NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका ने सीरिया में कई स्थानों पर बमबारी की
इन हमलों में कथित तौर पर इराक़ी मिलिशिया को निशाना बनाया गया था। राष्ट्रपति जो बाइडन ने इन हमलों को इराक में अपने सैन्य ठिकानों पर हाल के हमलों को लेकर एक "जवाबी कार्रवाई" के रूप में अधिकृत किया था।
पीपल्स डिस्पैच
26 Feb 2021
अमेरिका

अमेरिका ने गुरुवार 25 फरवरी की देर रात पूर्वी सीरिया में कई स्थानों पर हवाई हमले किए। पेंटागन ने कहा कि ये हमले पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेस (पीएमएफ) के अधीन संचालित इराकी मिलिशिया गुट कतालिब हिजबुल्लाह और कतालिब सैय्यद अल-शुहदा गुटों के खिलाफ किए गए।

पेंटागन के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने बाद में एक बयान में कहा कि इराक में "अमेरिकी और गठबंधन के खिलाफ हाल के हमलों" की प्रतिक्रिया के रूप में इन हमलों को राष्ट्रपति जो बाइडन द्वारा "अधिकृत" किए गए थे।

पिछले महीने उत्तरी इराक के एरबिल में एक सैन्य अड्डे पर रॉकेट हमले में एक सिविलियन कॉन्ट्रैक्टर की मौत हो गई थी और देश में तैनात कुछ अमेरिकी सैनिक घायल हो गए थे। इस हमले की जिम्मेदारी अवलिया अल-दम (गार्डियंस ऑफ द ब्लड) नाम के समूह ने ली थी।

पेंटागन ने कहा कि सीरिया के अल-बुकामल में सीरिया-इराक सीमा के पास कम से कम सात ठिकानों पर बमबारी की गई। हताहतों की संख्या और संपत्तियों के नुकसान की पुष्टि अभी तक पुष्टि नहीं की गई है।

इराक में विदेशी सैनिकों के खिलाफ प्रतिरोध और हमले लंबे समय से जारी हैं और ये हमले पिछले साल की शुरुआत में अमेरिका द्वारा किए गए ड्रोन हमले में ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी और इराकी कमांडर अबू महदी अल-मुहंदिस की हत्या के बाद से बढ़ गया है। इराकी संसद ने इस हत्या के बाद एक प्रस्ताव पारित किया था जिसमें विदेशी सैनिकों को देश छोड़ने के लिए कहा गया था।

इसके बाद से अमेरिका ने अपनी कुछ सेनाओं को वापस बुला लिया है लेकिन इनमें से कुछ सैनिक अभी भी देश में हैं और मिलिशिया लगातार टार्गेट करती रही है। अमेरिका का दावा है कि ये सभी हमले ईरान की मदद से किए गए थे। इस तरह के दावों को अक्सर ईरान नकारता रहा है।

आईएसआईएस के खिलाफ युद्ध के बाद से अमेरिका समर्थित सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेस के नियंत्रण में अधिकांश पूर्वी सीरिया का हिस्सा है। पूर्वी सीरिया में अमेरिकी सैनिक की कई टुकड़ी भी तैनात हैं। अमेरिका या इसके सहयोगी इजरायल ने पहले इसी तरह के हमले किए हैं। गुरुवार का हवाई हमला जो बाइडन प्रशासन के अधीन पहला आधिकारिक हमला था।

America
Syria
us bombings in syria
american military

Related Stories

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

असद ने फिर सीरिया के ईरान से रिश्तों की नई शुरुआत की

क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?

यूक्रेन में छिड़े युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंध का मूल्यांकन

पड़ताल दुनिया भर कीः पाक में सत्ता पलट, श्रीलंका में भीषण संकट, अमेरिका और IMF का खेल?

यूक्रेन से सरज़मीं लौटे ख़ौफ़ज़दा छात्रों की आपबीती

लखनऊ में नागरिक प्रदर्शन: रूस युद्ध रोके और नेटो-अमेरिका अपनी दख़लअंदाज़ी बंद करें

यूक्रेन पर रूस के हमले से जुड़ा अहम घटनाक्रम

यूक्रेन की बर्बादी का कारण रूस नहीं अमेरिका है!

कोविड -19 के टीके का उत्पादन, निर्यात और मुनाफ़ा


बाकी खबरें

  • SKM
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    किसान आंदोलन के 11 महीने पूरे, एसकेएम ने कहा- जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, किसान घर नहीं लौटेंगे
    27 Oct 2021
    “दिल्ली की सीमाओं पर किसान आंदोलन ने देश के करोड़ों अन्नदाताओं के लिए, गंभीर कठिनाइयों से जूझते हुए, इस मांग के साथ कि उनकी आजीविका को अनियमित बाजारों में कॉर्पोरेट लूट से बचाया जाए, ग्यारह महीने पूरे…
  • सौजन्य: NDTV
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटे में 13,451 नए मामले, 585 मरीज़ों की मौत
    27 Oct 2021
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.48 फ़ीसदी यानी 1 लाख 62 हज़ार 661 हो गयी है।
  • श्रुति एमडी
    वेलफेयर बोर्ड के पास जमा ₹4,000 करोड़, मगर निर्माण मज़दूरों को नहीं मिल रहा लाभ
    27 Oct 2021
    इस क्षेत्र की अनौपचारिक प्रकृति के कारण कंस्ट्रक्शन के काम से जुड़े मज़दूरों में वित्तीय सुरक्षा का अभाव है।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    सूडान : 10 लाख से ज़्यादा नागरिक तख़्तापलट के विरोध में सड़कों पर आए
    27 Oct 2021
    सेना की तरफ़ से हो रहे हमलों में सात प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई, मगर प्रदर्शनकारी अभी भी डटे हुए हैं।
  • ndps
    अजय कुमार
    NDPS कानून और आर्यन खान: क्या सच? क्या झूठ?
    27 Oct 2021
    अगर कोई केवल नशे का आदी है तो NDPS कानून जेल नहीं बल्कि रिहैबिलिटेशन सेंटर भेजने की बात करता है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License