NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका
अमेरिका ने युद्धग्रस्त सीरिया पर नए प्रतिबंधों की घोषणा की
ये एकतरफा प्रतिबंध एक दशक लंबे युद्ध और कोरोनावायरस महामारी के प्रभाव की दोहरी चुनौतियों से जूझ रही सीरियाई अर्थव्यवस्था को फिर से बेहतर करने के सरकारी प्रयासों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
पीपल्स डिस्पैच
01 Oct 2020
सीरिया

अमेरिका ने बुधवार 30 सितंबर को युद्धग्रस्त सीरिया पर नए प्रतिबंधों की घोषणा की। बुधवार को जारी एक बयान में अमेरिका के ट्रेजरी विभाग ने कहा कि इसने 13सीरियाई संस्थानों और छह लोगों को प्रतिबंधों में शामिल किया है।

इन प्रतिबंधों के लिए सूचीबद्ध मुख्य संस्थानें दूरसंचार,पर्यटन, प्रौद्योगिकी उद्योगों और सीरियाई सेना के कुछ भाग में काम कर रही सीरियाई कंपनियां हैं। इसने सीरियाई सेंट्रल बैंक के गवर्नर, हज़ेम युनूस करफौल और सीरियाई जनरल इंटेलिजेंस निदेशालय के प्रमुख हुसम मोहम्मद लुका जैसे लोगों को निशाना बनाया है।

अमेरिका के ट्रेजरी सचिव स्टीवन मेनुचिन ने सीरिया में एक दशक से चल रहे युद्ध को समाप्त करने के मद्देनज़र बशर अल-असद के नेतृत्व वाले सीरियाई सरकार को संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व वाली वार्ता के मंच पर लाने के लिए इस एकतरफा प्रतिबंधों को सही ठहराने की कोशिश की। एक बयान में उन्होंने कहा कि, "संयुक्त राज्य अमेरिका सीरियाई लोगों के असद शासन [कथित] दुरुपयोग से लाभ उठाने वाले या उसको सुविधा प्रदान करने वाले किसी भी व्यक्ति के वित्त को निशाना बनाने के लिए अपने सभी तंत्रों और प्राधिकरणों का उपयोग करना जारी रखेगा।"

इस साल जून में सीरिया पर लगाए गए वित्तीय प्रतिबंधों के भाग के रुप में बुधवार को नया प्रतिबंध लगाया गया। जून महीने में लागू किया गया अमेरिकी कांग्रेस का तथाकथित सीज़र अधिनियम अमेरिकी प्रशासन को सीरिया पर राजनीतिक, आर्थिक और राजनयिक प्रतिबंध लगाने की अनुमति देता है। दिसंबर 2019 में अमेरिकी कांग्रेस में ये सीज़र अधिनियम पारित किया गया था।

ये प्रतिबंध हालांकि एकतरफा हैं और इसे संयुक्त राष्ट्र सहित अंतर्राष्ट्रीय समुदाय द्वारा मान्यता प्राप्त नहीं है ऐसे में यह सीरिया की अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है जो पहले से ही देश में एक दशक लंबे चले युद्ध और COVID-19 महामारी से त्रस्त है। अमेरिका अपने वित्तीय शक्ति का उपयोग करते हुए प्रतिबंधित संस्था या व्यक्ति से निपटने के लिए किसी तीसरे पक्ष को रोक सकता है और जोखिम में डाल सकता है। इस मामले की प्रकृति को अक्सर नहीं माना जाता है ऐसे समय में इस तरह के प्रतिबंध आम लोगों को नुकसान पहुंचाते हैं।

America
Syria
sanctions in syria
war in syria

Related Stories

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

असद ने फिर सीरिया के ईरान से रिश्तों की नई शुरुआत की

क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?

यूक्रेन में छिड़े युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंध का मूल्यांकन

पड़ताल दुनिया भर कीः पाक में सत्ता पलट, श्रीलंका में भीषण संकट, अमेरिका और IMF का खेल?

यूक्रेन से सरज़मीं लौटे ख़ौफ़ज़दा छात्रों की आपबीती

लखनऊ में नागरिक प्रदर्शन: रूस युद्ध रोके और नेटो-अमेरिका अपनी दख़लअंदाज़ी बंद करें

यूक्रेन पर रूस के हमले से जुड़ा अहम घटनाक्रम

यूक्रेन की बर्बादी का कारण रूस नहीं अमेरिका है!

कोविड -19 के टीके का उत्पादन, निर्यात और मुनाफ़ा


बाकी खबरें

  • बोलिवियाई लोगों को तख्तापलट करने वाली नेता जीनिन आनेज़ के जेल से भागने की आशंका
    पीपल्स डिस्पैच
    बोलिवियाई लोगों को तख्तापलट करने वाली नेता जीनिन आनेज़ के जेल से भागने की आशंका
    26 Aug 2021
    एपीडीएचबी ने इस बात को लेकर आगाह किया है कि देश में कुछ दूतावासों की मिलीभगत से मुख्य विपक्षी नेताओं द्वारा पूर्व डी-फैक्टो प्रेसिडेंट जीनिन एनेज के भागने की संभावित योजना बनाई जा रही है।
  • किसान आंदोलन के 9 महीने पूरे: सिंघू बॉर्डर पर किसानों का राष्ट्रीय सम्मेलन शुरू 
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    किसान आंदोलन के 9 महीने पूरे: सिंघू बॉर्डर पर किसानों का राष्ट्रीय सम्मेलन शुरू 
    26 Aug 2021
    इस दो दिवसीय सम्मेलन में किसान, महिलाओं, युवाओं और मजदूर संगठनों के 1,500 प्रतिनिधि हिस्सा लेने जा रहे हैं।
  • तालिबान के बहाने इस्लाम को बदनाम करने की तुच्छ राजनीति!
    अजय कुमार
    तालिबान के बहाने इस्लाम को बदनाम करने की तुच्छ राजनीति!
    26 Aug 2021
    भारत में कुछ राजनीतिक पार्टियां इस जुगत में हैं कि तालिबान के सहारे इस्लाम को खूब बदनाम किया जाए। जितना इस्लाम बदनाम होगा भारतीय समाज में ध्रुवीकरण की दीवार उतनी मजबूत बनेगी और चुनावी राजनीति में…
  • यूपी सरकार ने मुजफ्फरनगर दंगे से जुड़े 77 मामले लिए वापस, नहीं बताया कोई कारण
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    यूपी सरकार ने मुज़फ़्फ़रनगर दंगे से जुड़े 77 मामले लिए वापस, नहीं बताया कोई कारण
    26 Aug 2021
    योगी सरकार ने साल 2013 के मुजफ्फरनगर दंगे से जुड़े 77 मामले वापस ले लिये हैं, जिनका संबंध ऐसे अपराधों से है जिनमें उम्रकैद की सजा हो सकती है।
  • किसान बनाम भाजपा आईटी सेल, 9 महीने में किसान आंदोलन ने हिलाईं जड़ें
    बादल सरोज
    किसान बनाम भाजपा आईटी सेल, 9 महीने में किसान आंदोलन ने हिलाईं जड़ें
    26 Aug 2021
    किसान आंदोलन ने काफी हद तक भाजपा के उन्मादी और झूठे प्रचार की मारकता कम की है। उसने न सिर्फ इसके खंडन का काम किया  है बल्कि अपने सन्देश और तर्कों को ले जाने वाले नए जरिये भी तैयार किये हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License