“वकीलों का दर्जा निर्दिष्ट समिति द्वारा दिए गए अंकों के आधार पर तय होना चाहिए और मतदान का सहारा केवल तब लिया जाना चाहिए जब कोई और रास्ता न हो। उच्च न्यायालय मतदान एक अपवाद के रूप में नहीं बल्कि एक…
समाज सुधारक एवं धार्मिक नेता श्री नारायण गुरू की 167वीं जयंती के अवसर पर फेसबुक पर एक पोस्ट में विजयन ने लिखा, ‘‘यह समय भाईचारा और समानता को कमजोर करने वाली सांप्रदायिक, राजनीतिक और पूंजीवादी…
हाल ही में लाए गए सिनेमैटोग्राफ़ संशोधन विधेयक 2021 के विरोध में दो ध्रुवों पर खड़े कमल हासन और सूर्या एक साथ आ गए, इस घटना ने तमिल फिल्म जगत में चेतना की एक लहर दौड़ा दी है।
तर्कवादी सामाजिक कार्यकर्ता नरेंद्र दाभोलकर की 8वीं पुण्यतिथि के बाद प्रशांत पद्मनाभन ने उनकी विरासत को याद करते हुए लिखा है कि "वैज्ञानिक मनोवृत्ति" क्या होती है और कैसे इसका विकास किया जा सकता है।
वास्तव में कल्याण सिंह पिछड़ा वर्ग की उस दुविधा के प्रतीक थे जिसके तहत कभी वह जाति के अपमान से छूटने और सत्ता पाने के लिए सांप्रदायिक होने को तैयार हो जाता है तो कभी हिंदुत्व की ब्राह्मणवादी योजना से…