NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अमरनाथ यात्रा के बाद ‘मचैल माता यात्रा’ भी रोकी
अधिकारियों ने लोगों से यात्रा नहीं शुरू करने और जो लोग रास्ते में हैं उनसे वापस लौटने को कहा है।
भाषा
03 Aug 2019
Amarnath
फोटो साभार : गूगल 

जम्मू। अमरनाथ यात्रा के बाद जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले की 43 दिन तक चलने वाली ‘मचैल माता यात्रा’ को सुरक्षा कारणों से शनिवार को रोक दिया गया।

अधिकारियों ने लोगों से यात्रा नहीं शुरू करने और जो लोग रास्ते में हैं उनसे वापस लौटने को कहा है।

किश्तवाड़ के उपायुक्त अंग्रेज सिंह राणा ने पीटीआई-भाषा को बताया, “सुरक्षा कारणों के चलते तत्काल प्रभाव से यात्रा रोक दी गई है।”

यह यात्रा 25 जुलाई को शुरू हुई थी और पांच सितंबर को इसे खत्म होना था।

देश भर से हजारों श्रद्धालु यात्रा के दौरान खूबसूरत पद्दार घाटी को देखने आते हैं जो नीलम की खानों के लिए भी प्रसिद्ध है। श्रद्धालु 30 किलोमीटर के मुश्किल रास्ते को तय कर किश्तवाड़ के मचैल गांव में दुर्गा माता मंदिर में पूर्जा-अर्चना करते हैं।

किश्तवाड़ जिसे एक दशक पहले आतंकवाद मुक्त घोषित कर दिया गया था वहां पिछले साल एक नवंबर को भाजपा के प्रदेश सचिव अनिल परिहार और उनके भाई अजित परिहार की हत्या के बाद से सनसनी फैल गई थी। बाद में नौ अप्रैल को एक स्वास्थ्य केंद्र के भीतर आरएसएस के वरिष्ठ नेता चंद्रकांत शर्मा और उनके सुरक्षा गार्ड की भी हत्या कर दी गई थी।

सुरक्षा कारणों से वार्षिक अमरनाथ यात्रा पहले ही रोकी जा चुकी है।

amarnath yatra
Jammu and Kashmir
Terrorism
BJP

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

कश्मीर में हिंसा का नया दौर, शासकीय नीति की विफलता

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल


बाकी खबरें

  • अनिल अंशुमन
    झारखंड: केंद्र सरकार की मज़दूर-विरोधी नीतियों और निजीकरण के ख़िलाफ़ मज़दूर-कर्मचारी सड़कों पर उतरे!
    29 Mar 2022
    जगह-जगह हड़ताल के समर्थन में प्रतिवाद सभाएं कर आम जनता से हड़ताल के मुद्दों के पक्ष में खड़े होने की अपील की गयी। हर दिन हो रही मूल्यवृद्धि, बेलगाम महंगाई और बेरोज़गारी के खिलाफ भी काफी आक्रोश प्रदर्शित…
  • मुकुंद झा
    दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल को मिला व्यापक जनसमर्थन, मज़दूरों के साथ किसान-छात्र-महिलाओं ने भी किया प्रदर्शन
    29 Mar 2022
    केंद्रीय ट्रेड यूनियन ने इस दो दिवसीय हड़ताल को सफल बताया है। आज हड़ताल के दूसरे दिन 29 मार्च को देश भर में जहां औद्दोगिक क्षेत्रों में मज़दूरों की हड़ताल हुई, वहीं दिल्ली के सरकारी कर्मचारी और रेहड़ी-…
  • इंदिरा जयसिंह
    मैरिटल रेप को आपराधिक बनाना : एक अपवाद कब अपवाद नहीं रह जाता?
    29 Mar 2022
    न्यायिक राज-काज के एक अधिनियम में, कर्नाटक उच्च न्यायालय की व्याख्या है कि सेक्स में क्रूरता की स्थिति में छूट नहीं लागू होती है।
  • समीना खान
    सवाल: आख़िर लड़कियां ख़ुद को क्यों मानती हैं कमतर
    29 Mar 2022
    शोध पत्रिका 'साइंस एडवांस' के नवीनतम अंक में फ्रांसीसी विशेषज्ञों ने 72 देशों में औसतन 15 वर्ष की 500,000 से ज़्यादा लड़कियों के विस्तृत सर्वे के बाद ये नतीजे निकाले हैं। इस अध्ययन में पाया गया है कि…
  • प्रभात पटनायक
    पेट्रोल-डीज़ल की क़ीमतों में फिर होती बढ़ोतरी से परेशान मेहनतकश वर्ग
    29 Mar 2022
    नवंबर से स्थिर रहे पेट्रोल-डीज़ल के दाम महज़ 5 दिनों में 4 बार बढ़ाये जा चुके हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License