NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अंतरराष्ट्रीय
अल्जीरिया में एक अन्य पत्रकार को जेल की सजा हो सकती है
इस महीने की शुरुआत में पत्रकार खालिद दरानी के मुक़दमे और जेल की सजा के बाद एक अन्य पत्रकार अब्देलक्रीम जेगिलेचे को जेल की सजा हो सकती है।
पीपल्स डिस्पैच
20 Aug 2020
al

अब्देलक्रीम ज़ेगिलेचे दो सप्ताह के भीतर दूसरे पत्रकार बन सकते हैं जिन्हें जेल की सजा के लिए अभियोजन पक्ष 23 अगस्त से शुरू होने वाली सुनवाई में तीन साल जेल की सजा की मांग कर सकता है। सोमवार 17 अगस्त को अभियोजन पक्ष इसी तरह की सजा की मांग करने की बात कही है। जेगिलेचे पर लोकप्रिय हीरक आंदोलन के कथित समर्थन के लिए "राष्ट्रीय एकता को कमज़ोर" करने का आरोप लगाया गया है।

अभियोजन पक्ष ने ज़ेगिलेचे पर "गणराज्य के राष्ट्रपति के व्यक्तित्व को नुकसान पहुंचाने" का भी आरोप लगाया। जेलिगेचे रेडियो सर्बाकेन के निदेशक है जो कि पूर्वोत्तर अल्जीरियाई शहर में स्थित एक ऑनलाइन रेडियो नेटवर्क है।

जेलिगेचे को 23 जून से प्री-ट्रायल हिरासत में रखा गया है। उनके कार्यालयों और रेडियो स्टेशन पर भी पिछले साल सुरक्षा बलों ने छापा मारा था जिसके परिणामस्वरूप अधिकारियों ने उपकरण और दस्तावेज़ों को ज़ब्त कर लिया था। छापेमारी के बाद रेडियो स्टेशन ने संचालन बंद कर दिया है और अभी तक प्रसारण फिर से शुरू नहीं किया है।

ज़ेगिलेचे अपनी राजनीतिक सक्रियता के साथ-साथ सरकार के ख़िलाफ़ विपक्ष को बोलने के लिए मार्ग प्रशस्त करने और अल्जीरिया के सामने आने वाले मुद्दों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए कई बार सरकार के आमने सामने हो गए हैं। वे वर्तमान सत्ताधारी सरकार और साथ ही साथ अपदस्थ पूर्व राष्ट्रपति अब्देलअज़ीज़ बाउटेफ्लिका के निशाने पर रहे हैं।

जेगिलेचे लोकप्रिय हीरक आंदोलन से जुड़े दूसरे पत्रकार हैं जिन्हें सरकार द्वारा विपक्ष को कुचलने, आलोचना को दबाने और डर पैदा करने और भय फैलाने के प्रयासों के द्वारा इस तरह से निशाना बनाया जा रहा है। इस महीने की शुरुआत में इसी तरह के आरोप में खालिद दरेनी को अदालत ने तीन साल क़ैद की सजा सुनाई थी। ऐसा इस सच्चाई के बावजूद हुआ है कि चुने जाने के बाद नई सरकार हराक प्रदर्शनकारियों की मांगों को सुनने और उनके मुद्दों को निपटाने के लिए अपने इरादे को ज़ाहिर किया था।

दिसंबर 2019 में सत्ता में आने के तुरंत बाद सरकार ने कई विपक्षी नेताओं और अन्य कार्यकर्ताओं को रिहा करके बातचीत करने और संबंध बेहतर करने की कोशिश की। हालांकि, ये सरकार देश की राजनीति में व्यवस्था संबंधी बदलावों के लिए प्रदर्शनकारियों द्वारा अपनी मांगों से समझौता करने से इनकार करने पर विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए क़ैद करने, सेंसरशिप और मनमाने व पुरजोर तरीके से दमनकारी रणनीति को आगे बढ़ाते हुए अपने पुराने तरीकों को अपनाने लगी

algiria
journalist of algiria
algiria journalist detained

Related Stories

अल्जीरिया में पत्रकारों ने विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस पर सरकारी उत्पीड़न का विरोध किया

पिछले हफ़्ते अल्जीरिया में गिरफ़्तार हुए 23 हिरक प्रदर्शनकारियों ने भूख हड़ताल शुरु की

अदालत ने पत्रकार अब्देलकरिम ज़ेगिलेचे की सजा घटाकर एक साल की

अल्जीरियाः अदालत ने हिरक आंदोलन के प्रदर्शनकारी यासीन मेबार्की को 10 साल जेल की सज़ा सुनाई


बाकी खबरें

  • bharat ek mauj
    न्यूज़क्लिक टीम
    भारत एक मौज: क्यों नहीं हैं भारत के लोग Happy?
    28 Mar 2022
    'भारत एक मौज' के आज के एपिसोड में संजय Happiness Report पर चर्चा करेंगे के आखिर क्यों भारत का नंबर खुश रहने वाले देशों में आखिरी 10 देशों में आता है। उसके साथ ही वह फिल्म 'The Kashmir Files ' पर भी…
  • विजय विनीत
    पूर्वांचल में ट्रेड यूनियनों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के बीच सड़कों पर उतरे मज़दूर
    28 Mar 2022
    मोदी सरकार लगातार मेहनतकश तबके पर हमला कर रही है। ईपीएफ की ब्याज दरों में कटौती इसका ताजा उदाहरण है। इस कटौती से असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को सर्वाधिक नुकसान होगा। इससे पहले सरकार ने 44 श्रम कानूनों…
  • एपी
    रूस-यूक्रेन अपडेट:जेलेंस्की के तेवर नरम, बातचीत में ‘विलंब किए बिना’ शांति की बात
    28 Mar 2022
    रूस लंबे समय से मांग कर रहा है कि यूक्रेन पश्चिम के नाटो गठबंधन में शामिल होने की उम्मीद छोड़ दे क्योंकि मॉस्को इसे अपने लिए खतरा मानता है।
  • मुकुंद झा
    देशव्यापी हड़ताल के पहले दिन दिल्ली-एनसीआर में दिखा व्यापक असर
    28 Mar 2022
    सुबह से ही मज़दूर नेताओं और यूनियनों ने औद्योगिक क्षेत्र में जाकर मज़दूरों से काम का बहिष्कार करने की अपील की और उसके बाद मज़दूरों ने एकत्रित होकर औद्योगिक क्षेत्रों में रैली भी की। 
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    माले का 11वां राज्य सम्मेलन संपन्न, महिलाओं-नौजवानों और अल्पसंख्यकों को तरजीह
    28 Mar 2022
    "इस सम्मेलन में महिला प्रतिनिधियों ने जिस बेबाक तरीक़े से अपनी बातें रखीं, वह सम्मेलन के लिए अच्छा संकेत है।"
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License