NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अमृतसर रेल हादसा : रेलवे का जवाबदेही से इनकार
एक वरिष्ठ रेलवे अधिकारी ने हालांकि यह स्वीकार किया कि ट्रेन के लोको पायलट ने आपातकालीन ब्रेक का उपयोग नहीं किया। लेकिन इससे उलट रेलवे बोर्ड के चेयरमैन का कहना है कि लोको पायलट ने ब्रेक लगाए थे।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
20 Oct 2018
अमृतसर रेल हादसा

अमृतसर, 20 अक्टूबर। अमृतसर में रावण दहन देखने के दौरान ट्रेन की चपेट में आकर हुई 60 लोगों की मौत के बाद शनिवार को रेलवे ने इस घटना से अपना पल्ला झाड़ लिया। उत्तरी रेलवे के प्रवक्ता दीपक कुमार ने जारी बयान में कहा कि यह कार्यक्रम एक ऐसे क्षेत्र में हो रहा था, जो रेलवे के अधिकार क्षेत्र से बाहर है। 
बयान के अनुसार, वहां पर दशहरा कार्यक्रम आयोजित करने के बारे में न तो क्षेत्रीय प्रशासन और न ही कार्यक्रम आयोजक ने कोई सूचना दी।

उन्होंने कहा, "तो रेलवे से अनुमति लेने का सवाल ही नहीं उठता।"

उन्होंने कहा कि शुक्रवार शाम कार्यक्रम के समय मानवीय क्रॉसिंग के दरवाजे बंद थे।

एक वरिष्ठ रेलवे अधिकारी ने हालांकि यह स्वीकार किया कि डीजल मल्टीपल यूनिट (डीएमयू) जालंधर-अमृतसर पैसेंजर ट्रेन के लोको पायलट ने आपातकालीन ब्रेक का उपयोग नहीं किया।
लेकिन इससे उलट रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्विनी लोहानी का कहना है कि जोड़ा फाटक पर जालंधर-अमृतसर डीजल मल्टीपल यूनिट (डीएमयू) यात्री ट्रेन के लोको पायलट ने ब्रेक लगाए थे।

उधर, अधिकारी ने स्वीकार किया कि क्रॉसिंग पर खड़े व्यक्ति को नजदीकी स्टेशन को वहां कार्यक्रम की भीड़ इकट्ठी होने की सूचना देनी चाहिए थी।

स्टेशन मास्टर को सतर्क होना चाहिए था और बाद में उसे लोको पायलटों को सतर्क करना चाहिए था। रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, यह घटना रेलवे के इंटरलॉक लेवल क्रॉसिंग से लगभग 340 मीटर की दूरी पर हुई।
 

लेकिन रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्विनी लोहानी ने संवाददाताओं को बताया, "ट्रेन तय स्पीड पर चल रही थी और ऐसी उम्मीद नहीं थी कि लोग ट्रैक पर खड़े होंगे। यह पूरी तरह से ट्रेसपासिंग का मामला है। रेलवे ट्रैक से जुड़े दशहरे कार्यक्रम के बारे में रेलवे को कई जानकारी नहीं दी गई थी।"

लोहानी ने कहा कि घटनास्थल दो स्टेशनों के बीच का हिस्सा है, जहां ट्रेन ट्रैक के मुताबिक नियत स्पीड पर चलती है। 

लोहानी ने कहा कि रेलवे ने सड़क यातायात को विनियमित करने के लिए मानव लेवल क्रॉसिंग पर अपने स्टाफ की नियुक्ति की।

लोको पायलट की जिम्मेदारी के बारे में पूछे जाने पर लोहानी ने कहा, "हमारी शुरुआती रिपोर्ट से पता चलता है कि लोको पायलट ने ब्रेक लगाए थे और स्पीड 90 किलोमीटर प्रतिघंटे से कम होकर लगभग 60-65 किलोमीटर प्रतिघंटा हो गई थी। हम अभी भी स्पीडोमीटर चार्ट की जांच कर रहे हैं।"

उन्होंने जनता से रेलवे ट्रैक पर नहीं चलने की हिदायत देते हुए कहा, "रेलवे नियमित तौर पर लोगों को जागरूक करता रहता है कि रेलवे ट्रैक पर चहलकदमी नहीं करें।"

शुक्रवार को धोबीघाट के निकट जोड़ा फाटक पर लगभग 700 लोगों की भीड़ रावण के विशाल पुतले का दहन देख रही थी तभी अमृतसर से होशियारपुर जा रही जालंधर-अमृतसर डीएमयू पैसेंजर ट्रेन शाम करीब सात बजे पटरी पर खड़े लोगों को रौंदती हुई गुजर गई।

10-15 सेकेंड के बाद ही वहां क्षत-विक्षत शव नजर आने लगे और वहां चीख-पुकार मचने लगी।

डॉक्टरों का कहना है कि कई लोगों के गंभीर रूप से घायल होने के कारण मृतकों की संख्या में इजाफा हो सकता है। 

मुख्यमंत्री भी आज घटनास्थल पर पहुंच रहे हैं। इसी के साथ पंजाब सरकार ने आज शनिवार को राज्य में शोक का ऐलान किया है। आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा कि इस दौरन सभी ऑफिस और शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे। घटना की जांच के भी आदेश दे दिए गए हैं।

रेल मंत्री पीयूष गोयल फिलहाल अमेरिका में हैं। उन्होंने अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं और वह लौटने की तैयारी कर रहे हैं।

दुर्घटना के बाद शुक्रवार शाम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

(इनपुट आईएएनएस)

amritsar train accident
indian railways
Dussehra celebrations in Amritsar
punjab
capt amrenider singh
navjot singh sidhu
rail minister Piyush Goyal
navjot kaur sidhu

Related Stories

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

ट्रेन में वरिष्ठ नागरिकों को दी जाने वाली छूट बहाल करें रेल मंत्री: भाकपा नेता विश्वम

लुधियाना: PRTC के संविदा कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू

त्रासदी और पाखंड के बीच फंसी पटियाला टकराव और बाद की घटनाएं

मोहाली में पुलिस मुख्यालय पर ग्रेनेड हमला

केंद्र का विदेशी कोयला खरीद अभियान यानी जनता पर पड़ेगा महंगी बिजली का भार

कोयले की किल्लत और बिजली कटौती : संकट की असल वजह क्या है?

पटियाला में मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं निलंबित रहीं, तीन वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का तबादला

दिल्ली और पंजाब के बाद, क्या हिमाचल विधानसभा चुनाव को त्रिकोणीय बनाएगी AAP?

विभाजनकारी चंडीगढ़ मुद्दे का सच और केंद्र की विनाशकारी मंशा


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    यूपी: अयोध्या में चरमराई क़ानून व्यवस्था, कहीं मासूम से बलात्कार तो कहीं युवक की पीट-पीट कर हत्या
    19 Mar 2022
    कुछ दिनों में यूपी की सत्ता पर बीजेपी की योगी सरकार दूसरी बार काबिज़ होगी। ऐसे में बीते कार्यकाल में 'बेहतर कानून व्यवस्था' के नाम पर सबसे ज्यादा नाकामी का आरोप झेल चुकी बीजेपी के लिए इसे लेकर एक बार…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    ट्रेड यूनियनों की 28-29 मार्च को देशव्यापी हड़ताल, पंजाब, यूपी, बिहार-झारखंड में प्रचार-प्रसार 
    19 Mar 2022
    दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल को सफल बनाने के लिए सभी ट्रेड यूनियन जुट गए हैं। देश भर में इन संगठनों के प्रतिनिधियों की बैठकों का सिलसिला जारी है।
  • रवि कौशल
    पंजाब: शपथ के बाद की वे चुनौतियाँ जिनसे लड़ना नए मुख्यमंत्री के लिए मुश्किल भी और ज़रूरी भी
    19 Mar 2022
    आप के नए मुख्यमंत्री भगवंत मान के सामने बढ़ते क़र्ज़ से लेकर राजस्व-रिसाव को रोकने, रेत खनन माफ़िया पर लगाम कसने और मादक पदार्थो के ख़तरे से निबटने जैसी कई विकट चुनौतियां हैं।
  • संदीपन तालुकदार
    अल्ज़ाइमर बीमारी : कॉग्निटिव डिक्लाइन लाइफ़ एक्सपेक्टेंसी का प्रमुख संकेतक है
    19 Mar 2022
    आम तौर पर अल्ज़ाइमर बीमारी के मरीज़ों की लाइफ़ एक्सपेक्टेंसी 3-12 सालों तक रहती है।
  • पीपल्स डिस्पैच
    स्लोवेनिया : स्वास्थ्य कर्मचारी वेतन वृद्धि और समान अधिकारों के लिए कर रहे संघर्ष
    19 Mar 2022
    16 फ़रवरी को स्लोवेनिया के क़रीब 50,000 स्वास्थ्य कर्मचारी काम करने की ख़राब स्थिति, कम वेतन, पुराने नियम और समझौते के उल्लंघन के ख़िलाफ़ हड़ताल पर चले गए थे।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License