NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका ने ईरान को यूएन के प्रतिबंध लगाने की धमकी दी
अक्टूबर 2020 को समाप्त होने वाले हथियार प्रतिबंध को बढ़ाने के लिए अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक प्रस्ताव तैयार किया है। इस प्रस्ताव का रूस ने विरोध किया है।
पीपल्स डिस्पैच
14 May 2020
ईरान में अमेरका के विशेष दूत ब्रायन हुक ने कहा कि अमेरिका की ईरान पर "किसी न किसी तरह" हथियारों पर प्रतिबंध बढ़ाने की योजना है। (फोटो: रॉयटर्स)
ईरान में अमेरिका के विशेष दूत ब्रायन हुक ने कहा कि अमेरिका की ईरान पर "किसी न किसी तरह" हथियारों पर प्रतिबंध बढ़ाने की योजना है। (फोटो: रॉयटर्स

यूएस ने ईरान पर संयुक्त राष्ट्र द्वारा लगाए गए सभी प्रतिबंधों को फिर से लगाने की धमकी दी है। उसने कहा है कि अगर ईरान पर हथियारों के प्रतिबंध को बढ़ाने के प्रयासों का संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में विरोध किया जाता है वह ऐसा करेगा। संयुक्त राष्ट्र के सभी प्रतिबंधों को लगाने की योजना की पुष्टि ईरान में अमेरिकी विशेष प्रतिनिधि और राज्य सचिव माइक पोम्पिओ के वरिष्ठ सलाहकार ब्रायन हुक ने की। हुक ने 13 मई को वॉल स्ट्रीट जर्नल में एक लेख में इसके बारे में लिखा था।

ज्वाइंट कम्प्रिहेंसिव प्लान ऑफ एक्शन (जेसीपीओए) के अनुसार ईरान पर हथियारों का प्रतिबंध इस साल अक्टूबर के अंत तक समाप्त हो जाएगा। अमूमन इसे ईरान परमाणु समझौते के रूप में जाना जाता है। जेसीपीओए से एकतरफा तरीक़े से हटने के बावजूद ट्रम्प प्रशासन ने जेसीपीओए के तहत ईरान पर हथियारों के प्रतिबंध को बढ़ाने के लिए एक प्रस्ताव तैयार किया है।

हुक ने लिखा है कि अमेरिका की योजना है कि ईरान पर "किसी न किसी तरह" हथियार पर प्रतिबंध लगाने की है। यह कहा कि "अगर अमेरिकी कूटनीति वीटो से निराश होती है... तो अमेरिका के पास अन्य तरीकों से हथियारों पर प्रतिबंध करने का अधिकार बरकरार है।" इसे यूएनएससी में 15 में से 9 वोटों की आवश्यकता होगी और प्रतिबंध बढ़ाने के लिए पांच स्थायी सदस्यों, चीन, रूस, यूके, फ्रांस और यूएस में से किसी को वीटो नहीं करना होगा।

ईरान की सरकार ने हुक की टिप्पणियों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है जिसमें कहा गया था कि जेसीपीओए "उनका काम नहीं है"। प्रेस को संबोधित करते हुए, ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने कहा, "ऐसा उन लोगों से उम्मीद है जो लोगों को ब्लीच (सफाई करने वाले रसायन को सीओवीआईडी-19 के इलाज के लिए ट्रम्प के दावों के संदर्भ में) का इंजेक्शन लगाने की सलाह देते हैं। यह दावा करते हैं कि वे समझौता के सदस्य हैं लेकिन वे पीछे हट गए।”

जरीफ ने कहा, "ये मुद्दा ईरान और जेसीपीओए पक्षों के बीच है न कि अमेरिका साथ।"

ईरान की तरफ से पहले दो बार इस समझौते का आश्वासन देने के बावजूद जेसीपीओए को एकतरफा बताते हुए अमेरिका मई 2018 में इस समझौते से पीछे हट गया था। बाद में अमेरिका ने ईरान पर एकतरफा प्रतिबंध लगा दिया और जेसीपीओए के हस्ताक्षरकर्ताओं सहित विदेशी फर्मों और अन्य देशों को धमकी दी अगर अमेरिकी प्रतिबंधों का पालन नहीं किया गया तो परिणाम भुगतने होंगे।

इसके परिणामस्वरूप अंततः एकतरफा प्रतिबंधों के एक वर्ष के बाद ईरान को पालन करने से दूर होना पड़ा और विशेष रुप से इस समझौते से अपनी प्रतिबद्धताओं को कम कर दिया।

America
IRAN
United nations
Russia
jpcoa
Nuclear Deal

Related Stories

डेनमार्क: प्रगतिशील ताकतों का आगामी यूरोपीय संघ के सैन्य गठबंधन से बाहर बने रहने पर जनमत संग्रह में ‘न’ के पक्ष में वोट का आह्वान

रूसी तेल आयात पर प्रतिबंध लगाने के समझौते पर पहुंचा यूरोपीय संघ

यूक्रेन: यूरोप द्वारा रूस पर प्रतिबंध लगाना इसलिए आसान नहीं है! 

पश्चिम बैन हटाए तो रूस वैश्विक खाद्य संकट कम करने में मदद करेगा: पुतिन

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन में हो रहा क्रांतिकारी बदलाव

ईरानी नागरिक एक बार फिर सड़कों पर, आम ज़रूरत की वस्तुओं के दामों में अचानक 300% की वृद्धि

90 दिनों के युद्ध के बाद का क्या हैं यूक्रेन के हालात

यूक्रेन युद्ध से पैदा हुई खाद्य असुरक्षा से बढ़ रही वार्ता की ज़रूरत

खाड़ी में पुरानी रणनीतियों की ओर लौट रहा बाइडन प्रशासन


बाकी खबरें

  • election
    न्यूज़क्लिक टीम
    पंजाब के असली मुद्दों से भटकाने की है बड़ी साज़िशः धर्मवीर गांधी
    20 Feb 2022
    ख़ास इंटरव्यू में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने पंजाब में पटियाला के पूर्व सांसद (आप) धर्मवीर गांधी से बातचीत की। इसमें उन्होंने आप के ऊपर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पंजाब की राजनीति को मुद्दों से…
  • silver sheet
    समीना खान
    चांदी का वरक़: ऑनलाइन प्रोडक्ट की चमक ने फीका किया पारंपरिक कारोबार
    20 Feb 2022
    लखनऊ और वाराणसी की जिन तंग गलियों में कभी चांदी का वरक कूटने की ठक-ठक हुआ करती थी, वहां अब ख़ामोशी है। वरक़ कूटने का कारोबार लगभग ख़त्म हो गया है। शुद्ध चांदी के वरक़ को बनाने के लिए लगातार तीन घंटे तक…
  • SBI
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: 23 हज़ार करोड़ के बैंकिंग घोटाले से लेकर केजरीवाल के सर्वे तक..
    20 Feb 2022
    हर हफ़्ते कुछ ऐसी खबरें होतीं हैं जो पीछे छूट जाती हैं जिन पर बात करना उतना ही ज़रूरी है। ऐसी ही खबरों को एक साथ लाए हैं अनिल जैन..
  • Advertising
    डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    विज्ञापन की महिमा: अगर विज्ञापन न होते तो हमें विकास दिखाई ही न देता
    20 Feb 2022
    ...और विकास भी इतना अधिक हुआ कि वह भी लोगों को दिखाई नहीं पड़ा, विज्ञापनों से ही दिखाना पड़ा। लोगों को तो नारियल फोड़ने से फूटने वाली सड़कें दिखाई दीं पर सरकार ने विज्ञापनों में हवाई जहाज उतारती…
  • cartoon
    आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: ... यूं कोई बेवफ़ा नहीं होता
    20 Feb 2022
    दोस्त दोस्त न रहा...ये रोना और गाना पुराना हो गया है अरविंद केजरीवाल और कुमार विश्वास के संदर्भ में। आज तो यही शेर याद आता है कि कुछ तो मजबूरियां रही होंगी/ यूं कोई बेवफ़ा नहीं होता।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License