NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
भारत
अर्थव्यवस्था
आम आदमी के लिए बिमा दस्तावेज की सारी शर्तें समझना मुश्किल
यह उम्मीद करना बेमानी होगा कि एक आम आदमी किसी बिमा दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से पहले उसकी सारी शर्तें पढ़ ले।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
20 Mar 2019
health insurance

बिमा कंपनियों और बिमा उपभोक्ताओं के बीच सबसे अधिक शिकायत बिमा शर्तों को लेकर होती हैं ज्यादातर बिमा ग्राहक इन शर्तों को समझे बिना बिमा ले लेते हैं. इसलिए  किसी बीमा के एवज में दावा करना और बीमा कंपनी से आसानी से पैसे मिल जाना संयोग सरीखा है। सामान्यत: यह देखा जाता है कि उपभोक्ता को दावे के एवज में पैसे पाने के लिये खूब भाग-दौड़ करनी पड़ती है। किसी बीमा की शर्तें भी बेहद जटिल होती हैं। इस विषय पर दिल्ली राज्य उपभोक्ता आयोग ने भी उपभोक्ताओं को होने वाली परेशानी को स्वीकार किया है।

आयोग ने एक मामले की सुनवाई करते हुए कहा, यह उम्मीद करना बेमानी है कि एक आम आदमी किसी बीमा दस्तावेज पर हस्ताक्षर करते हुए सारी शर्तों को पढ़ता होगा। आयोग ने कहा कि अधिकांश मौकों पर किसी बीमा पॉलिसी पर हस्ताक्षर करते समय उपभोक्ता के पास किसी शर्त को मना करने का विकल्प नहीं होता है। आयोग ने यह भी माना कि बीमा कंपनियों से इलाज का पैसा पाने के लिये स्वास्थ्य बीमा धारक को खूब भाग-दौड़ करनी पड़ती है।

आयोग ने कहा कि मुख्य तौर पर कोई उपभोक्ता भविष्य में अचानक सामने आने वाली चिकित्सा जरूरतों के लिये स्वास्थ्य बीमा लेता है। ऐसे में यदि बीमा लेते समय कोई धोखाधड़ी नहीं की गयी हो तो उसके धारक के दावे का निपटान किया जाना चाहिये।

आयोग एक बीमाधारक के दावे को पुरानी बीमारी और पेशे की जानकारी नहीं बताने के आधार पर एचडीएफसी स्टैंडर्ड लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा खारिज किये जाने के संबंध में एक मामले की सुनवाई कर रहा था। फरीदाबाद के वीरपाल नागर ने अपने मृत भाई प्रताप सिंह के बीमा के संबंध में याचिका दायर की थी। याचक ने कंपनी पर अनुचित व्यापार का तरीका अपनाने और सेवा में कोताही बरतने का आरोप लगाया था।

याचक के अनुसार, मृतक सिंह ने पांच दिसंबर 2008 को 20 साल के लिये एचडीएफसी का 50 लाख रुपये का एक सावधि बीमा लिया था। सिंह के निधन के बाद नॉमिनी नागर ने कंपनी के समक्ष बीमा का दावा किया था। कंपनी ने 19 अप्रैल 2010 को नागर का दावा खारिज कर दिया था। कंपनी ने पॉलिसी लेने से पहले से ही मृतक को अस्थमा और पक्षाघात की बीमारी तथा पेशे के बारे में जानकारी नहीं देने का हवाला देकर दावा खारिज किया था।

आयोग के सदस्य अनिल श्रीवास्तव ने माना कि दावे को खारिज करने के पीछे कंपनी ने जो आधार दिये हैं वे सही नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘‘यह उम्मीद करना बेमानी होगा कि एक आम आदमी किसी बीमा दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से पहले उसकी सारी शर्तें पढ़ ले। सामान्यत: यह देखा जाता है कि बीमा कंपनियों से इलाज का खर्च पाने के लिये दावा करने वालों को यहां से वहां दौड़ना पड़ता है।’’ 

आयोग ने कंपनी को दो महीने के भीतर 50 लाख रुपये भुगतान करने का निर्देश दिया।

आयोग ने यह भी कहा कि किसी भी बीमारी को पुरानी बीमारी सिर्फ तभी माना जा सकता है यदि बीमाधारक उक्त बीमारी को लेकर कभी अस्पताल में भर्ती हुआ हो या उसे ऑपरेशन (शल्य चिकित्सा) करानी पड़ी हो।


 

Insurance
consumer commission
insurance company
insurance consumer
language of insurance paper
layman and insurance

Related Stories


बाकी खबरें

  • भाजपा की पार्टनर वीआईपी को यूपी चुनाव से पहले क्यों आई फूलन की याद?
    विजय विनीत
    भाजपा की पार्टनर वीआईपी को यूपी चुनाव से पहले क्यों आई फूलन की याद?
    27 Jul 2021
    “भाजपा पहले निषादों को लेकर चिंतित नहीं थी, लेकिन योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री की सीट पर अजेयता के मिथक के टूट जाने के बाद भाजपा अब रिस्क लेने की स्थिति में नहीं है।"
  • मिशन यूपी 2022ः योगी के ख़िलाफ़ बिगुल फूंका किसानों ने
    न्यूज़क्लिक टीम
    मिशन यूपी 2022ः योगी के ख़िलाफ़ बिगुल फूंका किसानों ने
    27 Jul 2021
    खास पेशकश में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने बात की किसान नेताओं से उनकी आगे की रणनीति, मिशन यूपी 2022 और मिशन उत्तराखंड 2022 के बारे में बात की। जंतर-मंतर पर चल रही किसान संसद के दौरान ही भारतीय किसान…
  • Raj Kundra
    भाषा
    अश्लील फिल्म मामले में अदालत ने राज कुंद्रा को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा
    27 Jul 2021
    कुंद्रा की पुलिस रिमांड समाप्त होने पर उन्हें मंगलवार को यहां एक मजिस्ट्रेट अदालत के सामने पेश किया गया। अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। कुंद्रा ने जमानत के लिए अदालत में…
  • तियांगोंग स्पेस स्टेशन: डार्क मैटर से लेकर कैंसर अनुसंधान तक के वैज्ञानिक परीक्षणों की योजना
    संदीपन तालुकदार
    तियांगोंग स्पेस स्टेशन: डार्क मैटर से लेकर कैंसर अनुसंधान तक के वैज्ञानिक परीक्षणों की योजना
    27 Jul 2021
    प्रस्तावित शोध विषयों में डार्क मैटर और गुरुत्वाकर्षण तरंगों के अध्ययन से लेकर कैंसर पर अनुसंधान और रोगजनक बैक्टीरिया तक का अध्ययन शामिल है।
  • पेगासस प्रोजेक्ट: बीएसएफ़ के पूर्व प्रमुख, रॉ और ईडी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ केजरीवाल के क़रीबी का नाम निगरानी सूची में
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    पेगासस प्रोजेक्ट: बीएसएफ़ के पूर्व प्रमुख, रॉ और ईडी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ केजरीवाल के क़रीबी का नाम निगरानी सूची में
    27 Jul 2021
    रिपोर्ट के मुताबिक़, आरएसएस के एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद बीएसएफ के पूर्व प्रमुख शर्मा राडार में आए थे। आधिकारिक वर्दी में आरएसएस के कार्यक्रम में शर्मा के हिस्सा लेने के चलते विवाद भी खड़ा…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License