तक उस स्थान का पता नहीं लगाया है जहां अलीमुद्दीन ने आख़िरी सांस ली थी। मुआवज़े की प्रक्रिया शुरू करने के लिए मृत्यु प्रमाण पत्र बेहद ज़रूरी है।

मरियम ने कहा, "जब से मेरे पति की हत्या हुई है तब से मैं कई बार रामगढ़ पुलिस स्टेशन गई। हर बार उन्होंने केवल यही कहा कि अलीमुद्दीन की मौत कहां पर हुई थी इसका पता नहीं है इसलिए इस मामले में कोई पत्र जारी नहीं कर पाएंगे। मैं उप-मंडल अधिकारी (एसडीओ) के पास भी गई लेकिन उन्होंने भी रामगढ़ पुलिस का हवाला देकर अपना पल्ला झाड़ लिया। उन्होंने कहा कि वे ही इसे जारी करेंगे।"

मरियम ने कहा, "पति के मृत्यु प्रमाण पत्र के बिना हम सरकारी नौकरी और राशन के लिए दावा करने में असमर्थ रहे हैं जिसका राज्य सरकार ने वादा किया था।"

ऐसा लगता है कि रांची में सरकारी अस्पताल राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (आरआईएमएस) द्वारा दिए गए ऑटोप्सी रिपोर्ट को मौत के सबूत के तौर पर नहीं माना जाता है।

अलीमुद्दीन के बड़े बेटे सज्जाद अंसारी ने कहा, "आरआईएमएस में पोस्टमॉर्टम किया गया था और हमें पोस्ट-मॉर्टम रिपोर्ट सौंपी गई थी। हमने रिपोर्ट के नाम और पता वाले हिस्से में लिखे गए 'अज्ञात' शब्द को देखा। बाद में मैंने एक हलफनामा दिया तब जाकर अस्पताल के अधिकारियों ने मेरे पिता के नाम और पते के लिए एक अलग पैराग्राफ लिखा।" आम तौर पर ऑटोप्सी रिपोर्ट्स में मृतकों के मौत की जगह का ज़िक्र नहीं होता हैं।

मरियम ने कहा, "पुलिस के पास चक्कर काटकर थक गई हूं, मैंने डिप्टी कमिश्नर राजेश्वरी बी से मिलने का फैसला किया है। उन्होंने एक हफ्ते का समय लिया है जिसके बाद मैंने उनसे फिर मुलाकात किया, फिर उन्होंने एक और सप्ताह और बढ़ा दिया जो अभी ख़त्म हुआ है।"

उन्होंने जानबूझकर मृत्यु प्रमाण पत्र जारी न करने के मामले में टिप्पणी करने से साफ तौर पर इनकार कर दिया। यद्यपि कई मरीज़ या पीड़ित अस्पताल जाते वक़्त रास्ते में ही मर जाते हैं और उनके परिवार को मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए जाते हैं। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि इस नौकरशाही गड़बड़ी का समाधान कर लिया गया था।

उन्होंने न्यूज़़क्लिक को बताया कि "हमें इसका हल मिला है। हम उस इला़के के वार्ड काउंसिलर से उक्त दस्तावेज़ के आधार पर एक लिखित बयान देने को कहेंगे जिस इलाक़े में अलिमुद्दीन को दफनाया गया है। हम मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करेंगे। मैं उसकी विधवा के संपर्क में हूं और मैं इसे जल्द ही जारी कर दूंगा।"

इस बीच डीसी के यहां इस मामले का हल नहीं निकलता है तो अलीमुद्दीन का परिवार अदालत जाने को तैयार है।

अलीमुद्दीन के परिवार के वकील शादाब अंसारी ने कहा, "मृत्यु प्रमाणपत्र जारी नहीं होने पर पीड़ित परिवार ने अदालत के समक्ष एक रिट याचिका दायर करने का फैसला किया है।"

alimuddin
mob lynching
India
Jharkhand government
Ramgarh

Related Stories

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

भारत में तंबाकू से जुड़ी बीमारियों से हर साल 1.3 मिलियन लोगों की मौत

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आईपीईएफ़ पर दूसरे देशों को साथ लाना कठिन कार्य होगा

UN में भारत: देश में 30 करोड़ लोग आजीविका के लिए जंगलों पर निर्भर, सरकार उनके अधिकारों की रक्षा को प्रतिबद्ध

वर्ष 2030 तक हार्ट अटैक से सबसे ज़्यादा मौत भारत में होगी

झारखंड: भाजपा काल में हुए भवन निर्माण घोटालों की ‘न्यायिक जांच’ कराएगी हेमंत सोरेन सरकार

लू का कहर: विशेषज्ञों ने कहा झुलसाती गर्मी से निबटने की योजनाओं पर अमल करे सरकार

वित्त मंत्री जी आप बिल्कुल गलत हैं! महंगाई की मार ग़रीबों पर पड़ती है, अमीरों पर नहीं

झारखंड : हेमंत सरकार को गिराने की कोशिशों के ख़िलाफ़ वाम दलों ने BJP को दी चेतावनी

सिवनी मॉब लिंचिंग के खिलाफ सड़कों पर उतरे आदिवासी, गरमाई राजनीति, दाहोद में गरजे राहुल


बाकी खबरें

  • International Women's Day
    सोनिया यादव
    अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस: महिलाओं के संघर्ष और बेहतर कल की उम्मीद
    08 Mar 2022
    श्रम आंदोलन से उपजे इस आयोजन के केंद्र में प्रदर्शन की अहमियत रही है, लिहाज़ा आज महिलाओं के संघर्ष ने एक लंबा सफ़र तय किया है और इसमें उनका अपने ह़क़ और हुक़ूक के लिए आवाज़ बुलंद करना, सड़कों पर धरने…
  • School teachers
    पीपुल्स डिस्पैच
    हंगरी: देशभर के स्कूल शिक्षकों ने बड़े विरोध प्रदर्शन के लिए कसी कमर
    08 Mar 2022
    विक्टर ओरबान की अगुवाई वाली हंगरी की रूढ़िवादी सरकार कोविड-19 संकट का हवाला देते हुए स्कूलों में अनिवार्य शिक्षण सेवाओं को लेकर एक विशेष फ़रमान जारी करते हुए शिक्षकों की हड़ताल को प्रतिबंधित करने की…
  • Atoms for Peace
    एम. के. भद्रकुमार
    ईरान पर विएना वार्ता गंभीर मोड़ पर 
    08 Mar 2022
    ईरान उन देशों में से एक है जिसमें अमेरिका के "डॉलर रूपी हथियार" का मुकाबला करने के लिए "परमाणु रूपी हथियार" का सहारा लेने की कई संभावनाएं मौजूद हैं।
  • women's day
    राज वाल्मीकि
    दलित और आदिवासी महिलाओं के सम्मान से जुड़े सवाल
    08 Mar 2022
    यदि हमारे भारतीय समाज से लैंगिक-ग़ैर बराबरी और जातिवाद का ख़ात्मा हो जाए, जो कि वैज्ञानिक शिक्षा से संभव है, तभी इस देश की दलित और आदिवासी महिलाओं पर अत्याचार समाप्त हो सकेगा।
  • कुमुदिनी पति
    महिला दिवस विशेष : लड़ना होगा महिला अधिकारों और विश्व शांति के लिए
    08 Mar 2022
    अंतराष्ट्रीय महिला दिवस एक औपचारिकता मात्र न बन कर रह जाए इसके लिए औरतों को लगातार सजग रहना होगा।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License