NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
आम चुनावों तक 'मोदी शाइनिंग' के रेडियो अभियान के लिए सज गया है मंच
स्पष्ट संकेत हैं कि मई के अंत तक के लिए एआईआर और निजी एफएम कंपनियों के बीच ‘समाचार साझा’ करने की एक पायलट परियोजना के लिए सौदा हो जाएगा।
एस.के. पांडे
11 Jan 2019
Translated by महेश कुमार
सांकेतिक तस्वीर
Image Courtesy: Live Mint

क्या हम एक नई सूचना नीति के लिए तैयार हैं – जिसके तहत, एक देश-एक समाचार– के लिए प्रसार भारती और एफएम रेडियो जैसे निजी खिलाड़ियों के बीच सौदा होने की संभावना है? सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने हाल ही में इसका इशारा किया जिसे वह ‘नागरिकों को सूचना और शिक्षा’ के नाम पर करने जा रही है।

इस बात के स्पष्ट संकेत हैं कि अब से कुछ महीने बाद तक, ऐसी नीति संचालित होगी जो कम से कम मई-अंत तक चलेगी। सौदा यह है कि निजी एफएम स्टेशन अब अखिल भारतीय रेडियो (AIR) के समाचार बुलेटिन को मुफ्त में प्रसारित करेंगे। लेकिन शर्तों में यह भी स्पष्ट रूप से स्पष्ट किया गया है कि निजी एफएम स्टेशन सरकारी मुफ्त समाचार को उसकी समग्रता में प्रसारित करेंगे।

इस नीति के साथ, आकाशवाणी और निजी एफएम खिलाड़ियों के बीच चुनावी वर्ष 2019 के लिए एक हनीमून शुरू हो गया है, जिसे सार्वजनिक प्रसारक प्रसार भारती का पूरा का पूरा आशीर्वाद है। इसे एक परीक्षण के लिए "नई साझा पहल" कहा जा रहा है, जिस समझौते की यह विडंबना है कि 31 मई, 2019 (लोकसभा चुनाव के अंत के बाद) इसका फिर से जायजा लिया जाएगा।

सूचना एवं प्रसारण मंत्री राज्यवर्धन राठौर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में 8 जनवरी को यह घोषणा की थी। यह अतीत की परंपरा से अलग है।

इसके साथ ही, कुछ ही दिनों पहले प्रसार भारती ने परिचालन लागतों को तर्कसंगत बनाने और कटौती करने के लिए आकाशवाणी के राष्ट्रीय चैनल को बंद करने का निर्णय लिया है। संयोग से, इस कार्यक्रम को हमारे सैनिकों, विशेष रूप से उन लोगों के बीच लोकप्रिय बताया जाता है जो कठिन इलाकों में तैनात हैं। इसके साथ ही तिरुवनंतपुरम, शिलॉन्ग, अहमदाबाद, लखनऊ और हैदराबाद में स्थित क्षेत्रीय शैक्षणिक ब्रॉडकास्टिंग और मल्टी-मीडिया (RABM) के सभी पाँच स्टेशनों को "तत्काल प्रभाव से" बंद करने का भी निर्णय लिया गया है।

यह बात और है कि आकाशवाणी समाचार को प्रसारित करने के लिए निजी एफएम स्टेशनों को लगाने के अलावा, सूचना व प्रसारण मंत्रालय सरकारी योजनाओं के विज्ञापन के लिए अपना बजट भी बढ़ा रहा है। इसका स्वाभाविक रूप से मतलब होगा कि एक बिना किसी अपवाद के निजी खिलाड़ियों को विज्ञापन का भंडार सौंपना ताकि उनका खज़ाना सरकारी पैसे से भरा जा सके। इसलिए, जैसा कि भारत 2019 के चुनावों के लिए तैयार हो रहा है, इस वर्ष समाचार विज्ञापनों के लिए मंत्रालय के विज्ञापन का बजट लगभग 20 प्रतिशत बढ़ जाएगा। क्या प्रसारण समाचार सेवाओं और अखबारों में विज्ञापनों के माध्यम से ’शाइनिंग इंडिया’ अभियान बनाने का यह दूसरा तरीका नहीं है? क्या यह तथ्य नहीं है कि वर्तमान सरकार ने नरेंद्र मोदी सरकार के सत्ता संभालने के बाद छोटे और मध्यम समाचार पत्रों का चयन करने के लिए विज्ञापनों में कटौती की है? कई अखबार, वास्तव में, बंद हो गए हैं। और अब नई नीति आयी है, जो मूल रूप से एक ऐसी नीति है जिसे “मैं आपकी पीठ खुजाता हूं, आप मेरी खुजाइए” कहा जा सकता है।

हालांकि प्रसार भारती की स्वायत्तता पहले से ही संगठन के भीतर काफी समय से चर्चा में है, गैर-व्यवहार्य समाचार पत्रों की भर्ती, नौकरी पर लेना और बाहर कर देना या हस्तांतरण पहले से ही अच्छी तरह से ज्ञात है। अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, रफ़ाल विवाद पर विपक्षी पार्टियों के दृष्टिकोण को ब्लैक-आउट करने के प्रयासों के लिए जो दबाव डाला गया था, वह भी इसका एक तथ्य है।

मुख्यधारा के राष्ट्रीय मीडिया और समाचार वेबसाइटों पर दबाव भी पिछले कुछ वर्षों से बढ़ा है जिसके बारे में चर्चा आम है। अब कोशिश इस बात की है कि आकाशवाणी से ज्यादा से ज्यादा ऐसी सरकारी खबरें प्रसारित हों और प्रिंट मीडिया के साथ-साथ मोदी सरकार के लिए इसे भी ‘इंडिया शाइनिंग’ अभियान चलाने के लिए सुनिश्चित किया जाए। (यह अलग बात है कि 2004 में इस तरह के अभियान के परिणामस्वरूप एनडीए सरकार की सत्ता में वापसी नहीं हुई थी)।

इसलिए, नया चरण ‘मोदी शाइनिंग’ परियोजना चुनाव 2019 के लिए निर्धारित किया गया है। इसके लिए प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) में कुछ व्यक्तियों को खास जिम्मेदारी सौंपी जा रही है और नई भूमिका दिए जाने की रिपोर्ट इसमें जोड़ें। यह ज्ञात रहना चाहिए कि आपातकाल के दिनों में PIB को 'पुलिस सूचना ब्यूरो' का उपनाम मिला था। ठहरो और देखो, अभी तो 2019 शुरू हुआ है...।

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं। ये उनके व्यक्तिगत विचार हैं।)

All India Radio
AIR
private FM stations
Prasar Bharti
FM radio
Information & Broadcasting Ministry
Narendra modi
I&B Minister Rajyavardhan Rathore
PIB
Modi Shining

Related Stories

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"

भाजपा के लिए सिर्फ़ वोट बैंक है मुसलमान?... संसद भेजने से करती है परहेज़

हिमाचल में हाती समूह को आदिवासी समूह घोषित करने की तैयारी, क्या हैं इसके नुक़सान? 


बाकी खबरें

  • Uttarakhand
    न्यूज़क्लिक टीम
    उत्तराखंड चुनाव : क्या है युवाओं के मुद्दे
    10 Feb 2022
    उत्तराखंड चुनाव के बीच हमने गढ़वाल के सेंट्रल यूनिवर्सिटी का दौरा किया और नौजवानों से उनके मुद्दे जानने चाहे ?गढ़वाल के सेंट्रल यूनिवर्सिटी एक तरह से इस राज्य का शिक्षा का केन्द्र है यहां राज्य के…
  • up elections
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    यूपी चुनाव का पहला चरण संपन्न, 58 सीटों पर 60.17% मतदान; शामली, खतौली, कैराना में रिकॉर्ड वोटिंग
    10 Feb 2022
    खतौली, शामली और कैराना में इस बार सर्वाधिक मतदान हुआ। कैराना में 76% वोटिंग हुई, तो खतौली में 70 प्रतिशत और शामली में 67.50%  मतदान हुआ। सबसे निचले पायदान पर 52.43% के साथ गाज़ियाबाद रहा।
  • Hijab
    एम.ओबैद
    कर्नाटक के बाद अब यूपी पहुंचा हिजाब-विवाद, चुनाव से पहले ध्रुवीकरण की कोशिश?
    10 Feb 2022
    यूपी के जौनपुर स्थित तिलकधारी सिंह डिग्री कॉलेज की एक मुस्लिम छात्रा ने आरोप लगाते हुए कहा है कि राजनीति विज्ञान के असिस्टेंट प्रोफेसर ने उसे हिजाब पहनने को लेकर फटकार लगाई है। 
  • Vijayan and yogi
    भाषा
    विजयन ने केरल के ‘खिलाफ’ टिप्पणी करने पर योगी आदित्यनाथ को आड़े हाथ लिया
    10 Feb 2022
    योगी आदित्यानाथ पर हमला करते हुए माकपा के वरिष्ठ नेता विजयन ने कहा कि अगर उत्तर भारत का राज्य उत्तर प्रदेश केरल की तरह विकास करता तो अधिक शांति और बेहतर जीवन के हालात होते।
  • Madhya Pradesh
    सतीश भारतीय
    मध्य प्रदेश के एक गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अब तक किसी को नहीं मिला आवास
    10 Feb 2022
    आवास योजना को लेकर बिहारीखेड़ा गांव के लोगाें को सिर्फ आश्वासन ही मिलता है। लेकिन 2011 से पीएम आवास का एक भी व्यक्ति को लाभ नहीं मिला है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License