NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका
अमेरिका-ईरान : बातचीत की पेशकश और धमकी साथ-साथ!
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि ईरान के साथ वार्ता के लिए कोई पूर्व शर्त नहीं है, सिवाय इसके कि वह उसे परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे। उधर, अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ईरान के ख़िलाफ़ मोर्चाबंदी के लिए दौरे पर निकल गए हैं।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
24 Jun 2019
सांकेतिक तस्वीर
Image Courtesy: prabhasakshi.com

अमेरिका और ईरान के बीच का विवाद गहराता जा रहा है। हालांकि दोनों पक्षों की ओर से संयम की बातें की जा रही हैं, लेकिन भीतर ही भीतर काफी कुछ पक और उबल रहा है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रविवार को कहा कि ईरान के साथ वार्ता के लिए कोई पूर्व शर्त नहीं है, सिवाय इसके कि वह उसे परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे। उधर, अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ईरान के खिलाफ पूरी मोर्चाबंदी कर रहे हैं। सऊदी अरब रवाना होने से पहले रविवार को उन्होंने कहा कि वह पश्चिम एशिया में तत्काल बातचीत कर ईरान के खिलाफ वैश्विक सहयोग कायम करना चाहते हैं।

सत्ता में आने के बाद ट्रम्प ने अमेरिका को ईरान परमाणु समझौते से हटा लिया था और तेहरान पर प्रतिबंध लगा दिए थे जो भारत जैसे देशों को ईरान से तेल खरीदने से रोकते हैं।

एनबीसी के 'मीट द प्रेस' में जब ट्रंप से सवाल किया गया कि क्या ईरान के साथ बातचीत के लिए कोई पूर्व शर्त है, तो उन्होंने कहा, "जहां तक ​​मेरा सवाल है, कोई पूर्व शर्त नहीं है।’’

चक टोड ने ट्रंप से सवाल किया, ‘‘क्या आप कहीं पर भी बात करेंगे?" ट्रम्प ने कहा, ‘‘देखिये, आपके (ईरान के) पास परमाणु हथियार नहीं हो सकते। यदि आप (ईरान) इसके बारे में बात करना चाहते हैं, तो अच्छा है। अन्यथा आप आने वाले लंबे समय में कमजोर होती अर्थव्यवस्था में रह सकते हैं।’’

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका पश्चिम एशिया में एक मानव रहित ड्रोन को कथित तौर पर मार गिराने के जवाब में ईरान पर हमला करने के कगार पर था। लेकिन उन्होंने आधे घंटे पहले अपनी अनुमति वापस ले ली।

ट्रंप ने कहा हमले से पहले उन्हें बताया गया कि हमले की तैयारी है। ट्रंप ने कहा, ‘‘उन्होंने कहा हम हमले के लिए तैयार हैं। मैंने पूछा कितने लोग मारे जाएंगे, ईरानी? उन्होंने कहा, श्रीमान लगभग 150 और मैंने इसके बारे में एक सेकंड के लिए सोचा और कहा, आप जानते हैं कि उन्होंने क्या किया है? उन्होंने एक मानवरहित ड्रोन, या विमान, आप जो भी कहें, उसे मार गिराया है...यहां हम 150 लोगों की मौतों की बात कर रहे हैं...मैं नहीं समझता कि यह सही होगा।’’

पोम्पिओ ने ईरान के खिलाफ वैश्विक गठबंधन की मांग की

अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने रविवार को कहा कि वह पश्चिम एशिया में तत्काल बातचीत कर ईरान के खिलाफ वैश्विक सहयोग कायम करना चाहते हैं।

ईरान द्वारा अमेरिकी सर्विलांस ड्रोन को मार गिराए जाने और अमेरिका द्वारा पहले ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का आदेश देने और उसे वापस लेने के आदेशों के कारण बहुत ज्यादा बढ़ गए विवादों की पृष्ठभूमि में पोम्पिओ का यह बयान आया है।

उन्होंने सऊदी अरब रवाना होने से पहले यह बयान दिया। यात्रा के दूसरे चरण में वह संयुक्त अरब अमीरात और सुन्नी अरब सहयोगियों से मुलाकात करेंगे, जो कि शिया ईरान की बढ़ती स्वीकार्यता को लेकर चिंतित हैं और इस क्षेत्र में अपने प्रभाव के लिए काम कर रहे हैं।

पोम्पिओ ने ईरान पर कहा, ‘‘हम उनसे इस मुद्दे पर बात कर रहे हैं यह कैसे सुनिश्चित किया जाए कि हम रणनीतिक रूप से एक साथ हैं और कैसे हम वैश्चिक गठबंधन बना सकते हैं। केवल खाड़ी देशों का गठबंधन नहीं बल्कि एशिया और यूरोप भी इसमें शामिल हो, जो इस चुनौती को समझें, और दुनिया के सबसे बड़े राष्ट्रप्रयोजित आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के लिए तैयार हो।’’

इतने कठोर बयान के बाद भी पोम्पिओ ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और उप राष्ट्रपति माइक पेंस के रुख को दोहराते हुए कहा कि अमेरिका तनाव कम करने के लिए बिना शर्त ईरान के साथ बातचीत करने को तैयार है।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

USA
IRAN
US-Iran
WAR MONGERING
Oil
Donand Trump
Mike Pompeo

Related Stories

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन में हो रहा क्रांतिकारी बदलाव

अमेरिकी आधिपत्य का मुकाबला करने के लिए प्रगतिशील नज़रिया देता पीपल्स समिट फ़ॉर डेमोक्रेसी

ईरानी नागरिक एक बार फिर सड़कों पर, आम ज़रूरत की वस्तुओं के दामों में अचानक 300% की वृद्धि

असद ने फिर सीरिया के ईरान से रिश्तों की नई शुरुआत की

छात्रों के ऋण को रद्द करना नस्लीय न्याय की दरकार है

सऊदी अरब के साथ अमेरिका की ज़ोर-ज़बरदस्ती की कूटनीति

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

पश्चिम बनाम रूस मसले पर भारत की दुविधा

पड़ताल दुनिया भर कीः पाक में सत्ता पलट, श्रीलंका में भीषण संकट, अमेरिका और IMF का खेल?


बाकी खबरें

  • चिप युद्घ: क्या अमेरिका वास्तव में चीन को पछाड़ सकता है
    प्रबीर पुरकायस्थ
    चिप युद्ध : क्या अमेरिका वास्तव में चीन को पछाड़ सकता है
    30 Aug 2021
    शोध के लिए कम पैसा होने का मतलब अंतत: इस क्षेत्र में अमरीका की बढ़त का ही खत्म होना होगा क्योंकि दूसरे देशों के विपरीत, अमरीका बढ़ते पैमाने पर चिपों या मशीनों के उत्पादन से पीछे हटता गया है।
  • करनाल पुलिसिया हिंसा: एक किसान की मौत, खट्टर सरकार पर उठ रहे सवाल
    मुकुंद झा
    करनाल पुलिसिया हिंसा: एक किसान की मौत, खट्टर सरकार पर उठ रहे सवाल
    30 Aug 2021
    किसानों ने जानकारी दी है कि एक किसान सुशील काजल की मौत हो गई है। किसानों ने दावा किया है कि वो शनिवार के विरोध में शामिल थे, पुलिस ने उन्हें लाठियों से मारा, जिसके बाद वे घर गए  और रात में दिल का…
  • कोविड में स्कूलों से दूर हुए गरीब बच्चे, सरकार का ध्यान केवल ख़ास वर्ग पर
    रूबी सरकार
    कोविड में स्कूलों से दूर हुए गरीब बच्चे, सरकार का ध्यान केवल ख़ास वर्ग पर
    30 Aug 2021
    केंद्र सरकार की नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति पूरी तरह से डिजिटलीकरण शिक्षा पर आधारित है। इस समय दूर-दराज ग्रामीण इलाकों के बच्चे, सरकार की चिंता से बाहर हो गये हैं।
  • कोरोना
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में क़रीब 43 हज़ार नए मामले, 380 मरीज़ों की मौत
    30 Aug 2021
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 3 लाख 76 हज़ार 324 हो गयी है।
  • अफ़ग़ानिस्तान पर 'बिग' मीडिया का सवाल ग़लत और ख़तरनाक है
    थॉम हार्टमैन
    अफ़ग़ानिस्तान पर 'बिग' मीडिया का सवाल ग़लत और ख़तरनाक है
    30 Aug 2021
    बुश और डिक चेनी हमें अफ़ग़ान युद्ध और अफ़ग़ानिस्तान में 20 साल के क़ब्ज़े के बारे में कैसे झूठ बोलकर चुप बैठ सकते हैं - जबकि जिन्होंने लगभग उतने ही लंबे अरसे तक इराक़ में बिना किसी राजनीतिक या ऐतिहासिक…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License