NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अनुच्छेद 370 से जुड़ी याचिकाएं संविधान पीठ को,फारूक मामले में सुनवाई से इनकार
अनुच्छेद 370 को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर संविधान पीठ मंगलवार पहली अक्टूबर से सुनवाई करेगी, जबकि फारूक अब्दुल्ला मामले में कहा गया है कि एमडीएमके नेता जन सुरक्षा कानून के तहत हिरासत के आदेश को चुनौती दे सकते हैं।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
30 Sep 2019
सुप्रीम कोर्ट

उच्चतम न्यायालय ने जम्मू-कश्मीर में संविधान के अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को हटाने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं को सोमवार को अपनी संविधान पीठ को भेज दिया और यह पीठ मंगलवार से मामले की सुनवाई करेगी। इसके अलावा उच्चतम न्यायालय ने राज्यसभा सदस्य वाइको की उस याचिका पर सुनवाई करने से सोमवार को इनकार कर दिया जिसमें जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला को उसके समक्ष पेश करने की मांग की गयी थी।

अनुच्छेद 370 के मामले में प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अगुवाई वाली पीठ ने याचिकाओं को पांच न्यायाधीशों की पीठ के पास भेज दिया। इनमें कश्मीर में पत्रकारों के आवागमन पर लगाए गए कथित प्रतिबंधों का मामला उठाने वाली याचिकाएं और घाटी में नाबालिगों की कथित अवैध हिरासत का दावा करने वाली याचिकाएं भी शामिल है।

न्यायमूर्ति एन वी रमण की अगुवाई वाली संविधान पीठ कश्मीर मामले से जुड़े मामलों की सुनवाई मंगलवार से करेगी।

फारूक अब्दुल्ला मामले में सुनवाई से इनकार

उच्चतम न्यायालय ने राज्यसभा सदस्य वाइको की उस याचिका पर सुनवाई करने से सोमवार को इनकार कर दिया जिसमें जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला को उसके समक्ष पेश करने की मांग की गयी और न्यायालय ने कहा कि एमडीएमके नेता जन सुरक्षा कानून के तहत हिरासत के आदेश को चुनौती दे सकते हैं।
प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने वाइको के वकील से कहा, ‘‘वह (अब्दुल्ला) जन सुरक्षा कानून के तहत हिरासत में हैं।’’
वाइको के वकील ने जम्मू कश्मीर प्रशासन के आचरण पर सवाल उठाया और दावा किया कि 16 सितंबर को उच्चतम न्यायालय में होने वाली सुनवाई से कुछ मिनटों पहले ही अब्दुल्ला को जम्मू कश्मीर जन सुरक्षा कानून के तहत हिरासत में ले लिया गया।
पीठ में न्यायमूर्ति एस ए बोबड़े और न्यायमूर्ति एस ए नजीर भी शामिल हैं। पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता जम्मू कश्मीर जन सुरक्षा कानून के तहत अब्दुल्ला के खिलाफ हिरासत के आदेश को सक्षम प्राधिकरण के समक्ष चुनौती दे सकता है। 

पाकिस्तान ने भारतीय उप उच्चायुक्त को तलब किया 

उधर, पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा पर भारतीय सुरक्षाबलों द्वारा कथित संघर्ष विराम उल्लंघनों के विरोध में भारत के उप उच्चायुक्त गौरव अहलूवालिया को तलब किया है। पाकिस्तान ने दावा किया कि इसमें 13 साल के लड़के समेत दो लोगों की जान चली गयी।
विदेश कार्यालय ने बताया कि दक्षिण एशिया और दक्षेस के महानिदेशक मोहम्मद फैसल ने अहलूवालिया को तलब किया है और 28 तथा 29 सितंबर को नियंत्रण रेखा पर ‘‘बिना उकसावे के संघर्ष विराम उल्लंघन’’ की निंदा की है।
पाकिस्तान ने दावा किया कि कथित संघर्ष विराम उल्लंघनों में तीन लोग घायल भी हो गए।
फैसल ने आरोप लगाया कि नियंत्रण रेखा और कामकाजी सीमा पर भारतीय सुरक्षा बल लगातार रिहायशी इलाकों को निशाना बना रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘भारत द्वारा अभूतपूर्व रूप से संघर्ष विराम उल्लंघन बढ़ना साल 2017 से जारी है जब भारतीय बलों ने 1,970 संघर्ष विराम उल्लंघन किए।’’
उन्होंने कहा कि नागरिक आबादी वाले इलाकों को जानबूझकर निशाना बनाना निश्चित तौर पर निंदनीय और मानव प्रतिष्ठा, अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकारों तथा मानवीय कानूनों के विपरीत है। उन्होंने कहा कि भारत द्वारा ‘‘संघर्ष विराम उल्लंघन’’ करना क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के लिए खतरा है।
(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

Kashmir crises
Supreme Court
Abrogation of Article 370
Farooq Abdullah

Related Stories

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

आर्य समाज द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र क़ानूनी मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

समलैंगिक साथ रहने के लिए 'आज़ाद’, केरल हाई कोर्ट का फैसला एक मिसाल

मायके और ससुराल दोनों घरों में महिलाओं को रहने का पूरा अधिकार

जब "आतंक" पर क्लीनचिट, तो उमर खालिद जेल में क्यों ?

विचार: सांप्रदायिकता से संघर्ष को स्थगित रखना घातक

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक आदेश : सेक्स वर्कर्स भी सम्मान की हकदार, सेक्स वर्क भी एक पेशा

ईडी ने फ़ारूक़ अब्दुल्ला को धनशोधन मामले में पूछताछ के लिए तलब किया

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

मलियाना कांडः 72 मौतें, क्रूर व्यवस्था से न्याय की आस हारते 35 साल


बाकी खबरें

  • Politics Grounds Proposed Financial Hub in Bengal
    रबीन्द्र नाथ सिन्हा
    बंगाल में प्रस्तावित वित्तीय केंद्र को राजनीति ने ख़त्म कर दिया
    28 Sep 2021
    2010 में वाम सरकार द्वारा प्रस्तावित इस परियोजना पर टीएमसी ने 2011 में अपना दावा किया। लेकिन अब तक यह परियोजना सुचारू नहीं हो पाई है।
  • DISCRIMINATION
    अरविंद कुरियन अब्राहम
    राज्य कैसे भेदभाव के ख़िलाफ़ संघर्ष का नेतृत्व कर सकते हैं
    28 Sep 2021
    यह दुर्भाग्य है कि यूपीए सरकार ने भेदभाव-विरोधी क़ानून बनाने की विधाई प्रक्रिया में शीघ्रता से काम नहीं किया।
  • Bharat Bandh
    अनिल अंशुमन
    भारत बंद अपडेट: झारखंड में भी सफल रहा बंद, जगह-जगह हुए प्रदर्शन
    28 Sep 2021
    चूंकि इस बंद को वाम दलों समेत भाजपा विरोधी सभी राजनीतिक दलों ने सक्रीय समर्थन दिया था इसलिए झारखंड में इस बार राज्य गठबंधन सरकार में शामिल झामुमो, कांग्रेस व राजद पार्टियों के नेता व कार्यकर्त्ता…
  • Bhagat Singh
    न्यूज़क्लिक डेस्क
    भगत सिंह: रहेगी आबो-हवा में ख़याल की बिजली
    28 Sep 2021
    आज शहीदे-आज़म, क्रांति के महानायक भगत सिंह की 114वीं जयंती है। पूरा देश उन्हें याद कर रहा है, अपना क्रांतिकारी सलाम पेश कर रहा है।
  • Students and youth are also upset with farmers, expressed their pain by tweeting in lakhs
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    किसानों के साथ छात्र -युवा भी परेशान, लाखों की संख्या में ट्वीट कर ज़ाहिर की अपनी पीड़ा
    28 Sep 2021
    27 सितंबर को देशभर के लाखों नौजवान छात्रों ने एक मेगा ट्विटर कैम्पेन किया जहाँ 40 लाख से अधिक ट्वीट्स के साथ रेलवे के छात्रों ने अपनी पीड़ा को ज़ाहिर किया।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License